अशोक : एक अनोखा सम्राट जिसने युद्ध का त्याग किया

अशोक : एक अनोखा सम्राट जिसने युद्ध का त्याग किया

Ashoka the Great Quiz

 

प्रश्न=1. मौर्य साम्राज्य की स्थापना लगभग 2300 साल पहले हुई थी। इसका संस्थापक निम्नलिखित में से कौन था ?
(अ) बिन्दुसार
(ब) बिम्बिसार
(स) चन्द्रगुप्त प्रथम
(द) चन्द्रगुप्त मौर्य

(द)✔
व्याख्याः मौर्य साम्राज्य का संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य था। कौटिल्य ने साम्राज्य स्थापना में चन्द्रगुप्त की सहायता की थी।

प्रश्न=2. कौटिल्य द्वारा लिखित प्रसिद्ध पुस्तक का नाम निम्नलिखित में से क्या है ?
(अ) अष्टाध्यायी
(ब) अर्थशास्त्र
(स) मालविकाग्निमित्रम्
(द) अभिज्ञानशाकुन्तलम्

(ब)✔
व्याख्याःकौटिल्य ने अर्थशास्त्र तथा पाणिनी ने अष्टाध्यायी की रचना की थी।
मालविकाग्निमित्रम् और अभिज्ञानशाकुन्तलम् कालिदास की रचनाएँ हैं।

प्रश्न=3. मौर्य वंश में तीन महत्त्वपूर्ण राजा हुए, इन राजाओं का सही वंशानुक्रम निम्नलिखित में से कौन सा है ?
(अ) चन्द्रगुप्त, अशोक, बिन्दुसार
(ब) अशोक, बिन्दुसार, चन्द्रगुप्त
(स )बिन्दुसार, चन्द्रगुप्त, अशोक
(द) चन्द्रगुप्त, बिन्दुसार, अशोक

(द)✔
व्याख्याः मौर्य साम्राज्य के तीनों महत्त्वपूर्ण राजाओं का वंशानुक्रम निम्नलिखित हैं – चन्द्रगुप्त, बिन्दुसार, अशोक।
अशोक बिन्दुसार का पुत्र था तथा बिन्दुसार चन्द्रगुप्त का।

प्रश्न=4. मौर्य साम्राज्य की राजधानी निम्नलिखित में से कौन-सी थी ?
(अ) पाटलिपुत्र
(ब) उज्जैन
(स) तक्षशिला
(द) साँची

(ब)✔
व्याख्याः मौर्य साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र थी।
उज्जैन, तक्षशिला और पाटलिपुत्र मौर्य साम्राज्य के महत्त्वपूर्ण नगर थे। तक्षशिला उत्तर-पश्चिम और मध्य एशिया के लिये आने-जाने का मार्ग था। उज्जैन उत्तरी भारत से दक्षिणी भारत जाने वाले रास्ते में पड़ता था।

प्रश्न=5. अनेक स्थानों से अशोक के शिलालेख मिले हैं। निम्नलिखित में किन स्थानों पर अशोक के शिलालेख प्राप्त हुए हैं ?
1. कंधार
2. ब्रह्मगिरि
3. जौगड़
4. गिरनार
5. लुम्बिनी
नीचे दिये गए कूट की सहायता से सही उत्तर चुनिये-
(अ)केवल 1 और 2
(ब)केवल 2 और 5
(स)केवल 1, 3 और 4
(द)1, 2, 3, 4 और

(द)✔
व्याख्याः अशोक के शिलालेख कंधार, लम्पक, मनसेहरा, शहबाजगढ़ी, कलसी, टोपरा, मेरठ, बहापुर (दिल्ली), लुम्बिनी, रामपुरवा, लौरिया, अरराज, गुज्जर, सारनाथ, कौशाम्बी, रूपनाथ, साँची, पनगुरिया, गिरनार, जौगड़ (कलिंग), सोपारा, सन्नाति, मस्की, येरागुडि और ब्रह्मगिरि इन सभी स्थानों से प्राप्त हुए हैं।

प्रश्न=6. ‘कर’ और ‘नज़राना’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. कर अनियमित ढंग से एकत्र किये जाते थे।
2. नज़राना राज्य द्वारा नियमित रूप से लिया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं ?
(अ) केवल 1
(ब) केवल 2
(स) 1 और 2 दोनों
(द) न तो 1 और न ही 2

(द)✔
व्याख्याः कर नियमित ढंग से इकट्ठे किये जाते थे वहीं नज़राना अनियमित रूप से जब भी संभव हो, इकट्ठा किया जाता था। अतः दोनों कथन गलत है।
ऐसे नज़राने विविध चीज़ों के रूप में प्रायः ऐसे लोगों से लिये जाते थे जो स्वेच्छा से इसे देते थे।

प्रश्न=7. मौर्य प्रशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. राजकुमारों को अक्सर प्रांतों में राज्यपाल (गवर्नर) के रूप में भेजा जाता था।
2. जहाँ पर सम्राटों का सीधा शासन था वहाँ राजा द्वारा नियुक्त अधिकारी कर वसूलते थे।
उपर्युक्त में कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?
(अ) केवल 1
(ब) केवल 2
(स) 1 और 2 दोनों
(द) न तो 1 और न ही 2

(स)✔
व्याख्याः उपर्युक्त दोनों कथन सही हैं। सीधे नियंत्रण वाले क्षेत्रों में राजकुमारों को राज्यपाल के रूप में भेजा जाता था।
पाटलिपुत्र और उसके आस-पास के इलाकों पर सम्राट का सीधा नियंत्रण था। यहाँ कर वसूली के लिये राजा द्वारा अधिकारी नियुक्त किये जाते थे।
जो राजा के आदेशों का उल्लंघन करते थे, अधिकारी उन्हें सज़ा भी देते थे। इनमें कई अधिकारियों को वेतन भी दिया जाता था।
अधिकारियों के क्रियाकलापों पर नज़र रखने के लिये जासूस होते थे। अनेक संदेशवाहक संदेश पहुँचाने के लिये एक जगह से दूसरी जगह घूमते थे।

प्रश्न=8. मौर्य प्रशासन से जुड़े निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. मौर्य प्रशासन के छोटे क्षेत्र या प्रांतों पर तक्षशिला या उज्जैन जैसी प्रांतीय राजधानियों से शासन किया जाता था।
2. मौर्य शासक आवागमन के लिये महत्त्वपूर्ण मार्गों और नदियों पर नियंत्रण रखने का प्रयास करते थे।
3. प्रदेशों में रहने वाले लोग मौर्य अधिकारियों को नज़राना/भेंट दिया करते थे।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?
(अ) केवल 1
(ब) केवल
(स) केवल 1 और 2
(द) 1, 2 और 3

(द)✔
व्याख्याः उपर्युक्त तीनों कथन सही हैं। मौर्य साम्राज्य में छोटे प्रांतों पर प्रांतीय राजधानियों द्वारा नियंत्रण रखा जाता था। उज्जैन और तक्षशिला प्रांतीय राजधानियाँ थीं।
कुछ हद तक पाटलिपुत्र (राजधानी) से इन क्षेत्रों में, राजकुमारों को राज्यपाल के रूप में भेजकर नियंत्रण रखा जाता था। परंतु इन जगहों पर स्थानीय परम्पराओं और नियमों को ही माना जाता था।
मौर्य शासक आवागमन के मार्गों पर नियंत्रण रखने का प्रयास करते थे। यहाँ से उन्हें संसाधन, कर और नज़राना/भेंट के रूप में प्राप्त होता था।
अर्थशास्त्र में यह लिखा है कि उत्तर-पश्चिम कंबल के लिये और दक्षिण भारत सोने और कीमती पत्थरों के लिये प्रसिद्ध था। संभव है कि यहाँ से संसाधन नज़राने के रूप में एकत्र किये जाते थे।

प्रश्न=9. चन्द्रगुप्त के दरबार में पश्चिम-एशिया के यूनानी राजा सेल्यूकस निकेटर का राजदूत था। उसका नाम क्या था ?
(अ) मेगस्थनीज
(ब) डिमेकस/डायमेकस
(स) फाह्यान
(द) ह्वेनसांग

(अ)✔
व्याख्याः मेगस्थनीज चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में यूनानी राजा सेल्यूकस निकेटर का राजदूत था।
डिमेकस/डायमेकस बिन्दुसार के समय भारत आया था। फाह्यान चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के काल में भारत आया था। जबकि ह्वेनसांग हर्ष के काल से संबंधित है।

प्रश्न=10. मेगस्थनीज ने भारत में जो कुछ देखा उसका विवरण दिया । सम्राट के विषय में उसके विवरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. सम्राट के जनता के सामने आने के अवसरों पर शोभायात्रा के रूप में जश्न होता था।
2. उनके अंगरक्षक सोने व चांदी से सजे हाथियों पर सवार रहते थे। कुछ अंगरक्षक पेड़ों को लेकर चलते थे।
3. राजा सामान्यतः हथियारबन्द महिलाओं से घिरे होते थे।
उपर्युक्त कथनों में से सही कथन कौन-सा/से है/हैं ?
(अ) केवल 1
(ब) केवल 2
(स) केवल 1 और 2
(द) 1, 2 और 3

(द)✔
व्याख्याः उपर्युक्त तीनों कथन सही हैं। मेगस्थनीज के वर्णन से पता चलता है कि सम्राट सोने की पालकी में जनता के सामने ले जाया जाता था तथा उसके जनता के सामने आने पर शोभा यात्रा के रूप में जश्न मनाया जाता था।
अंगरक्षक अलंकृत हथियों पर सवार होते थे। कुछ अंगरक्षक पेड़ों को लेकर चलते थे। इन पर प्रशिक्षित तोतों का एक झुंड होता था जो सम्राट के सिर के चारों तरफ चक्कर लगाता रहता था।
राजा को हमेशा डर रहता था कि कोई उसकी हत्या न करें। इसलिये राजा हथियारबन्द महिलाओं से घिरा रहता था। उसके खाना खाने से पहले खास नौकर उस खाने को चखते थे। वे लगातार दो रात एक ही कमरे में नहीं सोते थे।

प्रश्न=11. मौर्य साम्राज्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. उज्जैन उत्तर-पश्चिम की तरफ आवागमन के मार्ग में था।
2. आधुनिक पाकिस्तान और अफगानिस्तान के इलाके मौर्य साम्राज्य के अन्दर थे।
3. मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य के विचार अर्थशास्त्र में लिखे गए हैं।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?
(अ) केवल 1
(ब) केवल 2
(स) केवल 1 और 2
(द) 1, 2 और 3

(ब)✔
व्याख्याः कथन 1 गलत है क्योंकि उज्जैन उत्तरी भारत से दक्षिणी भारत जाने के मार्ग में पड़ता था जबकि तक्षशिला उत्तर-पश्चिम और मध्य एशिया के लिये आने-जाने का मार्ग था।
अर्थशास्त्र में चन्द्रगुप्त के नहीं बल्कि कौटिल्य के विचार हैं। अतः कथन 3 गलत है। अर्थशास्त्र के रचयिता कौटिल्य का ही अन्य नाम चाणक्य था। उसे विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता था।

प्रश्न=12. अशोक के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. अशोक ऐसा पहला शासक था जिसने अभिलेखों द्वारा जनता तक अपना संदेश पहुँचाने की कोशिश की।
2. अशोक के ज़्यादातर अभिलेख खरोष्ठी लिपि में हैं।
3. अशोक ने अपने एक अभिलेख में कलिंग युद्ध का वर्णन किया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?
(अ) केवल 1
(ब) केवल 2
(स) केवल 1 और 3
(द) 1, 2 और 3

(स)✔
व्याख्याः कथन 1 और 3 सही है, जबकि कथन 2 गलत है। अशोक के ज़्यादातर अभिलेख प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में हैं न कि खरोष्ठी लिपि में।
कलिंग तटवर्ती उड़ीसा का प्राचीन नाम है। अशोक ने अपने एक अभिलेख में कलिंग युद्ध का वर्णन किया हैं। उसने कहा है कि “राजा बनने के आठ साल बाद मैंने कलिंग विजय की। लगभग डेढ़ लाख लोग बंदी बना लिये गए एक लाख से भी ज़्यादा लोग मारे गए। इससे मुझे अपार दुखः हुआ।”

प्रश्न=13. कलिंग युद्ध में जन हानि से दुखी होकर अशोक ने ‘धम्म’ का पालन करने एवं दूसरों को इसकी शिक्षा देने का निश्चय किया। ‘धम्म’ के संदर्भ में उसके विचार निम्नलिखित हैं-
1. अशोक का मानना था कि ‘धम्म’ के माध्यम से लोगों का दिल जीतना बलपूर्वक विजय पाने से ज़्यादा अच्छा है।
2. वह चाहता था कि उसके बाद उसके बेटे और पोते भी युद्ध न करें। इसके बदले वे ‘धम्म’ की अभिवृद्धि में योगदान करें।
अशोक के उपर्युक्त विचारों में से कौन-सा/से विचार सही है/हैं ?
(अ) केवल 1
(ब) केवल 2
(स) 1 और 2 दोनों
(द) न तो 1 और न ही 2

(स)✔
व्याख्याः कलिंग अभिलेख में ‘धम्म’ के विषय में अशोक ने कहा है कि “मैं मानता हूँ कि धम्म के माध्यम से लोगों का दिल जीतना बलपूर्वक विषय पाने से ज़्यादा अच्छा है। मैं यह अभिलेख भविष्य के लिये एक संदेश के रूप में इसलिये उत्कीर्ण कर रहा हूँ ताकि मेरे बाद मेरे बेटे और पोते भी युद्ध न करें। इसके बदले उन्हें यह सोचना चाहिये कि धम्म को कैसे बढ़ाया जाए।” ‘धम्म’ शब्द संस्कृत के ‘धर्म’ शब्द का प्राकृत रूप है।

प्रश्न=14. अशोक ने जगह-जगह जाकर लोगों को शिक्षा देने के लिये अधिकारियों की नियुक्ति की। इन अधिकारियों को निम्नलिखित में से किस नाम से जाना जाता था ?

(अ) धम्माधिकारी
(ब) धम्म गुरु
(स) धम्म महामात्त
(द) धम्म अमात्य

(स)✔
व्याख्याः अशोक द्वारा धम्म की शिक्षा देने के लिये नियुक्त किये गए अधिकारी ‘धम्म महामात्त’ कहलाते थे।

प्रश्न=15. धम्म के प्रचार के लिये अशोक ने जिन साधनों का प्रयोग किया उनके संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. अशोक ने अपने संदेश कई स्थानों पर शिलाओं और स्तंभों पर खुदवाए।
2. उसने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे राजा के संदेशों को उन लोगों को पढ़कर सुनाएँ जो खुद पढ़ नहीं सकते थे।
3. अशोक ने धम्म के विचारों को प्रसारित करने के लिये सीरिया, मिस्र, ग्रीस तथा श्रीलंका में भी दूत भेजे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?
(अ) केवल 1
(ब) केवल 2 और 3
(स) केवल 1 और 3
(द) 1, 2 और 3

(द)✔
व्याख्याः अशोक ने धम्म के प्रसार के लिये उक्त सभी कदम उठाए थे। अतः तीनों कथन सत्य हैं।

Specially thanks to Post and Quiz Creator ( With Regards )

महेन्द्र चौहान

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