संस्कृत वर्ण व्यवस्था(sanskrt varn vyavastha)

संस्कृत वर्ण व्यवस्था(sanskrt varn vyavastha)

1.मानव जीवनस्य आधार वर्तते-
क ब्रह्मचर्य✔
ख गृहस्थ
ग  वानप्रस्थ
घ संन्यास

2.पञ्चमहायज्ञाः कस्मिन् आश्रमे सम्पदानीयाः ?
क  ब्रह्मचर्य
ख गृहस्थ✔
ग  वानप्रस्थ
घ संन्यास

3.वैखानस कस्याश्रमस्यापरं नाम अस्ति-
क ब्रह्मचर्य
ख गृहस्थ
ग  वानप्रस्थ✔
घ संन्यास

4. वैश्य वर्णस्य कर्म नास्ति-
क कुसीदकार्य
ख कृषि
ग. वाणिज्यम्
घ द्विजशुश्रुषा✔

5.अष्टचत्वारिंशतम् वर्ष पर्यन्तम् अध्ययन कर्ता भवति-
क आदित्य✔
ख रुद्र
ग वसु
घ कोsपि न

6. कतिविधं ऋणे
क द्वे
ख त्रि✔
ग चतुर्विधं
घ षड्विधम्

7. आजीवन ब्रह्मचारी कथ्यते?
क नैष्टिक✔
ख उपकुर्वाण
ग वैखानस
घ कोsपि न

8. कः ब्रह्मचारी गृहस्थ आश्रमे प्रविशति?
क नैष्टिक
ख उपकुर्वाण✔
ग वैखानस
घ कोsपि न

9. संन्यास आश्रमे केषां ग्रंथानाध्ययनं भवति-
क. उपनिष्दाम✔
ख. ब्रह्माण
ग आरण्यक
घ सर्वेषाम्

10.शुद्र वर्णस्योत्पत्ति विराट पुरुषस्य कस् मात् अड्ंगात् मन्यते-
क मुखात्
ख बाहोः
ग उरुतः
घ पादभ्याम्✔

11. ब्राह्मण ग्रंथानामध्ययनं कस्मिन् आश्रमे क्रियते-
क ब्रह्मचर्य
ख गृहस्थ✔
ग  वानप्रस्थ
घ संन्यास

12. वानप्रस्थाश्रमे केषां ग्रंथानामध्ययनं भवति-
क. उपनिष्दाम
ख. ब्रह्माणग्रंथा
ग  आरण्यक✔
घ  सर्वेषाम्

13. राष्ट्रास्यार्थिक विकासस्य उत्तरदायित्वं केषां वर्तते-
क. ब्राह्मण
ख. क्षत्रिय
ग. वैश्य✔
घ. शुद्र

14.पञ्चत्रिशंत् वर्ष पर्यन्तम् अध्ययन कर्ता भवति-
क आदित्य
ख रुद्र✔
ग वसु
घ कोsपि न

15. ऋणभेदः न वर्तते
क. ऋषिऋणम्
ख. पितृऋणम्
ग. मातृऋणम्✔
घ. देवऋणम्

16. कस्मिन् आश्रमे मनुष्य निष्काम भवति-
क ब्रह्मचर्य
ख गृहस्थ
ग  वानप्रस्थ
घ संन्यास✔

17. उपनयन संस्कार भवति
क ब्रह्मचर्य✔
ख गृहस्थ
ग  वानप्रस्थ
घ संन्यास

18.ब्रह्मचारी कतिधा
क द्विधा✔
ख  त्रिधा
ग  चतुर्धा
घ  पञ्चधा

19.शुद्राणां कर्म नास्ति
क कुसीदकार्य✔
ख कृषि
ग. वाणिज्यम्
घ द्विजशुश्रुषा

20.कस्मिन् आश्रमे मनुष्यः मृगचर्म वल्कल वस्त्र संधारयति?
क ब्रह्मचर्य
ख गृहस्थ
ग  वानप्रस्थ✔
घ संन्यास

21.स्नातकाः कतिधा भवति
क द्विधा
ख  त्रिधा✔
ग  चतुर्धा
घ  पञ्चधा

22. कस्मिन् आश्रमे मनुष्यः ऋणत्रयान्मुक्तः भवति?
क  ब्रह्मचर्य
ख गृहस्थ✔
ग  वानप्रस्थ
घ संन्यास

23. स्व इच्छातृप्तेय स्वलाभाय क्रियमाणानाम् कर्मणा त्याग एव कस्य लक्षण वर्तते –
क  ब्रह्मचर्य
ख गृहस्थ
ग  वानप्रस्थ
घ संन्यास✔

24.वैश्य वर्णस्योत्पत्ति विराट पुरुषस्य कस्मात् अड्ंगात् मन्यते-
क मुखात्
ख बाहोः
ग उरुतः✔
घ पादभ्याम्

25. पञ्चविंशति वर्ष पर्यन्तम् अध्ययन कर्ता भवति-
क आदित्य
ख रुद्र
ग वसु✔
घ कोsपि न

26 सर्वेषां प्राणीनां रक्षाकर्ता भवति
क ब्राह्मण
ख क्षत्रिय✔
ग वैश्य
घ शुद्र

27 क्षत्रिय वर्णो भवति
क सतोगुण
ख रजोगुण✔
ग तमोगुण
घ सर्वे

28 वर्णाश्रमाणां रक्षेणमेव कस्य प्रमुख कर्त्तव्यमासीत्-
क ब्राह्मण
ख क्षत्रिय✔
ग वैश्य
घ शुद्र

29.क्षत्रिय वर्णस्योत्पत्ति विराट पुरुषस्य कस्मात् अड्ंगात् मन्यते-
क मुखात्
ख बाहोः✔
ग उरुतः
घ पादभ्याम्

30 ब्राह्यणस्य कर्म नास्ति-
क प्रतिग्रहम्
ख अध्ययनम्
ग यजनम्
घ वाणिज्यम्✔