मतरादाफात & मूतअदफ

परिभाषा- किसी बात में वजन पैदा करने के लिए, अक्षर दवायश “अल्फ़ाज इस्तमाल करते है जिन के मायने तकरीबन एक जैसे हो तो हम इन को मूतअदफअल्फ़ाज कहते है” (REET-2015)

◾जैसे अल्लह- रब, खुदा

? कुछ अल्फ़ाज और उन के मूतअदफ ?
◽चाँद – क़मर , महताब (REET-2015 लेवल I और लेवल II)
◽ बिमारी- रोग, मर्ज, अलालत
◽ तलवार- शमशीर, सयफ, तख़्त
◽ तसली- दिलासा, चैन, सकून
◽ तकलीफ- दुःख, परेशानी, गर्ब
◽आराम- सुख़, चैन,
◽भूल- गलती, चुक, शहू
◽ पानी- आब, अदक
◽ पेड़- पौधा,शजर, दरख़्त
◽ कबर- तरबर, लहज, मजार, गौर
◽ करम- रहम, महरबानी, इनायत, फैज
◽ गुसा- गदब, कहर
◽फकिर- गदा, भिकारी, बेनवा
◽ ग़रीब- नादान, मस्किन, मुफ़लिस
◽ अमिर- दोलतमंद, मालदार, गनी, तुनगर
◽ अक्ल- समझ, फरहम,दानिश,दानाई
◽ मोहबत(महबत)- प्यार, उल्फ़त, चाहत, इश्क़
◽ दोस्त- यार, रफ़ीक, हबीब
◽ दुश्मन- रकीयब, गदार, हदीफ
◽ दुनिया- जग, आलम, संसार,

◽जमाना- दौर,
◽ आसमा- फ़लक, चरख,
◽ सूरज- आफ्ताब, शम्स,  महद
◽ ख़ुदा- रब, अल्लह, परवर्दीगार
◽ आला- ऊँचा, बड़ा, बुलन्द
◽ आवाज- सदा, नदा, पुकार
◽ तबा- बरबाद, शकसता, ख़स्ता
◽ सवाब- अजाब, जजा, अन्हाम
◽ हयात- जिन्दगी, जयस्त, हस्ती
◽ नगमा- गयत, राग, तराना
◽ वहम- शख, हासल, अशर,
◽ क़ातिल- ख़ूनी, महालक, हलाकू
◽ साया- अक्स, प्रछाइ, परतो
◽ शहनशा- बादशाह, सुलतान, राजा
◽ सूना- दहन, दौलत, जज
◽ तबला- ढ़ोल, नगाड़ा, दमामा
◽ जन्न्त- ख़ुल्द, बहशत, फ़िरदौस
◽ दोज़ख- जहनम, नार, शकद
◽ जरना- आबशर, चश्मा
◽ ख़ाक- मिट्टी, दहोल, गरदोगुबार
◽ गुरूर- गमण्ड, तकबुर, फ़ख़्र
◽ फतह-जीत, कामयाबी
◽ पहाड़- खों,  जबल, परबत
◽ शिकस्त- हार, नाकामी, मात
◽ मौत- वफ़ात, रहालत, फ़ना
◽ नज़र- आँख, चश्म, नीगा
◽ हसीन- ज़मील, खुबसूरत