उत्तर प्रदेश राज्य प्रतीक व परंपरागत संस्कृति

☣ उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद में प्रत्येक बारहवें वर्ष में कुम्भ मेले🎡🎡 का आयोजन किया जाता और 6 साल बाद अर्द्ध कुंभ का आयोजन किया जाता है।

☣आगरा ज़िले के बटेश्वर कस्बे में पशुओं🦄🐫🐄🦏🐎 का प्रसिद्ध मेला आयोजित किया जाता है, उत्तर प्रदेश राज्य सांस्कृतिक दृष्टि से  बहुत समृद्ध है।
इसलिए इसे लधु भारत की संज्ञा भी दी गयी है।

☣इस राज्य में कत्थक नृत्य बहुत लोकप्रिय है, भारत में मुगलों द्वारा लाया गया पासा🎲, उत्तर प्रदेश में खासकर मुस्लिम दुल्हनों द्वारा पहना जाने वाला आभूषण है।

☣ कव्वाली 🎼का उदभव भी इसी राज्य की देंन मानी जाती है।

☣ इस राज्य में हस्तशिल्प की गहराई बारीकी से देखा जा सकता है, हस्तशिल्प में चिकन कड़ाई, लकड़ी व मिट्टी के खिलोने,🐥🦆🐣 जरी व कालीन का काम बखूबी किया जाता है।

☣ यहाँ के फिरोजाबाद शहर में चूड़ियों का काम किया जाता है जो अग्रणी है।

☣इस राज्य में रामपुर को “चाकुओं का नगर”🔪, फिरोजाबाद को सुहाग नगरी व चूड़ी नगरी, अलीगढ़ को ताला नगरी 🔒और मेरठ को कैंची नगर✂ व क्रांति नगर नाम से संबोधित किया जाता है।

☣हिंदी फ़िल्मी संगीत एवं भोजपुरी पॉप संगीत इस राज्य के लोकप्रिय संगीत है।

🌹राज्य पक्षी – सारस या क्रौँच

🌹राज्य फूल – पलाश

🌹राज्य पेड़ – अशोक

🌹राज्य पशु – दलदली हिरण

🌹राज्य चिन्ह – मछली एवँ तीर कमान

🌹आभूषण – नथ, टीका, कर्णफ़ूल, हँसली, कण्ठहार, कड़े, छल्ले, करघनी या कमरबंद, पायल

🌹व्यंजन – भरवां चिकन पसंदा, मटन कोफ्ता, अरहर की दाल, भिंडी का सालन, आलू रसेदार, इलाहाबाद की तेहरी, बैंगन की लांजे, कीमा दम

🌹लोक नृत्य – कत्थक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.