Daily Current Affairs 11th October 2018

Daily Current Affairs 11th October 2018

दैनिक समसामयिकी अक्टूबर 2018

प्रश्न-1.. केंद्रीय संसदीय मामले और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री श्री विजय गोयल द्वारा ऑनलाइन आश्वासन निगरानी प्रणाली का शुभारंभ क्यों किया गया?

(अ)- दोनों सदन की कार्यवाही को कागज रहित करने के लिए
(ब)- दोनों सदन द्वारा दिए गए आश्वासन से संबंधित सूचना को को कागज रहित करने के लिए ✔
(स)- उच्च सदन के आश्वासन को कागज रहित करने के लिए
(द)- संसद के 1 सदन के पटल पर दिए जाने वाले आश्वासनों से संबंधित सूचनाओं को कागज रहित करने के लिए

व्याख्या➖ 10 अक्टूबर 2018 को केंद्रीय संसदीय मामले और सांख्यिकी व कार्यक्रम कारण वन मंत्री श्री विजय गोयल ने केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्रालय द्वारा विकसित ऑनलाइन आश्वासन निगरानी प्रणाली का शुभारंभ किया

इस प्रणाली के माध्यम से संसद के दोनों सदनों के पटल पर दिए जाने वाले आश्वासनों से संबंधित सूचनाएं अब कागज रहित हो गई है हम दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि इस तरह की सूचनाएं अप डीजल प्रारूप में उपलब्ध हो सकेगी ऑनलाइन आश्वासन निगरानी प्रणाली का शुभारंभ होने से अब ई-ऑफिस के जरिए संसदीय मामलों के मंत्रालय द्वारा छाठे गई सभी आश्वासन इस प्रणालियां सिस्टम पर नजर आएंगे और विभिन्न मंत्रालय विभाग लोकसभा सचिवालय तथा राज्यसभा सचिवालय समस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस सिस्टम के जरिए ने संप्रेषित करते रहेंगे

इसमें संसदीय आश्वासनों से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम शामिल होंगे जैसे कार्यान्वयन रिपोर्ट भेजना, वापस लेने का अनुरोध करना, विस्तार करने के लिए अनुरोध करना और इससे संबंधित निर्णय इस प्रणाली के शुरू होने के बाद अब किसी भी तरह के कार्य संदेश को स्वीकार नहीं किया जाएगा 

प्रश्न-2. भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण असम सरकार के सहयोग से मंजुली द्वीप के लिए “रोल ऑन-रोल ऑफ” ( रो -रो) सुविधा कब से शुरू की जाएगी?

(अ)- 10 अक्टूबर 2018
(ब)- 11 अक्टूबर 2018 ✔
(स)- 12 अक्टूबर 2018
(द)- 13 अक्टूबर 2018

व्याख्या➖ असम के मुख्यमंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा 11 अक्टूबर 2018 को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण असम सरकार के सहयोग से मंजुली द्वीप के लिए रोल ऑन रोल ऑफ रो रो सुविधा शुरू की जाएगी इस रोल ऑन रोल ऑफ सुविधा के माध्यम से 423 किलोमीटर लंबे घुमावदार सड़क मार्ग की दूरी घटकर केवल 12.7 किलोमीटर जाएगी

सड़क मार्ग के रास्ते ट्रकों को तेज पुर सड़क पुल के रास्ते नीमाती से मजूली द्विप पहुंचना पड़ता था इससे पूर्व भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा इस तरह की सेवा धुबरी और हतसिंगिमारी के बीच शुरू कर चुका है जिससे यात्रा की दूरी 190 किलोमीटर कम हो गई है इसके लिए धुबरी में एक स्थाई रो-रो टर्मिनल का निर्माण किया गया है ब्रह्मपुत्र नदी के 11 स्थानों पर तैरते हुए टर्मिनल बनाए गए हैं यह टर्मिनल हतसिंगिमारी धुबरी जोगीघोपा तेजपुर सिलघाट विश्वनाथ घाट नीमाती सेंगाजन बोगीबील डिब्रूगढ़/ऑकलैंड और ओम घाट पर स्थित है

प्रश्न-3. भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा असम के मजूली देव के लिए शुरू की गई रोल ऑन रोल ऑफ रो रो सेवा के लिए कितने करोड़ की लागत से एक नया जहाज एमवी भूपेन हजारीका खरीदा गया है?

(अ)- 8.44 करोड़
(ब)- 9.42 करोड़
(स)- 9.46 करोड़ ✔
(द)- 15.47 करोड

व्याख्या➖ भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा इस नई सेवा के लिए 946 करोड रुपए की लागत से एक नेहा जहाज एमवी भूपेन हजारीका खरीदा गया है इसके लिए आवश्यक टर्मिनल प्रदान किया गया है 46.5 मीटर लंबा 13.3 मीटर चौड़ा जहाज 8 ट्रक और सौ यात्रियों को ले जा सकता है भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ब्रह्मपुत्र नदी में इस्तेमाल के लिए कुछ और ऐसे रोल ऑन रोल ऑफ जहाज खरीदने की योजना बना रहा है

प्रश्न-4. असम में स्थित मजूली द्विप किस नदी पर स्थित है ?

(अ)- गंगा
(ब)- ब्रह्मा ✔
(स)- ताप्ती
(द)- गंडक

व्याख्या➖ असम में स्थित मजूली द्विप जिस पर रोल ऑन रोल ऑफ सेवा शुरू की गई है यह द्विप ब्रह्मा पुत्र नदी पर स्थित दुनिया के सबसे बड़े द्वीपों में से एक है इसे संपर्क के मामले में सबसे गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है इसमें 144 गांव है जिनकी आबादी 1,50,000 से अधिक है मजबूरी दीप के लिए रोल ऑन रोल ऑफ सेवा की शुरुआत ना केवल असम बल्कि समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र का संपर्क बढ़ाने की दिशा में एक अनोखी पहल है

इस समय असम के दक्षिणी और उत्तरी भागों को जोड़ने के लिए ब्रह्मपुत्र नदी में जोगीघोपा गुवाहाटी तेजपुर और सादिया में 4 सड़क पुल है नदी के किसी भी तरह रहने वाले लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए विभिन्न स्थानों पर परंपरागत नौकाओं का इस्तेमाल करना पड़ता है

प्रश्न-5.. राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद द्वारा 10 अक्टूबर 2018 को कौन से महालेखाकार सम्मेलन का उद्घाटन किया गया?

(अ)- 25वे महालेखाकार सम्मेलन
(ब)- 26 वें महालेखाकार सम्मेलन
(स)- 28 वें महालेखाकार सम्मेलन
(द)- 29 वे महालेखाकार सम्मेलन ✔

व्याख्या➖ 10 अक्टूबर 2018 को राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद द्वारा नई दिल्ली में 29 से महालेखाकार सम्मेलन का उद्घाटन किया गया 29 वा महालेखाकार सम्मेलन जवाबदेही पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने के हमारे मिशन को आगे बढ़ाने की जरूरतों का पता लगाने के लिए आत्म विश्लेषण और विचार-विमर्श करने हेतु एक खास अवसर है

राष्ट्रपति के अनुसार नियंत्रक और महालेखा परीक्षक संस्थान एक डेटा प्रबंधन नीति के साथ आ गया है और अपने लेखा परीक्षा कार्य में डेटा विश्लेषण का अधिक से अधिक उपयोग कर रहा है डेटा परीक्षण तकनीकों के उपयोग के सीएजी ने केवल वर्तमान के लिए पूरी पहचान करने में मदद कर सकता है बल्कि पूर्वानुमान प्रदान करने में भी सहायता कर सकता है

प्रश्न-6.. 10 अक्टूबर 2018 को नई दिल्ली में आयोजित 29 में महालेखाकार सम्मेलन का विषय था?

(अ)- वर्तमान समय में लेखा परीक्षा और लेखा प्रणाली
(ब)- वर्तमान समय में पारदर्शिता लेखा परीक्षा और लेखा प्रणाली
(स)- डिजिटल युग में लेखा परीक्षा और लेखा प्रणाली ✔
(द)- डिजिटल युग में लेखा डाटा और लिखित प्रणाली

व्याख्या➖ 10 अक्टूबर 2018 को नई दिल्ली में आयोजित 29 में महालेखाकार सम्मेलन का विषय डिजिटल युग में लेखा परीक्षा और लेखा प्रणाली था सरकार डिजिटल भारत को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ी प्रगति कर रही है तो ऐसे समय में यह सम्मेलन बहुत ही प्रासंगिक है डिजिटल अर्थव्यवस्था में फैले डाटा के प्रबंधन और जांच के लिए उपयुक्त व्यवस्था के साथ सीएजी लंबी अवधि के रुझानों और अर्थव्यवस्था शिक्षा स्वास्थ्य पर्यावरण व राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे उभरते हुए मुद्दों का पूर्वानुमान लगाने के लिए तैयार है

पर कानून बनाने वाले और कार्यकारिणी द्वारा ध्यान दिए जाने की जरूरत है राष्ट्रपति के अनुसार लेखा परीक्षा अपने आप में कार्य की समाप्ति नहीं बल्कि सरकारों को बेहतर काम करने के योग्य बनाने का माध्यम है हमें उत्पादन की तुलना में कार्यक्रम मूल्य के अधिक सार्थक प्रयासों के रूप में निष्कर्ष पर अधिक जोर देना चाहिए सीएजी 1 संस्थान के रूप में स्थानीय नागरिकों और राज्य की लेखा परीक्षा समिति को प्रशिक्षण क्षमता निर्माण दिशानिर्देश तैयार करने मानदंड विकसित करने कार्यप्रणाली तैयार करने और लेखा परीक्षा तैयार करने के बारे में सलाह देने के कार्य में भागीदारी करेगी

प्रश्न-7. भारत की एक्ट इस्ट के मद्देनजर वर्तमान में उत्तर पश्चिम प्रांत महासागर क्षेत्र में विशेष परिचालन के तहत तैनात किया गया आई एन एस राणा अब किस गणराज्य में पहुंच गया है?

(अ)- कोरिया ✔
(ब)- चीन
(स)- नेपाल
(द)- अमेरिका

व्याख्या➖ भारत की एक्ट इस्ट नीति के मद्देनजर वर्तमान में उत्तर पश्चिम प्रशांत महासागर क्षेत्र में विशेष परिचालन के तहत तैनात किया गया आई एन एस राणा अब कोरिया गणराज्य के जेजू क्षेत्र में पहुंच गया है जहां वह अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा में शिरकत करेगा अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा का आयोजन 8 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2018 तक किया जाएगा

अपनी इस सात दिवसीय यात्रा के दौरान कैप्टन अतुल देशवाल के नेतृत्व में आई एन एस राणा कोरिया की नौसेना के साथ-साथ आईएफआर में भाग ले रही अन्य विदेशी नौसेना के साथ भी अनगिनत विश्वास संवर्धन अभ्यास कार्यक्रमों में भाग लेगा आई एन एस राणा नामक पौत अपनी यात्रा के दौरान आईएफआर से जुड़े अनेक कार्यक्रमों में बड़ी सहजता के साथ भाग लेगा एयरपोत खेल से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के साथ-साथ सांस्कृतिक आयोजनों का भी एक अहम हिस्सा होगा

आई एन एस राणा निर्धारित आईएफआर कार्यक्रम के अनुसार स्वागत समारोह की अगवानी करेगा भारत और कोरिया गणराज्य के बीच लंबे समय से कायम ऐतिहासिक सांस्कृतिक संबंधों की बदौलत ही दोनों देशों के बीच जीवन द्विपक्षीय संबंधों की मजबूत नींव पड़ी है

प्रश्न-8.. बंगाल की खाड़ी के पश्चिम मध्य में प्रचंड रूप धारण करने वाले के चक्रवाती तूफान ने 10 अक्टूबर 2018 को दस्तक दी है?

(अ)- मधुमक्खी
(ब)- गिलहरी
(स)- टिटहरी
(द)- तितली ✔

व्याख्या➖ 10 अक्टूबर 2018 को बंगाल की खाड़ी के पश्चिम मध्य में प्रचंड रूप धारण करने के बाद चक्रवाती तूफान तितली ने 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर तेजी से बढ़ते हुए अपनी उपस्थिति का एहसास कराया अक्षांश 16.5 डिग्री उत्तर और देशांतर 85.8 डिग्री पूर्व के निकट अवस्थित बंगाल की खाड़ी के पश्चिम मध्य में गोपालपुर (ओडिशा) से लगभग 320 किलोमीटर दूर दक्षिण दक्षिण पूर्व पूर्व में और कलिंग पटनम (आंध्र प्रदेश )से 270 किलोमीटर दूर दक्षिण पूर्व में केंद्रित हो गया ऐसी आकांक्षा जताई जा रही कि चक्रवाती तूफान तितली और भी ज्यादा विकराल रूप धारण कर सकता है

प्रश्न-9. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने बाइक को लोरी लिमिटेड को बंद करने की मंजूरी कब दी?

(अ)- 14 अक्टूबर 2018
(ब)- 12 अक्टूबर 2018
(स)- 13 अक्टूबर 2018
(द)- 10 अक्टूबर 2018 ✔

व्याख्या➖ 10 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने बाइक को लोरी लिमिटेड को बंद करने की मंजूरी दी है इस प्रक्रिया में कंपनी के कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना योजना योजना सम्मिलित है सरकार के विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुरूप समस्त देनदारी के निष्पादन के बाद बाइको लोरी लिमिटेड की निष्क्रिय परिसंपत्तियों का उत्पादक उपयोग किया जाएगा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा कंपनी को कई बार चालू करने के लिए विभिन्न प्रयास किए गए लेकिन कंपनी को फिर से चालू नहीं किया जा सका और कंपनी को लगातार घाटा होता था

जिसके कारण इन्हें बंद करने का निर्णय लिया गया बायको लोरी लिमिटेड अनुसूची सी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है इसमें तेल उद्योग विकास बोर्ड की इक्विटी 67.33% और भारत सरकार के इक्विटी 32.33% है 0.44% हिस्सा आने के पास है कंपनी का पंजीकृत कार्यालय और मुख्यालय कोलकाता पश्चिम बंगाल में है इसके चार व्यापारिक प्रखंड है स्विच मैन्युफैक्चरिंग ,इलेक्ट्रिकल रिपेयर, प्रोजेक्ट डिविजन और ल्यूब बेल्डिंग व फीलिंग फैसिलिटी। यह कंपनी लगातार वित्तीय दबाव में थी बाइको लोरी लिमिटेड का संचित घाटा इसकी इक्विटी से अधिक हो गया था और शुद्ध संपत्ति ऋण आत्मक हो गई थी वित्त वर्ष 2017-18 के अंत तक कंपनी की शुद्ध संपत्ति (-)78.88 करोड रुपए और 31 मार्च 2018 को उसका संचित घाटा (-) 153.95 करोड रुपए था

प्रश्न-10.. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किन दो राज्यों में भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान के नए परिसर की स्थापना और संचालन को अपनी स्वीकृति प्रदान की है?

(अ)- आंध्र प्रदेश( तिरुपति) उड़ीसा (बेहरामपुर) ✔
(ब)- महाराष्ट्र (बेंगलुरु)आंध्र प्रदेश (हैदराबाद)
(स)- गुजरात (अहमदाबाद) राजस्थान (जयपुर)
(द)- उत्तर प्रदेश (कानपुर) नई दिल्ली( नोएडा)

व्याख्या➖ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 10 अक्टूबर 2018 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तिरुपति आंध्र प्रदेश और बेरहामपुर उड़ीसा में भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान के नए पर इसरो की स्थापना और संचालन को अपनी स्वीकृति प्रदान की है इस कार्य पर 3074.12 करोड़ रुपए (गैर आवर्ती 2366.48 करोड़ रुपए तथा आवर्ती 707.64 करोड रुपए) की लागत लगेगी

प्रत्येक भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान में 1855 विद्यार्थियों के लिए दोनों परिसर 1,17,000वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाए जाएंगे जिसमें सभी सुविधाएं प्रदान की जाएगी दोनों संस्थानों के स्थाई परिसर ओं का निर्माण दिसंबर 2021 तक पूरा किया जाएगा

प्रश्न-11.. भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान तिरुपति में 2015 में किस अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था?

(अ)- आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 ✔
(ब)- उड़ीसा पुनर्गठन अधिनियम 2014
(स)- तमिलनाडु पुनर्गठन अधिनियम 2014
(द) आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2015

व्याख्या➖ आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 के अनुसार भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान की स्थापना तिरुपति 2015 में की गई थी जबकि भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान बेरहामपुर की स्थापना 2016 में की गई थी केंद्रीय वित्त मंत्री ने 2015 के अपने बजट भाषण में इसकी स्थापना की घोषणा की थी दोनों संस्थान अभी अस्थाई परिसरों में काम कर रही है

इस स्थान का मुख्य लाभ स्नातक और स्नातकोत्तर स्तरों पर पीएचडी और एकीकृत पीएचडी पाठ्यक्रम में उच्च स्तरीय विज्ञान शिक्षा प्रदान करना दोनों संस्थान विज्ञान के अग्रणी क्षेत्र में शोध कार्य करेंगे भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान श्रेष्ठ वैज्ञानिक प्रतिभा फैकल्टी के रूप में आकर्षित करके भारत को ज्ञान अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने में सहायता करेंगे और भारत में विज्ञानिक मानव शक्ति का मजबूत आधार तैयार करेंगे

प्रश्न-12.. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 10 अक्टूबर 2018 को मंत्रिमंडल द्वारा पर्यावरण योगदान के लिए किन दो देशों के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी गई?

(अ)- भारत और स्पेन
(ब)- भारत और लंदन
(स)- भारत और थाईलैंड
(द)- भारत और फिनलैंड ✔

व्याख्या➖ 10 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल द्वारा पर्यावरण योगदान हेतु भारत और इंग्लैंड के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी गई इस समझौता ज्ञापन से दोनों देशों के बीच समानता आदान-प्रदान और पारस्परिक लाभ के आधार पर पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए दीर्घकालीन सहयोग तथा निजी प्रशासन को बल दिया जाएगा

इस समझौता ज्ञापन के द्वारा बेहतर पर्यावरण सुरक्षा बेहतर संरक्षण जलवायु परिवर्तन के बेहतर प्रबंधन और वन्य जीव सुरक्षा संरक्षण के क्षेत्र में आधुनिक प्रौद्योगिकियों और उत्कृष्ट विभाग को प्राप्त किया जा सकेगा

फिनलैंड में वायु और जल प्रदूषण जैसी प्रमुख पर्यावरण समस्याएं हैं फिनलैंड की प्रमुख पर्यावरण एजेंसी वहां का पर्यावरण मंत्रालय है जिसकी स्थापना 1983 में हुई थी दोनों देशों को अशुद जल प्रबंधन लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण वायु और जल प्रदूषण नियंत्रण तथा प्राकृतिक संसाधनों की बढ़ती मांग जैसी कई पर्यावरण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है

आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए इनसे निपटने के लिए पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के क्षेत्र में नजदीकी और दीर्घकालिक सहयोग किया जाए जिसके लिए इन दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए

प्रश्न-13. 10 अक्टूबर 2018 को भारत और फिनलैंड के मध्य पर्यावरण सहयोग हेतु हुए समझौता ज्ञापन के विषय का क्षेत्र है?

(अ)- समुंद्री और तटीय संसाधनों का संरक्षण
(ब)- जलवायु परिवर्तन
(स)- वायु और जल प्रदूषण रोकथाम और शुद्धिकरण दूषित मिट्टी का उपचार
(द)- उपरोक्त सभी ✔

व्याख्या➖ 10 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में भारत और फिनलैंड के मध्य पर्यावरण सहयोग हेतु हुए ज्ञापन समझौते पर हस्ताक्षर के विषय थे➖

  1. वायु और जल प्रदूषण रोकथाम और शुद्धिकरण, दूषित मिट्टी का उपचार
  2. घातक कचरे को शामिल करते हुए कचरा प्रबंधन, और कचरे-से-बिजली प्रौद्योगिकियां
  3. वृत्तीय अर्थव्यवस्था प्रोत्साहन, कम कार्बन वाले उपाय और वनों सहित प्राकृतिक संसाधनों का सतत् प्रबंधन
  4. जलवायु परिवर्तन
  5. पर्यावरण और वन निगरानी तथा डाटा प्रबंधन
  6. समुद्री और तटीय संसाधनों का संरक्षण
  7. महासागरीय/समुद्री द्वीपों का समग्र प्रबंधन, तथा
  8. आपस में तय किए जाने वाले अन्य क्षेत्र

प्रश्न-14. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग के लिए भारत और लेबनान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर को मंजूरी कब दी?

(अ)- 8 अक्टूबर 2018
(ब)- 9 अक्टूबर 2018
(स)- 10 अक्टूबर 2018 ✔
(द)- 11 अक्टूबर 2018

व्याख्या➖ 10 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग के लिए भारत और लेबनान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर को मंजूरी दी है कृषि के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग से दोनों देशों को पारस्परिक लाभ मिलेगा समझौता ज्ञापन

दोनों देशों में श्रेष्ठ प्रश्न व्यवहार की समझदारी में प्रोत्साहन देना और किसानों की उत्पादकता बढ़ाने तथा विश्व बाजार सुधारने में सहायक होगा इससे उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में नवाचारी तकनीक का उपयोग होगा और परिणाम स्वरूप खाद्य सुरक्षा में मजबूती आएगी

प्रश्न-15. 10 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किस क्षेत्र में भारत और रोमानिया के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी है?

(अ)- परिवहन के क्षेत्र में
(ब)- शिक्षा के क्षेत्र में
(स)- उद्योग के क्षेत्र में
(द)- पर्यटन के क्षेत्र में ✔

व्याख्या➖ 10 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पर्यटन के क्षेत्र में भारत और रोमानिया के बीच समझौता ज्ञापन को पूर्व प्रभाव से अपनी मंजूरी प्रदान की है सितंबर 2018 में भारत के उपराष्ट्रपति श्री एमवे के नायडू रोमानिया यात्रा के दौरान समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे

रोमानिया में भारत के लिए पर्यटन की अपार क्षमताएं हैं 2017 में रोमानिया से लगभग 11844 पर्यटक भारत आए थे रोमानिया के साथ समझौता ज्ञापन से पर्यटकों के आगमन में वृद्धि होगी भारत और रोमानिया के बीच मजबूत कूटनीतिक और आर्थिक संबंध है दोनों देश अपने संबंधों को और मजबूत तथा विकसित करना चाहते हैं इसीलिए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और रोमा ने के पर्यटन विभाग ने पर्यटन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं

प्रश्न-16. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पर्यटन के क्षेत्र में भारत और रोमानिया के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी इसका मुख्य उद्देश्य क्या है ?

(अ)- पर्यटन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार
(ब)- पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्रों में निवेश
(स)- सुरक्षित सम्मानित और सतत पर्यटन को प्रोत्साहित करना
(द)- उपरोक्त सभी ✔

व्याख्या➖ पर्यटन क्षेत्र में भारत और रोमानिया के बीच हुए समझौता ज्ञापन के प्रमुख उद्देश्य निम्न है➖

  1. पर्यटन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार।
  2. पर्यटन से संबंधित सूचना और डाटा का आदान-प्रदान। होटलों तथा टूर-ऑपरेटरों सहित सभी पर्यटन हितधारकों के बीच सहयोग को प्रोत्साहन देना।
  3. पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्रों में निवेश।
  4. टूर-ऑपरेटरों/मीडिया तथा दोतरफा पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए जनमत बनाने वालों की एक-दूसरे देशों में यात्रा।
  5. प्रोत्साहन, विपणन, गंतव्य विकास और प्रबंधन के क्षेत्रों में अनुभवों का आदान-प्रदान।
  6. दोनों देशों के आकर्षक पर्यटन स्थलों को प्रोत्साहन देने के लिए फिल्म पर्यटन के माध्यम से द्विपक्षीय सहयोग में तेजी लाना।
  7. सुरक्षित, सम्मानित और सतत पर्यटन को प्रोत्साहित करना
  8. दोनों देशों के बीच पर्यटकों के आवागमन में सहायता देना।

प्रश्न-17. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद और राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी को मिलाकर राष्ट्रीय व्यवसायिक शिक्षा और परीक्षण परिषद की स्थापना को मंजूरी कब प्रदान की?

(अ)- 8 अक्टूबर 2018
(ब)- 9 अक्टूबर 2018
(स)- 10 अक्टूबर 2018 ✔
(द)- 11 अक्टूबर 2018

व्याख्या➖ 10 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कौशल विकास के मद्देनजर मौजूदा नियामक संस्थानों राष्ट्रीय व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद और राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी को मिलाकर राष्ट्रीय व्यवसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद की स्थापना को मंजूरी प्रदान की राष्ट्रीय व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद दीर्घकालीन और अल्पकालीन दोनों तरह के व्यवसाय शिक्षा और प्रशिक्षण के काम में लगे निकायों के कामकाज को नियमित करना और इन निकायों के कामकाज के लिए न्यूनतम मानक तैयार करेगा

इस संस्था का सुधार से गुणवत्ता दुरुस्त होगी कौशल विकास कार्यक्रम की बाजार प्राचीनता बढ़ेगी जिसके मद्देनजर व्यवसाय शिक्षा और प्रशिक्षण के साथ में इजाफा होगा। इसके अतिरिक्त कौशल क्षेत्र में निजी निवेश को प्रसन मिलेगा और कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ेगी इस परिषद के माध्यम से व्यवसायिक शिक्षा के मूल्य और कुशल श्रम शक्ति को बढ़ाने संबंधी दौरे उद्देश्य को प्राप्त किया जा सकेगा इससे भारत को विश्व के कौशल राजधानी बनाने के विषय में प्रधानमंत्री के एजेंडे को बल मिलेगा

इस समय कौशल विकास कार्यक्रमों को लागू करने के लिए 20 मंत्रालय विभाग मौजूद थे जिनमें अधिकतर निजी क्षेत्र प्रशिक्षण प्रदाताओं के सहायता से चल रहे हैं वर्ष 2013 में राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी की स्थापना के जरिए नियमन उपाय की कोशिश की गई थी ताकि सरकार और निजी क्षेत्र में कौशल विकास प्रयासों में समन्वय बनाया जा सके

प्रश्न-18. भारत की कौशल इको प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई नई परिषद राष्ट्रीय व्यवसाय शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद मे किन क्षेत्रों को शामिल किया गया है?

(अ)- निर्णायक निकायों मूल्यांकन निकायों और कौशल संबंधी सूचना प्रदाताओं की मान्यता तथा नियमन
(ब)- निर्णायक निकालो और क्षेत्र कौशल परिषद द्वारा विकसित पात्रता ओं की मंजूरी
(स)- अनुसंधान एवं सूचना प्रसार
(द)- उपरोक्त सभी ✔

व्याख्या➖ भारत की कौशल इको प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय मंत्री मंडल द्वारा राष्ट्रीय व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद और राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी को मिलाकर राष्ट्रीय व्यवसाय शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद की स्थापना की गई जिसमें निम्न क्षेत्रों को सम्मिलित किया गया➖

राष्ट्रीय व्यावसायी शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) के प्रमुख कामकाज में निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं-

  1. निर्णायक निकायों, मूल्यांकन निकायों और कौशल संबंधी सूचना प्रदाताओं की मान्यता तथा नियमन
  2. निर्णायक निकायों और क्षेत्र कौशल परिषदों (एसएससी) द्वारा विकसित पात्रताओं की मंजूरी
  3. निर्णायक निकायों और मूल्यांकन एजेंसियों के जरिए व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों का अप्रत्यक्ष नियमन
  4. अनुसंधान एवं सूचना प्रसार
  5. शिकायत निवारण
  6. परिषद का नेतृत्व एक अध्यक्ष के हाथ में होगा तथा उसमें कार्यकारी और गैर-कार्यकारी सदस्य होंगे।
  7. एनसीवीईटी को दो मौजूदा निकायों को आपस में मिलाकर स्थापित करने का प्रस्ताव है, इसलिए मौजूदा अवरचना तथा संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।
  8. इसके अलावा आसान कामकाज के लिए अन्य पद भी बनाए जाएंगे।
  9. नियामक निकाय, नियमन प्रक्रियाओं के उत्कृष्ट व्यवहारों का पालन करेगा, जिससे उसका कामकाज और संचालन प्रोफेशनल तरीके से तथा मौजूदा कानूनों के तहत सुनिश्चित किया जा सकेगा।

 

Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

MAMTA SHARMA KOTA 

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