जिला कलेक्टर / मजिस्ट्रेट

जिला कलेक्टर / मजिस्ट्रेट

जिला मजिस्ट्रेट या कलेक्टर ( Magistrate) जिले का मुख्य कार्यकारी, प्रशासनिक और राजस्व अधिकारी है। वह जिले में कार्य कर रहीं विभिन्न सरकारी एजेंसियों (government agencies)  के मध्य आवश्यक समन्वय की स्थापना करता है।

इतिहास और उद्भव
जिला मजिस्ट्रेट पद का सृजन 1772 में वारेनहेस्टिंग्स (Warren Hastings) ने किया था। जिला मजिस्ट्रेट का मुख्य सामान्य प्रशासन का निरीक्षण करना, भूमि राजस्व वसूलना और जिले में कानून-व्यवस्था को बनाये रखना है।वह राजस्व संगठनों का प्रमुख होता था। वह भूमि के पंजीकरण,जोतों के के विभाजन ,विवादों के निपटारे दिवालिया जागीरों के प्रबंधन ,कृषकों को ऋण देने और सूखा राहत के लिए भी जिम्मेदार था। जिले के अन्य सभी पदाधिकारी उसके अधीनस्थ होते थे और अपने-अपने विभागों की प्रत्येक गतिविधि की जानकारी उसे उपलब्ध कराते थे। उसे जिला मजिस्ट्रेट के कार्य भी सौंपे गए थे। जिला मजिस्ट्रेट होने के नाते वह पुलिस और जिले के अधीनस्थ न्यायालयों का निरीक्षण भी करता था। इसके अलावा वह न्यायिक दायित्व भी निभाता था। देश की स्वतंत्रता के बाद जिला कलेक्टर की न्यायिक शक्तियां जिले के न्यायिक अधिकारियों को सौंप दी गयीं।सामुदायिक विकास (Community Development) कार्यक्रम की शुरूआत के बाद कलेक्टर को जिले में सरकारी विकास कार्यक्रमों (Government development programs) के कार्यान्वयन की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी गयी।

जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर की शक्तियां,कार्य
जिला मजिस्ट्रेट या कलेक्टर जिले का मुख्य कार्यकारी,प्रशासनिक और राजस्व अधिकारी है।वह जिले में कार्य कर रहीं विभिन्न सरकारी एजेंसियों के मध्य आवश्यक समन्वय की स्थापना करता है। जिला मजिस्ट्रेट या कलेक्टर के कार्य और दायित्वों को निम्न रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है:कलेक्टरजिला मजिस्ट्रेटडिप्टी कमिश्नरमुख्य प्रोटोकॉल अधिकारीमुख्य विकास अधिकारीनिर्वाचन अधिकारी

कलेक्टर के कर्तव्य और दायित्व निम्नलिखित है
भूमि मूल्यांकनभूमि अधिग्रहणभूमि राजस्व का संग्रहण, भूमि रिकार्डों का रख-रखाव, भूमि सुधार व जोतों का एकीकरणबकाया आयकर, उत्पाद शुल्क, सिंचाई बकाया को वसूलनाकृषि ऋण का वितरणबाढ़, सूखा और महामारी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय आपदा प्रबंधनबाह्य आक्रमण और दंगों के समय संकट प्रबंधन जिला बैंकर समन्वय समिति का अध्यक्षताजिला योजना केंद्र की अध्यक्षता

जिला मजिस्ट्रेट के कर्तव्य और दायित्व निम्नलिखित हैं-
कानून व्यवस्था (Law and order) की स्थापनापुलिस और जेलों का निरीक्षण करनाअधीनस्थ कार्यकारी मजिस्ट्रेटों का निरीक्षण करनाअपराध प्रक्रिया संहिता के निवारक खंड से सम्बंधित मुकदमों की सुनवाई करनामृत्यु दंड के कार्यान्वयन को प्रमाणित करना सरकार को वार्षिक अपराध प्रतिवेदन प्रस्तुत करनासभी मसलों से मंडल आयुक्त को अवगत कराना मंडल आयुक्त ( Divisional commissioner) की अनुपस्थिति में जिला विकास प्राधिकरण के पदेन अध्यक्ष के रूप में कार्य करना

मुख्य प्रोटोकोल अधिकारी के कर्तव्य और दायित्व निम्नलिखित होते है
जनगणना के कार्य को संपन्न कराना रोजमर्रा की जरुरत की वस्तुओं की आपूर्ति और वितरण पर निगरानी रखना स्थानीय जनता की समस्याओं को सुनना और उनके निवारण हेतु आवश्यक कदम उठाना जिले के युवा सरकारी अधिकारियों की गतिविधियों का निरीक्षण करना और उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था करना

मुख्य विकास अधिकारी के कर्त्तव्य और दायित्व निम्नलिखित होते हैं
जिले के सभी विकास कार्यक्रमों व योजनाओं को लागू करना लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की नीति को प्रभाव में लाना जिले में राज्य के मध्यस्थ अधिकारी की भूमिका निभाना

निर्वाचन अधिकारी के कर्त्तव्य और दायित्व निम्नलिखित होते हैं-
जिले में सभी तरह के निर्वाचन कार्यों को सम्पन्न कराना जिले में होने वाले चुनावों का नियंत्रण व निरीक्षण करना​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *