Management Concept Questions ( प्रबंधन अवधारणा, क्षेत्र एवं कार्य )

Management Concept Questions

प्रबंधन अवधारणा, क्षेत्र एवं कार्य 

अतिलघुतरात्मक (15 से 20 शब्द)

प्र 1. नियोजन ( Planning ) से क्या तात्पर्य है?

उत्तर- नियोजन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें संस्था के उद्देश्यों के साथ-साथ, इन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए किए जाने वाले कार्यों, कार्य की तकनीकों तथा आवश्यक संसाधनों को संयोजित करते हुए भावी योजना को प्राप्त किया जाता है।

प्र 2. निर्देशन ( Directing ) में किन चार प्रमुख तत्वों को सम्मिलित किया जाता है?

उत्तर- निर्देशन को पर्यवेक्षण, अभिप्रेरणा, नेतृत्व एवं संचार का संयोजन माना जाता है। इसलिए निर्देशन के चार तत्व है-

  1. संप्रेषण ( Communication )
  2. नेतृत्व ( Leadership )
  3. अभिप्रेरण ( Motivation )
  4. पर्यवेक्षण ( Supervision )

प्र 3. प्रबंधन ( Management ) कला है समझाइए।

उत्तर- ज्ञान ,अध्ययन, अनुभव, चातुर्य तथा सिद्धांतों के व्यवहारिक उपयोग से इच्छित परिणामों को प्राप्त करना ही कला है और यह सब स्थितियां प्रबंधन के लिए आवश्यक मानी जाती है।

प्र 4. निर्णय निर्माण ( Decision making ) के 4 मॉडलों के नाम लिखिए।

उत्तर- निर्णय निर्माण के 4 लोकप्रिय मॉडल है –
1.साइमन का सीमित तार्किकता मॉडल
2. लिंडब्लोम का वृद्धिशील मॉडल
3. ड्रॉर का ऑप्टिमल मॉडल
4. एत्जिओनी का मिश्रित स्कैनिंग मॉडल

प्र 5. स्टाफ ( Staff ) का क्या अर्थ है?

उत्तर- स्टाफ या नियुक्तिकरण से तात्पर्य, एक ऐसे व्यवसायिक संगठन की संरचना करने से हैं, जिसमें मानव शक्ति नियोजन के अनुरूप, सही संख्या में योग्यताधारी व्यक्तियों को निर्धारित पदों पर लगाया जाता है।

लघूतरात्मक ( 50 से 60 शब्द )

प्र 6. ‘एक अच्छा नियोजन साधनों के अनुकूलतम उपयोग को सफल बनाता है।’ स्पष्ट करते हुए नियोजन के कोई दो महत्व बताइए।

उत्तर- जिन संसाधनों का कई वैकल्पिक कार्य में उपयोग किया जा सकता है उनका सर्वाधिक लाभप्रद कार्य में उपयोग करना ही प्रबंध की सार्थकता है और साधनों का अनुकूलतम उपयोग है।

नियोजन का महत्व ( Importance of planning )

1. अनिश्चितता में कमी लाने के लिए- नियोजन के अंतर्गत भावी घटनाक्रम का पूर्व अनुमान लगाया जाता है जिससे व्यवसाय के वातावरण की अनिश्चितता में कमी करके उसका संचालन निश्चितता के साथ किया जाता है।

2.संगठन के उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित रखने हेतु- संगठन के प्रत्येक स्तर पर सभी कार्य उद्देश्यों के अनुरूप होने चाहिए व सभी प्रबंधकों का ध्यान भी उद्देश्यों पर ही केंद्रित होना चाहिए जिससे कि अनावश्यक कार्यों पर साधनों का अपव्यय न हो। नियोजन के अंतर्गत उन्हें क्रियाओं का समायोजन किया जाता है जो लक्ष्यों और उद्देश्यों की प्राप्ति में सार्थक हो।

प्र 7. निर्णयन की विशेषताएं ( Features of decision making ) बताइए।

उत्तर-

  1. निर्णयन एक सतत एवं गतिशील प्रक्रिया है।
  2. निर्णयन प्रबंध की आत्मा है।
  3. निर्णयन एक मानवीय एवं बौद्धिक प्रक्रिया है।
  4. यह नियोजन का एक भाग है ।
  5. यह प्रबंध का पर्यायवाची है।
  6. निर्णयन और निर्णय में अंतर है ।निर्णयन निर्णय लेने की प्रक्रिया जबकि निर्णय एक प्रक्रिया का अंतिम परिणाम होता है।
  7. प्रत्येक निर्णयन पर भूत, वर्तमान तथा भावी घटनाओं का प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है।
  8. प्रत्येक निर्णय के साथ प्रबंधक एवं संगठन के साधनों की वचनबद्धता निहित होती है।
  9. यह प्रबंधकों के मूल्यांकन का एक मापदंड है।

प्र 8. प्रबंध में नियंत्रण ( Control in management ) क्यों आवश्यक है? स्पष्ट कीजिए। (100 शब्द)

उत्तर- निम्नांकित कारणों के कारण नियंत्रण की आवश्यकता पड़ती है-

  1. व्यवसाय के आकार और जटिलता में वृद्धि के कारण।
  2. नियोजन एवं संगठन के मूल्यांकन का आधार नियंत्रण है।
  3. भावी योजना का आधार नियंत्रण है।
  4. नियंत्रण के कारण समन्वय में सुविधा होती है।
  5. नियंत्रण के कारण कार्यों में शिथिलता का पता लगाया जाता है और कर्मचारियों को अभिप्रेरणा दी जाती है।
  6. नियंत्रण के कारण भूत कालीन त्रुटियों का पता लगाकर भावी निर्णय अधिक विवेक सम्मत से लिए जा सकते हैं।
  7. नियंत्रण विकेंद्रीकरण में सहायक है।
  8. नियंत्रण संगठन के कार्यों में क्रमबद्धता व कर्मचारियों में अनुशासन बनाए रखने में सहायता प्रदान करता है।
  9. नियंत्रण एक संगठन की दृढ़ता एवं मनोबल के लिए आवश्यक है इसके अभाव में संगठन में शिथिलता आती है।
  10. परिस्थितियों में परिवर्तन एवं अन्य कारणों से उत्पन्न होने वाले जोखिमों का समय पर अनावरण प्रभावी नियंत्रण प्रक्रिया से ही संभव है।
  11. नियंत्रण से ही साधनों एवं सामग्री के अपव्ययों की जानकारी मिलती है, जिससे इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है।
  12. उपक्रम के भौतिक व मानवीय संसाधनों का समुचित उपयोग नियंत्रण के माध्यम से ही संभव है।
  13. संगठन के मानवीय संसाधनों की कुशलताओं की जानकारी भी नियंत्रण से ही ज्ञात होती है, जिनका उचित माध्यम से निराकरण किया जा सकता है।

 

Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

P K Nagauri

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