HINDI SAHITYA

Bhaktikal ( हिंदी साहित्य का इतिहास-भक्तिकाल )

Bhaktikal ( हिंदी साहित्य का इतिहास-भक्तिकाल ) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने संवत् 1375 वि. से 1700 वि . तक के काल -खण्ड को भक्तिकाल कहा है। भक्ति शब्द का उल्लेख सर्वप्रथम श्वेताश्वतर उपनिषद् में किया गया. ‘भजसेवायाम् ‘ धातु में ‘ क्तिन ‘ प्रत्यय लगने से भक्ति शब्द निर्मित हुआ है , जिसका अर्थ है – सेवा। […]

स्त्री विमर्श कुछ पठनीय पुस्तकें-Female Discussions Some Readable Books

स्त्री विमर्श कुछ पठनीय पुस्तकें Female Discussions Some Readable Books देह की राजनीति से देश की राजनीति तक – मृणाल पांडे परिधि पर स्त्री – मृणाल पांडे दुर्ग द्वार पर दस्तक – कात्यायनी स्त्री का समय – क्षमा शर्मा स्त्रीत्व का मानचित्र – अनामिका हौवा की बेटी – दिव्या जैन उपनिवेश में स्त्री – प्रभा […]

आदिकाल प्रश्नोत्तरी(AADIKAL QUIZ)

आदिकाल प्रश्नोत्तरी(AADIKAL QUIZ) 1 ब्रज माधुरी सार किसका इतिहास ग्रन्थ है? वियोगी हरि 2 सिद्धों का प्रधान केंद्र कहाँ था? श्री पर्वत 3 नाथ मत के सिद्धों की सबसे प्राचीन सूचि किस ग्रन्थ में है? वर्णरत्नाकर 4 कौल मार्ग क्या है? नाथ पंथ की मान्यता 5 सरस्वती निलय किसे कहा गया है? पुष्पदंत 6 आचार्य […]

आदिकाल के प्रमुख कवि और उनकी रचनाएँ- AADIKAL poet and Their compositions

आदिकाल के प्रमुख कवि और उनकी रचनाएँ (AADIKAL poet and Their compositions) अब्दुर्रहमान : संदेश रासकनरपति नाल्ह : बीसलदेव रासो (अपभ्रंश हिंदी)चंदबरदायी : पृथ्वीराज रासो (डिंगल-पिंगल हिंदी)दलपति विजय : खुमान रासो (राजस्थानी हिंदी)जगनिक : परमाल रासो शार्गंधर : हम्मीर रासो नल्ह सिंह : विजयपाल रासो जल्ह कवि : बुद्धि रासो माधवदास चारण : राम रासो […]

महादेवी वर्मा काम संस्मरण गिल्लू

महादेवी वर्मा (1907-1987) कृतियां – नीहार, रश्मि, नीरजा, दीपशिखा, यामा, स्मृति की रेखाएं, अतित के चल चित्र। “आज उस लघुप्राण की खोज है” महादेवी वर्मा ने लघु प्राण बताया है – गिल्लु को । कौवे का आह्वान किया जाता है – श्राद्ध पक्ष में । लेखिका ने गिल्लु की जान बचाई –  रूई की बाती […]

रस

कविता कहानी या उपन्यास को पढ़ने से जिस आनंद की अनुभूति होती है उसे रस कहते हैं।रस काव्य की आत्मा है। रसों के आधार भाव हैं।भाव मन के विकारों को कहते हैं।ये दो प्रकार के होते हैं—-स्थायी भाव,संचारी भाव। ?स्थाई भाव रस रूप में पुष्ट होने वाला तथा सम्पूर्ण प्रसंग में व्याप्त रहने वाला भाव […]

प्रमुख राग और उनकी विशेषता

प्रमुख राग और उनकी विशेषता राग                                  विशेषता                         1. राग भैरव( Raag Bhairav) :- प्रभात बेला में गाया जाने वाला राग 2. राग भैरवी(Raag bhairavi) :- प्रात:काल में […]

हिंदी साहित्य की प्रमुख त्रई और पुस्तक

रीतिकालीन कवि त्रयी____:- केशव, बिहारी, भूषण प्रगतिशील त्रयी___:- शमशेर बहादुर सिंह, नागार्जुन, त्रिलोचन छायावाद की वृहद त्रयी:- ० जयशंकर प्रसाद(ब्रह्मा) ० सुमित्रानंदन पंत (विष्णु) ० सूर्यकांत त्रिपाठी निराला(महेश) छायावाद की लघुत्रयी या वर्मा त्रयी:- ० -महादेवी वर्मा ० -रामकुमार वर्मा ० -भगवतीचरण वर्मा मिश्रबंधु की वृहदत्रयी:- ० तुलसीदास ० सूरदास ० देव मिश्र बंधु की […]

शिक्षण विधियां( Teaching methods)

शिक्षण विधियां( Teaching methods)  भाषा शिक्षण विधियां    श्रुतलेख विधि इस विधि में शिक्षक कुछ कठिन शब्दों का उच्चारण करता है तथा छात्र उन्हें सुनते हुए लिखते हैं  व्यतिरेक विधि इस विधि में सिखाए जाने वाली द्वितीय भाषा के साथ-साथ प्रथम भाषा के नियमों को ध्यान में रखते हुए अंतर स्पष्ट किया जाता है  व्याकरण अनुवाद […]

हिन्दी मे सर्वप्रथम

1. अपभ्रंश के प्रथम महा कवि- स्वयंभू 2.अपभ्रंश का प्रथम कड़वक बद्ध- पउम चरित्र -स्वयं भू (7 चौपाई के बाद एक दोहा क्रम रचना) 3.अपभ्रंश के प्रथम ऐतिहासिक वैयाकरण -हेमचंद्र 4.हिंदी के प्रथम कवि -सरहपा 9 वी सदी 5.हिंदी में दोहा चौपाई का सर्वप्रथम प्रयोग- सरहपा 6.हिंदी की प्रथम रचना- श्रावकाचार देवसेन कृत 7. हिंदी […]

प्रमुख गद्य विधाओं पर बनी हिन्दी फिल्में

विधा   रचना  रचनाकार  फिल्म ?नोट उपर्युक्त निर्देशानुसार पढे़ ????????? ?उपन्यास , कोहबर की शर्त , केशवप्रसाद मिश्र  ,नदिया के पार ?कहानी , तीसरी कसम, फणीश्वर नाथ रेणु,  तीसरी कसम ?कहानी , उसने कहा था ,चन्द्रधर शर्मा गुलेरी ,उसने कहा था ?कहानी , यही सच है , मन्नू भंडारी ,रजनी गन्धा ?उपन्यास ,तमस ,भीष्म साहनी […]

हिन्दी साहित्य के मुख्य इतिहासकार

प्रतापनारायण मिश्र – प्रतापनारायण मिश्र भारतेंदु के विचारों और आदर्शों के महान प्रचारक और व्याख्याता थे। वह प्रेम को परमधर्म मानते थे। हिंदी, हिंदू, हिदुस्तान उनका प्रसिद्ध नारा था। समाजसुधार को दृष्टि में रखकर उन्होंने सैकड़ों लेख लिखे हैं। बालकृष्ण भट्ट की तरह वह आधुनिक हिंदी निबंधों को परंपरा को पुष्ट कर हिंदी साहित्य के […]

हिन्दी शब्द–कोश मेँ शब्दोँ का क्रम

हिन्दी शब्द–कोश मेँ शब्दोँ का क्रम विभिन्न वर्णोँ के निम्न क्रम के अनुसार है– अं, अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ, क, क्ष, ख, ग, घ, च, छ, ज, ज्ञ, झ, ट, ठ, ड, ढ, त, त्र, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, […]

हिन्दी से सम्बन्धित सामान्य ज्ञान

[?] हिन्दी से सम्बन्धित सामान्य ज्ञान (Hindi Language gk)[?]  [?] हिन्दी में प्रथम डी. लिट् ➖               [?]  डा. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल* * [?] विज्ञान में शोधप्रबंध हिंदी में देने वाले प्रथम विद्यार्थी ➖           [?] मुरली मनोहर जोशी* * [?] अन्तर्राष्ट्रीय संबन्धों पर शोधप्रबंध लिखने वाले […]

उपन्यास

*अमृतलाल नागर के उपन्यास* 1-महाकाल (1947) बंगाल के अकाल की त्रासदी पर आधारित 2-सेठ बाँकेलाल (1955) 3-बूंद और समुद्र (1956) 4-शतरंज के मोहरे (1959) 5-सुहाग के नूपुर (1960) 6-अमृत और विष (1966) 7-सात घूँघट वाला मुखड़ा (1968) 8-एकदा नैमिषारण्ये (1972) 9-मानस का हंस(1972) 10-नाच्यौ बहुत गोपाल (1978) 11-खंजन नयन (1981) 12-बिखरे तिनके (1982) 13-अग्निगर्भा (1983) […]

रीतिमुक्त काव्यधारा

*)इस धारा के कवि लक्षण उदाहरण की न तो पद्धति अपनाते है, न ही लक्षणों का ध्यान रखते है *)ये प्रेम के विशेषतः विरह के उन्मत गायक कवि है *)इनमे रीतिबद्धता और दरबारीपन के प्रति विद्रोह का भाव *)प्रमुख काव्यभाषा — ब्रज *)इस धारा के कवियों का लक्ष्य ह्र्दय के भाववेगो को मुक्त भाव से […]

निबंध

अज्ञेय जी के निबंध 1-त्रिशंकु (1945) पहला निबंध -संग्रह 2-सबरंग और कुछ राग (1956) 3-आत्मनेपद (1960) 4-आलबाल(1971) 5-लिखि कागद कोरे (1972) 6-अद्यतन (1977) 7-जोग लिखी (1977) 8-स्रोत और सेतु (1978) 9-युगसंधियों पर(1982) 10-धार और किनारे (1982) 11-कहाँ है द्वारका (1982) 12-छाया का जंगल (1984) 13-स्मृतिछंदा (1989)          हजारी प्रसाद द्विवेदी के संपूर्ण […]

भोलाराम का जीव

& स्वर्गीय श्री हरिशंकर परसाई की & ऐसा कभी नहीं हुआ था। धर्मराज लाखों वर्षो से असंख्य आदमियों को कर्म और सिफारिश के आधार पर स्वर्ग और नरक में निवास-स्थान अलाट करते आ रहे थे। पर ऐसा कभी नहीं हुआ था। सामने बैठे चित्रगुप्त बार-बार चश्मा पोंछ, बार-बार थूक से पन्ने पलट, रजिस्टर देख रहे […]

सप्तक

तार सप्तक (1943) के कवि : याद करने का सूत्र– प्रभा गिरा गनेस कवि– प्रभाकर माचवे, भारत भूषण अग्रवाल, गिरिजा कुमार माथुर, रामविलास शर्मा, गजानन माधव मुक्तिबोध, नेमिचंद्र जैन, सच्चिदानंद वात्स्यायन अज्ञेय | दूसरा  सप्तक (1951) के कवि: याद करने का सूत्र– शभ धन शहर कवि– शाकुंत माथुर, भवानी प्रसाद मिश्र, धर्मवीर भारती, नरेश मेहता, […]

नाटक

भीष्म साहनी के नाटक  1-हानूश (1977) 2-कबिरा खड़ा बाजार में(1981) 3-माधवी (1985) 4-मुआवजे (1993) 5-रंग दे बसंती चोला (1998) 6-आलमगीर (1999)                         जगदीश चंद्र माथुर के नाटक  1-कोणार्क (1951) 2-शारदीया(1959) 3-पहला राजा (1969) 4-दशरथनंदन (1974) 5-रघुकुल रीति (1985)      लक्ष्मीनारायण लाल के नाटक […]

छन्द

छंद शब्द ‘चद्’ धातु से बना है जिसका अर्थ है ‘आह्लादित करना’, ‘खुश करना’। यह आह्लाद वर्ण या मात्रा की नियमित संख्या के विन्यास से उत्पन्न होता है। इस प्रकार, छंद की परिभाषा होगी ‘वर्णों या मात्राओं के नियमित संख्या के विन्यास से यदि आह्लाद पैदा हो, तो उसे छंद कहते हैं’। छंद का सर्वप्रथम […]

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