Accounting Concepts in Hindi | लेखांकन की अवधारणाएँ

इस पोस्ट में हमने Accounting Concepts से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों से को सम्मिलित किया है जो आपकी भविष्य में होने वाली परीक्षाएं जिनमें कंप्यूटर से रिलेटेड सिलेबस है जैसे Banking, Accountant, IBPS, SSC CGL, Railway, SBI PO, SECI, Computer teacher, Class 11th and 12th students etc.. के लिए बहुत ही सहायक सिद्ध होगी

Important Basic Accounting Concepts

Accounting Concepts

1. Entity Concept ( पृथक अस्तित्व की संकल्पना ) – इस संकलपना के अंदर व्यवसाय व्यवसाय के स्वामी का अस्तित्व प्रथक प्रथक माना गया है । म कर राशि का स्वामी व्यवसाय में पूंजी लगाता है और जो व्यवसाय के लिए एक दायित्व होता है।

2. Money Measurement Concept (मुद्रा मापन की संकल्पना) – इस संकल्पना के अंदर लेखांकन में ऐसे व्यवहारों को लिखा जाता है जिन का मापन मुद्रा में किया जा सकता है अर्थात ऐसे व्यवहार या लेन-देन जिनको मुद्रा में मापा नहीं जा सकता है उनको लेखा पुस्तको में दर्द नहीं किया जाता है चाय व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण हो या नहीं ।

Accounting introduction in Hindi | लेखांकन – एक परिचय

3. Going Concern Concept ( निरंतरता की संकल्पना ) –  इस संकल्पना के अंतर्गत व्यवसाय की स्थापना यह मानकर की जाती है कि व्यवसाय अनंत वर्षों तक चले अर्थात निरंतर चलता रहे व्यवसाय की स्थापना को एक निश्चित वर्षों में मानकर नहीं की जानी चाहिए।

4. Accounting Period Concept (लेखांकन अवधि संकल्पना) – संकलपना के अंदर लेखांकन आरती 1 वर्ष की होनी चाहिए जो 1 अप्रैल से 31 मार्च तक की होती है जिसे वित्तीय वर्ष कहा जाता है ।

5. Cost Concept (लागत संकल्पना) – कि संकलपना के अंदर सभी संपत्तियों का लेखा उनके लागत मूल्य पर किया जाता है।

6. Dual Aspect Concept (द्विपक्षीय संकल्पना) – इस संकलपना के अंदर प्रत्येक व्यवहार का प्रभाव दो खातों पर पड़ता है एक नाम पक्ष दूसरा जमा पक्ष व्यवहार का प्रभाव दो खातों पर होने से दोनों हाथों पर राशि का सामान प्रभाव होता है  इसी को द्विपक्षीय  संकलपना कहा जाता है ।

7. Revenue Recognition Concept ( आगम मान्यतो संकल्पना ) – इस संकलपना के अंदर आ गम अथवा आए को पुस्तकों में सभी दर्ज किया जाएगा जब वह वास्तविक रुप में प्राप्त हो जाए ।

8. Matching Concept ( आगम व्यय मिलान संकल्पना ) – इस संकलपना के अंदर एक वित्तीय वर्ष की अवधि में प्राप्त होने वाली आयोग का मिलान उसी अवधि में भुगतान किए जाने वाले व्यय किया जाना चाहिए ।

9. Accrual Concept ( उपार्जन संकल्पना ) – संकल्पना के अंदर प्रत्येक व्यवहारों का लेखा उनके अधिकृत होने के समय से उपस्थित होने के समय पुस्तकों में दर्ज किया जाता है ।

10. Full Disclosure Concept ( पूर्ण प्रस्तुतीकरण संकल्पना ) – इस संकलपना के अंदर सभी सूचनाओं का प्रस्तुतीकरण किया जाना चाहिए एवं जो महत्वपूर्ण सूचनाएं हैं उनको एक अलग शीर्षक बनाकर दर्शाया जाना चाहिए ।

Accounting Questions : लेखांकन

11. Consistency Concept (सम अनुरूपता एवं संगतता की संकल्पना ) – संकल्पना के अंदर व्यवसाय द्वारा अपनाए जाने वाली लेखांकन नीतियों सिद्धांतों को निरंतर वर्षों तक उपयोग करते रहना चाहिए ।

12. Conservation Concept ( रुढ़िवादिता की संकल्पना ) – इस संकलपना के अंदर व्यवसाय में होने वाले लाभों को अनावश्यक रुप से बढ़ा चढ़ाकर नहीं दिखाना चाहिए जैसे –  स्टॉक का मूल्यांकन , डूबत ओर  संदिग्ध ऋणों पर आयोजन, मूल्य हास आदि का लेखा इस संकल्पना के अंदर किया जाता है।

13. Materiality Concept ( सारता की संकल्पना ) – इस संकल्पना के अंदर  लेखांकन में  उन्ही  सूचनाओं ओर तथ्यों पर ध्यान दिया जाना चाहिए जो व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण हो।

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14. Objectivity Concept ( वस्तुनिष्ठता की संकल्पना ) – इस संकलपना के अंदर व्यवसाय में लिखे जाने वाले प्रत्येक व्यवहार को उसके प्रमाणको के आधार पर लिखा जाना चाहिए एवं प्रमाणक , रसीद , बीजक आदि हो सकते है

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