Ancient Indian Art : प्राचीन भारतीय कला

Ancient Indian Art

प्राचीन भारतीय कला

1. स्थापत्य कला ( Architecture )

भारत की स्थापत्य कला के स्मारक चार रूपों में मिलते हैं। स्तम्भ, स्तूप,भवन,गुहागृह

स्तम्भ ( Column )

भारतीय स्थापत्य कला में सबसे अधिक स्तंभ अशोक द्वारा बनवाए गए। प्रत्येक स्तंभ एक ही पाषाण खंड से निर्मित है। इनकी लंबाई लगभग 40 से 50 फीट तक है। इन स्तंभों पर एक विशेष प्रकार का लेप किया गया है। जिनकी पॉलिश आज भी शीशे की भांति चमकती है।

उदाहरण-अशोक द्वारा निर्मित सारनाथ का पाषाण स्तम्भ सबसे अधिक सुंदर है।

स्तूप एवं भवन  ( Stupa & Building )

‘स्तूप’ ईंटों या पत्थर के ऊंचे टीले पर गुंबदाकार स्मारक होते हैं। स्तूपों में मध्य भारत में भोपाल के निकट सांची का स्तूप सबसे अधिक प्रसिद्ध है। स्थापत्य स्मारकों और भवनों की कला और सुंदरता को देखकर भारत की यात्रा करने वाले चीनी यात्री फाह्यान ने भी कहा हैं, कि इन महलों व भवनों को देखकर लगता है, कि “इस लोक के मनुष्य इन्हें नही बना सकते हैं,ये देवताओं द्वारा बनवाए गए होंगे।”

गुहागृह ( Cave )

स्थापत्य कला स्मारकों में गुहागृह का अपना अलग महत्व है। पर्वतों की कठोर चट्टानों को काटकर उन्हें निवासगृह,उपासना गृह और सभाभवनों का आकर देना भारतीय स्थापत्य कला की एक अपनी प्रमुख विशेषता रही है।

2. मूर्तिकला ( Sculpture )

प्राचीन काल में बनी मूर्तियों में उदयगीरी की “वाराह अवतार” की मूर्ति, देवगढ़ के मंदिर में शेष शैया पर सोए विष्णु की मूर्ति तथा मंडोर में श्रीकृष्ण के जीवन की कई झाकियों बड़ी आकर्षक है। सम्राट अशोक के सारनाथ के स्तंभ पर बने 4 शेरों की मूर्तियां भारतीय मूर्तिकला के सर्वश्रेष्ठ नमूने को प्रदर्शित करती है।

3. मुद्रा कला ( Currency Arts )

भारत के शासकों की मुद्राओं में राष्ट्रीयता के साथ कलात्मक सौंदर्य के भी दर्शन होते हैं। अनेक शासकों ने अपने स्तर पर अपने ढंग की अनेक सोने एवं चांदी की मुद्राओं का निर्माण करवाया। जिसका साक्ष्य वर्तमान में भी मिलता है।

4. चित्रकला ( Painting )

भारतीय चित्रकला के अनुपम उदाहरण अजंता, ग्वालियर तथा बाघ की गुफाओं की चित्रकला को माना जाता है। अजंता की गुफाओं में मानव पेड़-पौधों लताओं तथा बुद्ध के जीवन के बहुत से दृश्य चित्र अंकित किए गए हैं। अजंता की चित्रकारी इतनी उत्कृष्ट स्तर की है,कि वास्तव में उसका कोई अनुकरण नहीं कर सकता।

5. संगीत कला ( Music Art )

प्राचीन भारत में कला के क्षेत्र में संगीत भी अछूता नहीं रहा। भारतीय सम्राटों का संरक्षण प्राप्त कर संगीत कला के तीनों अंगों गायन वादन तथा नृत्य के क्षेत्र में पर्याप्त उन्नति हुई। प्राचीन काल में संगीत की शिक्षा के कई केंद्र थे।

 

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दिनेश मीना,झालरा,टोंक