राज्य के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के स्थानीय नाम

1🌲- छप्पन का मैदान—-क्षेत्र में डूंगरपुर बांसवाड़ा जिले का दक्षिणावर्ती समप्राय क्षेत्र आता है इस मैदान पर सोम कागदर माही कमला जाखम सावरमती आदि नदियों का या उनकी ऊपरी शाखाओ अथवा नालो का अथार्थ 56 नदी नालों का जल प्रभावित Read More …

राजस्थान की मिट्टी से संबंधित कुछ तथ्य

[🌹] जिस मृदा का *ph मान*परिसर *6.5-7.5* होता है   यह मृदा *सामान्य मृदा* कहलाती है  इसमें *पादप पोषक सुलभता एवं सूक्ष्मजीव क्रियाशीलता*अधिक होती है [🌹] जिस मिट्टी में *चूने की मात्रा कम* होती है उसे *अम्लीय मिट्टी* कहते हैं  अम्लीय Read More …

राजस्थान की मिट्टियां ( Part 03 )

* [🔱] [🌹] मिश्रित लाल व काली मिट्टी [🌹] [🔱] *🔷 यह मिट्टी *मालवा के पठार की काली मिट्टी* का ही विस्तार है 🔷यह *मिट्टी बालूई मटियार अथवा बालुई दोमट*के रूप में मिलती है 🔷इस में *फास्फेट नाइट्रोजन कैल्शियम औप Read More …

राजस्थान के भौगोलिक क्षेत्र के उपनाम

1. भोराठ/भोराट का पठार यह उदयपुर जिले के कुम्भलगढ ओर गोगुन्दा के मध्य का पठारी क्षेत्र का भाग है। 2. लासङिया का पठार यह उदयपुर जिले में जयसमंद से आगे कटा-फटा पठारी क्षेत्र का भाग है। 3. गिरवा यह उदयपुर Read More …

राजस्थान में वन्य जीव एवं अभ्यारण्य

➡ वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए भारत में सर्वप्रथम कानून सम्राट अशोक के द्वारा तीसरी शताब्दी ई.पू. में बनाया गया । ➡ भारतीय संविधान के भाग -4 के अनु. 48 (क) एवं 51 (क) में भी वन्य जीवों के Read More …