राष्ट्रीय वन नीति(National Forest Policy)

राष्ट्रीय वन नीति(National Forest Policy)

➡ वनों की अनियंत्रित कटाई से मिट्टी अपरदन , मरुस्थल का प्रसार , बाढों का आना , बंजर भूमि का बढ़ना , जलवायु की विषमता , सूखा , भूमिगत जलस्तर में गिरावट , वन्य जीवों की कमी तथा पर्यावरण प्रदूषण आदि पर प्रतिकुल प्रभाव पड़े हैं ।
➡ भारत में सबसे पहले 1894 ई. में वन नीति अपनाई गई थी ।
➡ स्वतंत्रता के बाद 31 मई 1954 को घोषित नई वन नीति के अनुसार भूमि के 33% (मैदानी भागों में 20% तथा पर्वतीय क्षेत्रों में 60%) भाग पर वन होने चाहिए ।
➡ हमारे देश में 1988 में नवीन वन नीति घोषित की गई । उसके तीन लक्ष्य बताए गए –
1. पर्यावरण स्थिरता
2. वनस्पति व जीव जंतुओ जैसी प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखना
3.जन सामान्य की बुनियादी जरूरतों की पूर्ति ।

➡ भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट – 2013 के अनुसार 8 जुलाई , 2014 को भारतीय वनों से सम्बधित तेरहवीं (13) रिपोर्ट जारी की गई , जिसका संदर्भ वर्ष 2013 है ,जो रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट रिसोर्स सेट प्रथम से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर बनाई गई , जिसके मुख्य बिंदु निम्न है : –

भारत के कुल वनावरण 21.33% भाग पर है , जबकि वृक्षावरण व वनावरण सम्मिलित रूप से 24.01% भाग पर है , जिसे 33.33% भाग होना चाहिए ।

ISER – 2011 की तुलना में देश में लगभग 6300 किमी. / 23.81% वन बढ़े हैं ।
क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वन वाले राज्य – मध्य प्रदेश (प्रथम) , अरुणाचल प्रदेश , छतीसगढ़ महाराष्ट्र तथा उड़ीसा ।
कुल वनावरण व वृक्षावरण क्षेत्रफल वाले राज्य – मध्य प्रदेश (प्रथम) , अरुणाचल प्रदेश , महाराष्ट्र , छतीसगढ़ तथा उड़ीसा ।
भौगोलिक क्षेत्रफल के प्रतिशत के आधार पर सघनता – मिजोरम (प्रथम) , अरुणाचल प्रदेश , नागालैंड , मेघालय तथा मणिपुर ।
भारत में सर्वाधिक नगरीय वृक्षावरण क्षेत्रफल वाले राज्य – तमिलनाडु (प्रथम) , महाराष्ट्र , कर्नाटक , केरल तथा गुजरात ।
भारत में न्यूनतम वन क्षेत्र – पंजाब में तथा न्यूनतम नगरीय वृक्षावरण सिक्किम में है ।

वन क्षेत्रों के विस्तार व मरुस्थल के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए वन अनुसंधान केंद्र ‘ देहरादून ‘ तथा केंद्रीय मरू वन क्षेत्र अनुसंधान ‘ जोधपुर ‘ की स्थापना की गई है ।

वानिकी , अरावली वृक्षारोपण व वन संरक्षण कार्यक्रम पर पंडित पुरस्कार , वृक्ष मित्र पुरस्कार प्रदान किये जाते है ।

प्रकृति के महत्वपूर्ण दिवस

2015 में भारत सरकार ने नदी संरक्षण वर्ष तथा UNO ने अंतर्राष्ट्रीय मृदा वर्ष के रूप में मनाया है ।
सन 2010 से 2020 को UNO द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मरुस्थलीकरण के विरुद्ध दशक घोषित किया है ।

भारत में 22 मई को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस जे रूप में मनाया जाता है ।
18 अप्रेल को विश्व विरासत दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
22 मार्च को विश्व जल दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
3 मार्च को विश्व वन्य जीव दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
8 जून को विश्व महासागर दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
14 फरवरी को राष्ट्रीय बाघ दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
16 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
9 सितम्बर को हिमालय दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
4 अक्टूबर को विश्व पशु दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
17 जून को विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
1 – 7 अक्टूबर को वन्य प्राणी सप्ताह के रूप में मनाया जाता है ।