सी आर फार्मूला (चक्रवर्ती राजगोपालाचारी फार्मूला 10 जुलाई 1944)

  • चक्रवर्ती राजगोपालाचारी जो मद्रास प्रांत के एक प्रभावशाली नेता थे
  • कांग्रेस और मुस्लिम लीग के समझौते के पूर्ण पक्षधर थे
  • 10 जुलाई 1944 को गांधी जी की स्वीकृति से उन्होंने कांग्रेस और मुस्लिम लीग समझौते की एक योजना प्रस्तुत की थी


चक्रवर्ती राजगोपालाचार्य द्वारा जो योजना तैयार की गई थी वह भारत विभाजन की योजना थी इसे ही सी. आर. फार्मूला अथवा चक्रवर्ती राजगोपालाचारी फार्मूला के नाम से जाना जाता है इसके मुख्य प्रावधान निम्न थे
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🌺☘सी आर फार्मूला के मुख्य प्रावधान☘🌺

1.  मुस्लिम लीग कांग्रेस के साथ मिलकर भारत के लिए पूर्ण  स्वतंत्रता की मांग करे व अस्थाई सरकार के गठन में कांग्रेस के साथ सहयोगी की भूमिका अदा करे
2. द्वितीय विश्वयुद्ध के खत्म होने पर भारत के उत्तर पश्चिम व पूर्वी भागों में स्थित मुस्लिम बहुसंख्यक क्षेत्रों की सीमा का निर्धारण करने के लिए एक कमीशन नियुक्त किया जाए ,फिर वयस्क मताधिकार प्रणाली के आधार पर इन क्षेत्रों के निवासियों की मतगणना करके भारत से उनके संबंध विच्छेद के प्रश्न का निर्णय किया जाए
3. मतगणना के पूर्व सभी राजनीतिक दलों को अपने दृष्टिकोण के प्रचार की पूरी स्वतंत्रता हो
4. देश विभाजन की स्थिति में रक्षा, व्यापार, संचार और दूसरे आवश्यक विषय के बारे में आपसी समझौते की व्यवस्था की जाए
5. यदि ब्रिटिश सरकार द्वारा उनकी मांग मान ली जाती है तो मुस्लिम बहुल प्रांतों को मिलाकर अलग से एक मुस्लिम राज्य का निर्माण किया जाएगा , और रक्षा और वैदेशिक मामलों में दोनों राज्यों के बीच एक समझौता होगा
6. उपर्युक्त सभी शर्तें तभी मानी जा सकती हैं जब ब्रिटेन भारत को पूर्ण रूप से स्वतंत्रता प्रदान करें

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  • लेकिन मोहम्मद अली जिन्ना ने सी. आर. फार्मूले को मानने से इनकार कर दिया
  •  मोहम्मद अली जिन्ना ने कहा कि वह इस प्रकार के सड़े-गले और अंग कटे पाकिस्तान का निर्माण नहीं करना चाहता
  • जिसके फलस्वरुप सी आर फार्मूला अपने उद्देश्य की प्राप्ति में असफल रहा

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🌺☘गांधीजी और जिन्ना के मध्य वार्तालाप☘🌺

  • गांधी जी और मोहम्मद अली जिन्ना के बीच 9 से 27 सितंबर के बीच बातचीत चलती रही
  •  पहली बार महात्मा गांधी ने जिन्ना को कायदे आजम (महान नेता) कह कर उनके सम्मान को बढ़ाया
  • लेकिन जिन्ना ने पाकिस्तान की मांग पर अटल रखकर वार्ता को असफल कर दिया
  •  कालांतर में इसी फार्मूले के आधार पर भारत का विभाजन किया गया ​
  • इस प्रकार राजगोपालाचार्य पहले कांग्रेसी नेता थे जिन्होंने पाकिस्तान की मांग का समर्थन किया था