स्वतंत्रता संग्राम के लिए स्थापित राजस्थान के विभिन्न में संगठन

??राजपूताना मध्य भारत सभा?? 
?जयपुर स्टेट इन ब्रिटिश राज 1933 के लेखक रॉबर्ट डब्ल्यू स्टेर्न के द्वारा सन् 1918 में दिल्लीमें आयोजित कांग्रेस अधिवेशन में राजस्थान के कई व्यक्तियों ने भाग लिया था
?जिसके परिणाम स्वरुप उनका संपर्क अंग्रेजी भारत और अन्य राज्यों के नेताओंसे हुआ
?इस अधिवेशन के बाद गणेश शंकर विद्यार्थी, विजय सिंह पथिक, जमुनालाल बजाज ,चांद करण शारदा ,गिरधर शर्मा, स्वामी नृसिंहदेव सरस्वती आदि ने इस अधिवेशन में भाग लिया था
?इन सभी के प्रयासों से 1918 में राजपूताना मध्य भारत सभा नाम की एक राजनीतिक संस्था की स्थापना की गई
?इस संस्था री स्थापना दिल्ली के चांदनी चौक स्थित मारवाड़ी पुस्तकालय में हुई थी
?जहां इस का प्रथम अधिवेशन महामहोपाध्याय पंडित गिरधर शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था
?इस सभा का मुख्य उद्देश्य रियासतों में उत्तरदायी सरकार की स्थापना करना
?रियासत के लोगों को कांग्रेस का सदस्यबनाना
?इस संस्था का मुख्य कार्यालय कानपुर में रखा गया
?कानपुर उत्तरी भारत में मारवाड़ी पूजीपत्तियों और मजदूरों का सबसे बड़ाकेंद्र था
?राजपूताना मध्य भारत सभा का अध्यक्ष सेठ जमुनालाल बजाज को बनाया गया
?इस सभा का उपाध्यक्ष गणेश शंकर विद्यार्थीको बनाया गया
?यहां से गणेश शंकर विद्यार्थी द्वारा प्रताप नामक साप्ताहिक पत्र प्रकाशित होता था
?जो इस क्षेत्र का प्रमुख राष्ट्रीय पत्रथा
?प्रताप समाचार पत्र नें ही बिजोलिया किसान आंदोलन को अखिल भारतीय स्तर पर चर्चित किया था
?इस पत्र मैं राजस्थान में राजनीतिक हलचल के प्रसार में अपना योगदान दिया
?सभा के सदस्य ने इस सभा को कांग्रेस की सहयोगी संस्था बनाने की कोशिश की
?लेकिन प्रारंभ में यह सफल नहींहुए
?राजपुताना मध्य भारत का दूसरा अधिवेशन कांग्रेस अधिवेशन के साथ ही दिसंबर 1919 में अमृतसर में हुआ था
?इस संस्था का तीसरा अधिवेशन मार्च 1920 में सेठ जमनालाल बजाज की अध्यक्षता में अजमेर में आयोजित किया गया था
?इस सभा का चौथा अधिवेशन दिसंबर 1920 में नागपुर में हुआ था
?उस समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन भी नागपुर में हो रहा था
?नागपुर अधिवेशन के समय 1920 में राजपूताना मध्य भारत सभा को कांग्रेस की सहयोगी संस्था मान लिया गया
?राजपूताना मध्य भारत सभा के चौथे अधिवेशन के अध्यक्ष नरसिंह चिंतामणि केलकर निर्वाचित हुए थे
?कुछ कारणें से वह नागपुर नहीं पहुंच पाए
?इस कारण जयपुर के गणेश नारायण सोमानी को सर्वसम्मति से सभा का अध्यक्षचुना गया
?अधिवेशन में एक प्रदर्शनी भी लगाई थी जो किसानों की दयनीय स्थिति को दर्शाती थी
? राजस्थान के नेताओं के दबाव के कारण कांग्रेस में एक प्रस्ताव पारित किया
?जिसमें राजस्थान के राजाओं से आग्रह किया गया कि वह अपनी प्रजा को शासनमें भागीदार बनाएं
?राजपूताना मध्य भारत सभा 1920 के बाद सक्रिय नहीं रह पाई

 ??राजस्थान सेवा संघ?? 
?राजस्थान सेवा संघ का गठन 1919 में वर्धा मे श्री अर्जुनलाल सेठी केसरी सिंह बारहठ और विजय सिंह पथिक के संयुक्त प प्रयासों से किया गया था
?इस संस्था ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी
?इस संस्था का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का निवारण करना
?जागीरदारों और राजाओं का अपनी प्रजा के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करवाना
?जनता में राष्ट्रीय और  राजनीति चेतना जाग्रत करना
?इस संस्था ने राजस्थान में राजनीतिक प्रचार के लिए 22 अक्टूबर 1920 से वर्धा से राजस्थान केसरी नामक समाचार पत्र प्रकाशित किया गया था
?विजय सिंह पथिक इस पत्रिका के संपादक थे और रामनारायण चौधरी सह  संपादक थे
?राजस्थान केसरी समाचार पत्र के लिए आर्थिक सहायता मुख्य रूप से जमुनालाल बजाज ने की थी
?यह पहला पत्रथा जो राजस्थानी लोगों द्वारा प्रकाशितकिया गया था
?1920 में इस संस्था का मुख्यालय अजमेर में स्थानांतरित किया गया
?राजस्थान सेवा संघ की शाखाएं बूंदी जयपुर जोधपुर सीकर खेतडी कोटा आदि स्थानों पर खोली गई थी
?राजस्थान सेवा संघ ने बिजोलिया और बेगू में किसान आंदोलन सिरोही और उदयपुर में भील आंदोलन का मार्गदर्शन किया था
?ब्रिटिश सरकार राजस्थान सेवा संघ की गतिविधियों से सशंकित थी
?श्री विजय सिंह पथिक ने 1921 में अजमेर से नवीन राजस्थान समाचार पत्रिका प्रकाशन प्रारंभ किया गया
?ब्रिटिश सरकार द्वारा नवीन राजस्थान समाचार पत्र पर प्रतिबंधलगा दिया गया
?उसके बाद यह समाचार पत्र तरुण राजस्थान के नाम से निकाला गया
?तरूण राजस्थान पत्रके संपादन में शोभालाल गुप्त रामनारायण चौधरी जयनारायण व्यासआदि नेताओं ने योगदान दिया
?मार्च 1924 में राम नारायण चौधरी और शोभालाल गुप्त को तरुण राजस्थान में देशद्रोहात्मक सामग्री प्रकाशित करने के अपराध में गिरफ्तार किया गया
?1924 में मेवाड़ राज्य सरकार द्वारा पथिक को कैद किएजाने के बाद से राजस्थान सेवा संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों में आपसी मतभेदशुरू हो गए
?धीरे-धीरे मतभेद की खाई इतनी गहरी हो गई की 1928-29 तक राजस्थान सेवा संघ पूर्णतया प्रभावहीन हो गया


 ??सर्व हितकारिणी सभा?? 
सर्व हितकारिणी सभाकी स्थापना सन् 1907में स्वामी गोपाल दास व कन्हैया लाल ढूंढ ने चूरुमें की  थी
?इन्होने बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु चूरु में पुत्री पाठशाला की स्थापना की थी
?दलितों में शिक्षा के प्रचार प्रसार हेतु इन्होनें कबीर पाठशाला की स्थापनाकी गई
?सर्व हितकारिणी सभा एक सामाजिक शैक्षणिक संस्था थी

??वर्धमान विद्यालय?? 

?इसकी स्थापना श्री अर्जुनलाल सेठी द्वारा 1907 में जयपुर में की गई थी
?यह संस्था स्वतंत्रता संग्राम के समय राजस्थान की क्रांतिकारी गतिविधियों का केंद्र बन गई थी

??जयपुर हितकारिणी सभा??  
?पंडित हीरालाल शास्त्री की प्रेरणा से जयपुर हितकारिणी सभा  का गठन किया गया
?इस के अध्यक्ष श्री बाल चंद शास्त्री व मंत्री केसर लाल कटारिया थे

??मारवाड़ सेवा संघ??
?इस संघ का गठन 1920 में श्री जयनारायण व्यास में जोधपुरमें किया था
?इस संघ के अध्यक्ष श्री दुर्गा शंकर और मंत्री श्री प्रयाग राज भंडारी थे
?यह मारवाड़ राज्य की दूसरी राजनीतिक संस्थाथी
?इस संस्था के नेतृत्व में ही चांदमल सुराणा और उनके साथियों ने जोधपूर मे मारवाड़ का तोल आंदोलन किया था
?मारवाड़ सरकार ने 100तौले के स्थान पर 80 तौले का सेर प्रचलितकरने का निर्णय लिया था
?मारवाड़ सेवासंघ ने इसके विरुद्ध सफल हड़ताल का आयोजन किया
?आंदोलन के बाद सरकार को नया तौल जारी करने का निर्णय निरस्त करना पडा
?इस संघ का कार्यक्षेत्र अधिक विस्तृत था

??मारवाड़ हितकारिणी सभा??
?जोधपुर में जन आंदोलन की शुरुआत 1918 में चांदमल सुराणा द्वारा मारवाड़ हितकारिणी सभा की स्थापना से मानी जाती है
?मारवाड़ सेवा संघ के निष्क्रिय हो जाने के पश्चात जय नारायण व्यास द्वारा इस सभा को 1923 में पुनर्गठित किया गया था
?मारवाड़ हितकारिणी सभा की पहली स्थापना चांदमल सुराणाद्वारा की गई थी
?मारवाड़ हितकारिणी सभा द्वारा किसानों की ओर ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से “”पोपाबाई की पोल”” और “”मारवाड़ की अवस्था”” नाम से दो पुस्तकेंप्रकाशित की गई थी

??मारवाड यूथ लीग??
?10 मई 1931 को जोधपुर में जय नारायण व्यासके निवास स्थान पर मारवाड यूथ लीग नामक संस्था की स्थापना की गई थी
?इस संस्था का प्रमुख उद्देश्य जोधपुर के साथ साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जन चेतना का प्रसार करना था
?इस लीग को राज्य सरकार द्वारा अवैध घोषित करने से पूर्व ही एक अन्य संस्था बाल भारत सभा बनाई गई
?बाल भारत सभा का मंत्री छगन लाल चौपासनीवाला को बनाया गया

??मारवाड़ राज्य लोक परिषद??
?मारवाड़ राज्य लोक परिषद के गठन में जोधपुर राज्य में किसान आंदोलन के नए युगका शुभारंभ किया
?इस परिषद का प्रथम सम्मेलन 25 नवंबर 1931 को चांद करण शारदा की अध्यक्षतामें अजमेर के निकट पुष्कर में आयोजित किया गया था
?कस्तूरबा गांधी काकासाहेब कालेलकर मनीभाई कोठारीने इस सम्मेलन में भाग लिया था

 ??हरि कीर्तन समाज?? 
?1925 26 में अलवर में हरि कीर्तन समाज की स्थापना की गई
?इस संस्था को आगे चलकर राजर्षि अभय समाज के नाम से जाना गया अलवर आंदोलनों से ही प्रजामंडल आंदोलन की वास्तविक शुरुआत हुई थी

??साहित्य प्रचारिणी सभा?? 

?इस सभा का गठन कुँवर मदन सिंह और पूरण सिंह ने 1915 में करौलीमें किया था
?बाद में इसका नाम साहित्य परिषदकर दिया गया
?1920 में करौली के तत्कालीन दीवान ने इस सभा को करौली की प्रतिनिधि सभा के रूपमें स्वीकार कर लिया था

??आचार सुधारनी सभा?? 
?1910 में यमुना प्रसाद वर्मा ने धौलपुर में आचार सुधारिणी सभा की स्थापना की थी 1911 में यमुना प्रसाद और ज्वाला प्रसादनें धौलपुर में आर्य समाज की स्थापना की थी
?8 अगस्त 1918 को स्वामी श्रद्धानंद के नेतृत्व में धौलपुर में प्रशासन और स्वदेशी आंदोलन प्रारंभ हुआ था
?स्वामी श्रद्धानंद की मृत्युके बाद यह आंदोलन समाप्त हो गया था

??तिलक समिति??  
?शेखावाटी में 1924 में तिलक समित की स्थापना की गई थी
?इस समिति की शाखाएंअलग-अलग स्थानों पर स्थापित की गई थी
?इस समिति का उद्देश्य समाजसेवाथा
?वास्तव में समिति शेखावाटी में राष्ट्रीय विचारों के प्रसार का कार्य करती थी

??मित्र मंडल??
?मित्र मंडल नामक संगठन की स्थापना बाबू मुक्ता प्रसाद ने बीकानेर में की थी
?इसके द्वारा बीकानेर स्टेशन पर पानी पिलाने व लावारिस मृतकों का दाह संस्कार आदि कार्य किया जाता था
?किंतु यह संस्था वास्तव में कांग्रेस के सिद्धांतों के प्रचारका कार्य करती थी

??हिंदी साहित्य समिति?? 
?हिंदी साहित्य समिति की स्थापना 1912में जगन्नाथ दास अधिकारी द्वारा भरतपुर में की गई थी
?इस समिति ने भरतपुर में एक विशाल पुस्तकालयकी स्थापना की थी
?जगन्नाथदास अधिकारी द्वारा 1920 में दिल्ली से वैभव नामक समाचार पत्र प्रकाशित किया था
?1927 में हिंदी साहित्य समितिद्वारा भरतपुर में विश्व हिंदी सम्मेलनका आयोजन किया था
?इस सम्मेलन की अध्यक्षता पंडित गौरीशंकर हीरानंद ओझाने की थी
?इस सम्मेलन में रविंद्र नाथ टैगोर ,जमनालाल बजाजआदि ने भाग लिया था
?इस सम्मेलन से व भरतपुर आए विशिष्टजनों के प्रभाव के कारण भरतपुर के महाराजा किशन सिह ने भरतपुर में हिंदी को राजभाषाबनाने गांव व नगरों में स्वायत्तशासी संस्थाओंको विकसित करने और रियासत में उत्तरदायी शासन की स्थापना का प्रचार प्रारंभ करने की घोषणाकी थी
?महाराजा की घोषणाओं से नाराज अंग्रेजों ने किशन सिह को   गद्दी से हटा दिया था और दीवान मैकेन्जीको भरतपुर का प्रशासक नियुक्त किया था
?जगन्नाथदास अधिकारी को राज्य से निवासितकर दिया गया था

??सिवील लिबर्टीज यूनियन?? 
?1936 में इस संस्था की प्रांतो और देशी राज्यो में कांग्रेस की सहयोगी संस्था के रुप में स्थापना की गई थी
?जोधपुर में भी इस यूनियन की शाखा की स्थापना हुई थी

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