सचिन रमेश तेंदुलकर

खेल के मैदान में वो इस कदर चल के जाता है!
शेर जैसे गुफा से बेख़ौफ़ निकल के आता है!!
जिसने इस का और भी मान बढ़ाया है!
जो हर भारतवासी के दिल में समाया है!!
जिसे देखकर हर गेंदबाज घबराया है!
जो मुश्किल वक्त में भी मुस्कुराया है!!
तेज आंधी में भी जिसने साहस दिखाया है!
दुनिया ने जिसके आगे अपना सर झुकाया है!!
क्रिकेट में हर एक किरदार जिस ने निभाया है!
हर जगह, हर बार जिसने अपना सिक्का जमाया है!!
दुनिया के हर मैदान में देश का परचम फैलाया है!
जब इसका बल्ला घुमा, कोई इसे रोक ना पाया है!!
“GOD OF CRICKET” यह ही नाम लबों पर आया है!!
इन पंक्तियों से आप समझ गए होंगे कि हम किसके बारे में बात कर रहे है ?
हम बात कर रहे है क्रिकेट के भगवान मास्टर ब्लास्टर सचिन रमेश तेंदुलकर की जो अपने आप में एक मिसाल है, वर्तमान युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है। प्रस्तुत है उनके जीवनकाल के कुछ अंश

व्यक्तिगत जानकारी
पूरा नाम-         सचिन रमेश तेंदुलकर
जन्म     -24 अप्रैल 1973{44}
जन्म स्थान        -मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
पिता- रमेश तेंदुलकर (उपन्यासकार)
माता- रजनी तेंदुलकर (बीमा एजेंट)
निवास स्थान-मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
स्कूल    -शारदाश्रम विद्या मन्दिर स्कूल, दादर, मुंबई
कॉलेज-खालसा कॉलेज, मुंबई
शैक्षिक योग्यता-Dropout
उपनाम-(1)लिटिल मास्टर (2) तेंदेल्या (3) क्रिकेट के भगवान, (4) मास्टर ब्लास्टर (5) द मास्टर, (6) द लिटल चैंपियन
कद-5 फीट 5 इंच (1.65 मी.)
बल्लेबाजी की शैली-दायें हाथ
गेंदबाजी की शैली-दायें हाथ लेग स्पिन, ऑफ़ स्पिन, मध्यमगति
भूमिका-बल्लेबाज, भारतीय क्रिकेट टीम के बैटिंग कोच
वेतन-N / A नेट वर्थ     $ 160 मिलियन (INR)
पता-19- ए, पेरी क्रॉस रोड , बांद्रा ( पश्चिम) , मुंबई
शौक-इत्र, घड़ियां एकत्रित करना सीडी और संगीत सुनने के शौकीन।

परिवार
पत्नी-अंजलि तेंदुलकर
पुत्र-अर्जुन तेंदुलकर
पुत्री-सारा तेंदुलकर
बहन- सविता तेंदुलकर (बड़ी, सौतेली बहन)
भाई- नितिन तेंदुलकर और अजीत तेंदुलकर (सौतेले बड़े भाई)
कोच / मेंटर-रमाकांत आचरेकर

खेल परिचय
टीम-भारत, एशिया XI, मुंबई, मुंबई इंडियंस, यॉर्कशायर
भूमिका-बल्लेबाज
प्रथम टेस्ट-15 नवम्बर, 1989 बनाम पाकिस्तान, कराची
आख़िरी टेस्ट-14 नवम्बर, 2013 बनाम वेस्टइंडीज, मुंबई
प्रथम एकदिवसीय-18 दिसंबर, 1989 बनाम पाकिस्तान, गुजरांवाला
आख़िरी  एकदिवसीय-18 मार्च, 2012 बनाम पाकिस्तान

कैरियर आँकड़े
टेस्ट क्रिकेट
मुक़ाबले-200
बनाये गये रन-15,921
बल्लेबाज़ी औसत-53.78
शतक/अर्द्धशतक-51/68
सर्वोच्च स्कोर-248 नाबाद
फेंकी गई गेंदें-4,240
विकेट-46
गेंदबाज़ी औसत-54.17
पारी में 5 विकेट-0
मुक़ाबले में 10 विकेट-0
सर्वोच्च गेंदबाज़ी-3/10
कैच/स्टम्पिंग-115

अन्तर्राष्ट्रीय- एकदिवसीय
मुक़ाबले-463
बनाये गये रन-18,426
बल्लेबाज़ी औसत-44.83
शतक/अर्द्धशतक-49/96
सर्वोच्च स्कोर-200 नाबाद
फेंकी गई गेंदें-8,054
विकेट-154
गेंदबाज़ी औसत-44.48
पारी में 5 विकेट-02
मुक़ाबले में 10 विकेट-00
सर्वोच्च गेंदबाज़ी-5/32
कैच/स्टम्पिंग-140

प्रथम श्रेणी
मुक़ाबले-310
बनाये गये रन-25,396
बल्लेबाज़ी औसत-57.84
शतक/अर्द्धशतक-81/116
सर्वोच्च स्कोर-248 नाबाद
फेंकी गई गेंदें-7,605
विकेट-71
गेंदबाज़ी औसत-61.74
पारी में 5 विकेट-03/10
मुक़ाबले में 10 विकेट-00
सर्वोच्च गेंदबाज़ी-00
कैच/स्टम्पिंग-186

क्रिकेट के कीर्तिमान

  • मीरपुर में 16 फरवरी 2012 को बांग्लादेश के खिलाफ 100 वाँ शतक।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले खिलाड़ी।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबले में सबसे ज्यादा (18000 से अधिक) रन।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबले में सबसे ज्यादा 49 शतक।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय विश्व कप मुक़ाबलों में सबसे ज्यादा रन।
  • टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा (51) शतक।
  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 नवम्बर 2009 को 175 रन की पारी के साथ एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 17 हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बने।
  • टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रनों का कीर्तिमान।
  • टेस्ट क्रिकेट 13000 रन बनने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबले में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द सीरीज।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबले में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द मैच।
  • अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबलो में सबसे ज्यादा 30000 रन बनाने का कीर्तिमान।


अन्य उल्लेखनीय घटनायें

  • 5 नवम्बर 2009: अपना 435 वाँ मैच खेल रहे तेंदुलकर ने तब तक 434 पारियों में 44.21 की औसत से 17,000 रन बनाये थे जिसमें 45 शतक और 91 अर्धशतक शामिल हैं। 👉तेंदुलकर के बाद एक दिवसीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन श्रीलंका के सनथ जयसूर्या ने बनाये हैं। उनके नाम पर इस मैच से पहले तक 12,207 रन दर्ज़ थे। जयसूर्या 441 मैच खेल चुके है। अब तक 400 से अधिक एकदिवसीय मैच केवल इन्हीं दो खिलाडि़यों ने खेले हैं।
  • तेंदुलकर ने अपने एक दिवसीय करियर में सर्वाधिक रन आस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाये। उन्होंने विश्व चैम्पियन के खिलाफ 60 मैच में 3,000 से ज्यादा रन ठोंके जिसमें 9 शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं। श्रीलंका के खिलाफ भी उन्होंने 7 शतक और 14 अर्धशतक की मदद से 2471 रन बनाये लेकिन इसके लिये उन्होंने 66 मैच खेले।
  • इस स्टार बल्लेबाज ने पाकिस्तान के खिलाफ 66 मैच में 2381 रन बनाये। इसके अलावा उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 1655, वेस्टइंडीज के खिलाफ 1571, न्यूजीलैंड के खिलाफ 1460, जिम्बाब्वे के खिलाफ 1377 और इंग्लैंड के खिलाफ भी एक हजार से अधिक रन (1274) रन बनाये हैं।
  • तेंदुलकर ने घरेलू सरजमीं पर 142 मैच में 46.12 के औसत से 5766 और विदेशी सरजमीं पर 127 मैच में 35.48 की औसत से 4187 रन बनाये। लेकिन वह सबसे अधिक सफल तटस्थ स्थानों पर रहे हैं जहाँ उन्होंने 140 मैच में 6054 रन बनाये जिनमें उनका औसत 50.87 है।
  • वह भारत के अलावा इंग्लैंड (1051), दक्षिण अफ्रीका (1414), श्रीलंका (1302) और संयुक्त अरब अमीरात (1778) की धरती पर भी एक दिवसीय मैचों में एक हजार रन बना चुके हैं।
  • पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने तेंदुलकर को सलामी बल्लेबाज के तौर पर भेजने की शुरुआत की थी जिसमें मुम्बई का यह बल्लेबाज खासा सफल रहा। ओपनर के तौर पर उन्होंने 12891 रन बनाए हैं। जहाँ तक कप्तानों का सवाल है तो तेंदुलकर सबसे अधिक सफल अजहर की कप्तानी में ही रहे। उन्होंने अजहर के कप्तान रहते हुए 160 मैच में 6270 रन बनाये जबकि सौरभ गांगुली की कप्तानी में 101 मैच में 4490 रन ठोंके। हालांकि स्वयं की कप्तानी में वह अधिक सफल नहीं रहे और 73 मैच में 37.75 के औसत से केवल 2454 रन ही बना पाये।
  • 24 फ़रवरी 2010: सचिन तेंदुलकर ने अपने वनडे क्रिकेट के 442 वें मैच में 200 रन बनाकर ऐतिहासिक पारी खेली। वनडे क्रिकेट के इतिहास में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले खिलाड़ी बने।
  • तेंदुलकर 160 टेस्ट मैचों में भी अब तक 15000 रन बना चुके हैं। और इस तरह उनके नाम पर अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 30,000 से ज्यादा रन और 100 शतक दर्ज़ हैं।
  • तेंदुलकर ने अपने एकदिवसीय कैरियर में सर्वाधिक रन आस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाये। उन्होंने विश्व चैंपियन टीम के खिलाफ 60 मैच में 3,000 से ज्यादा रन ठोंके जिसमें 9 शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं।
  • सचिन ने 2003 के वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड 673 रन बनाए थे। तेंदुलकर के 2003 वर्ल्ड कप में प्रदर्शन के बारे मे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहाकि पूरे टूर्नामेंट के दौरान सचिन ने नेट में एक भी गेंद नहीं खेली थी। समय के हिसाब से अपनी तैयारियों में बदलाव करते रहते हैं।


टेस्ट क्रिकेट से संन्यास

  • 23 दिसम्बर 2012 को सचिन ने वन-डे क्रिकेट से संन्यास लेने घोषणा कर दी। लेकिन उससे भी बड़ा दिन तब आया जब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास लेने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा – “देश का प्रतिनिधित्व करना और पूरी दुनिया में खेलना मेरे लिये एक बड़ा सम्मान था। मुझे घरेलू जमीन पर 200 वाँ टेस्ट खेलने का इन्तजार है। जिसके बाद मैं संन्यास ले लूँगा।” उनकी चाहत के अनुसार उनका अन्तिम टेस्ट मैच वेस्टइण्डीज़ के खिलाफ मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम में ही खेला गया।
  • और जैसा उन्होंने कहा था वैसा ही किया भी। 16 नवम्बर 2013 को मुम्बई के अपने अन्तिम टेस्ट मैच में उन्होंने 74 रनों की पारी खेली। मैच का परिणाम भारत के पक्ष में आते ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा! कह दिया।

सम्मान
भारत रत्न

  • 16 नवम्बर 2013 को मुंबई में सचिन के क्रिकेट से संन्यास लेने के संकल्प के बाद ही भारत सरकार ने भी उन्हें देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की आधिकारिक घोषणा कर दी। 4 फ़रवरी 2014 को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें भारत रत्न से सम्मनित किया गया। 40 वर्ष की आयु मे इस सम्मान को प्राप्त करने वाले वे सबसे कम उम्र के व्यक्ति और सर्वप्रथम खिलाड़ी हैं। गौरतलब है कि इससे पहले यह सम्मान खेल के क्षेत्र में नहीं दिया जाता था। सचिन को यह सम्मान देने के लिए पहले नियमों में बदलाव किया गया था।
  • राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित एकमात्र क्रिकेट खिलाड़ी हैं।
  • सन् 2008 में वे पद्म विभूषण से भी पुरस्कृत किये जा चुके है।


राष्ट्रीय सम्मान
1994 – अर्जुन पुरस्कार, खेल में उनके उत्कृष्ट उपलब्धि के सम्मान में भारत सरकार द्वारा।
1997-98 – राजीव गांधी खेल रत्न, खेल में उपलब्धि के लिए दिए गए भारत के सर्वोच्च सम्मान।
1999 – पद्मश्री, भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार।
2001 – महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार, महाराष्ट्र राज्य के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार।
2008 – पद्म विभूषण, भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार।
2014 – भारत रत्न, भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार।

अन्य सम्मान
1997 – इस साल के विज्डन क्रिकेटर।
2002 – बराबरी की तेंदुलकर की उपलब्धि के उपलक्ष्य में डॉन ब्रैडमैन टेस्ट क्रिकेट में ‘एस 29 शताब्दियों, मोटर वाहन कंपनी फेरारी में अपनी मंडूक करने के लिए उसे आमंत्रित सिल्वरस्टोन की पूर्व संध्या पर ब्रिटिश ग्रांड प्रिक्स एक प्राप्त करने के लिए, 23 जुलाई को फेरारी 360 मोडेना F1 दुनिया से चैंपियन माइकल शूमाकर।
2003 – 2003 क्रिकेट विश्व कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट।
2004, 2007, 2010 – आईसीसी विश्व वनडे एकादश।
2009, 2010, 2011 – आईसीसी विश्व टेस्ट एकादश।
2010 – खेल और कम से पीपुल्स च्वाइस अवार्ड में उत्कृष्ट उपलब्धि एशियाई पुरस्कार, लंदन में।
2010 – विज़डन लीडिंग क्रिकेटर ऑफ द ईयर।
2010 – वर्ष के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर के लिए आईसीसी पुरस्कार, सर गारफील्ड सोबर्स ट्राफी।
2010 – एलजी पीपुल्स च्वाइस अवार्ड
2010 – भारतीय वायु सेना द्वारा मानद ग्रुप कैप्टन की उपाधि।
2011 – बीसीसीआई द्वारा वर्ष के सर्वश्रेष्ठ भारतीय क्रिकेटर।
2011 – कैस्ट्रॉल वर्ष के इंडियन क्रिकेटर।
2012 – विज्डन इंडिया आउटस्टैंडिंग अचीवमेंट पुरस्कार।
2012 – सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) की मानद आजीवन सदस्यता।
2012 – ऑस्ट्रेलिया के आदेश के मानद सदस्य, ऑस्ट्रेलियाई सरकार द्वारा दिए गए।
2013 – भारतीय पोस्टल सर्विस ने तेंदुलकर का एक डाक टिकट जारी किया और वह मदर टेरेसा के बाद दूसरे भारतीय बने जिनके लिये ऐसा डाक टिकट उनके अपने जीवनकाल में जारी किया गया।

रोचक तथ्य

  • युवाकाल में सचिन अपने कोच के साथ अभ्यास करते थे। उनके कोच स्टम्प पर एक रुपये का सिक्का रख देते और जो गेंदबाज सचिन को आउट करता, वह सिक्का उसी को मिलता था और यदि सचिन बिना आउट हुए पूरे समय बल्लेबाजी करने में सफल हो जाते, तो ये सिक्का उनका हो जाता। सचिन के अनुसार उस समय उनके द्वारा जीते गये वे 13 सिक्के आज भी उन्हें सबसे ज्यादा प्रिय हैं।
  • 1988 में स्कूल के एक हॅरिस शील्ड मैच के दौरान साथी बल्लेबाज विनोद कांबली के साथ सचिन ने ऐतिहासिक 664 रनों की अविजित साझेदारी की। इस धमाकेदार जोड़ी के अद्वितीय प्रदर्शन के कारण एक गेंदबाज तो रोने ही लगा और विरोधी पक्ष ने मैच आगे खेलने से इनकार कर दिया। सचिन ने इस मैच में 320 रन और प्रतियोगिता में हजार से भी ज्यादा रन बनाये।
  • सचिन प्रति वर्ष 200 बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी हेतु अपनालय नाम का एक गैर सरकारी संगठन भी चलाते हैं।
  • भारतीय टीम का एक अन्तर्राष्ट्रीय मैच ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध इन्दौर में 31 मार्च 2009 को खेला गया था। तब इस छोटे कद के खिलाड़ी ने पहली बार 10,000 रनों का आँकड़ा पार करके इन्दौर के स्टेडियम में एक मील का पत्थर गाड़ दिया था।
  • सचिन क्रिकेट जगत के सर्वाधिक प्रायोजित खिलाड़ी हैं और विश्व भर में उनके अनेक प्रशंसक हैं। उनके प्रशंसक उन्हें प्यार से भिन्न-भिन्न नामों से पुकारते हैं जिनमें सबसे प्रचलित लिटिल मास्टर व मास्टर ब्लास्टर है। क्रिकेट के अलावा वह अपने ही नाम के एक सफल रेस्टोरेंट के मालिक भी हैं।
  • तत्काल में वह राज्य सभा के सदस्य हैं, सन् 2012 में उन्हें राज्य सभा के सदस्य के रूप में नामित किया गया था।


सचिन : ए बिलियन ड्रीम्स
एक भारतीय हिंदी फ़िल्म है जो सचिन तेंदुलकर के जीवन पर आधारित है। इसका निर्देशन जेम्स अर्सकिन द्वारा और निर्माण रवि भगचंदका द्वारा कार्निवाल मोशन पिक्चर्स के बैनर तले किया जा रहा है।
इसमें सचिन ने 42 साल की उम्र में पहली बार फ़िल्म डेब्यू किया है।
पात्र
सचिन तेंदुलकर :- सचिन तेंदुलकर
अर्जुन तेंदुलकर :- छोटा सचिन
मयूरेश :- नितिन तेंदुलकर
निर्देशक-जेम्स अर्सकिन
निर्माता-रवि भगचंदका
लेखक-जेम्स अर्सकिन
कहानी-सचिन तेंदुलकर की बायोपिक
आधारित-सचिन तेंदुलकर के जीवन पर
अभिनेता-सचिन तेंदुलकर
संगीतकार-ए. आर. रहमान
स्टूडियो-कार्निवाल मोशन पिक्चर्स
वितरक-200 नॉट आउट
प्रदर्शन तिथि-26/05/2017
समय सीमा-120 मि०
देश-भारत
भाषा-हिंदी भाषा
लागत-30 करोड़

सचिन ‘भारत रत्न’ ही नहीं बल्कि वास्तव में वो विश्व रत्न है। भारत माँ के इस लाडले के पर हम गर्व है। उनके लिए मेरी ओर से चँद पंक्तियाँ-

विश्व रत्न सचिन है सच में मानवता का नूर है
भारत मां की कोख से जन्मा रत्न यही कोहिनूर है
अंपायर जब देते निर्णय उसके पहले क्रीज छोड़ दे
जिस खेल में घुली हो कालिख उसी खेल का हूर है
विश्व रत्न सचिन है सच में मानवता का नूर है
भारत मां की कोख से जन्मा रत्न यही कोहिनूर है
खेल हो आगे देश हो आगे मानवता हर हाल में
रत्नजड़ित आभा के आगे नहीं फंसा किसी जाल में
जिस मंज़िल को तुमने पाया सपनों में भी दूर है
विश्व रत्न सचिन है सच में मानवता का नूर है
भारत मां की कोख से जन्मा रत्न यही कोहिनूर है…

संकलनकर्ता
मुकेश पारीक
ओसियाँ