गणतंत्र दिवस ( Republic Day)

गणतंत्र का अर्थ
वह शासन पद्धति जहाँ राज्यप्रमुख का निर्वाचन सीधे जनता करे या जनता के प्रतिनिधि करें। यानी राष्ट्रप्रमुख वंशानुगत या तानाशाही तरीके से सत्ता पर कब्जा करके न आया हो। कुछ ऐसे देश भी हैं, जहाँ शासन पद्धति लोकतांत्रिक होती है, पर राष्ट्राध्यक्ष लोकतांत्रिक तरीके से नहीं चुना जाता। जैसे युनाइटेड किंगडम, जहाँ राष्ट्राध्यक्ष सम्राट होता है, जिसके परिवार के सदस्य ही राष्ट्राध्यक्ष बनते हैं। इस अर्थ में युनाइडेट किंगडम रिपब्लिक नहीं है। हमारे देश में लोकतांत्रिक सरकार है और राष्ट्रपति का चुनाव होता है इसलिए यह गणतंत्रात्मक व्यवस्था है।

गणतंत्र दिवस ( Republic Day) 
भारत में 26 जनवरी को मनाया जाता है और यह भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है। हर वर्ष 26 जनवरी एक ऐसा दिन है जब प्रत्‍येक भारतीय के मन में देश भक्ति की लहर और मातृभूमि के प्रति अपार स्‍नेह भर उठता है। ऐसी अनेक महत्त्वपूर्ण स्‍मृतियां हैं जो इस दिन के साथ जुड़ी हुई है। 26 जनवरी, 1950 को देश का संविधान लागू हुआ और इस प्रकार यह सरकार के संसदीय रूप के साथ एक संप्रभुताशाली समाजवादी लोक‍तांत्रिक गणतंत्र के रूप में भारत देश सामने आया। भारतीय संविधान, जिसे देश की सरकार की रूपरेखा का प्रतिनिधित्‍व करने वाले पर्याप्‍त विचार विमर्श के बाद विधान मंडल द्वारा अपनाया गया, तब से 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस के रूप में भारी उत्‍साह के साथ मनाया जाता है और इसे राष्‍ट्रीय अवकाश घोषित किया जाता है। यह आयोजन हमें देश के सभी शहीदों के नि:स्‍वार्थ बलिदान की याद दिलाता है, जिन्‍होंने आज़ादी के संघर्ष में अपने जीवन बलिदान कर दिए और विदेशी आक्रमणों के विरुद्ध अनेक लड़ाइयाँ जीती।

इतिहास
भारत के संविधान को लागू किए जाने से पहले भी 26 जनवरी का बहुत महत्त्व था। 26 जनवरी को विशेष दिन के रूप में चिह्नित किया गया था, 31 दिसंबर सन् 1929 के मध्‍य रात्रि में राष्‍ट्र को स्वतंत्र बनाने की पहल करते हुए लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हु‌आ जिसमें प्रस्ताव पारित कर इस बात की घोषणा की ग‌ई कि यदि अंग्रेज़ सरकार 26 जनवरी, 1930 तक भारत को उपनिवेश का पद (डोमीनियन स्टेटस) नहीं प्रदान करेगी तो भारत अपने को पूर्ण स्वतंत्र घोषित कर देगा।

राष्‍ट्रीय ध्‍वज
26 जनवरी, 1930 तक जब अंग्रेज़ सरकार ने कुछ नहीं किया तब कांग्रेस ने उस दिन भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की और अपना सक्रिय आंदोलन आरंभ किया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के इस लाहौर अधिवेशन में पहली बार तिरंगे झंडे को फहराया गया था परंतु साथ ही इस दिन सर्वसम्मति से एक और महत्त्वपूर्ण फैसला लिया गया कि प्रतिवर्ष 26 जनवरी का दिन पूर्ण स्वराज दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन सभी स्वतंत्रता सेनानी पूर्ण स्वराज का प्रचार करेंगे। इस तरह 26 जनवरी अघोषित रूप से भारत का स्वतंत्रता दिवस बन गया था। उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा।

भारतीय संविधान सभा
उसी समय भारतीय संविधान सभा की बैठकें होती रहीं, जिसकी पहली बैठक 9 दिसंबर, 1946 को हुई, जिसमें भारतीय नेताओं और अंग्रेज़ कैबिनेट मिशन ने भाग लिया। भारत को एक संविधान देने के विषय में कई चर्चाएँ, सिफारिशें और वाद – विवाद किया गया। कई बार संशोधन करने के पश्चात भारतीय संविधान को अंतिम रूप दिया गया जो 3 वर्ष बाद यानी 26 नवंबर, 1949 को आधिकारिक रूप से अपनाया गया। 15 अगस्त, 1947 में अंग्रेजों ने भारत की सत्ता की बागडोर जवाहरलाल नेहरू के हाथों में दे दी, लेकिन भारत का ब्रिटेन के साथ नाता या अंग्रेजों का अधिपत्य समाप्त नहीं हुआ। भारत अभी भी एक ब्रिटिश कॉलोनी की तरह था, जहाँ की मुद्रा पर जॉर्ज 6 की तस्वीरें थी। आज़ादी मिलने के बाद तत्कालीन सरकार ने देश के संविधान को फिर से परिभाषित करने की ज़रूरत महसूस की और संविधान सभा का गठन किया जिसकी अध्यक्षता डॉ. भीमराव अम्बेडकर को मिली, 25 नवम्बर, 1949 को 211 विद्वानों द्वारा 2 वर्ष  11महीने और 18 दिन में तैयार देश के संविधान को मंजूरी मिली।

सन 1950, प्रथम गणतंत्र दिवस में जवाहरलाल नेहरू
24 जनवरी, 1950 को सभी सांसदों और विधायकों ने इस पर हस्ताक्षर किए। और इसके दो दिन बाद यानी 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू कर दिया गया। इस अवसर पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली तथा 21 तोपों की सलामी के बाद ‘इर्विन स्‍टेडियम’ में भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज ‘तिरंगा’ को फहराकर भारतीय गणतंत्र के ऐतिहासिक जन्‍म की घो‍षणा की थी।

26 जनवरी का महत्त्व बना‌ए रखने के लि‌ए संविधान निर्मात्री सभा (कांस्टीट्यू‌एंट असेंबली) द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की ग‌ई। इस तरह से 26 जनवरी एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। यह एक संयोग ही था कि ‘कभी भारत का पूर्ण स्वराज दिवस के रूप में मनाया जाने वाला दिन अब भारत का गणतंत्र दिवस’ बन गया था। अंग्रेजों के शासनकाल से छुटकारा पाने के 894 दिन बाद हमारा देश स्‍वतंत्र राष्ट्र बना। तब से आज तक हर वर्ष राष्‍ट्रभर में बड़े गर्व और हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस मनाया जाता है|

26 जनवरी मनाने का महत्व
गणतंत्र दिवस स्वतंत्र भारत के लिये सच्चे साहस का प्रतीक है जहाँ सैन्य परेड, सैन्य सामानों की प्रदर्शनी, भारतीय राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय झंडे को सलामी और इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होता है। भारतीय झंडे में क्षैतिज दिशा में तीन रंग होते हैं (सबसे ऊपर केसरिया, मध्य में सफेद तथा अंत में हरा, सभी रंग बराबर अनुपात में होता है) और बीच में एक चक्र होता है (नीले रंग में 24 तिलियों के साथ) जो अशोका की राजधानी सारनाथ के शेर को दिखाता है।

भारत एक ऐसा देश है जहाँ विभिन्न संस्कृति, समाज, धर्म और भाषा के लोग सद्भावपूर्णं ढंग से एक साथ रहते हैं। भारत के लिये स्वतंत्रता बड़े गर्व की बात है क्योंकि विभिन्न मुश्किलों और बाधाओं को पार करने के वर्षों बाद ये प्राप्त हुई थी।

बहु-संस्कृति स्वतंत्र भारत में जीने के लिये भारतीय लोगों को गर्व महसूस कराने के लिये इस दिन को हर वर्ष मनाया जाता है। वर्ष के उत्सव को यादगार और महत्वपूर्णं बनाने के लिये गणतंत्र दिवस को बहुत ही रंग-बिरंगे और आनन्दपूर्णं तरीके से मनाते हैं। उत्सव में शामिल लोगों के द्वारा राष्ट्र-गान गाया जाता है। ये उत्सव सभी भारतीयों को एक स्थान पर ले आने का कार्य करता है।

गणतंत्र दिवस से जुड़े कुछ तथ्य:

  1. पूर्ण स्वराज दिवस (26 जनवरी 1930) को ध्यान में रखते हुए भारतीय संविधान 26 जनवरी को लागू किया गया था।
  2. 26 जनवरी 1950 को 10.18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया। 
  3. गणतंत्र दिवस की पहली परेड 1955 को दिल्ली के राजपथ पर हुई थी।
  4. भारतीय संविधान की दो प्रत्तियां जो हिन्दी और अंग्रेजी में हाथ से लिखी गई।
  5. भारतीय संविधान की हाथ से लिखी मूल प्रतियां संसद भवन के पुस्तकालय में सुरक्षित रखी हुई हैं।
  6. भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने गवर्नमैंट हाऊस में 26 जनवरी 1950 को शपथ ली थी।
  7. गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं और हर साल 21 तोपों की सलामी दी जाती है।
  8. 29 जनवरी को विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया जाता है जिसमें भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बैंड हिस्सा लेते हैं। यह दिन गणतंत्र दिवस के समारोह के समापन के रूप में मनाया जाता है।
  9. गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री अमर ज्योति पर शहीदों को श्रद्धाजंलि देते हैं जिन्होंने देश के आजादी में बलिदान दिया।

​अब तक गणतंत्र दिवस पर रहे मुख्य अतिथियों की सूची -प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी के दिन को भारत में गणतंत्र दिवस (Republic Day) रूप में मनाया जाता है और भारत द्वारा प्रत्येक गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसी व्यक्ति को मुख्य अथिति के रूप में आमंत्रित किया जाता है तो आइये जानते हैं अबतक गणतंत्र दिवस पर रहे मुख्य अतिथियों की सूची –

.2017 – शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान (Sheikh Mohammed bin Nahyan Al Zayed)- अबु धाबी के क्राउन प्रिंस (Crown Prince of Abu Dhabi)
.2016 – फ्रांस्वा ओलांद (Francois Hollande)-  फ्रांस के राष्ट्रपति (French President)
.2015 – बराक ओबामा (Barack Obama) – यूएसए के राष्ट्रपति (President of USA)
.2014 – शिंजो आबे (Shinzo Abe) – जापान के प्रधानमंत्री (Japanese Prime Minister)
.2013 – जिग्मे केसर नामग्याल वांगचुक (Jigme Khesar Namgyel Wangchuck) – भूटान के राजा (King of Bhutan)
.2012 – यिंगलक शिनावात्रा (Yingluck Shinawatra) – थाईलैंड की प्रधानमंत्री (Thailand’s Prime Minister)
.2011 – सुशीलो बम्बंग युधोयोनो (Yudhoyono Sushilo Bmbang) – इंडोनेशिया के राष्ट्रपति (President of Indonesia)
.2010 – ली म्यूंग बाक (Lee Myung-bak) – कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति (President of the Republic of Korea)
.2009 – नूरसुल्तान नजरबायेव (Nursultan Nazarbayev) – कज़ाकिस्तान के राष्ट्रपति (President of Kazakhstan)

.2008 – निकोलस सरकोजी (Nicolas Sarkozy) – फ्रांस के राष्ट्रपति (French President)
.2007 –  व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) – रूस के राष्ट्रपति (Russian President)
.2006 – अब्दुल्ला बिन अब्दुल्लाजीज अल- सउद (Abdullah bin Abdulaziz Al-Saud) – सऊदी अरेबिया  के राजा ( King of Saudi Arabia)
.2005 – जिग्मे सिंघे वांगचुक (Jigme Singye Wangchuck) – भूटान के राजा (King of Bhutan)
.2004 – लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा (Luiz Inacio Lula da Silva) – ब्राजील के राष्ट्रपति (Brazilian president)
.2003 – मोहम्मद खतामी (Mohammed Ktami) – ईरान के राष्ट्रपति (Iranian President)
.2002 – कासम उतीम (Kasam Utim) – मॉरीशस के राष्ट्रपति (Mauritius President)
.2001 – अब्देलाजिज बौतेफ्लिका (Abdelaziz Bouteflika) – अल्जीरिया के राष्ट्रपति (Algerian President)
.2000 – ओलूसेगुन ओबाझाँजो (Olusegun Obajhajo) – नाइजीरिया के राष्ट्रपति (Nigerian President)
.1999 – बीरेन्द्र बीर बिक्रम शाह देव (Birendra Bir Bikram Shah Dev) – नेपाल के राजा (King of Nepal)
.1998 – जैक्स शिराक (Jacques Chirac) – फ्रांस के राष्ट्रपति (French President)

.1997 – बासदियो पांडेय (Basdeo Panday) त्रिनिनाद और टोबैगो के प्रधानमंत्री (Prime Minister of Trinidad and Tobago)
.1996 – डॉ फर्नान्डो हेनरिक कार्डोसो (Dr. Fernando Henrique Cardoso) – ब्राजील के राष्ट्रपति (Brazilian president)
.1995 – नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela) – दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति (South African President)
.1994 – गोह चोक टोंग (Goh Chok Tong) – सिंगापुर के प्रधानमंत्री (Prime Minister of Singapore
.1993 – जॉन मेजर (John Major) – यूके के प्रधानमंत्री (UK Prime Minister)
.1992 – मारियो सोर्स (Mario Source) – पुर्तगाल के राष्ट्रपति (Portuguese President)
.1991 – मून अब्दुल गयूम (Maumoon Abdul Gayoom) – मालदीव के राष्ट्रपति (Maldives president)
.1990 – अनिरुद्ध जुगनौत (Anirudh Jugnauth) – मॉरीशस के प्रधानमंत्री (Mauritius Prime Minister)
.1989 – गुयेन वैन लिंह (Nguyen Van Linh) – वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव (general secretary of the Communist Partyof Vietnam)
.1988 – जुनियस जयवर्धने (Jayawardene Junius) – श्रीलंका के राष्ट्रपति (Sri Lankan President)
.1987 – ऐलेन गार्सिया (Alan Garcia) – पेरू के राष्ट्रपति (Peruvian President)
.1986 – एँड्रियास पपनड्रीयु (Andreas Papandreou) – ग्रीस के प्रधानमंत्री (Prime Minister of Greece)
.1985 – रॉल अलफोन्सिन (Raúl Alfonsín) – अर्जेंटीना के राष्ट्रपति (Argentina President)
.1984 – जिग्मे सिंघे वाँगचुक (Jigme Singye Wangchuck) – भूटान के राजा (King of Bhutan)
.1983 – सेहु शंगारी (Sehu Shangari) – नाइजीरिया के राष्ट्रपति (Nigerian President)
.1982 – जॉन कार्लोस प्रथम (Juan Carlos I) – स्पेन के राजा (King of Spain)
.1981 –  जोस लोपेज़ पोरेटील्लो (Jose Lopez Portillo) – मेक्सिको के राष्ट्रपति (Mexican President)
.1980 –  वलेरी गिस्कार्ड द इस्टेइंग (Valéry Giscard d’Estaing) – फ्रांस के राष्ट्रपति (French President)
.1979 –  मलकोल्म फ्रेज़र (Fraser Malcolm) – ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री (Australia’s Prime Minister)
.1978 –  पैट्रिक हिलेरी (Patrick Hillery)  – ऑयरलौंड के राष्ट्रपति (Irish President)
.1977 – एडवर्ड गिरेक (Edward Gierek) – पौलेंड के प्रथम सचिव (First Secretary of Pulend)
.1976 –  जैक्स चिराक (Jacques Chirac) – फ्रांस के प्रधानमंत्री (French Prime Minister)
.1975 – केनेथ कौंडा (Kenneth Kaunda) – जांबिया के राष्ट्रपति (President of Zambia)
.1974 – जोसिप ब्रौज टीटो (Josip Broz Tito) – यूगोस्लाविया के राष्ट्रपति (President of Yugoslavia)
.1974 – सिरीमावो रतवत्ते दियास बंदरनायके (Sirimavo Ratwatte Dias Bandaranaike) – श्रीलंका की प्रधानमंत्री (Sri Lanka’s PrimeMinister)
.1973 – मोबुतु सेस सीको (Mobutu Sese Seko)- ज़ैरे के राष्ट्रपति (President of Zaire)
.1972  सीवुसागर रामगुलाम (Seewoosagur Ramgoolam) – मॉरीशस के प्रधानमंत्री (Mauritius Prime Minister)
.1971 – जुलियस नीयरेरे (Julius Nyerere) – तंजानिया के राष्ट्रपति (Tanzanian President)

.1970 – कोई  मेहमान नहीं

.1969- टोडर ज़िकोव (Todar Jikov) – बुल्गारिया के प्रधानमंत्री (Bulgaria’s Prime Minister)
.1968- एलेक्सी कोज़ीगिन (Alexei Kosygin) – सोवियत यूनियन के प्रधानमंत्री (Prime Minister of the Soviet Union)
.1968- जोसिप ब्रोज टीटो (Josip Broz Tito) – युगोस्लाविया के राष्ट्रपति (President of Yugoslavia)

.1967 – कोई  मेहमान नहीं (No guests)
.1966 – कोई  मेहमान नहीं (No guests)

.1965 – राना अब्दुल हामिद (Rana Abdul Hamid) – पाकिस्तान के खाद्य एवं कृषि मंत्री(Pakistan’s Minister of Food and Agriculture)

.1964 – कोई मेहमान नहीं (No guests)

.1963 – नोरोदोम शिनुक (Norodom Shinuk) – कंबोडिया के राजा (King of Cambodia)

.1962 – कोई  मेहमान नहीं (No guests)

.1961 – एलिज़ाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) –  यूके की रानी  (UK Queen)
.1960 – क्लिमेंट वोरोशिलोव (Kliment Voroshilov) – सोवियत संघ के राष्ट्रपति (Soviet Union President)

.1959 – कोई  मेहमान नहीं (No guests)

.1958 –  यि जियानयिंग (Ye Jianying) – चीन के मार्शल (Chinese martial)

.1957 – कोई  मेहमान नहीं (No guests)
.1956 – कोई  मेहमान नहीं (No guests)

.1955 – मलिक गुलाम मोहम्मद (Malik Ghulam Muhammad) – पाकिस्तान के गर्वनर जनरल (Governor General of Pakistan)
.1954 – जिग्मे दोरजी वांगचुक (Jigme Dorji Wangchuk) – भूटान के राजा (King of Bhutan)

.1953 – कोई  मेहमान नहीं (No guests)
.1952 – कोई  मेहमान नहीं (No guests)
.1951 – कोई मेहमान नहीं (No guests)

.1950 – सुकर्नों (Sukrnon) – इंडोनेशिया के राष्ट्रपति (President of Indonesia)

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