आदिकाल के प्रमुख कवि और उनकी रचनाएँ

अब्दुर्रहमान : संदेश रासकनरपति नाल्ह : बीसलदेव रासो (अपभ्रंश हिंदी)चंदबरदायी : पृथ्वीराज रासो (डिंगल-पिंगल हिंदी)दलपति विजय : खुमान रासो (राजस्थानी हिंदी)जगनिक : परमाल रासो

शार्गंधर : हम्मीर रासो
नल्ह सिंह : विजयपाल रासो
जल्ह कवि : बुद्धि रासो
माधवदास चारण : राम रासो
देल्हण : गद्य सुकुमाल रासो
✍श्रीधर : रणमल छंद , पीरीछत रायसा
✍जिनधर्मसूरि : स्थूलिभद्र रास
✍गुलाब कवि : करहिया कौ रायसो
✍शालिभद्रसूरि : भरतेश्वर बाहुबलि रास
✍जोइन्दु : परमात्म प्रकाश
✍केदार : जयचंद प्रकाश
✍मधुकर कवि : जसमयंक चंद्रिका
✍स्वयंभू : पउमचरिउ योगसार सानयधम्म दोहा
✍हरप्रसाद शास्त्री : बौद्धगान और दोहा
✍धनपाल : भवियत्तकहा
✍लक्ष्मीधर : प्राकृत पैंगलम
✍अमीर खुसरो : किस्सा चाहा दरवेश, खालिक बारी
✍विद्यापति : कीर्तिलता, कीर्तिपताका, विद्यापति पदावली (मैथिली)

 हिंदी के खण्ड काव्य
*आदिकाल में रचित खण्ड-काव्य : *
✍अब्दुर्रहमान कृत संदेशरासक
✍नरपतिनाल्ह कृत बीसलदेव रासो
✍जिनधर्मसुरि कृत थूलिभद्दफाग
*भक्तिकाल में रचित खण्ड काव्य : *
✍नरोत्तमदास कृत सुदामाचरित
✍नंददास कृत भंवरगीत, रुक्मिणी मंगल
✍तुलसीदास कृत पार्वती मंगल, जानकी मंगल
*रीतिकाल में रचित खण्ड-काव्य :*
✍पद्माकर विरचित हिम्मत बहादुर बिरदावली

*आधुनिक काल के खण्ड काव्य :* 
*भारतेंदु युग में रचित खण्ड-काव्य : *
✍श्रीधर पाठक का एकांतवासी योगी
✍जगन्नाथ दास रत्नाकर का हरिश्चंद्र *द्विवेदी युग में रचित खण्ड-काव्य :*
✍मैथिलीशरण गुप्त : रंग में भंग, जयद्रथ वध, नलदमयंती, शकुंतला, किसान, अनाथ
✍सियारामशरण गुप्त : मौर्य विजय
✍रामनरेश त्रिपाठी : मिलन, पथिक
✍द्वारिका प्रसाद गुप्त : आत्मार्पण


*छायावाद युग में रचित खण्ड-काव्य : *
✍सुमित्रानंदन पंत : ग्रंथि
✍रामनरेश त्रिपाठी : स्वप्न
✍मैथिलीशरण गुप्त :पंचवटी, अनध,वनवैभव, वक-संहार
✍अनूप शर्मा : सुनाल
✍सियारामशरण गुप्त : आत्मोत्सर्ग
✍सूर्यकांत त्रिपाठी निराला : तुलसीदास
✍शिवदास गुप्त : कीचक वधश्याम लाल पाठक : कंसवध
✍रामचंद्रशुक्ल “सरस ” : अभिमन्यु वध
✍गोकुल चंद्र शर्मा : प्रणवीर प्रताप
✍नाथूराम शंकर शर्मा : गर्भरण्डा रहस्य, वायस विजय


*छायावादोत्तर युग में विरचित खण्ड-काव्य :*
✍मैथिलीशरण गुप्त : नहुष, कर्बला, नकुल, हिडिम्बा
✍बालकृष्ण शर्मा “नवीन” : प्राणार्पण
✍सोहनलाल द्विवेदी : कुणाल
✍रामधारी सिंह दिनकर : कुरुक्षेत्र
✍श्याम नारायण पांडे : जय हनुमान
✍उदयशंकर भट्ट : कौन्तेय-कथा
✍आनंद मिश्र : चंदेरी का जौहर
✍गिरिजादत्त शुक्ल “गिरीश” : प्रयाण
✍गोपालप्रसाद ब्यास : कदम-कदम बढ़ाए जा
✍डॉ रुसाल : भोजराज
✍नरेश मेहत्ता : संशय की एक रात

​माँ को केंद्र में रख कर हिंदी में लिखी गई कुछ कहानियाँ… जाहिर है कि और भी होंगी। 
1. माँ, माता का हृदय – प्रेमचंद
2. उसकी माँ – उग्र
3. माँ – भैरव प्रसाद गुप्त
4. माँ – उपेंद्रनाथ अश्क
5. चीफ की दावत, माता-विमाता – भीष्म साहनी
6. आर्द्रा – मोहन राकेश
7. देवा की माँ – कमलेश्वर
8. माई – मार्कंडेय
9. ऐ लड़की – कृष्णा सोबती
10. रानी माँ का चबूतरा – मन्नू भंडारी
11. ममता – नागार्जुन
12. त्रास – रवींद्र कालिया
13. माँ – ममता कालिया
14. रमेश की माँ – पहाड़ी
15. बगूगोशे – स्वदेश दीपक
16. शेरनी – सत्येन कुमार
17. माँ – संजीव
18. नेलकटर – उदय प्रकाश
19. मार्च माँ और साकुरा – गीतांजलि श्री
20. बूढ़े का उत्सव – प्रियंवद
21. माँ पढ़ती है – एस आर हरनोट
22. माँ रसोई में रहती है – कुमार अंबुज
23. जबह – मनोज रूपड़ा
24. माँ – दूर्वा सहाय
25. चश्मे की वैतरिणी – हरिचरण प्रकाश
26. मातृगाथा – सुमति अय्यर
27. एक माँ धरती सी – कुसुम खेमानी
28. माँ – ए. असफल
29. रहगुजर की पोटली – अल्पना मिश्र
30. माँ – प्रियदर्शन
31. नकार – चंदन पांडेय
32. सफर – विमल चंद्र पांडेय

रस निष्पत्ति व रस-सूत्र व्याख्याता ~
1. उत्पत्तिवाद (भट्ट लोल्लट)
मत/दर्शन- वेदांत
संयोग- उत्पाद्य-उत्पादक, गम्य-गमक, पोष्य-पोषक
निष्पत्ति- उत्पत्ति।

2. अनुमितिवाद (आचार्य शंकुक)
मत/दर्शन- न्याय
संयोग- अनुमान
निष्पत्ति- अनुमिति।

3. भुक्तिवाद (भट्टनायक)
मत/दर्शन- साँख्य
संयोग- भोज्य-भोजक
निष्पत्ति- भुक्ति।

4. अभिव्यक्तिवाद (अभिनवगुप्त)
मत/दर्शन- शैव
संयोग- व्यंग्य-व्यंजक
निष्पत्ति- अभिव्यक्ति।

साहित्यकार प्रसिद्ध कृति
भरत मुनि –नाट्यशास्त्रम्
भामह –काव्यालङ्कार
दण्डी –काव्यादर्श
उद्भट –काव्यालङ्कारसारसङ्ग्रह
वामन –काव्यालङ्कारसूत्रवृत्ति
रुद्रट– काव्यालङ्कार
आनन्दवर्धन –ध्वन्यालोक
राजशेखर– काव्यमीमांसा
भट्टनायक– हृदयदर्पण
अभिनवगुप्त— अभिनवभारती , लोचनं च
धनञ्जय –दशरूपकम्
भोज– सरस्वतीकण्ठाभरणम्, शृङ्
महिमभट्ट –व्यक्तिविवेक
क्षेमेन्द्र– औचित्यविचारचर्चा
मम्मट– काव्यप्रकाश
रुय्यक– अलङ्कारसर्वस्वम्
हेमचन्द्र -काव्यानुशासनम्
जयदेव– चन्द्रालोक
विद्यानाथ –एकावली
विद्यानाथ– प्रतापरुद्रीयम्
विश्वनाथ– साहित्यदर्पण
केशवमिश्र– अलङ्कारशेखर
अप्पयदीक्षित– कुवलयानन्द तथा चित्रमीमां
जगन्नाथ –रसगङ्गाधर
चूडामणिदीक्षित—काव्यदर्पण