बाल विकास ( CHILD DEVELOPMENT ) QUESTION-11

01- बाल मनोविज्ञान ( Child Psychology) में बालक के विकास का प्रथम चरण है-
(A) पियाजेट
(B) प्रि ऑपरेशनल
(C) कंकरीट
(D) बालक का अध्ययन

(A) पियाजेट ✔

व्याख्या:- बाल मनोविज्ञान के विकास में प्रथम चरण- पियाजेट/ज्ञानेन्दिय/ सेंसरी मोटर है इस चरण के दौरान बच्चा प्रेरक क्रियाओ के माध्यम से सीखता है I

02- बाल मनोविज्ञान का प्रारम्भिक अध्ययन कहा शुरू हुआ था-
(A) जर्मनी    (B) अमेरिका
(C) फ्रांस      (D) स्पेन

(C) फ्रांस✔

व्याख्या:- बाल मनोविज्ञान का प्रारम्भिक अध्ययन फ्रांस से शुरू हुआ था

03- बालक इच्छित दिशा में जाने की क्रिया करता है I यह कार्य पियाजे की किस अवस्था का है-
(A) संवेदी क्रियात्मक अवस्था
(B) पुर्व क्रियात्मक अवस्था
(C) मृर्त क्रियात्मक अवस्था
(D) औपचारिक क्रियात्मक

(A) संवेदी क्रियात्मक अवस्था✔

व्याख्या:- जिन पियाजे ने विकास की निम्न 4 अवस्थाये बताई है-
संवेदी क्रियात्मक अवस्था (0-2 वर्ष)
पुर्व क्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष)
मृर्त क्रियात्मक अवस्था (7-12 वर्ष)
औपचारिक क्रियात्मक(12-15 वर्ष)

04- बालक की अभिव्रद्धि एंव विकास के सम्बन्ध में कथन का असंगत विकल्प है-
(A) “बालक के हाथ, पैर और नेत्र उसके प्रारम्भिक शिक्षक है इन्ही के द्वारा वह पाँच वर्ष में ही पहचान सकता है, सोच सकता है और याद कर सकता है”- रूसो
(B) “बीसवी शताब्दी बालको की शताब्दी है”- क्रो एण्ड क्रो
(C) “पहले हम अपनी आदतों का निर्माण करते है और फिर हमारी आदते हमारा निर्माण करती है”- डाइडेन
(D) “शेशवावस्था में सीखना की सीमा व तिव्रता, विकास की और किसी अवस्था की तुलना में बहुत अधिक होती है”- वेलेन्टाइन

(D)✔

व्याख्या:- “शेशवावस्था में सीखना की सीमा व तिव्रता, विकास की और किसी अवस्था की तुलना में बहुत अधिक होती है”- वाटसन, ने कहा था- वाटसन को व्यवहारवाद का जनक माना जाता है I

05 – व्यक्ति में अपनी भावना व संवेग का दमन करने की प्रवर्ती विकसित होती है-
(A) शैशवावस्था में
(B) बाल्यावस्था में
(C) किशोरावस्था में
(D) प्रौढावस्था में

(B) बाल्यावस्था में✔

व्याख्या:- कॉल व ब्रुस ने बाल्यावस्था को जीवन का अनोखा काल कहा है I रॉस ने इसे छदम परिपक्वता का काल कहा है I किलपेट्रिक ने इसे प्रतिद्वदात्मक सामाजीकरण का काल कहा है I

06- किस चिंतक का मानना है कि बालक को प्रकृतिवाद के माध्यम से स्वय: ही सिखने का अवसर देना चाहिए-
(A) रूसो   (B) जॉन डी.वी.
(C) ईवान इलिच (D) फ्रेरे

(A) रूसो✔

व्याख्या:- किस चिंतक का मानना है कि बालक को प्रकृतिवाद के माध्यम से स्वय: ही सिखने का अवसर देना चाहिए- रूसो, जीन जैक्स रूसो प्रकृतिवाद के जनक माने जाते है I इन्होंने अपनी पुस्तक “एमिल” तथा “सोशल कान्टेक्ट” में शिक्षा सम्बन्धी विचार प्रकट किये है I

07- बालक में निम्न में से कौनसा विकास शैशवावस्था में नही होता है-
(A) गामक कौशल
(B) सांवेगिक विकास
(C) मृर्त चिंतन
(D) उपर्युक्त सभी

(C) मृर्त चिंतन✔

व्याख्या:- बालक की शैशवावस्था में गामक कौशल,सांवेगिक विकास हो जाता है I

08- किस अवस्था में बालक से सीखने की सीमा और तीव्रता विकास की और किसी भी अवस्था में बहुत अधिक होती है I
(A) शैशवावस्था
(B) बाल्यावस्था
(C) किशोरावस्था
(D) प्रौढ़ावस्था में

(A) शैशवावस्था✔

व्याख्या:- वैलेंटाइन ने कहा है कि “शैशवावस्था में सिखने की सीमा और तीव्रता विकास की और किसी भी अवस्था में बहुत अधिक होती है” यह सिखने का आदर्श काल है

09- एडोलेसेंस(Adolescence)पुस्तक के लेखक है-
(A) किंग         (B) थोनडाइक
(C) होलिगवर्थ  (D) स्टेनले हॉल

(D) स्टेनले हॉल✔

व्याख्या:- स्टेनले हॉल (Stanley Hall) ने सन् 1940 में प्रकाशित अपनी पुस्तक एडोलेसेंस में लिखा है कि किशोरों में जो शारीरिक, मानसिक और संवेगात्मक परिवर्तन होते है वे यकायक होते है I

10- बालक किस अवस्था में रासायनिक खाद और चीनी के मध्य अंतर करना सिख जाता है I
(A) संवेदी क्रियात्मक अवस्था
(B) पुर्व क्रियात्मक अवस्था
(C) मृर्त क्रियात्मक अवस्था
(D) औपचारिक क्रियात्मक

(D) औपचारिक क्रियात्मक✔
व्याख्या:- जिन पियाजे का मानना है कि इस अवस्था में बालक का चिंतन तार्किक हो जाता है और वह गुणों की पहचान कर लेता है I

11- जिन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार किस आयु में बालक के अमूर्त चिंतन की क्षमता वीकसीत होती है-
(A) 1 से 3 वर्ष
(B) 4 से 6 वर्ष
(C) 7 से 9 वर्ष
(D) 12 से 17 वर्ष

(D) 12 से 17 वर्ष✔
व्याख्या:- जिन पियाजे ने इस अवस्था को औपचारिक क्रियात्मक अवस्था का नाम दिया इस अवस्था में बालक का चिंतन तार्किक हो जाता है और वह गुणों की पहचान कर लेता है I

12- किशोरावस्था के बारे में कौनसा कथन असंगत है-
(A) किशोरावस्था जीवन का सबसे कठिन काल है- किल पैट्रिक
(B) वयक्तिगत व घनिष्ठ मित्रता किशोरावस्था की विशेषता है- वेलेन्टाइन
(C) किशोर समाज सेवा के आदर्शो का निर्माण व पोषण करते है – रॉस
(D) किशोरों में जो शारिरिक, मानसिक व सवेतात्मक परिवर्तन होते है- जिन पियाजे

(D) किशोरों में जो शारिरिक, मानसिक व सवेतात्मक परिवर्तन होते है- जिन पियाजे✔

व्याख्या:- यह कथन स्टेनले हॉल का है I उसने सन् 1904 में अपनी पुस्तक “एडोलेसेंस” में आकस्मिक विकास का सिद्धांत दिया था

13- विकास का मनोसामाजिक (Psychosocial) विकास का सिद्धांत किस ने दिया था-
(A) फ्रायड     (B) कौहलबर्ग
(C)इरिकसन   (D) हिल्दा ताबा

(C)इरिकसन✔

व्याख्या:- मनोविश्लेषात्मक सिद्धान्त, मनोलैगीक विकास सिद्धान्त- फ्रायड
नैतीक विकास सिद्धान्त- लॉरेन्स कोहलबर्ग
आगमन चिन्तन शिक्षण प्रतिमान- हिल्दा ताबा

14- सवेगो को प्रशिक्षित करने की सवोच्च विधि है
(A) परीश्रमशीलता
(B) दमन
(C) रेचन
(D) मार्गन्तारिकरण

(C) रेचन ✔
व्याख्या:- सवेगो को प्रशिक्षित करने की सवोच्च विधि रेचन विधि को माना गया है I

15- अवाछनीय संवेग है
(A) प्रेम      (B) दगा
(C) घृणा    (D) आश्चर्य

(B) दगा✔
व्याख्या:- दगा को अवाछनीय संवेग माना गया है I
सवेगो के प्रकार?
सकारात्मक संवेग- ये सुखकर होते है- जैसे- प्रेमें, हर्ष, आनन्द, स्नेह, उल्लास आदि
नकारात्मक संवेग- ये कष्टकर या दुखीदायी होते है- जैसे- भय, क्रोध, चिन्ता, कष्ट, ईर्ष्या आदि