Lok Sabha Elections – लोकसभा चुनाव

Lok Sabha Elections 

लोकसभा चुनाव

1. प्रथम आम चुनाव 1951- 52

  • प्रथम मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन
  • 14 राष्ट्रीय दल
  • कुल राजनीतिक दल  77  
  • 489 सीटों के लिए मतदान जिनमें कांग्रेस को 364 सीटें प्राप्त हुई

2. दूसरे आम चुनाव 1957

  • 4 राष्ट्रीय दल
  • 45 राजनीतिक दल
  • 494 निर्वाचन क्षेत्र

नोट – संपूर्ण विश्व में भारत का केरल राज्य ऐसा राज्य है जिसकी विधानसभा चुनाव मतपत्र या बैलेट पेपर के आधार पर 1960 में हुए

1957 के आम चुनाव में एक भी महिला प्रत्याशी नहीं थी भारतीय आम चुनाव 1962 इसमें सभी निर्वाचन क्षेत्र 1 सदस्य बना दिए गए थे इन चुनाव में राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय दलों का भेद समाप्त कर दिया गया था संपूर्ण भारत में मतपत्रों बैलेट पेपर की शुरुआत की गई

4. चौथे आम चुनाव 1967

आम चुनाव को प्रथम वास्तविक आम चुनाव /द्वितीय क्रांती/ भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में विभाजन रेखा कहा जाता है

नोट – केरल प्रथम राज्य था जहां मिली जुली सरकार या गैर कांग्रेसी सरकार का गठन हुआ चौथी लोकसभा को समय से पूर्व 27 दिसंबर 1970 को भंग कर दिया गया था  प्रथम लोकसभा जो समय से पूर्व भंग की गई प्रथम मध्यावधि चुनाव 1971 में

5. पांचवा आम चुनाव 1971

कांग्रेस के विभाजन (1969) के बाद प्रथम आम चुनाव में इंदिरा गांधी ने गरीबी हटाओ का नारा दिया 5 वी लोकसभा का कार्यकाल 2 बार बढ़ाया गया एक-एक वर्ष के लिए

6. छठे आम चुनाव 1977

  • पहली गैर कांग्रेसी सरकार
  • जनता पार्टी सत्ता में आई
  • एक दलीय प्रभुत्व राजनीति का अंत
  • इन चुनावों को मतपत्रों की क्रांति कहा जाता है
  • इन चुनावों को स्वयं प्रेरित क्रांति/ तुलना रहित चुनाव /सांप्रदायिक मार्च क्रांति /रक्तहीन क्रांति की संज्ञा दी गई

7. सातवां आम चुनाव 1980

  • कांग्रेस का नारा इंदिरा लाओ देश बचाओ
  • इंदिरा गांधी दोबारा सत्ता में आई
  • 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या

8. आठवां चुनाव 1984

  • इन चुनावों में कांग्रेस को अब तक की सर्वाधिक 401 सीटें प्राप्त हुई
  • इन चुनावों को भारतीय राष्ट्रवाद का उदय एवं प्रति हिंसात्मक लहर कहा जाता है

9. नवम आम चुनाव

  • मताधिकार की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष
  • राजीव गांधी सरकार के समय की गई उसी के आधार पर चुनाव हुए
  • चौधरी चरण सिंह ने अजगर एवं मजगर का नारा दिया

10. दसवां आम चुनाव 1991

  • राजीव गांधी की हत्या के कारण इन चुनावों को दो चुनाव की संज्ञा दी जाती है
  • क्योंकि इसमें मतदान 2 चरणों में हुआ एक राजीव गांधी की हत्या से पूर्व और एक हत्या के बाद

11. ग्यारहवां आम चुनाव 1996

  • रजनी कोठारी ने इन चुनावों को हताश चुनाव की संज्ञा दी
  • खंडित जनादेश प्राप्त हुआ
  • इन चुनावों के बाद क्रम से वाजपेई ,देव गौड़ा, और इंद्र कुमार गुजराल प्रधानमंत्री बने

12. बारहवां आम चुनाव 1998

  • इन चुनावों को मुद्दाविहीन चुनाव की संज्ञा दी गई
  • अन्नाद्रमुक के समर्थन वापसी से वाजपेई सरकार 1 वोट से गिरी विश्वास प्रस्ताव पारित न हो सका

13. तेरवा आम चुनाव 1999

  • सोनिया बनाम वाजपेई का चुनाव
  • पहली बार ईवीएम का प्रयोग
  • इन चुनावों में मिजोरम राज्य के सभी उम्मीदवार निर्दलीय थे
  • एनसीसी कैडेट्स की चुनाव में ड्यूटी लगाई गई

14. चौदहवीं लोकसभा चुनाव 2004

  • नोट संपूर्ण देश में ईवीएम का प्रयोग
  • 21वीं सदी का प्रथम चुनाव
  • भाजपा ने फीलगुड व भारत उदय का नारा दिया
  • यह प्रथम आम चुनाव थे जिनमें सभी प्रत्याशियों को नामांकन भरते समय अपनी संपत्ति शिक्षा तथा देनदारी का विवरण देना था

15वीं लोकसभा चुनाव 2009

  • मनमोहन सिंह नेहरू के बाद ऐसे प्रथम प्रधानमंत्री हैं जो 5 वर्ष पूरे करने के बाद फिर 5 वर्ष के लिए चुने गए
  • फोटोयुक्त मतदाता सूची का प्रयोग
  • नए परिसीमन के आधार पर चुनाव

16वी लोकसभा चुनाव 2014

  • 7 अप्रैल से 12 मई तक 9 चरणों में चुनाव (सर्वाधिक चरणों में चुनाव)
  • मतगणना 16 मई 2014
  • नोट इसमें 6 राष्ट्रीय दलों ने भाग लिया
  • भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में सबसे लंबी अवधि के चुनाव
  • इन लोकसभा चुनाव के साथ पांच राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम विधानसभाओं के लिए चुनाव हुए
  • मतदाताओं की संख्या की दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा आम चुनाव
  • यह पहला लोकसभा चुनाव है जिसमें नोटा का प्रयोग किया गया
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो निर्वाचन क्षेत्रों वडोदरा वाराणसी से चुनाव लड़े

 

Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

सुभाष शेरावत