Eminent Personalities of Rajasthan – राजस्थान की विभूतियां

Eminent Personalities of Rajasthan 

राजस्थान की विभूतियां

अतिलघुतरात्मक ( 15 से 20 शब्द )

प्र 1. कृपाल सिंह शेखावत ?

उत्तर- कलाविद्, पदम श्री एवं पदम भूषण से सम्मानित सीकर के कृपाल सिंह शेखावत भारतीय पारंपरिक कला के युग पुरुष एवं ब्लू पॉटरी के पर्याय थे। ब्लू पॉटरी में 25 रंगों का प्रयोग करके कृपाल शैली इजाद की।

प्र 2. डॉक्टर कोमल कोठारी ?

उत्तर- रूपायन संस्थान, बोरुंदा (जोधपुर) के संस्थापक डॉक्टर कोमल कोठारी ने कलाकार, लोक संगीत, लोक वाद्य, लोक गायन एवं लोक साहित्य को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाने का उल्लेखनीय कार्य किया।

प्र 3. लक्ष्मी कुमारी चुंडावत ?

उत्तर- देवगढ़ निवासी लक्ष्मी कुमारी चुंडावत पूर्व विधायक, सांसद एवं राजस्थानी की प्रसिद्ध साहित्यकार रही है। राजस्थानी साहित्य में योगदान के लिए उन्हें पदम श्री से नवाजा गया। 2012 में राजस्थान रत्न पुरस्कार सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

प्र 4. सीताराम लालस ?

उत्तर- ‘राजस्थानी जुबान की मशाल’ नाम से प्रसिद्ध सीताराम लालच ने राजस्थानी भाषा का शब्दकोश लिखा जिसमें 10 खंडों में दो लाख से अधिक शब्द है। जोधपुर विश्वविद्यालय ने इन्हें डी लिट की उपाधि से और भारत सरकार ने पदम श्री से सम्मानित किया।

प्र 5. देवेंद्र झांझडिया ?

उत्तर- राजस्थान के पैरा जैवेलियन थ्रोअर देवेंद्र झाझडिया अब तक पैरालंपिक खेलों में दो बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। इन्हें खेल रत्न अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है।

लघूतरात्मक ( 50 से 60 शब्द )

प्र 6. दौलत सिंह कोठारी।

उत्तर- प्रतिभाशाली वैज्ञानिक दौलत सिंह कोठारी का जन्म 1906 में उदयपुर में हुआ। ये डॉक्टर मेघनाथ साहा के प्रिय शिष्य में से थे। दिल्ली विश्वविद्यालय में भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर रहे। पंडित नेहरू ने उन्हें रक्षा मंत्रालय का सलाहकार बनाया।

1964 ईस्वी से 1966 ईस्वी तक शिक्षा आयोग के अध्यक्ष रहे। भारतीय विज्ञान कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। भारत सरकार ने उन्हें 1962 में पद्म भूषण व 1973 में पद्म विभूषण से अलंकृत किया। 1993 में उनका निधन हो गया।

प्र 7. केसरी सिंह बारहठ।

उत्तर- शाहपुरा रियासत के देवपुरा नामक गांव में 1872 ईसवी में जन्मे केसरी सिंह बारहठ डिंगल के उच्च कोटि के कवि एवं क्रांतिकारी थे। उन्होंने अपने काव्य द्वारा राजस्थान के राजाओं में देशभक्ति, स्वाभिमान एवं अपने अतीत के प्रति गौरव की भावना पैदा की। वायसराय लार्ड कर्जन द्वारा आयोजित दिल्ली दरबार में भाग लेने जा रहे हैं

मेवाड़ महाराणा फतेह सिंह को ‘चेतावनी रा चूंगट्या’ नाम से 13 सोरठे के लिखकर भेजें जिससे महाराणा इन सोरठों प्रभावित होकर दिल्ली दरबार में उपस्थित नहीं हुए। केसरी सिंह के पूरे परिवार ने स्वाधीनता आंदोलन में भाग लिया था। केसरी सिंह बारहठ ने वीर भारत सभा की स्थापना अंग्रेजों का साथ छोड़ने के लिए राजाओं को तथा नवयुवकों को जागृत करने के लिए की।

प्र 8. डॉ नगेंद्र सिंह ?

उत्तर- 1914 डूंगरपुर में जन्मे नगेंद्र सिंह संयुक्त राष्ट्र संघ की असेंबली में भारत के प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय हेग में दो बार मुख्य न्यायाधीश पद पर रहने वाले राजस्थान के प्रथम व्यक्ति थे। यह भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त भी रहे। इन्हें 1939 में कामा अवार्ड से तथा 1973 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

नगेन्द्र सिंह का निधन 1988 ईस्वी में हुआ। ये कानून के ज्ञाता थे। इन्होंने क़ानून के कई ग्रंथ भी लिखे। इन्हें कानून एवं न्याय के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने और राजस्थान का सम्मान एवं गौरव बढ़ाने के लिए मृत्यु उपरांत वर्ष 2013-14 का राजस्थान रत्न 2013 प्रदान किया गया।

प्र 9. जगजीत सिंह 

उत्तर- गजल किंग के नाम से विख्यात हुए जगजीत सिंह ने ग़ज़ल गायकी में अलग मुकाम स्थापित किया। श्री गंगानगर में जन्मे जगजीत सिंह को 2003 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

अर्थ, प्रेम गीत, सरफरोश, वीर जारा, पिंजर सहित कई नामी फिल्मों में गाए उनके गीत लोगों की जुबां पर रहते हैं। उन्होंने अपनी गायकी में शास्त्रीय कविताओं का प्रयोग कर नया आयाम स्थापित किया। इन्हें मरणोपरांत राजस्थान रत्न 2012 से नवाजा गया।

 

Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

P K Nagauri