राज्य के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के स्थानीय नाम

1🌲- छप्पन का मैदान—-क्षेत्र में डूंगरपुर बांसवाड़ा जिले का दक्षिणावर्ती समप्राय क्षेत्र आता है इस मैदान पर सोम कागदर माही कमला जाखम सावरमती आदि नदियों का या उनकी ऊपरी शाखाओ अथवा नालो का अथार्थ 56 नदी नालों का जल प्रभावित Read More …

रणथम्भौर राष्ट्रीय उधान

➡’रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान’ राजस्थान स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है।  यह अभयारण्य अपनी खूबसूरती, विशाल परिक्षेत्र और बाघों की  मौजूदगी के कारण विश्व प्रसिद्ध है। ➡राज्य-      राजस्थान ➡ज़िला- सवाईमाधोपुर ➡स्थापना-1984 ➡भौगोलिक स्थिति-  अभयारण्य हाड़ौती के पठार के किनारे पर Read More …

मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान

✔ स्थापना – नवंबर 1955 (अभयारण्य के रूप में)| ⛰ अभयारण्य क्षेत्र का नाम मुकुंदरा की पहाड़ियां जिनका  नाम कोटा के प्रसिद्ध प्रकृति प्रेमी हाडा शासक मुकुंद सिंह  के नाम पर रखा गया| 🌲 दर्रा वन्य जीव अभयारण्य जिसका नाम Read More …

राष्ट्रीय मरू उद्यान जैसलमेर

भारत में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए सर्वप्रथम लिखित कानून  बनाने वाला शासक मौर्य सम्राट अशोक था जिसने ईसा पूर्व तीसरी  सदी में यह प्रयास किया था! आधुनिक भारत में वन्यजीव संरक्षण हेतु बनाया गया प्रथम  अधिनियम-  भारतीय पशु Read More …

सीता माता अभ्यारण्य – प्रतापगढ़

⚡स्थापना 1979 में⚡ 💥क्षेत्रफल 422.95 वर्ग किलोमीटर💥 🔥उपनाम उड़न गिलहरियों का स्वर्ग🐿🐿🐿 🔥 चितल की मातृभूमि 🎾यह अभ्यारण्य राजस्थान के दक्षिण पश्चिम में प्रतापगढ़ जिले में स्थित है जहां भारत की तीन पर्वत मालाएं अरावली विंध्याचल और मालवा का पठार  आपस में Read More …