Luni River ( लूनी नदी )

Luni River लूनी नदी 

लूनी नदी भारत की एकमात्र अन्तर्वाही नदी हैं। लूनी को लवणवतीभी कहा जाता है । यह नदी अरावली पर्वत के निकट आनासागर(नागपहाड़ी”अजमेर”) से उत्पन्न होकर दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में प्रवाहित होते हुए कच्छ के रन में जाकर मिलती है।

इस नदी की कुल लंबाई 495 कि. मी. है। राजस्थान में इस नदी की कुल लंबाई 320 कि. मी. है

यह नदी पश्चिमी राजस्थान की एक मुख्य नदी है जो पूर्णतया बरसाती है। इस नदी को उदगम स्थल पर इसको सागरमती,फिर गोविंद गढ़ के निकट पुष्कर से आने वाली सरस्वती नदी में मिलने के बाद इसे लुणी कहते हैं।

इस नदी के अंतर्गत राजस्थान के समस्त प्रवाह  का क्षेत्र लगभग 10.40 प्रतिशत भू-भाग आता है। यह नदी अजमेर से निकलकर दक्षिणी पश्चिमी राजस्थान- अजमेर, नागौर,पाली,जोधपुर, बाड़मेर,जालौर में बहकर गुजरात के कच्छ जिले में प्रवेश करती है, फिर कच्छ के रन में विलुप्त हो जाती है।

इस नदी का जल बालोतरा ( बाड़मेर ) तक मीठा व इसके बाद खारा हो जाता है । यह नदी जोधपुर व बाड़मेर जिले में अपने पेटे को गहरा करने के बजाय चौड़ाई में बढ़ा लेती हैं।जिससे वर्षा ऋतु में बाढ़ आ जाती है।

लूनी बेसिन का जलग्रहण क्षेत्र 69302.10 km यह मुख्यतः 11 जिलो में फैला हुआ ह अजमेर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, नागौर, पाली,राजसंमद, सिरोही, उदयपुर। लुणी बेसिन के अंतर्गत अधिकतम क्षेत्र बाड़मेर जिला का है।

नामाकरण – “लूनी” का नाम संस्कृत शब्द लवणगिरि (नमकीन नदी) से लिया गया है और अत्यधिक लवणता के कारण इसका यह नाम पड़ा है।

उद्गम – पश्चिमोत्तर भारत के राजस्थान राज्य अजमेर के निकट अरावली श्रेणी की नाग पहाड़ी के पश्चिमी ढलानों में उद्गम, जहां इसे सागरमती के नाम से जाना जाता है।

प्रकृति – पश्चिमी ढलानों से यह नदी आमतौर पर दक्षिण-पश्चिमकी ओर पहाड़ियों से होती हुयी इस प्रदेश के मैदानों के पार बहती है। फिर यह थार रेगिस्तानके एक भाग से होकर अंतत: गुजरात राज्य के कच्छ के रण के पश्चिमोत्तर भाग की बंजर भूमि में विलुप्त हो जाती है।

अपवाह – लूनी एक मौसमी नदी है और इसका अपवाह मुख्यत: अरावली श्रेणी की दक्षिणी-पश्चिमी ढलानों से होता है। इस नदी का अफवाह क्षेत्र लगभग 34866.40 वर्ग कि.मी. है। जवाई, सुकरी और जोजरी इसकी प्रमुख सहायक नदियां है।

योगदान – कशेतरा की एकमात्र प्रमुख नदी है और यह सिंचाई का एक अनिवार्य स्रोत है। बालोतरा ( बाड़मेर ) लूनी नदी के तट पर बसा प्रमुख नगर है।

लूनी नदी उपबेसिन

लूनी की सहायक नदियां –

अरावली की पहाड़ियो से निकलकर लूनी में बायीओर से मिलने वाली सहायक नदियां:-जवाई ,सूकड़ी , सूकड़ी सायला ,बांडी ,बांडी (हेमावास),मीठड़ी , खारी , खारी (हेमावास),जवाई ,गुहिया ,सागी है। लूनी नदी में दायींओर से मिलने वाली एकमात्र सहायक नदी है :-जोजड़ी

जवाई नदी :- जवाई नदी पाली व उदयपुर जिले की सीमा पर स्थित बाली (पाली) के गोरिया गांव की पहाड़ियों से निकलती है। यह पाली व जालौर में बहती है। जालोर में सायला गांव के पास खारी नदी में मिलजाती है। सुमेरपुर (पाली)के निकट इस पर जवाई बाँधबना हुआ है। जवाई बांध में सेई बाँध से सुंरंग द्वारा पानी लाया जाता है।

खारी नदी:- इसका उदगम स्थल सिरोही जिले के शेरगांव की पहड़ियों से है।इसका प्रवाह सिरोही- जालौर जिले में है। जालोर के सायला गांव में यह सूकड़ी दिन में मिल जाती है

सूकड़ी:- इसका उदगम स्थल पाली जिला हैइसमें बहुत से नाले यथा घाणेराव नाड़ी , मुथाना का नाला ,मेंगई नाड़ी आदि मिलकर नदी बनाते हैं इसका प्रवाह पाली-जालौर-बाड़मेर जिलों में है । बाड़मेर की समदड़ी गांव में लूनी नदी में मिलजाती है। जालौर के बांकली ग्राम में इस पर बांकली बांध  बना हुआ है

बांडी:- इस नदी का उद्गम स्थल पाली (हेमावास)जिला है। यह पाली में बहकर पाली व जोधपुरकी सीमा पर लाखर गांव में लूनी नदी में मिल जाती है गुहिया इसकी सहायक नदी है।

सागी:- इसका उद्गम स्थल जालौर जिले की जसवंतपुरा की पहाड़ियां है। इसका प्रवाह क्षेत्र जालौर- बाड़मेरजिलों में है। बाड़मेर में यह गांधव गांव के निकट लूनी नदी में मिल जाती है। इसकी एकमात्र सहायक नदी कारी नाड़ी है।

गुहिया:- खारियानीव ओर थारासनी गांव जिला पाली इसका निकास हैं। यह फेकारिया गांव पाली के निकट बांडी में मिल जाती है।

मीठड़ी :- पाली जिले के उत्तर-पश्चिम में अरावली से उदगित अनेक नालो का समूह से इस नदी का निर्माण होता है यह पाली और जालौर जिले में बहती है।

जोजड़ी :- जोजड़ी नदी नागौर जिले के पोंडालू गांव की पहाड़ियां से निकलती है इसका प्रवाह छेत्र नागौर- जोधपुर जिले हैं। यह लूनी नदी की एकमात्र ऐसी सहायक एक नदी है। जो लूनी में दाई और से मिलती है तथा जिसका उद्गम अरावली से नहीं है।इसके अलावा लूनी की अन्य सभी सहायक नदियां अरावली से निकलती है।

Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

मोटाराम चौधरी धनाऊ बाड़मेर (राज.)

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