अधिगम और चिन्तन

*प्रश्न-1.निष्क्रिय अधिगमकर्ता की पहचान होती है-* (a) प्रदर्शन विधि से (b) प्रयोगशाला विधि से (c) व्याख्यान विधि से (d) खेल विधि से C✅ *प्रश्न-2.सृजनात्मकता अथवा मौलिकता की मुख्य विशेषताओं में माना जाता है-* (a) अभिसारिता (b) अपसरिता (c) रूढ़िवादिता (d) नवीनता का विरोध B✅ *प्रश्न-3.निम्नलिखित में Read More …

विकास की अवस्थाये

🔹 शेशवाअवस्था (जन्म से 5/6 वर्ष) 🔹 बाल्याअवस्था ( 5/6 से 11/12 वर्ष) 🔹 किशोराअवस्था (12 से 18 वर्ष) 🔹 प्रौढ़ाअवस्था या वयस्क (18 से उपरान्त आयु) 🥀 शेशवावस्था 🥀 ➡उपनाम- ⚫ जीवन का सबसे महत्वपूर्ण काल ⚫ सीखने का Read More …

पर्यावरण अध्ययन- परिवार

परिवार समाजिक संस्थानो में सबसे महत्वपुर्ण, सर्वव्यपी एंव प्राथमिक समाजिक संस्था या समूह है I यह सभी समाजो की आधारभूत इकाई होती है I  यह सभी समाजो की या परिवार एक ऐसा सामाजिक समूह है, जो व्यक्ति की अपेक्षा व्यक्ति Read More …

बच्चों के अधिकार पत्र

💎💎💎💎🌷🌷💎💎💎💎 ✍🏻वह सभी व्यक्ति एक बच्चा है जो 18 वर्ष से कम आयु का है। अभिभावकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के पोषण और विकास कार्य पर ध्यान दें। राज्य बच्चों के अधिकार का सम्मान करेगी और उसे Read More …

बाल विकास के महत्वपूर्ण कथन

💥शैशवावस्था – (जन्म से 5 वर्ष की उम्र)💥 स्टैंग :- “जीवन के प्रथम 2 वर्षों में बालक अपने भावी जीवन का शिलान्यास करता है!” ब्रिजेस:- “2 वर्ष की उम्र तक बालक में लगभग सभी संवेगों का विकास हो जाता है Read More …