29-30 JUN 2017 RAJASTHAN CURRENT AFFAIRS

01. हिमोफिलिया डे केयर सेंटर 6 जुलाई से शुरू होगा
बीकानेर | विश्वहिमोफिलिया दिवस के मौके पर 6 जुलाई को हिमोफिलिया डे केयर सेंटर शुरू किया जाएगा। हिमोफिलिया सोसायटी के सचिव देवीलाल पारीक ने बताया कि इस मौके पर डॉ.श्याम अग्रवाल रिसर्च सेंटर, जस्सूसर गेट के बाहर रोग से पीड़ित रोगियों के निशुल्क उपचार और परामर्श केंद्र का शुभारंभ किया जाएगा। इस केंद्र में रोगियों का तत्काल इलाज किया जाएगा।


02. राज्य में होगा देश का पहला ‘एजुकेशन फेस्टिवल’: मुख्यमंत्री
राजस्थान देश का पहला ऐसा राज्य होने जा रहा है जहाँ ‘एजुकेशन फेस्टिवल’ जैसा महत्वपूर्ण आयोजन होगा। राज्य में 30 लाख परिजनों ने पेरेंट्स टीचर्स मीटिंग में हिस्सा लिया, जो ऐतिहासिक है। इस वर्ष सरकारी विद्यालयों में 62 करोड़ 32 लाख 42 हज़ार रूपए की राशि भामाशाहों ने दान की है। यह बात मुख्यमंत्री ने बुधवार को बिड़ला सभागार में आयोजित 23 वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में कही। शाला दर्पण, शाला दर्शन पोर्टल, उत्कृष्ट एवं आदर्श विद्यालय, बीएड इंटर्नशिप कार्यक्रम, शैक्षिक उन्नयन, सरकारी स्कूलों में पी.टी.एम. तथा स्मार्ट क्लास जैसे हमारे सफल नवाचारों की सराहना पूरे देश में हो रही है। कार्यक्रम में 109 भामाशाहों और 31 प्रेरकों को सम्मानित किया गया।

03. जीएसटी में प्रदेश के 82 फीसदी व्यापारी रजिस्टर्ड
राजस्थान में जीएसटी प्रणाली के तहत काम करने के लिए प्रदेश में अब तक  82 फीसदी व्यापारियों अर्थात 4 लाख 74 हज़ार ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है, जो कि देश में हुए औसत का नौ फीसदी ज़्यादा है। बुधवार को शासन सचिवालय में हुई जीएसटी परामर्श समिति की बैठक में उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि जुलाई से प्रदेश में जीएसटी रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन रिटर्न भरने का काम 40 हज़ार ई-मित्र केंद्रों पर भी शुरू कर दिया जाएगा। बैठक में प्रमुख शासन सचिव वित्त प्रेम सिंह मेहरा, वित्त सचिव प्रवीण गुप्ता भी मौजूद थे। बैठक में उद्योग संघों के साठ से सत्तर प्रतिनिधि मौजूद थे।


04. यूके-यूएस जैसे बनेंगे राजस्थान के सरकारी स्कूल
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि हमको अमरीका, यूके से सीख लेनी चाहिए। वहाँ राष्ट्रपति तक के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। राजस्थान के सरकारी स्कूलों को भी ऐसा बनाएंगे, जिससे हर वर्ग का बच्चा वहीं पढ़े। भामाशाह, अभिभावक, विद्यार्थी और शिक्षकों के कारण ही आज प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन गया है। शिक्षा की बैठकों में जब दिल्ली जाते हैं तो बार-बार राजस्थान की उपलब्धियों का नाम लिया जाता है। मुख्यमंत्री ने यह बात बुधवार को बिड़ला सभागार में आयोजित 23वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में कही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 109 भामाशाहों को सम्मानित किया। इन भामाशाहों ने सरकारी स्कूलों के विकास के लिए 62 करोड़ 32 लाख रुपए का सहयोग किया है।


05. मुख्यमंत्री ने चौसला में आईसीएआई के ‘सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस’ का किया उद्घाटन
श्रीमती राजे बुधवार को जयपुर ज़िले के चाकसू के पास चौसला में ‘द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउन्टेंट्स ऑफ इण्डिया’ (आईसीएआई) के सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वैट की नई कर व्यवस्था लागू होने के समय कई आशंकाएं सामने आई थी उसी प्रकार जीएसटी को लेकर भी व्यापारियों में कई भ्रांतियां हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी की नई व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू करवाने के लिए सीए लोगों की आशंकाओं को दूर करने का काम बखूबी कर सकते हैं। भारतीय सीए संस्थान एक प्रतिष्ठित संस्था है। यह केन्द्र और राज्य सरकारों की वित्त एवं कर नीतियों को लागू करने तथा विभिन्न विभागों में लेखों एवं ऑडिट के प्रबन्धन का काम कर रही है। चौसला में आईसीएआई का देश में दूसरा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होना प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

06. मुख्यमंत्री ने 26 वें सामूहिक विवाह सम्मेलन के पोस्टर का विमोचन किया
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने एक समारोह में श्री आदि गौड़ ब्राह्मण (मूर्ति कलाकार) संस्था जयपुर की ओर से संचालित श्री आदि गौड़ ब्राह्मण समाज सामूहिक विवाह समिति की ओर से होने वाले 26 वें सामूहिक विवाह सम्मेलन के पोस्टर का विमोचन किया।  संस्था संरक्षक और अध्यक्ष पं. सत्यनारायण पांडे ने बताया कि दूसरी बार महिला अध्यक्ष पुष्पा शर्मा कार्यकारिणी की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर ये सामूहिक विवाह सम्मेलन होने जा रहा है। 2 जुलाई को भड़ल्या नवमी पर कायस्थों की बगीची कल्याणजी का रास्ता में होने वाले इस विवाह सम्मेलन में 43 जोड़े संपूर्ण वैदिक रीति-रिवाज़ों से विवाह बंधन में बंधेंगे।

07. प्रतापगढ़ में दीवारें सजेंगी मांडणा ट्राईबल आर्ट से

प्रतापगढ़ ज़िले के आदिवासी घरों की दीवारों से निकलकर कैनवास के ज़रिए पहचान बना रहा कांठल का मांडणा एक बार फिर दीवारों पर छा जाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में ज़िला मुख्यालय की खास-खास जगहें मांडणा ट्राईबल आर्ट से सजी नजर आएंगी। गुरुवार को नगर परिषद के निरीक्षण के दौरान ज़िला कलेक्टर नेहा गिरि ने सभापति कमलेश डोसी, कमिश्नर अशोक जैन, राजीविका के विनोद पानेरी व मांडणा कला से जुड़ी कारीगर महिलाओं से इस विषय में व्यापक चर्चा की। इस दौरान ज़िला कलेक्टर ने बताया कि शहर के खास चौराहों, बस स्टैंड, कलक्ट्रेट, पंचायत समितियों, निजी व राजकीय स्कूलों तथा टीएडी छात्रावासों की दीवारों, सर्किट हाऊस, हॉस्पिटल्स, स्वास्थ्य भवन, पार्क, वन विभाग एवं सानिवि रेस्ट हाउसेज़, प्रतीक्षालयों, स्टेडियमों, पैट्रोल पंप सहित प्रमुख स्थानों व भवनों की दीवारों पर यह पेंटिंग कराई जाएगी।