

उत्तर- अभिप्रेरणा में तीन तत्व होते हैं-
उत्तर- निरंकुश या निर्देशात्मक शैली, लोकतांत्रिक या भागीदारी शैली और अहस्तक्षेप या मुक्त व्यापार शैली नेतृत्व की मुख्य से शैलियां है।
प्र 3. मैकग्रेगर की विचारधारा X के अनुसार मानव की प्रकृति कैसी होती है ?
उत्तर- मैकग्रेगर की एक्स विचारधारा के अनुसार औसत मानव काम के प्रति घृणा करता है। गैर जिम्मेदाराना होता है। कम महत्वाकांक्षी होता है। निर्देशित व नियंत्रित होना चाहता है तथा सुरक्षा की भावना उसका मानवीय गुण होता है।
प्र 4. संचार तंत्र में किन-किन को शामिल किया जाता है ।
उत्तर- संचार तंत्र में संचार की विषय वस्तु, संचार की विधि एवं संचार की प्रक्रिया को शामिल किया जाता है।
प्र 5. भर्ती से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर- भर्ती एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा सामान्य जनता को अथवा व्यक्तिशः उपलब्ध पदों की जानकारी प्रदान की जाती है जिसके आधार पर रिक्त पदों के लिए आवेदन करते हैं जिनमें से संस्था योग्य व्यक्तियों को छांट कर भावी चयन कर सकें।
लघूतरात्मक ( 50 से 60 शब्द )
प्र 6. संचार प्रक्रिया में बाधक तत्वों को समझाइए ।
उत्तर- 1. मनुष्य की भावनाए व रुख विरोधी होने पर परस्पर संचार प्रक्रिया में बाधा आती है।
2. संचार प्रक्रिया में संदेश के प्रस्तुतीकरण में समय, स्थान, भाषा आदि तत्वों के प्रासंगिक न होने पर प्रभावी संचार में बाधा आती है।
3. संगठन में संचार के स्तरों की संख्या अधिक होने पर कई बार सूचनाएं विभिन्न स्तरों से गलत रूप लेते हुए आगे पहुंचती है।
4. प्रक्रिया के अच्छे माध्यमों की अनुपस्थिति होना।
5. संचार प्रक्रिया में प्रयुक्त होने वाली भाषा की अस्पष्टताव जटिलता।
6. वृहद स्तर के संगठन और उसके कार्मिकों के बीच भौगोलिक दूरी होना आदि तत्व संचार में बाधक होते हैं।
प्र 7. नेतृत्व और प्रबंधन में क्या अंतर है।
उत्तर- नेतृत्व एवं प्रबंधन में निम्नलिखित अंतर है -
उत्तर- अभिप्रेरणा का महत्व-
उत्तर - प्रशिक्षण और विकास में निम्न बिंदुओं के आधार पर अंतर ज्ञात किया जा सकता है-
आशय- प्रशिक्षण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी कार्मिक के ज्ञान एवं चातुर्य में किसी विशेष कार्य हेतु वृद्धि की जाती है जबकि विकास एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा कार्मिकों के व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास किया जाता है।
समय - प्रशिक्षण एक निश्चित अथवा सीमित समय के लिए होता है जो पूर्व से ही समयबद्ध होता है जबकि विकास के कार्यक्रम निरंतर चलते रहते हैं।
अभिप्रेरणा अथवा प्रोत्साहन - प्रशिक्षण के लिए संगठन के उच्च अधिकारियों के द्वारा कार्मिकों को प्रोत्साहित किया जाता है जबकि विकास की प्रेरणा व्यक्ति के अंतर्मन में होती है और वह स्वतः स्फूर्त होता है।
वर्तमान अथवा भविष्य हेतु- प्रशिक्षण सदैव वर्तमान काल के लिए होता है जो ज्ञान और कौशल में वृद्धि करके भावी विकास की नींव बनता है जबकि विकास कार्मिक की भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किया जाता है।
उपयोग एवं क्षेत्र- प्रशिक्षण सदैव कार्मिकों के लिए होता है और इसका क्षेत्र बहुत सीमित होता है जबकि विकास अधिकारियों के विकास के लिए उपयोग में लाया जाता है। इसका क्षेत्र विस्तृत होता है क्योंकि विकास में प्रशिक्षण सम्मिलित होता है।
Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )