Rebellion in South India ( मोहम्मद बिन तुगलक के काल में दक्षिण भारत में विद्रोह )

Rebellion in South India during the period of Muhammad bin Tughluq ( दक्षिण भारत में विद्रोह )

उत्तरी भारत के अतिरिक्त मोहम्मद बिन तुगलक के काल में दक्षिण भारत में भी विद्रोह हुआ मोहम्मद तुगलक को दक्षिण भारत में सबसे अधिक विद्रोह का सामना करना पड़ा

🏕⛰माबर (मदुरा) का विद्रोह ( Rebellion of the Ma’abar (Madura) )🏕

🥌मोहम्मद तुगलक के समय में दक्षिण में पहला शासक विद्रोह माबर(मदुरा )में हुआ यहॉ सैय्यद एहसान शाह ने विद्रोह किया था उसने अपने नाम के सिक्के भी चलाए सुल्तान स्वयं इस विद्रोह को दबाने के लिए प्रस्थान करने लगा

🥌लेकिन जब शाह माबर पहुंचा तो भयंकर प्लेग की महामारी फैल गई थी उसकी अधिकार सेना नष्ट हो गई स्वयं सुल्तान भी रोग ग्रस्त हो गया

🥌फलस्वरुप वह देवगिरी लौट आया माबर स्वतंत्र हो गया एहसान शाह ने मदुरे में स्वतंत्र राज्य की स्थापना की इस सफलता से दक्षिण के राज्य में भी विद्रोह का क्रम प्रारंभ हो गया यहीं से मोहम्मद बिन तुगलक के साम्राज्य का विघटन प्रारंभ हो गया था

🏕⛰विजयनगर अभियान ( Vijayanagara campaign) 🏕

🥌दक्षिण में विजयनगर की स्थापना 1336 में तुगलक सत्ता के विरुद्ध होने वाले राजनीतिक और सांस्कृतिक आंदोलन का परिणाम था जब सुल्तान प्लेग से पीड़ित अपनी सेना सहित अकालग्रस्त उत्तर भारत वापस आया तो यह स्पष्ट हो गया था कि वह धुर दक्षिण पर नियंत्रण नहीं रख सकेगा

🥌1336 ईस्वी में हरिहर और उसके भाई बुक्का ने कृष्णा नदी के दक्षिण में एक हिंदू राज्य की स्थापना की जिसका धीरे-धीरे विजयनगर राज्य के रूप में विस्तार हुआ

🥌मोहम्मद तुगलक ने हरिहर और बुक्का नामक दोनों भाइयों को कंपिली विजय के बाद बंदी बनाकर दिल्ली लाया था। विजयनगर की स्थापना मोहम्मद बिन तुगलक के साम्राज्य के अवशेषों पर हुई थी

🏕⛰वारंगल⛰🏕

🥌1335 में सुल्तान मोहम्मद बिन तुगलक ने वारंगल को दिल्ली सल्तनत में विलय कर निश्चय किया । किंतु वह वहां अपनी सत्ता स्थापित नहीं कर सका वारंगल में कन्हैया नामक व्यक्ति ने विद्रोह कर शासक बन गया

🥌वहां का राज्यपाल भागकर दिल्ली पहुंचा वारंगल पूर्ण रुप से दिल्ली सल्तनत से अलग हो गया वारंगल और उसके निकटवर्ती क्षेत्र में हिंदुओं की सत्ता स्थापित हो गई

🏕⛰कंपिली ⛰🏕

🥌कंपिली में विद्रोह कन्हैया के एक संबंधी ने किया था विजयनगर वारंगल के विद्रोह के समय ही कंपिली का भी पतन प्रारंभ हो गया यहां पर हिंदूओं का राज्य स्थापित हो गया था

🥌सुल्तान मोहम्मद बिन तुगलक ने कन्हैया के एक संबंधी को जो इस्लाम धर्म ग्रहण कर चुका था को कंपिली भेजा परंतु उसने वहां पहुंच कर इस्लाम धर्म त्याग कर पुन: हिंदू बन गया और विद्रोह कर दिया

🏕⛰वीदर का विद्रोह⛰🏕

🥌1338-39 ईस्वी में ताजुलमुल्क नुसरत खा ने जो शिहाब सुल्तानी नाम से जाना जाता था ने वीदर में विद्रोह कर दिया

🥌उसे 1334 ईस्वी में विदर का शासक बनाया गया था बदले में उसे केंद्र को एक करोड़ टंके देने थे किंतु वह समय से भुगतान नहीं कर सका इसीलिए विद्रोह कर दिया तो कुतलुग खॉ ने इस विद्रोह को दबाकर उसे बंदी बना दिया

🏕⛰गुलबर्गा का विद्रोह( Gulbarga revolt )⛰🏕

🥌यहां पर विद्रोह अली आदिलशाह नाथू ने किया था वह अलाउद्दीन के प्रसिद्ध सेनापति जफर खां का भतीजा था उसे गुलबर्गा में कर वसूलने के लिए नियुक्त किया था उसने गुलबर्गा के हिंदू मुक्ता का वध कर गुलबर्गा और विदर पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया

🥌कुतलुग खां ने उसे पराजित कर दिल्ली भेजा सुल्तान ने उसे और उसके भाई को निर्वासित कर गजनी भेज दिया

🏕⛰ आन्ध्र का विद्रोह ( Andhra’s revolt )⛰🏕

🥌आंध्र में प्रोलाय और कपाय नामक दो भाइयों ने विद्रोह किया था

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🏕⛰सादाह अमीरों का विद्रोह ( Sadah Amir’s Rebellion ) ⛰🏕

🥌मोहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में सादाह अमीरों का विद्रोह 1236 से 45 के मध्य हुआ निम्न श्रेणी के मंगोल अधिकारियों को सदा कहा जाता था उन्हें सुल्तान ने संरक्षण प्रदान किया था

🌺””सादाह अथवा सौ””—-मंगोल सेना में सौ सैनिकों का नेतृत्व करने वाले अधिकारी को कहा जाता था
🌺लेकिन सादाह का भारत में– उपयोग सो गांव की एक इकाई के लिए होने लगा

🥌सादाह अमीर मैं मंगोलों के अतिरिक्त तुर्क अफगान राजपूत और भारतीय मुसलमान भी शामिल थे इनका कार्य अपने प्रशासनिक क्षेत्र में कर वसूली के साथ-साथ शांति व्यवस्था भी स्थापित करना था

🥌दक्षिण पर शासन करने की सुल्तान की नई योजना सादाह अमीरों के विद्रोह का कारण था

🥌इस योजना के अंतर्गत सुल्तान इनके स्थान पर नये अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया सादाह अमीरों की शक्ति तोड़ने के लिए मोहम्मद तुगलक ने विविध जातीय आधार पर अमीर वर्ग गठित किए

🥌उसने निम्नवर्गीय समुदाय के योग्य व्यक्तियों को शासन कार्य में सम्मिलित किया अमीर वर्ग के प्रति मोहम्मद बिन तुगलक का दृष्टिकोण जातिय अथवा संकीर्ण धार्मिक विचारों पर आधारित नहीं था

🥌उन्होंने शिल्पी नाई बावर्ची बुनकर कलाल संगीतकार आदि वर्ग के लोगों को सरकारी सेना में शामिल किया।

🥌नई व्यवस्था के अंतर्गत कुतलुग खा को दक्षिण से दिल्ली बुलाया लिया गया और उसके स्थान पर उसके भाई और गुजरात के सूबेदार निजामुद्दीन को नियुक्त किया गया

🥌सुल्तान ने मालवा गुजरात और बीदर में भी नये सूबेदारों की नियुक्ति की मालवा का शासक अजिज खुम्मार ने 80 सादाह अमीरों को पकड़वाकर उन्हें अपने महल के सामने कत्ल कर दिया था

🏕⛰गुजरात में सादाह विद्रोही ( Sadah Rebel in Gujarat ) 🏕⛰

🥌सादाह अमीरों के विद्रोह के कारण पूरे क्षेत्र में अव्यवस्था फैल गई थी इसी समय गुजरात से मलिक मकबूल अपने राजकोष लेकर दिल्ली आ रहा था मार्ग में सादाह अमीरों ने अचानक उस पर आक्रमण कर कोष लूट लिया और खुलकर विद्रोह करने लगे

🥌अजिज खुम्मार विद्रोह को दबाने का प्रयास किया लेकिन मारा गया उसकी मृत्यु के साथ ही मालवा में भी अव्यवस्था फैल गई

🥌इस विद्रोह को दबाने के लिए सुल्तान स्वयं गुजरात की और कुच करने लगा विद्रोही पराजित हुए सुल्तान ने उन्हें और उनके परिवार को वध करने का आदेश दिया

🏕⛰देवगिरी का सादाह अमीर विद्रोह ( Devahiri’s Sadah Amir Revolt )⛰🏕

🥌विद्रोही सादाह अमीरों को यह आभास था कि सुल्तान उन्हें क्षमा नहीं करेगा इसीलिए अपनी रक्षार्थ गुजरात और मालवा के सादाह अमीर देवगिरी आ गए

🥌इसी बीच सुल्तान ने अजमुल मुल्क को आदेश दिया कि वह देवगिरि के मुख्य सादाह अमीर 1500योग्य अश्वारोही की निगरानी में भड़ोत भेजें शाही आदेश का पालन करते हुए अजमुलमुल्क ने सादाह अमीरों को भड़ोच के लिए रवाना किया

🥌बीच मार्ग में ही वे सादाह अमीर अपने अंत के बारे में चिंतित होने लगे फलस्वरुप दो सादाह अमीर नूरुद्दीन और इस्माइल मख ने विद्रोह कर दिया और रात में हमला कर सैनिकों को मार डाला और पुनः देवगिरी आ गए

🥌देवगिरी में उन्होंने निजामुद्दीन को कारागार में डाल दिया इसके बाद विद्रोहियों ने एक शासक सुनने का निश्चय किया उन्होंने मलिक इस्माइल मख अफगान को अपना सुल्तान घोषित किया और उसे सुल्तान नसीरुद्दीन का खिताब दिया

🥌नूरुद्दीन ख्वाजा ए जहां की उपाधि सहित वजीर नियुक्त किया गया इसके फल स्वरुप दक्षिण का प्रथम स्वतंत्र राज्य स्थापित हुआ

🥌इस विद्रोह का समाचार सुनकर एक विशाल सेना के साथ मोहम्मद बिन तुगलक देवगिरी कि और कुच करने लगा विद्रोही पराजित हुए

🥌इस्माइल मख अपने परिवार सहित धारगिरी भाग गया और अगले युद्ध के लिए तैयारी शुरू कर दी

🏕⛰ बहमनी राज्य की स्थापना ( Establishment of Bahmani state )⛰🏕

🥌विद्रोहियों को पराजित करने के बाद मोहम्मद बिन तुगलक खुदावंदजादा कवामुद्दीन, मलिक जोहर और शेक बुरहान जहीरुल जुयूश को देवगिरी (दौलताबाद) के दुर्ग की निगरानी सौंप कर भडौच के लिए कुच करने गया

🥌जब वह अन्हिलवाड़ा की तरफ प्रस्थान करने वाला था तो उसे हसन गंगू और अन्य विद्रोहियों के विद्रोह का समाचार मिला

🥌विद्रोहियों ने इमादुल मुल्क पर आक्रमण कर उसका वध कर दिया सादाह अमीरों ने हसन गंगू के नेतृत्व में पुनः देवगिरी पर अधिकार कर लिया था

🥌हसन गंगू ने अलाउद्दीन बहमन शाह की उपाधि धारण कर 1347 में बहमनी राज्य की स्थापना की

🌹🌹अन्य प्रमुख विद्रोह ( Other major revolts ) 🌹🌹

🏕⛰मसूद खा का विद्रोह( Masood Khan’s Rebellion ) ⛰🏕

🥌मसूद खाँ मोहम्मद बिन तुगलक का सौतेला भाई था इसकी मां सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी की पुत्री थी जिसे सुल्तान ने व्यभिचार के अभियोग में पत्थरों से मरवा डाला था इस घटना ने उसके मन में विद्रोह की भावना उत्पन्न कर दी थी बाद में उसे फांसी दे दी गई

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🏕⛰सुनाम और समाना में विद्रोह ( Rebellion in Sunam and Samana )⛰🏕

🥌यह एक प्रकार से किसानों का विद्रोह था किसानों ने भूमि कर देने से इनकार कर दिया था सुल्तान ने इस विद्रोह को दबाने के लिए स्वयं प्रस्थान किया विद्रोही और उनके नेता पकड़कर दिल्ली लाए गए

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🏕⛰निजाम मईन का विद्रोह ( Nizam Main Rebellion )⛰🏕

🥌1338 ईस्वी में निजाम मईन ने कड़ा में विद्रोह किया उसने सुल्तान अलाउद्दीन की उपाधि धारण कर अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की

🥌इस विद्रोह का कारण था उसने कड़ा से लाखों टंके भूमि कर देने का वचन किया था जिसे पूरा नहीं कर सका उसके विरुद्ध अवध और जाफराबाद के राज्यपाल आइनुलमुल्क और उसके भाई शाहरुल्ला को भेजा गया

🥌निजाम मईन जीवित जला दिया गया उसके स्थान पर शेख जादा बुस्तामी को कड़ा का इक्तादार बनाया गया

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🏕⛰आईनुलमुल्क महरु का विद्रोह ⛰🏕

🥌अमीरों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण विद्रोह आइनुल मुल्क का विद्रोह था, यह विद्रोह 1340 में अवध के सूबेदार द्वारा किया गया था

🥌वह सुल्तान मोहम्मद बिन तुगलक का घनिष्ठ मित्र था, जिसे उसने अवध का सूबेदार नियुक्त किया था

🥌दोआब में अकाल के समय उसने अपनी इक्ता में प्रशंसनीय कार्य किया था आइनुल मुल्क की इन सफलताओं और जनता पर उसके नियंत्रण से सुल्तान उस से आशंकित रहने लगा था

🥌मोहम्मद बिन तुगलक ने उसे दौलताबाद जाने का आदेश दिया आइनुल मुल्क ने इसे अपने प्रभाव में कमी और अंतिम रूप से अपने विनाश की युक्ति के रूप में लिया इसीलिए उसने विद्रोह कर दिया

🥌एक युद्ध में वह पराजित हुआ लेकिन सुल्तान ने उसे माफ़ कर शादी उद्यान का अधीक्षक नियुक्त कर दिया

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🌹🏕⛰अमीर तगी का विद्रोह और मोहम्मद बिन तुगलक की मृत्यु⛰🏕🌹

🥌मुहम्मद तुगलक के शासनकाल का अंतिम विद्रोह गुजरात में तगी का विद्रोह था

🥌तगी एक सामान्य जूता बनाने वाला और मुस्लिम कुलीनों का दास थां, गयासुद्दीन तुगलक के समय में वह एक दास के रूप में खरीदा गया था

🥌मोहम्मद बिन तुगलक की कृपा से उसने उच्च पद प्राप्त किया दरबार में वह शाहनाए बारगाह (दरबार का अधीक्षक) के पद पर था

🥌मोहम्मद बिन तुगलक जब देवगिरि के विद्रोह को दबाने के लिए गुजरात से दक्षिण की ओर कुछ किया तो उसकी अनुपस्थिति का लाभ उठाकर तगी ने गुजरात में विद्रोह कर दिया

🥌इस विद्रोह को दबाने के लिए सुल्तान विशाल सेना के साथ भडौज की ओर कूच किया खंभात और अन्हिलवाडा के पास भीषण युद्ध हुआ था

🌹तगी ने भाग कर थट्टा( निचले सिंध) में शरण ले ली उसका पीछा करते हुए सुल्तान थट्टा की ओर प्रस्थान किया लेकिन मार्ग में 20 मार्च 1351 को ज्वर से उसकी मृत्यु हो गई

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☂सुल्तान मोहम्मद बिन तुगलक की मृत्यु पर टिप्पणी करते हुए बदायुनी लिखा है कि– राजा को अपनी जनता से और जनता को अपने राजा से मुक्ति मिल गई

☂इसी संबंध में बरनी ने लिखा है–अंततः लोगों को उस से मुक्ति मिली,उसे लोगों से