हिंदी साहित्य आधुनिक काल ( QUIZ 02 )

Q.1  ‘सुख दुःख की भावेशमयी अवस्था विशेष का गिने चुने शब्दो मे स्वर साधना के उपर्युक्त चित्रण कर देना ही गीत है’ किंसने कहा?
A पन्त
B महादेवी वर्मा✔
C महावीर प्रसाद
D रामकुमार वर्मा

Q.2 ‘मानव अथवा प्रकृति के सूक्ष्म किंतु व्यक्त सोंदर्य में आध्यात्मिक छाया का भान मेरे विचार में छायावाद की एक सर्वमान्य व्याख्या हो सकती है’ किंसने कहा
A शुक्ल
B नंदुलारे वाजपेयी✔
C नगेन्द्र
D हजारीप्रसाद

Q.3 ‘छायावाद काव्य न रहकर केवल अलंकृत संगीत बन गया था’ किस कवि ने कहा?
A निराला
B पन्त✔
C प्रसाद
D शुक्ल

Q.4 ‘चंचला स्नान कर आवै, चंद्रिका पर्व में जैसी’ पंक्ति किस काव्य से है?
A लहर
B आंसू✔
C झरना
D जूही की कली

Q.5 मुक्त करो नारी को मानव। चिर बंदिनी नारी को पंक्ति किस कृति से ली गयी है?
A पंचवटी
B युगांत
C गुंजन
D युगवाणी✔

Q.6 निम्न में से असंगत है?
A कल्पी-आरसी प्रसाद सिंह
B अपराजिता-अंचल
C किरण बेला- केदारनाथ अग्रवाल✔
D सुवर्णा-नरेंद्र शर्मा

Q.7 महादेवी जी का वह काव्य संग्रह कौन सा है जिसमें उनके दार्शनिक विचार अधिक प्रौढ़ रूप में उभर कर आए हैं
A रश्मि
B निहार
C निरजा
D सांध्यगीत✔

Q.8 अपनी व्यक्त पूर्णता को अव्यक्त पूर्णता में मिटा देने की इच्छा ही रहस्यवाद है उपर्युक्त कथन किसका है ?
A जयशंकर प्रसाद
B महादेवी वर्मा ✔
C श्याम सुंदर दास
D आचार्य शुक्ल

Q.9 छायावाद तत्वत: प्रकृति के बीच जीवन का उद्गीथ है ।…इसका मूल दर्शन सर्वोत्तमवाद है यह परिभाषा किसकी हैं
A जयशंकर प्रसाद
B पंत
C रामकुमार वर्मा
D महादेवी वर्मा✔

Q.10 “जब वेदना के आधार पर स्वानुभूतिमयी अभिव्यक्ति होने लगी तब हिंदी में उसे छायावाद के नाम से अभिहित किया गया ।” यह कथन किस व्यक्ति का है
A प्रसाद ✔
B परमानंद श्रीवास्तव
C डॉ नगेंद्र
D शांतिप्रिय द्विवेदी

Q.11 “छायावाद शब्द का प्रयोग दो अर्थों में समझना चाहिए एक तो रहस्यवाद के अर्थ में और दूसरा काव्यशैली या पद्धति विशेष के व्यापक अर्थ में ।” यह कथन किस आलोचक का है ?
A डॉक्टर नगेंद्र
B आचार्य शुक्ल ✔
C मुकुटधर पांडे
D नंददुलारे वाजपेई

Q.12 छायावाद के मूल में पाश्चात्य रहस्यवादी भावना अवश्य थी । इस श्रेणी की मूल प्रेरणा अंग्रेजी के रोमांटिक भावधारा की कविता से प्राप्त हुई थी ।” यह विचार किस आलोचक के हैं
A आचार्य शुक्ल
B रामविलास शर्मा
C हजारी प्रसाद द्विवेदी ✔
D डॉ नगेंद्र

Q.13 “विधुर उर के मृदु भावों से तुम्हारा कर नित नव श्रंगार। पूजता हूं मैं कुमारी मूंद दुहरे दृग द्वार” ये पंक्तियां किस कवि की हैं?
A प्रसाद
B निराला
C महादेवी
D पन्त✔

Q.14 राम की शक्ति पूजा का कथानक प्रतीक रूप में घोषित करता है ?
A राम की रावण पर विजय
B देव की दानव पर विजय
C मानव की शक्ति पर विजय
D सत्य की असत्य पर विजय✔

Q.15 किस कवि के काव्य का क्रमिक विकास छायावाद प्रगतिवाद एवं नवमानवतावाद के रूप में हुआ हैं ?
A पंत ✔
B जयशंकर प्रसाद
C महादेवी वर्मा
D निराला

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