सिरोही प्रजामंडल आंदोलन

?सिरोही नरेश ने 1823 में कंपनी सरकार की अधीनतास्वीकार की थी
?उनके संरक्षण में आने के उपरांत सिरोही नरेश भी अन्य राजपूत नरेशों की भांति अपना अनुदार व निरंकुश शासन चलाता रहा
? वहां भी किसानों और आदिवासियों से बेगारली जाती थी
?1922 में मेवाड़ के भील नेता मोतीलाल तेजावत के नेतृत्व में वहां के भील गरासिया आदि ने भू राजस्व की ऊँची दरो ,बेगार, व लागों के विरुद्ध आंदोलन चलाया
?सिरोही नरेश केशरीसिंह ने यह आंदोलन दबाने के लिए ब्रिटिश सैनिक बुलाए
?इन सैनिकों ने 1800 स्त्री पुरुषों को मौत के घाट उतार दिया और आदिवासियों के सैकडो  घर जलादिए
?इस दमन के विरोध में सिरोही के कुछ उत्साही नवयुवकों ने 1934में मुंबई में प्रजामंडल की स्थापना की थी
?जिसका उद्देश्य महाराव की छत्रछाया में एक उत्तरदायी शासनकी स्थापना करना था
?मुंबई में सिरोही प्रजामंडल की स्थापना सिरोही के वृद्धि शंकर त्रिवेदी,भीमशंकर शर्मा और समर्थमल ने की थी
?इन्होने सिरोही महाराज की कटू आलोचनाकी थी
?सिरोही महाराव ने इस प्रजामंडल को निष्प्राणबना दिया और इसकी गतिविधिया सीमित रहने से कोई विशेष परिणामनहीं निकले
?सिरोही राज्य में राजनीतिक जागृति के कार्य का संचालन मुंबई में रहने वाले सिरोही के प्रवासी कार्यकर्ताकरते थे
?इन्होंने 16 अप्रैल 1935 को मुंबई में प्रवासी सिरोही प्रजामंडलकी स्थापना की थी
?वृद्धिशंकर त्रिवेदी ,भीम शंकर शर्मा ,समरथमल सिंघी, टेकचंद सिंधी,भभूतमल सिंघी इसके उत्साही कार्यकर्ता थे
?सिरोही राज्य की जनता पर किए गए अत्याचारों का मुंबई के समाचार पत्रों में प्रचारकिया गया
?भीम शंकर शर्मा ने “”सिरोही संदेश””नामक अपने अखबार में सिरोही की घटनाओं को प्रकाशित किया था
?बंबई में स्थापित सिरोही प्रजामंडल का नेतृत्व गोकुल भाई भट्टको सौंपा गया था
?उसके बाद 1936 में सिरोही में भी प्रजामंडल स्थापित करने का प्रयास किया गया था
?लेकिन इन गतिविधियों का कोई विशेष परिणाम नहींनिकला

??सिरोही प्रजामंडल की स्थापना??  
?सिरोही प्रजामंडल की स्थापना हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन के निर्णयके उपरांत की गई
?सिरोही प्रजामंडल की विधिवत स्थापना श्री गोकुल भाई भट्ट द्वारा जनवरी 1939 में की गई थी
?गोकुल भाई भट्ट के नेतृत्व में सिरोही प्रजामंडल सक्रियबना
?सिरोही प्रजा मंडल के तत्वाधान में 8 सितंबर 1939 को एक सार्वजनिक सभा का आयोजन किया गया था
?पुलिस ने इस सभा में लाठीचार्जकिया
?जिसमें श्री गोकुल भाई भट्ट के साथ अन्य कहीं कार्यकर्ताओं को भी चोटेंआई
?गांधी जी ने इस घटना की कड़ी निंदाकी ओर इसे को “”हरिजन अंक””में भी इस खबर को प्रकाशितकिया था

??सिरोही प्रजामंडल की मान्यता??  

?इसी वर्ष सरकार ने श्री रामेश्वर दयाल अग्रवाल को प्रजामंडल की गतिविधियों में भाग लेने के कारण बंदी बनाकर उन्हें 8 माह के लिए जेल में बंदकर दिया
?उनके साथ अन्य कार्यकर्ताओं को भी जेल में बंदकर दिया गया
?लेकिन सिरोही नरेश स्वरूप राय सिंह की दमन नीतिका कोई असर नहीं पड़ा और श्री गोकुल भाई भट्ट के नेतृत्व में सिरोही का प्रजामंडल दिनोंदिन सक्रिय होता ही चला गया
?1940 में प्रजामंडल को मान्यताप्राप्त हो गई
?सभी बंदियो को मुक्तकर  दिया गया
?1947 तक यह आंदोलनचलता रहा
?अक्टूबर 1947 को सिरोही महाराव ने दबाव में एक मंत्रिमंडल का गठन किया
?जिसमें जवाहरमल सिंधी को प्रजामंडल प्रतिनिधि के रुप में सम्मिलित किया गया
?सयुक्त राजस्थान के निर्माण में यह मुंबई प्रांत में मिला दिया गया था
?26 जनवरी 1950 को आबू व दिलवाड़ा को छोड़कर संपूर्ण राज्य को राजस्थान में मिला लिया गया था
?आंदोलन करने पर 1 नवंबर 1956 में यह पुर्णत: वर्तमान राजस्थानमें मिलाया गया

??सिरोही प्रजामंडल से संबंधित तथ्य??

? सिरोही प्रजामंडल के संस्थापक *श्री गोकुल भाई भट्ट का जन्म सिरोही के हाथल गांव में हुआ था
? श्री गोकुल भाई भट्ट मुंबई के विले पार्ले क्षेत्र में कांग्रेस को संगठित कर रहे थे
?सिरोही प्रजामण्डल के संस्थापकों में श्री गोकुल भाई भट्ट के अलावा सर्व श्री धर्म चंद सुराणा, घीसालाल चौधरी, रामेश्वर दयाल अग्रवाल ,बेलराज और पूनमचंदआदि कार्यकर्ता थे
?गोकुल भाई भट्ट के निर्देशन में सिरोही प्रजामंडल का मुख्यालय मुंबई से सिरोही में स्थानान्तरित किया गया था
?सिरोही सरकार ने गोकुल भाई भट्ट, रुपराज राज ,जीवनमल, रामेश्वर दयाल, घासी लाल ,चौधरी पूनम चंद आदि प्रजामंडल कार्यकर्ताओं को राजद्रोह के अपराध में गिरफ्तार कर लिया था
?प्रजामंडल की प्रथम जयंती मनाने के लिए 23 जनवरी 1941 को आबू रोड में चार दिवसीय प्रदर्शनी लगाई गई थी
?इसके उद्घाटन समारोह में लगभग 700 लोगों ने भागलिया था
?अगले दिन प्रजामंडल के नेताओं का रेलवे स्टेशन से जुलूस निकाला गया था
?इस जुलूस में लगभग 2000 लोगों ने भागलिया था
?इसमें 800 महिलाएं सम्मिलित थी
?इसके बाद एक खुला अधिवेशनहुआ और जिसमें सरकार के समक्ष कई मांगे रखी गई
?दोपहर में परिषद पंडाल में स्त्रियों का अधिवेशन हुआ
?जिसमें लगभग 1200महिलाओं ने भाग लिया
?इसमें विमलादेवी (कालंद्री ),काशी बेन (आबूरोड) ,कांता बेन (रोहिडा) आदि प्रमुख थे
?अधिवेशन में स्त्री शिक्षा, प्रशिक्षित दाई ,स्त्री मताधिकार की मांग की गई
?प्रदर्शनी की सफलता और अधिक संख्या में आने वाले दर्शक प्रजामंडल की लोकप्रियता को प्रमाणित कर रहे थे
?किसान और अन्य गांववासियों ने प्रजामंडल को अपना माई-बाप माननेलगे थे
?सिरोही रियासत राजस्थान में मिलने वाली अंतिम रियासतथी