व्यक्तिगत सत्याग्रह 17 अक्टूबर 1940

💎समय-*17 अक्टूबर 1940
💎व्यक्तिगत सत्याग्रह का कारण- अगस्त प्रस्ताव और द्वितीय विश्वयुद्ध में शामिल करने का विरोध
💎पहले सत्याग्रही- विनोबा भावे
💎व्यक्तिगत सत्याग्रह का प्रथम स्थगन-*17 दिसंबर 1940
💎व्यक्तिगत सत्याग्रह का प्रारंभ- 5 जनवरी 1941
💎द्वितीय सत्याग्रही- जवाहरलाल नेहरू
💎व्यक्तिगत सत्याग्रह का अन्य नाम-दिल्ली चलो आंदोलन
💎व्यक्तिगत सत्याग्रह का उद्देश्य- ब्रिटिश सरकार के दावे को खोखला साबित करना
💎व्यक्तिगत सत्याग्रह का अंत- जनवरी 1942

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भारतीयों की इच्छा के विरुद्ध भारत को अंग्रेजी सरकार द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल करने के विरोध में देश में हड़ताल और प्रदर्शन हुए

इसके अतिरिक्त कांग्रेस ने अगस्त प्रस्ताव के विरोध में भी व्यक्तिगत सत्याग्रह आरंभ किया ,यह विचारधारा गांधीजी की थी

गांधी जी के प्रस्ताव पर 17 अक्टूबर 1940  मैं पवनार आश्रम (महाराष्ट्र )से प्रतिकात्मक विरोधस्वरूप व्यक्तिगत सत्याग्रह प्रारंभ किया

व्यक्तिगत सत्याग्रह के पहले सत्याग्रही बिनोवा भावे थे 17 दिसंबर 1940 को यह सत्याग्रह स्थगित कर दिया गया

5 जनवरी 1941 को जवाहर लाल नेहरू ने पुनः यह सत्याग्रह प्रारंभ किया
व्यक्तिगत सत्याग्रह के दूसरे सत्याग्रही जवाहरलाल नेहरु थे

इस आंदोलन के दूसरे चरण में 20000 से अधिक सत्याग्रहियों की गिरफ्तारी हुई इसमें राजगोपालाचारी, अरुणा आसफ अली ,सरोजिनी नायडू भी थे

व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन को दिल्ली चलो आंदोलन भी कहा गया

इस सत्याग्रह का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के उस दावे को खोखला साबित करना था कि भारत की जनता द्वितीय विश्व युद्ध में सरकार के साथ है

व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन जनवरी 1942 तक चला