महासागरीय लवणता प्रश्न उत्तर( Ocean salinity question answer)

महासागरीय लवणता प्रश्न उत्तर

( Ocean salinity question answer)

Qu1. उतर सागर में अपेक्षाकृत अधिक लवणता का कारण है –
A. अधिक वाष्पीकरण
B. न्यून वर्षा
C. उतरी अटलांटिक प्रवाह✔
D. अधिक तापमान

Qu2. ग्रीष्म ऋतु में उच्च अक्षांशों में महासागरीय जल की लवणता –
A. घट जाती है✔
B. बढ़ जाती है
C. एकसमान रहती है
D. इनमें से कोई नहीं

Qu3 मृत सागर( The dead Sea )में लवणता की मात्रा काफी अधिक है, इसका कारण है –
1. जल निकासी का अभाव
2 स्वच्छ जल की आपूर्ति का अभाव
3. तीव्र वाष्पीकरण
4. अधिक घनत्व
A.केवल 1, 2 एवं 4
B. केवल 1, 3 एवं 4
C. केवल 1, 2 एवं 3✔
D. सभी

Qu4. सागरीय लवणता( Sea salinity)का स्त्रोत है –
A. नदियाँ ✔
B. भूमि
C. पवन
D. ज्वालामुखी से निसृप्त राख

Qu5 अरब सागर (Arabian Sea) के पानी का औसत खारापन है –
A. 25 ppt
B. 35 ppt✔
C. 45 ppt
D. 55 ppt

प्रश्न-6= सागरीय लवणता से क्या तात्पर्य हैं
अ ) सागर में घुले पदार्थ तथा मिट्टी के अनुपात को सागरीय लवणता कहते हैं
B) सागर में घुली मिट्टी तथा उसमे घुले लवणों की मात्रा
C) सागरीय जल के भार एवं उसमें घुले हुए पदार्थों के भार के अनुपात को सागरीय लवणता कहते हैं ✔
D) इनमें से कोई नही

 व्याख्या- सागरीय जल के भार एवं उसमें घुले हुए पदार्थों के भार के अनुपात को सागरीय लवणता कहते हैं सागरीय लवणता को प्रति हजार ग्राम जल में उपस्थित लवण की मात्रा (%०) के रूप में दर्शाया जाता है

प्रश्न-7= लवणता या खारापन का मापन किससे किया जाता हैं
A) salino factor
B) salino nector
C) salino meter
D) b & c both ✔
 व्याख्या- लवणता या खारापन को लवणता मापी (Salino Nactor) यंत्र द्वारा मापा जाता है ।

प्रश्न-8= लवणता की मात्रा को नियंत्रित करने वाले कारकों हैं ?
A) वाष्पीकरण,वर्षा
B) नदी के जल का आगमन
C) पवन, सागरीय धाराएँ तथा लहरें
D) उपरोक्त सभी✔ 
 व्याख्या- लवणता की मात्रा को नियंत्रित करने वाले कारकों में वाष्पीकरण, वर्षा, नदी के जल का आगमन, पवन, सागरीय धाराएँ तथा लहरें आदि प्रमुख हैं ।

प्रश्न-9= भूमध्यरेखा ( Equator) पर उच्चतम लवणता नहीं मिलती क्यो ?
A) वाष्पीकरण
B) वर्षा✔ 
C) लवणता
D) पवन
 व्याख्या- भूमध्यरेखा पर उच्चतम लवणता नहीं मिलती क्योंकि यद्यपि यहाँ उच्च वाष्पीकरण होता है परन्तु यहाँ होने वाली वर्षा यहाँ की लवणता को कम कर देती है । उच्चतम लवणता उत्तरी गोलार्द्ध में 20०-40० अक्षांशों व दक्षिण गोलार्द्ध में 10०-30० अक्षांशों के मध्य पायी जाती है ।

प्रश्न-10= 1सिलिका (Silica) प्रधान ऊज है ?
A) टेरापोड ऊज
B) ग्लोबेजेरिना ऊज
C) डायटम ऊज✔ 
D) उपर्युक्त सभी
 व्याख्या- सिलिका प्रधान ऊज में निन्न सम्मिलित है
a. रेडियोलेरियन ऊज
b. डायटम ऊज

प्रश्न-11= प्रवाल भित्तियाँ (Coral reefs) कितने प्रकार की होती हैं
A) 2
B) 3✔ 
C) 4
D) 5
 व्याख्या- प्रवाल भित्तियाँ तीन प्रकार की होती हैं
1- तटीय प्रवाल भित्ति
2- अवरोधक प्रवाल भित्ति
3- प्रवाल वलय

प्रश्न-12= प्रवाल विरंजन (Coral bleaching) किसे कहते हैं
A) कवको श्वेत होने को
B) शेवलो के श्वेत होने को✔ 
C) बैक्टिरिया के श्वेत होने को
D) उपर्युक्त सभी के श्वेत होने को
 व्याख्या- जब तापमान वृद्धि, एलनीनो परिघटना अवसाद व गाद जमा होने, समुद्री प्रदूषण व प्रवालों में संक्रामक रोग होने से जुक्सैनथैले शैवाल समाप्त होने लगते हैं या उनमें प्रकाश संश्लेषण की क्रिया बाधित होने लगती है तो शैवाल का रंग श्वेत हो जाता है जिसे प्रवाल विरंजन कहते है

प्रश्न-13= मृत सागर की औसत लवणता कितनी है ?
A) 400%  
B) 240% ✔ 
C) 330%
D) 280%

प्रश्न-14= द. गोलार्द्ध में लवणता की सर्वाधिक मात्रा कितनी होती है ?  
A) 10° और 30° द. अक्षांशो के मध्य ✔
B) 10° और 50° द. अक्षांशो के मध्य  
C) 20° और 30° द. अक्षांशो के मध्य  
D) 55° और 65° द. अक्षांशो के मध्य

व्याख्या- उच्चतम लवणता उत्तरी गोलार्द्ध में 20०-40० अक्षांशों व दक्षिण गोलार्द्ध में 10०-30० अक्षांशों के मध्य पायी जाती है ।

प्रश्न-15= नैरेटिक या तट तलवासी जीवों के अवशेष जिसमें —–की प्रधानता होती है ।
A सिलिका
B चुना✔ 
C दोनो
D कांसे
व्याख्या- नैरेटिक या तट तलवासी जीवों के अवशेष जिसमें चूना की प्रधानता होती है ।

प्रश्न=16.निम्नलिखित में से कौन-सा तत्त्व जलीय चक्र का भाग नहीं है?
(A) वाष्पीकरण
(B) वर्षण
(C) संघनन
(D) जलयोजन
(D)✔
व्याख्याः  जलयोजन, जल चक्र का भाग नहीं है। जलीय चक्र पृथ्वी के जलमंडल में विभिन्न रूपों अर्थात् गैस, तरल व ठोस में जल का परिसंचरण है। इसका संबंध महासागरों, वायुमंडल, भूपृष्ठ, अधस्तल और जीवों के बीच जल के सतत् आदान-प्रदान से भी है। जलीय चक्र में वर्षण, संघनन, वाष्पोत्सर्जन आदि तत्त्व शामिल हैं।

प्रश्न=17. महासागरीय अधस्तल के संबंध में नीचे दिये गए कथनों पर विचार कीजियेः
1. महाद्वीपीय शेल्फ, प्रत्येक महाद्वीप का विस्तृत सीमांत होता है, जो अपेक्षाकृत उथले समुद्रों तथा खाड़ियों से घिरा होता है।
2. महासागरों के अंदर जीवाश्मी ईंधन के स्रोत महाद्वीपीय शेल्फों पर ही पाए जाते हैं।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) 1 और 2 दोनों
(D) न तो 1 और न ही 2

 (c)✔
व्याख्याः उपरोक्त दोनों कथन सत्य हैं।

महासागरों के जल के नीचे की भूमि को महासागरीय अधस्तल कहते हैं। महासागरीय अधस्तल को चार प्रमुख भागों में बाँटा जा सकता है- (i) महाद्वीपीय शेल्फ (ii) महाद्वीपीय ढाल (iv) गहरे समुद्री मैदान (iv) महासागरीय गभीर।
महाद्वीपीय शेल्फ, प्रत्येक महाद्वीप का विस्तृत सीमांत होता है, जो अपेक्षाकृत उथले समुद्रों तथा खाड़ियों से घिरा होता है। यह महासागर का सबसे उथला भाग होता है, जिसकी औसत प्रवणता एक डिग्री (10) या उससे भी कम होती है। यह शेल्फ अत्यंत तीव्र ढाल पर समाप्त होता है, जिसे शेल्फ अवकाश कहा जाता है। 
महाद्वीपीय शेल्फों पर अवसादों की मोटाई भी अलग-अलग होती है। ये अवसाद भूमि से नदियों, हिमनदियों तथा पवनों द्वारा लाए जाते हैं और तरंगों तथा धाराओं द्वारा वितरित किये जाते हैं। महाद्वीपीय शेल्फों पर लंबे समय तक प्राप्त स्थूल तलछटी अवसाद जीवाश्मी ईंधनों के स्रोत बनते हैं।

प्रश्न=18. निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं ?
1. महासागरीय बेसिनों के मंद ढाल वाले क्षेत्र – गभीर सागरीय मैदान
2. महाद्वीपीय ढाल के आधार तथा द्वीपीय चापों के पास स्थित क्षेत्र – निमग्न द्वीप
3. समुद्री तल से ऊपर की ओर उठता हुआ नुकीले शिखरों वाला पर्वत – मध्य महासागरीय कटक

A) केवल 1
B) केवल 2 और 3
C) केवल 3
D) 1, 2 और 3

 (A)✔
व्याख्याः केवल पहला युग्म सही सुमेलित है।

 गभीर सागरीय मैदान महासागरीय बेसिनों के मंद ढाल वाले क्षेत्र होते हैं। ये विश्व के सबसे चिकने तथा सबसे सपाट भाग हैं। इनकी गहराई 3,000 से 6,000 मीटर के बीच होती है। ये मैदान महीन कणों वाले अवसादों जैसे-मृत्तिका एवं गाद से ढके होते हैं।
 महासागरीय गर्त, महाद्वीपीय ढाल के आधार तथा द्वीपीय चापों के पास स्थित होते हैं एवं सक्रिय ज्वालामुखी तथा प्रबल भूकंप वाले क्षेत्रों से संबंधित होते हैं। ये महासागर के सबसे गहरे भाग होते हैं। ये गर्त अपेक्षाकृत खड़े किनारों वाले संकीर्ण बेसिन होते हैं।
 नुकीले शिखरों वाले पर्वत जो समुद्री तल से ऊपर की ओर उठते हैं, किंतु महासागरों की सतह तक नहीं पहुँच पाते, उन्हें समुद्री टीला कहते हैं। समुद्री टीले ज्वालामुखी के द्वारा उत्पन्न होते हैं। ये 3,000 से 4,500 मीटर ऊँचे हो सकते हैं।एम्पेरर समुद्री टीला, जो प्रशांत महासागर में हवाई द्वीप समूहों का विस्तार है इसका एक अच्छा उदाहरण है।

प्रश्न=19. निम्नलिखित में से कौन-से कारक महासागरीय जल के तापमान वितरण को प्रभावित करते हैं ?
1. अक्षांश
2. स्थल एवं जल का असमान वितरण
3. ज्वार एवं भाटा
4. महासागरीय धाराएँ
कूटः

(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2, 3 और 4
(C) केवल 1, 3 और 4
(D) केवल 1, 2 और 4

 (D)✔
व्याख्याः महासागरीय जल के तापमान वितरण को प्रभावित करने वाले कारक हैं – अक्षांश, स्थल एवं जल का असमान वितरण, सनातन पवनें तथा महासागरीय धाराएँ।

प्रश्न=20. विश्व में सर्वाधिक लवणता पाई जाती है-
(A) मृत सागर में
(B) वॉन झील में
(C) साँभर झील में
(D) ग्रेट साल्ट झील में

 (B)✔
व्याख्याः➖विश्व में उच्चतम लवणता वाले क्षेत्र हैं-
 टर्की की वॉन झील – 330% 0
 मृत सागर – 238%0
 ग्रेट साल्ट लेक – 220%0

प्रश्न=21. बंगाल की खाड़ी की लवणता कम तथा अरब सागर की लवणता अधिक होती है। इसका प्रमुख कारण है-

(A) बंगाल की खाड़ी में उष्णकटिबंधीय चक्रवात अधिक आते हैं, जबकि अरब सागर में कम।
(B) बंगाल की खाड़ी विषुवत् वृत्त के ज़्यादा निकट है, जबकि अरब सागर दूर है।
(C) बंगाल की खाड़ी में महासागरीय जलधाराओं का प्रवाह ज़्यादा रहता है, जबकि अरब सागर में कम।
(D) बंगाल की खाड़ी में नदियों द्वारा अधिक मात्रा में ताज़े जल का प्रवाह होता है, जबकि अरब सागर में ताज़े जल की कम प्राप्ति होती है।
 (D)✔
व्याख्याः बंगाल की खाड़ी में गंगा नदी तथा अन्य दूसरी नदियों द्वारा बहाकर लाए गए ताज़े जल के कारण लवणता की प्रवृत्ति कम पाई जाती है। इसके विपरीत, अरब सागर की लवणता उच्च वाष्पीकरण एवं ताज़े जल की कम प्राप्ति के कारण अधिक है

Specially thanks to Post and Quiz Creator ( With Regards )

धर्मवीर शर्मा

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