प्राचीन काल के गुरू

1. महर्षि वेदव्यास अषाढ़ पूर्णिमा के दिन ही महर्षि वेदव्‍यास का जन्‍म हुआ था। यही कारण है कि इस दिन को महर्षि वेदव्‍यास को समर्पित करते हुए वास्तविक‍यास जयंती या गुरु पूर्णिमा के रूप में भी सनातनधर्मी पूरी आस्‍था के Read More …

वैदिक सूक्ति-सुधा

1) बहुप्रजा निऋर्तिमा विवेश ।।-(ऋ०१/१६४/३२) बहुत सन्तान वाले बहुत कष्ट पाते हैं। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 (2) मा ते रिषन्नुपसत्तारो अग्ने ।।-(अथर्व० २/६/२) प्रभो ! आपके उपासक दुःखित न हों। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 (3)कस्तमिन्द्र त्वावसुमा मतर्यों दधर्षति ।। (ऋ०७/३२/१४) ईश्वर भक्त का तिरस्कार कोई नहीं Read More …

संस्कृत साहित्य के अर्वाचीन कवि

1. पंडित अंबिकादत्त ‘व्यास’ ◆जन्म- 1858  में मानपुरा माचेड़ी (जयपुर )में ◆गोत्र- पाराशर ◆पितामह- पंडित प्रवर राजाराम ◆पिता- दुर्गादत्त उपाधियां व्यास -कुशल कथा वक्ता होने के कारण सुकवि- भारतेंद्र मंडली द्वारा घटिका शतकी- 24 मिनट में 100 श्लोक की रचना Read More …

संस्कृत ग्रन्थों की संक्षिप्त सूची -01

कुन्तल — वक्रोक्तिजिवित कुसुमदेव — द्र्श्तन्तशतक लक्ष्मण आचार्य — चन्डीकुचपंचशिखा लक्ष्मण भट्ट — रामायणचम्पु (with भोज) लक्ष्मीधर — सद्भाषाचन्द्रिका लक्ष्मीधर — स्मृतिकपतरु लल्ल — शिष्यधिव्र्द्धितन्त्र लौगक्सि भास्कर — अर्थसंग्रह, तर्ककौमुदि लीलाशुक — कृष्णकर्णामृत लोकसेन — उत्तरपुराण continues लोलिम्बराज — हरिविलास, Read More …

संस्कृत ग्रन्थों की संक्षिप्त सूची

अभिषेक नाटक – भास अभिज्ञान शाकुन्तलम् – कालिदास अविमारक – भास अर्थशास्त्र – चाणक्य अष्टाध्यायी – पाणिनि आर्यभटीयम् – आर्यभट आर्या-सप्तशती – गोवर्धनाचार्य उरुभंग – भास ऋतुसंहार – कालिदास कर्णभार – भास कादम्बरी – वाणभट्ट कामसूत्र – वात्स्यायन काव्यप्रकाश – Read More …