Master Bhopal- City of Lakes झीलों की नगरी भोपाल
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भोपाल सात पहाड़ियों पर बसा हुआ है ! यह सात पहाड़ियाँ➖श्यामला हिल्स, अरेरा हिल्स, कटारा हिल्स, दानिश हिल्स, वन टी हिल्स, ईदगाह हिल्स आदि है ! इसे राजा भोज ने बसाया था इसका पुराना नाम- भूपाल या भोजपाल था !
भोपाल का इतिहास ( History of Bhopal )
भोपाल का पुराना नाम भोपाल या भोजपाल था भोपाल की पुनर्स्थापना दोस्त मोहम्मद ने 1708 से लेकर 17 40 ईसवी के मध्य की थी लेकिन बाद में इसे राजा भोज के द्वारा 1000 ई से 1055 ई के मध्य फिर से बसाया गया कहीं-कहीं (1100 ई.) भी मिलता है! भोपाल का गठन 1 अक्टूबर 1972 को किया गया तथा 26 जनवरी 1972 को इसे जिला बनाया गया
ध्यान देवे➖ भोपाल को भले ही 1956 मे मध्य प्रदेश की राजधानी बना दिया गया हो लेकिन यह 26 जनवरी 1972 से पहले सीहोर जिले की तहसील हुआ करती थी भोपाल को जिले का दर्जा 26 जनवरी 1972 के बाद दिया गया
भोपाल की भौगोलिक स्थिति ( Geography of Bhopal )
भोपाल मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र में स्थित है। यह जिला विंध्य पर्वत श्रेणियों की उत्तरी सीमांओं पर (23.25° उत्तरी देशान्तर से लेकर 77.42° पूर्वी अक्षांश) पर बसा है। भोपाल उंची नीची सतह पर स्थित है तथा इसकी सीमाओं में छोटी-छोटी पहाड़ियां स्थित हैं यह सात पहाड़ियों -श्यामला हिल्स, अरेरा हिल्स, कटारा हिल्स, दानिश हिल्स, वन टी हिल्स, ईदगाह हिल्स आदि पर वसा है !
भोपाल की जलवायु उष्णकटिबंधीय है. भोपाल में सर्दियों में गर्मियों से बहुत कम वर्षा होती है. कोपेन-गीजर के अनुसार Aw जलवायु का वर्गीकरण है. भोपाल का औसत वार्षिक तापमान 25.1 है. साल में लगभग 1132 मिमी तेजी से वर्षा होती है अप्रैल 2 मिमी के साथ सबसे शुष्क माह है 359 मिमी औसत के साथ सबसे तेज़ी अगस्त में होता है !
वर्ष का सबसे गरम माह मई है, औसत 33.6 के साथ जनवरी का औसत तापमान 18.2 है यह पूरे वर्ष की सबसे कम औसत तापमान है भोपाल का भौगोलिक क्षेत्र 2772 किलोमीटर है ! भोपाल में 128 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल मध्यम संबंध बन पाए जाते हैं एवं 237 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में खुला वन क्षेत्र है
भोपाल के प्रमुख पर्यटन स्थल ( Tourist places in Bhopal )
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान➖ वन विहार राष्ट्रीय उद्यान’ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक तालाब के निकट पहाड़ी पर स्थित है। यह देश का पहला ISO 9001-2008 सर्टिफाइड अवार्ड पाने वाला प्रथम राष्ट्रीय उद्यान है यह राष्ट्रीय उद्यान 4.45 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तृत है।
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान को सन 1979 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया वन विहार राष्ट्रीय उद्यान नगरीय क्षेत्र के बीचों बीच स्थित मध्य प्रदेश का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है ! वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में चिड़ियाघर प्रबंधन की आधुनिक अवधारणा के साथ शाकाहारी और मांसाहारी जीवों का ‘वन विहार राष्ट्रीय उद्यान’ प्राकृतिक निवास स्थान रहा है।
ढाई सीढ़ी की मस्जिद➖भोपाल की ढाई सीढ़ी मस्जिद को देश की सबसे छोटी और भोपाल की सबसे पहली मस्जिद होने का दर्जा हासिल है। इसके अलावा इसे एशिया की सबसे छोटी मस्जिद भी कहा जाता है। ये मस्जिद नवाब दोस्त मोहम्मद खान द्वारा 1716 में बनवाई गई थी।
मोती मस्जिद➖भोपाल स्थित इस मस्जिद को कदसिया बेगम की बेटी सिकंदर जहां बेगम ने 1837 में (कही कही 1860 ई. भी मिलता है ) में बनवाया था। इस मस्जिद की शैली बिल्कुल दिल्ली में बनी जामा मस्जिद के समान है, लेकिन आकार में यह उससे छोटी है। मस्जिद की गहरे लाल रंग की दो मीनारें हैं, जो ऊपर नुकीली हैं और सोने के समान लगती हैं। सिकन्दर बेगम का घरेलू(निक नेम) मोती था उनके इस नाम लर ही ही इसका नाम मोती मस्जिद रखा गया है
ताजुल मस्जिद➖भोपाल स्थित यह मस्जिद भारत की सबसे विशाल मस्जिदों में एक है। इस मस्जिद का निर्माण कार्य भोपाल के आठवें शासक शाहजहां बेगम के शासन काल में प्रारंभ हुआ था, लेकिन धन की कमी के कारण उनके जीवंतपर्यंत यह बन न सकी। 1971 मे यह मस्जिद पूरी तरह से बन तैयार हो सकी। गुलाबी रंग की इस विशाल मस्जिद की दो सफेद गुंबदनुमा मीनारें हैं, जिन्हें मदरसे के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। तीन दिन तक चलने वाली यहां की वार्षिक इजतिमा प्रार्थना भारत भर से लोगों का ध्यान खींचती है।
ध्यान देवे➖ भोपाल की ताजुल मस्जिद को भले ही देश की सबसे बड़ी मस्जिद कहा जाता है लेकिन यह सही नहीं है देश की सबसे बड़ी मस्जिद दिल्ली की जामा मस्जिद है लेकिन अगर प्रश्न पूछा जाए कि (नमाजगाह) की दृष्टि से देश की सबसे बड़ी मस्जिद कौन सी है तो इसका उत्तर भोपाल की ताजुल मस्जिद होगा
शौकत महल ➖ भोपाल स्थित शौकत महल शहर के बीचोंबीच चौक एरिया के प्रवेश द्वार पर स्थित है। यह महल इस्लामिक और यूरोपियन शैली का मिश्रित रूप है। यह महल लोगों की पुरातात्विक जिज्ञासा को जीवंत कर देता है। महल के निकट ही भव्य सदर मंजिल भी बनी हुई है। कहा जाता है कि भोपाल के शासक इस मंजिल का इस्तेमाल पब्लिक हॉल के रूप में करते थे।
गौहर महल➖ गौहर महल मध्य प्रदेश के भोपाल शहर के बड़े तालाब के किनारे वी.आई.पी. रोड पर शौक़त महल के पास बड़ी झील के किनारे स्थित है। यह वास्तुकला का ख़ूबसूरत नमूना कुदसिया बेगम के काल का है। इस तिमंजिले भवन का निर्माण भोपाल राज्य की तत्कालीन शासिका नवाब कुदसिया बेगम (सन् 1819-37) ने गौहर महल को 1820 ई. में कराया था।
गौहर महल 4.65 एकड़ क्षेत्र में फैला है। कुदसिया बेगम का नाम गौहर भी था इसलिए इस महल को गौहर महल के नाम से जाना जाता है। यह महल भोपाल रियासत का पहला महल है। इस महल की ख़ासियत यह है कि इसकी सजावट भारतीय और इस्लामिक वास्तुकला को मिलाकर की गई है। यह महल हिन्दु और मुग़ल कला का अद्भुत संगम है। इस महल में दीवान-ए आम और दीवान-ए-ख़ास हैं।
शौर्य स्मारक➖ शौर्य स्मारक शहर के अरेरा हिल्स में स्थित है इसका उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री के द्वारा 14 अगस्त 2016 को स्मारक लगभग 12 एकड़ वाला इसे पार के रूप में विकसित किया गया
लक्ष्मी नारायण मंदिर➖ भोपाल में बिरला मंदिर के नाम से विख्यात लक्ष्मीनारायण मंदिर मंदिर, भोपाल के मालवीय नगर क्षेत्र में, अरेरा पहाडियों के निकट बनी झील के दक्षिण में स्थित है। मंदिर के निकट ही एक संग्रहालय बना हुआ है
जिसमें मध्यप्रदेश के रायसेन,सीेहोर, मंदसौर और सहदोल आदि जगहों से लाई गईं मूर्तियां रखी गईं हैं। यहां शिव, विष्णु और अन्य अवतारों की पत्थर की मूर्तियां देखी जा सकती हैं। मंदिर के निकट बना संग्रहालय सोमवार के अलावा प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है।
इस्लाम नगर का किला➖ इस्लामनगर का किला यहां आने वाले पर्यटकों का सबसे बड़ा आकर्षण है। इस भव्य किले का इतिहास इस्लामनगर से काफी गहरे जुड़ा हुआ है। इसे अफगान कमांडर दोस्त मोहम्मद खान ने 1715 में बनवाया था। इस किले में वास्तुशिल्पीय भव्यता और निपुणता का अद्भुत संगम देखा जा सकता है। वर्तमान समय में भी इस्लामनगर किले के वैभवशाली अवशेष मौजूद हैं। यहां के हरे-भरे खेतों में फैले अवशेष इसके गौरवशाली अतीत की झलक दिखाते हैं।
मछली घर➖ मछली घर मध्य प्रदेश कि राजधानी भोपाल मे स्थित एक प्रसिद्ध जलजीवशाला (एक्वेरियम) है। राज भवन के पास स्थित इस जलजीवशाला की स्थापना 31 मई 1977 को हुई थी। दो मंजिले इस अवस्थापना में ऊपरी तल पर चालीस छोटे और निचले तल पर 26 बड़े एक्वेरियम रखे गये थे जिनमें विविध प्रकार की मछलियाँ और जलीय जीव रखे गये थे।भारत में स्थित एक्वेरिया में इसे मुंबई स्थित तारापुर फिश एक्वेरियम के बाद दूसरा सबसे समृद्ध एक्वेरियम माना जाता है। इसका उल्लेख "वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ एक्वेरिया" में भी है !
नवाब हसन सिद्धकी का मकबरा➖ नगर में भोपाल टाकीज के समीप सफेद संगमरमर से निर्मित यह सुन्दर मकबरा भोपाल राज्य की शासिका नवाब शाहजहांबेगम के दूसरे शौहर नवाब सिद्दीक हसन का है। सन् 1890 में इनका निधन हुआ। शाहजहां बेगम ने उनकी याद में यह मकबरा निर्मित कराया था
ताजमहल प्रतिलिपि➖ ताजमहल प्रतिलिपि एक महल है जिसे भोपाल की सुल्तान शाहजहां बेगम ने (1871-1884) में बनवाया था यह ताजुल मस्जिद भोपाल के पीछे स्थित है।
बडी झील➖ बड़ा तालाब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मध्य में स्थित मानव निर्मित एक झील है। इस तालाब का निर्माण 11वीं सदी में राजा भोज ने करवाया था। इसे एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील भी माना जाता है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पश्चिमी हिस्से में स्थित यह तालाब भोपाल के निवासियों के पीने के पानी का सबसे मुख्य स्रोत है।
भोपाल में एक कहावत है- "तालों में ताल भोपाल का ताल बाकी सब तलैया", अर्थात् "यदि सही अर्थों में तालाब कोई है तो वह है भोपाल का तालाब"। भोपाल की यह विशालकाय जल संरचना अंग्रेज़ी में "Upper Lake' कहलाती है। इसी को हिन्दी में 'बड़ा तालाब' कहा जाता है।
छोटी झील➖ छोटी सी झील के नाम से प्रसिद्ध यह तालाब भोपाल में स्थित है इसका निर्माण 1794 में छोटे खान द्वारा करवाया गया था
भोपाल के प्रमुख पार्क( गार्डन/ उद्यान )
भोपाल की खूबसूरती में उसके पार्कों ने चार चाँद लगा दिए हैं। आप किसी भी इलाके से गुजरिये पार्क आपको अपनी ओर बुलाते दिखेंगे मन को मोह लेने वाले प्राकृतिक वातावरण से निर्मित पार्क भोपाल की सुंदरता में चार चांद लगाते हैं !
कमला पार्क➖ इस पार्क का निर्माण सन् 1933 में नवाब हमीदुल्लाह खान ने कमलापति महल के सामने कराया था, जो आज के महत्वपूर्ण पार्कों में एक है। बड़े तालाब के किनारे तथा कमलापति महल के सामने यह पार्क भोपालवासियों के लिए गर्मी में आराम की जगह है।
किलोल पार्क➖ वर्धमान पार्क के सामने ही सड़क के दूसरी ओर किलोल पार्क बनवाया था, जो शहर का मशहूर पार्क है।
चिनार पार्क➖ भोपाल के लिंक रोड एक पर महाराणा प्रताप नगर जानेवाले मार्ग पर शिवाजी नगर क्षेत्र में 1975 में छह हेक्टेयर भूमि पर यह पार्क बना है। राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा अरेरा पहाड़ी की ढलान पर यह बनाया गया है।
विविध विभागों केअनुपयोगी उपकरणो, सामग्रियों, कचरों आदि से कलाकृतियों के आकार में ढालकर इसे चंडीगढ़ के राक गार्डन का छोटा स्वरूप कह सकते हैं। यहाँ करीब 150 कृतियों को बनाकर प्रदर्शित किया गया है, जो अद्भुत कला प्रयोगों के जरिये भव्य व आकर्षक है।
वर्धमान पार्क➖ बहुत ही सुन्दर फूलों व छोटे छोटे पेड़ों के लिये प्रसिध्द यह पार्क भी प्रशासक नगर निगम ने बड़े तालाब के किनारे भोईपुरा मुहल्ले को हटाकर बनाया था। इस पार्क से बड़े तालाब के सुहावने दृश्य नजर आते हैं।
एकान्त पार्क➖ चार इमली पहाड़ी के दूसरी ओर लिंक रोड नं. 3 पर एकान्त पार्क स्थित है, जो पूर्णत: प्रकृति से जुड़ा है, शांत सुरम्य एवं घने वृक्षों से घिरा स्थान है। जहाँ पहुंच कर महानगरों केआपाधापी जीवन से दर्शक, पर्यटक शीतलता एवं शांति पाता है।
फिरदौस पार्क➖ यह पार्क पहले फूलों व पेड़ों के लिये प्रसिध्द था। सन् 1972 में प्रशासक नगर निगम द्वारा छोटे तालाब के किनारे यह पार्क बनवाया गया, जिसमें अब नगर निगम की नर्सरी स्थापित है।
इंदिरा गांधी बाल उद्यान (भेल)➖ बच्चों के लिये भेल प्रबंधन द्वारा निर्मित यह उद्यान प्रसिध्द पिकनिक स्पाट के साथ-साथ बच्चों को पूरे पार्क में घुमाने केलिये मिनी ट्रेन की व्यवस्था की है।
मयूर पार्क➖ भोपाल के तुलसीनगर इलाके में 1973 में बना यह प्रमुख पार्क है। शुरूआती दौर में इसमें पशु-पक्षियों को एक बड़े पिंजरे में रखा गया था। पार्क में पेड़ पौधों को विभिन्न आकृतियों में सजाया गया है और बच्चों के लिये तरह-तरह के झूले भी बनाये गये हैं। नए भोपाल के लोगों के लिए यह पार्क छुट्टी के दिनों में समय बिताने की एक मजेदार जगह है।
नीलम पार्क➖ भोपाल में सबसे पहला पार्क नवाब कुदसिया बेगम ने अपने पति के नाम पर छोटे तालाब के किनारे बनवाया था, जिसे नाम दिया था नजरबाग। सुल्तान जहां बेगम द्वारा अपने समय में बाग बगीचों को काफी दिलचस्पी के साथ बनवाया।बाद मे इसका नाम नीलम पार्क कर दिया गया है
भोपाल में स्थित प्रमुख संग्रहालय ( Museum of Bhopal )
शासकीय संग्रहालय भोपाल ➖ इस संग्रहालय की स्थापना ब्रिटिश काल में 1887 में हुई इससे पहले ऐड वर्ल्ड म्यूजियम कहते थे मध्यप्रदेश शासन ने 1964 में अधिग्रहित कर लिया अब यही स्टेट म्यूजियम के नाम से जाना जाता है !पुरातात्विक संग्रहालय मध्य प्रदेश राज्य के भोपाल शहर में स्थित एक ऐसा संग्रहालय है जिसकी सीमाएँ किसी एक भवन के दायरे में सीमित नहीं हैं। पुरातात्विक धरोहर को संरक्षित करने के लिए यह संग्रहालय स्थापित किया गया है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल ➖ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय की स्थापना 1985 में भोपाल के श्यामला हिल्स में 235 एकड़ में की गई या मानव सभ्यता के विकास की कहानी को प्रदर्शित करने वाला देश का सबसे बड़ा संग्रहालय है यहां पर जनजातीय विकास एवं उनकी लोक कलाओ की विशेषताओं प्रदर्शनी एवं नमुनारथ कर रखे गए हैं !इस संग्रहालय में 32 पारंपरिक एवं प्रागैतिहासिक चित्रित शैलाश्रय भी हैं।
बिड़ला संग्रहालय भोपाल ➖ भोपाल में स्थित है। इस संग्रहालय की स्थापना मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा, परिरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से की गई है। संग्रहालय एक ऊंची पहाड़ी पर लक्ष्मीनारायण मंदिर के पीछे वल्लभ भवन मार्ग पर अवस्थित है !
दूरसंचार संग्रहालय, भोपाल ➖ दूरसंचार संग्रहालय, भोपाल स्थित है इसे वर्ष 1995 में प्रारम्भ किया गया था , भारत में तथा विश्व में टेलीफोन के इतिहास को प्रदर्शित करता है दूर संचार संग्रहालय मुख्यत देश में दूरसंचार के उद्भव, इतिहास एवं विकास को दिखाता है ! जिसमें 1850 से आज तक बने सभी टेलीफोन उपकरणों को प्रदशिज़्त किया है। आर्श्चय की बात कि यह सभी उपकरण चालू स्थिति में हैं।
माधवराव सप्रे पत्रकारिता संग्रहालय भोपाल➖ भोपाल के माधवराव सप्रे स्मृति समाचार-पत्र संग्रहालय और शोध संस्थान में संग्रहित अलग-अलग कालखंडों के समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं की इबारत पढ़ते हुए ऐसा ही एहसास होता है, मानों इतिहास के रूबरू खड़े हो
सनव्वर शफी- रिमेम्बर संग्रहालय ➖ भोपाल मे स्थित यह एक ऐसा संग्रहालय है, जिसमें भोपाल की ‘काली रात’ के दर्द को दिखाने का प्रयास किया है। यह संग्रहालय हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी बैरसिया रोड पर स्थित है संग्रहालय में प्रभावितों की कृतियां, फोटोग्राफ्स, परिवारजनों की संवेदनाओं को लेख, प्रोटेस्ट पोस्टर, सॉग्स छवियों के जरिए दिखाया है।
इस संग्रहालय की शुरुआत 2 दिसंबर 2014 को, आपदा की 30वीं वर्षगांठ पर की गई थी। 2-3 दिसंबर 1984 को हुए गैस कांड की विभिषिका को फोटो के जरिए देखा और महसूस किया जा सकता है।
तात्या टोपे संग्रहालय➖ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में तात्या टोपे स्टेडियम के पास ही तात्या टोपे संग्रहालय भी स्थापित है यह संग्राहलय तात्या टोपे से संबंधित कई महत्वपूर्ण दुर्लभ स्मृतियां सहेजे हुए हैं
अन्य प्रमुख संग्रहालय➖ दुष्यंत कुमार पांडुलिपि संग्रहालय, प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, शिव संग्रहालय आदि भोपाल मे स्थित है
भोपाल सर्वाधिक विश्वविद्यालय वाला जिला है
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय➖ बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश का एक प्रमुख विश्वविद्यालय है, जो भोपाल में स्थित है। भोपाल के स्वतंत्रता सेनानी प्रो॰ बरकतउल्लाह के नाम पर इस विश्वविद्यालय का नामकरण किया गया था। राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित इस विश्वविद्यालय से भोपाल के अतिरिक्त सात अन्य जिलों सीहोर, विदिशा, रायसेन, हरदा, होशंगाबाद, राजगढ़ और बेतूल के कॉलेज संबद्ध हैं। इसकी स्थापना 1970 में की गई थी और इसका नामकरण 1988 में किया गया।
माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय➖ माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय का नाम भारत के विख्यात पत्रकार,कवि और स्वतंत्रता सेनानी, श्री माखनलाल चतुर्वेदी के नाम पर रखा गया है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित है इसकी स्थापना वर्ष 1991 में हुई
राजा भोज खुला विश्वविद्यालय➖ राजा भोज खुला(मुक्त) विश्वविद्यालय भोपाल में स्थित है इस विश्वविद्यालय का नाम राजा भोज के नाम पर रखा गया इसकी स्थापना वर्ष 1991 थी
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय【RGPV】➖ राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) भारत के मध्य प्रदेश राज्य में स्थित प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय है। इस विश्वविद्यालय के कैम्पस एवं इससे सम्बद्ध महाविद्यालय भोपाल, सागर, इन्दौर, जबलपुर, ग्वालियर आदि नगरों में हैं। इस विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 1998 में की गयी है
राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय➖ यह मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित है राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी) भोपाल की स्थापना सन् 1997 में की गई थी. एलएलबी कोर्स इस विश्वविद्यालय में सन् 1998 में शुरू किया गया. नेशनल लॉ सिस्टम के तहत शुरू किए गए पहले तीन विश्वविद्यालयों में एक नाम राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का भी है
अटल बिहारी वाजपेई हिंदी विश्वविद्यालय➖ अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय भोपाल में स्थित एक विश्वविद्यालय है। 6 जून 2013 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने इसकी की आधारशिला रखी यह विश्वविद्यालय तकनीकी, चिकित्सा, कला और वाणिज्य से जुड़े विषयों की शिक्षा प्रदान करेगा।
भोपाल में 2 समकक्ष विश्वविद्यालय स्थापित है
मौलाना आजाद राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान(MANIT)➖ मौलाना आजाद राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान, भोपाल की स्थापना 1960 में की गई थी और 26 जून 20प2 को इसे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान का दर्जा दिया गया। यह एक समकक्ष विश्वविद्यालय है !
सरोजिनी नायडू महाविद्यालय➖ सरोजिनी नायडू महाविद्यालय भोपाल में स्थित है इसकी स्थापना वर्ष 1970 में की गई थी
केंद्र सरकार ने 1 फरवरी 2013 को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड तथा गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड को महारत्न का दर्जा प्रदान किया है यह दर्जा पाने के बाद यह कंपनियां निवेश का निर्णय स्वयं होगी पता ही नहीं प्रभावी वित्तीय सहायता प्राप्त हो सकेगी वर्तमान में सात कंपनियों को महारत्न का दर्जा प्राप्त है
मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम➖ 1961 में भोपाल शहर में इसकी स्थापना हुई मुख्य रूप से इसका काम उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराना तथा उनके तैयार माल को बाजार में खपाना है
मध्य प्रदेश खादी ग्राम एवं ग्रामोद्योग बोर्ड➖ यह भोपाल में स्थित कार्यालय है इसके द्वारा लगभग 68 केंद्र कार्यरत हैं
मध्य प्रदेश एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन➖ यह निगम कृषि पर आधारित उद्योग से सभी प्रकार के संबंध में विकास सहयोग करता है इसका मुख्यालय भोपाल में है
रेलवे कोच फैक्ट्री➖ इसका मुख्यालय भोपाल में है इसकी स्थापना वर्ष 1960 में की गई थी इसमें रेल के डिब्बों का निर्माण होता है
दि न्यू भोपाल टैक्सटाइल लिमिटेड➖ यह कपड़ा उद्योग है भोपाल में स्थित है इसकी स्थापना वर्ष 1938 से 39 में हुई थी इसमें सूती कपड़े एवं सूत का निर्माण होता है
भोपाल उद्योग➖ इसका मुख्यालय भोपाल में है यह एक फर्नीचर उद्योग है
मध्य प्रदेश निर्यात निगम ➖ इसका मुख्यालय भोपाल में है सन 1977 में इसकी स्थापना की गई थी एक छोटे स्तर के उद्योगों के उत्पाद के निर्यात की व्यवस्था करता है
मध्य प्रदेश माइनिंग कॉरपोरेशन ➖ इसका मुख्यालय भोपाल में यह बहुमूल्य खनिजों की खोज खुदाई व व्यापार की व्यवस्था करता है !
मैदा मिल➖ भोपाल में अरेरा हिल्स में स्थित है इसका मुख्यालय भी भोपाल में ही है
अन्य प्रमुख उद्योग➖ भोपाल सहकारी दुग्ध संघ,ओमेगा इंडस्ट्रिज़, इंटिग्रल कोच फैक्ट्रीर,मानी आइसक्रीम प्रा.लि., जी.इ.आई. इंडस्ट्रिज आदि अन्य लघु एवं मध्यम अनेको उद्योग भोपाल में कार्यरत हैं
Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )