RAS HISTORY QUIZ 15 ( राजस्थान का इतिहास- गुर्जर-प्रतिहार वंश )

RAS HISTORY QUIZ 15

( राजस्थान का इतिहास- गुर्जर-प्रतिहार वंश )

 

प्रश्न-1.. राजस्थान के निम्नलिखित मंदिरों में से गुर्जर प्रतिहार काल में किस मंदिर का निर्माण नहीं हुआ था??
(अ)- आहड़ का आदिवराह मंदिर
(ब)- आभानेरी का हर्ष माता का मंदिर
(स)- ओसिया का हरिहर मंदिर
(द)- महावीर मंदिर
अ- आहड़ का आदिवराह मंदिर( आठवीं शताब्दी में निर्मित हर्षत माता मंदिर (आभानेरी, दौसा) में प्रदक्षिणा पथ युक्त पंचरथ गर्भगृह है मंदिर के गर्भगृह में चतुर्भुजा हर्षत माता (हरसिद्धि) देवी की प्रतिमा प्रतिष्ठापित है ओसिया जोधपुर के वैष्णव मंदिरों में हरिहर मंदिर व सूर्य मंदिर प्रमुख है हरिहर मंदिर में विष्णु के नरसिंह और हरी हर स्वरुप को अधिक विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया गया है प्रारंभिक शैली में बनाए गए यहां तीन मंदिर समूह हरिहर को ही समर्पित है महावीर मंदिर का निर्माण प्रतिहार शासक वत्सराज के द्वारा हुआ था*✅⚜

प्रश्न-2.. जोधपुर के निकट ओसिया के मंदिरों का समूह जिस की देन है वह है??
(अ)- राठौड़
(ब)- गहलोत
(स)- प्रतिहार
(द)- चौहान
स- प्रतिहार( जोधपुर के निकट ओसियां में गुर्जर प्रतिहार कालीन महामारु शैली में 16 मंदिरों का समूह बना हुआ है जिनमें वैष्णव ,शैव ,सौर , शाक्त और जैन मंदिर बने हुए हैं*✅⚜

प्रश्न-3.. आभानेरी और राजोर गढ़ के कलात्मक वैभव किस काल के हैं??
(अ)- गुर्जर प्रतिहार
(ब)- चौहान
(स)- गुहिल सिसोदिया
(द)- राठौड़
अ- गुर्जर प्रतिहार✅⚜

प्रश्न-4.. प्रतिहार वंश का अंतिम शासक था??
(अ)- यशपाल
(ब)- राज्यपाल
(स)- महिपाल
(द)- महेंद्र पाल द्वितीय
अ- यशपाल(यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता है कि त्रिलोचन पाल के पश्चात प्रतिहार वंश में कौन राजा हुआ इलाहाबाद जिले में एक कड़ा नामक स्थान पर 1036 ईस्वी का एक लेख मिला है जिसमें महाराजाधिराज यशपाल और उसके दान का वर्णन मिलता है यह संभव है कि यह त्रिलोचन पाल का उत्तराधिकारी हो इसके पश्चात किसी अन्य प्रतिहार नरेश का नाम ज्ञात नहीं होता अंत में 1093 ईस्वी के आसपास चंद्र देव*✅⚜

प्रश्न-5.. दौलतपुर अभिलेख में किस गुर्जर प्रतिहार शासक को प्रभात कहा गया है??
(अ)- नागभट्ट प्रथम
(ब)- मिहिर भोज
(स)- विग्रहराज चतुर्थ
(द)- राज्यपाल
ब- मिहिरभोज( मिहिरभोज को दौलतपुर अभिलेख में प्रभात कहा गया है और ग्वालियर अभिलेख में मिहिर भोज प्रथम की उपाधि आदिवराह मिलती है लेकिन मिहिर भोज ने अपनी मुद्राओं पर आदिवराह की उपाधि उत्कीर्ण करवाई थी उसके समय के चांदी और तांबे के सिक्के जिन पर श्रीमदादिवराह अंकित रहता था मिले हैं जो उसके पराक्रम और शत्रुओं से राज्य उद्धार के घोतक हैं यह प्रतिहार वंश का ही नहीं बल्कि प्राचीन भारत वर्ष का एक महान शासक माना जाता है*✅⚜

प्रश्न-6.. मंडोर के प्रतिहार माने जाते हैं??
(अ)- ब्राह्मण
(ब)- वेश्य
(स)- शूद्र
(द)- क्षत्रिय
द- क्षत्रिय(गुर्जर प्रतिहारों की 26 शाखाओं में से सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण मंडोर के प्रतिहार थे जोधपुर (837)और घटियाला (861) शिलालेखों के अनुसार हरिश्चंद्र नाम के ब्राह्मण के दो पत्नियां थी एक ब्राह्मणी और दूसरे क्षत्राणी भद्रा ब्रम्हाणी पत्नी से उत्पन्न संतान ब्राह्मण प्रतिहार और क्षत्राणी भद्रा से उत्पन्न संतान क्षत्रिय परिहार कहलाये ।भद्रा के चार पुत्र (भोज भट्ट, कदक,रज्जिल और दह) उत्पन्न हुए इन चारों ने मिलकर मंडोर को जीतकर गुर्जर प्रतिहार वंश की स्थापना की वैसे रज्जिल तीसरा पुत्र था फिर भी मंडोर की वंशावली इससे प्रारंभ होती है हरिश्चंद्र का समय छठी शताब्दी के आसपास का था*✅⚜

प्रश्न-7.. प्रतिहार और पाल शासकों पर अपनी विजय की खुशी में ध्रुव ने गंगा और जमुना के चिन्हों को सम्मिलित किया??
(अ)- राष्ट्रकूट कुल चिह्न में
(ब)- चोल कुल चिह्न में
(स)- चंदेल कुल चिह्न में
(द)- पाल कुल चिह्न में
अ- राष्ट्रकूट कुल चिह्न में✅⚜

प्रश्न-8.. किस प्रतिहार राजा के काल में प्रसिद्ध ग्वालियर प्रशस्ति की रचना की गई??
(अ)- भोज प्रथम
(ब)- रामभद्र
(स)- वत्सराज
(द)- भोज द्वितीय
अ- भोज प्रथम( मिहिर भोज प्रथम (836-885)प्रतिहार वंश का एक महत्वपूर्ण शासक था इसका सर्वाधिक प्रसिद्ध अभिलेख ग्वालियर की प्रशस्ति है जिससे इस वंश के बारे में काफी जानकारी मिलती है*✅⚜

प्रश्न-9.. किस प्रतिहार शासक का दरबार नागावलोक का दरबार कहलाता है??
(अ)- रामभद्र
(ब)- प्रभाकर वर्धन
(स)- नागभट्ट प्रथम
(द)- महेंद्रपाल प्रथम
स- नागभट्ट प्रथम( नागभट्ट प्रथम का समय 730 ईस्वी से 760 ईस्वी माना जाता है यह गुर्जर प्रतिहार वंश का बड़ा प्रतापी शासक हुआ इसका दरबार नागावलोक का दरबार कहलाता है*✅⚜

प्रश्न-10.. राजस्थान में प्रतिहार वंश के संस्थापक हरिश्चंद्र की राजधानी थी??
(अ)- मेड़ता
(ब)- जालौर
(स)- भीनमाल
(द)- मंडोर
द- मंडोर✅⚜

प्रश्न-11.. गुर्जरों को किस शासक ने पराजित किया था??
(अ)- प्रभाकर वर्धन
(ब)- राज्यवर्धन
(स)- शशांक
(द)- हर्षवर्धन
अ- प्रभाकर वर्धन( प्रभाकर वर्धन ने गुर्जरों को परास्त किया और हर्षवर्धन ने गुर्जरों से भीनमाल छिना था*✅⚜

प्रश्न-12.. गुर्जर प्रतिहार शासक इस नाम से भी जाने जाते हैं??
(अ)- आर्य
(ब)- ब्राह्मण
(स)- वेश्य
(द)- अग्निकुंड राजपूत
द- अग्निकुंड राजपूत( अग्निकुंड के राजकुलो में सर्वाधिक प्रसिद्ध प्रतिहार वंश था जो गुर्जरों की शाखा से संबंधित होने के कारण इतिहास में गुर्जर प्रतिहार के नाम से प्रसिद्ध हुए डॉक्टर गोपीनाथ शर्मा के अनुसार छठी सदी के उत्तरार्ध में मारवाड़ में प्रतिहार राजवंश का अधिवासन हो चुका था इस प्रकार यह राजस्थान का प्राचीनतम ज्ञात राजपूत राजवंश माना जाता है*✅⚜

प्रश्न-13.. प्रतिहार शिलालेखों में पदाधिकारियों का उल्लेख यह आता है??
(अ)- राजपुरुष
(ब)- मंत्री
(स)- युवराज
(द)-रतनि
अ- राजपुरुष( शासक प्रबंध हेतु प्रतिहार राज्य अधिकारी दो श्रेणियों में विभक्त है
1-बहिर उप स्थान और
2-कक्बन्तदौटम्थौंनमे मेंभम।
1-पहली श्रेणी में राज्य के सभी अधिकारी विद्वान कवि चारण इत्यादि आते थे
2-दूसरी श्रेणी में केवल वही थे जो राजा के परम विश्वासपात्र थे

साम्राज्य को शासन की सुविधा की दृष्टि से प्रांतों में विभाजित किया गया था जिनके अधिकारी राजस्थानीय राजपुरुष आदि कहलाते थे*✅⚜

प्रश्न-14.. वह गुर्जर प्रतिहार शासक जिसने कन्नौज विजय के उपलक्ष में परम भट्टारक महाराजाधिराज परमेश्वर की उपाधि धारण की??
(अ)- मिहिर भोज
(ब)- गजराज
(स)- नागभट्ट प्रथम
(द)- नागभट्ट द्वितीय
द- नागभट्ट द्वितीय✅⚜

प्रश्न-15.. चीनी यात्री हेनसांग ने गुर्जरों की राजधानी का नाम बताया था??
(अ)-पीलोमोलो
(ब)-फो-क्यो-की
(स)-सी-यू-की
(द)-कू-चे-लो
अ-पीलोमोलो(चीनी यात्री हेनसांग में अपने वर्णन में 72 देशों का उल्लेख किया है जब वह भीनमाल आया तो उसने 72 देशों में से एक कू-चे-लो( गुर्जर) बताया तथा उनकी राजधानी का नाम पीलोमोलो/भीलामाला (भीनमाल) बताया ✅⚜

प्रश्न-16.. प्रतिहार राजा नागभट्ट प्रथम की राजधानी कौन सी नगरी थी??
(अ)- जालौर
(ब)- उज्जैन
(स)- मेड़ता
(द)- इनमें से कोई नहीं
ब- उज्जैन( नागभट्ट प्रथम (730 से 760) अवंती (उज्जैन) के गुर्जर प्रतिहार वंश का संस्थापक था कुवलयमाला और अन्य ऐतिहासिक साधनों के आधार पर डॉक्टर दशरथ शर्मा नागभट्ट की राजधानी जालौर मानते हैं और दूसरे मत उज्जैन और कन्नौज को मानते हैं*✅⚜

प्रश्न-17.. मनोज नैंसी ने गुर्जर प्रतिहारों की कितनी शाखाओं का वर्णन किया है??
(अ)- 26 शाखाओं का
(ब)- 28 आशाओं का
(स)- 30 शाखाओं का
(द)- 32 शाखाओं का
अ- 26 शाखाओं का✅⚜

प्रश्न-18.. राज्य के मारवाड़ क्षेत्र में गुर्जर प्रतिहारों का शासन मुख्यता किस अवधि में रहा??
(अ)- पांचवी से आठवीं सदी तक
(ब)- आठवीं से दसवीं सदी तक
(स)- छठी से दसवीं सदी तक
(द)- आठवीं से बारहवीं सदी तक
ब- आठवीं से दसवीं सदी तक( उत्तरी पश्चिमी भारत में गुर्जर प्रतिहार वंश का शासन मुख्यतः आठवीं से दसवीं सदी तक रहा प्रारंभ में इनकी शक्ति का मुख्य केंद्र मारवाड़ था उसमें राजपूताना का यह क्षेत्र गुर्जरात्रा (गुर्जर प्रदेश) कहलाता था गुर्जर क्षेत्र के स्वामी होने के कारण प्रतिहारों को गुर्जर प्रतिहार कहा जाने लगा*✅⚜

प्रश्न-19.. राजस्थान में गुर्जर प्रतिहारों की प्रारंभिक राजधानी कौन सी थी??
(अ)- वागड़
(ब)- मंडोर
(स)- भीनमाल
(द)- सपादलक्ष
ब- मंडोर✅⚜

प्रश्न-20.. निम्न में से किस प्रत्याशी शासक ने कन्नौज पर सौ वर्ष तक चले त्रिपक्षीय युद्ध में पाल वंश के शासक को हटाकर इस युद्ध का अंत किया??
(अ)- मिहिर भोज
(ब)- नागभट्ट प्रथम
(स)- नागभट्ट द्वितीय
(द)- वत्सराज
स- नागभट्ट द्वितीय( वत्सराज का उत्तराधिकारी उसका पुत्र नागभट्ट द्वितीय वर्ष 815 में गद्दी पर बैठा उसने 816 में कन्नौज पर आक्रमण का चक्रायुद्ध (धर्मपाल द्वारा नामजद शासक )को पराजित किया और कन्नौज को प्रतिहार वंश की राजधानी बनाया तथा 100 वर्षों से चले आ रहे त्रिपक्षीय संघर्ष को समाप्त किया*✅⚜

प्रश्न-21.. किस प्रतिहार शासक के काल में उत्तरी भारत में प्रतिहारों की शक्ति अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंच गई थी??
(अ)- महेंद्रपाल प्रथम
(ब)- मिहिर भोज
(स)- वत्सराज प्रथम
(द)- रामभद्र
ब- मिहिर भोज(रामभद्र के उत्तराधिकारी मिहिरभोज या मिहिर के शासनकाल(836-885) में प्रतिहारों की शक्ति अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंची उसने बुंदेलखंड तक अपने वंश का राज्य पुनः स्थापित किया इस का शासन पूर्वी पंजाब अधिकांश राजपूताना उत्तर प्रदेश का अधिकांश भाग मालवा सौराष्ट्र और ग्वालियर तक विस्तृत हो गया था*✅⚜

प्रश्न-22.. किस प्रतिहार शासक के दरबार में कर्पूर मंजरी और काव्य मीमांसा का लेखक राजशेखर था??
(अ)- महेंद्रपाल प्रथम
(ब)- नागभट्ट द्वितीय
(स)- वत्सराज द्वितीय
(द)- मिहिरभोज
अ- महेंद्रपाल प्रथम( मिहिर भोज का पुत्र महेंद्रपाल प्रथम (885 से 910 )विद्वानों का उदार संरक्षक था उस के दरबारी साहित्यकार राजशेखर कर्पूरमंजरी काव्य मीमांसा बाल रामायण बाल भारती आदि ग्रंथों की रचना की थी उसने अपने ग्रंथों में महेंद्र पाल को निर्भय नरेश कहां है*✅⚜

प्रश्न-23.. ओसिया के प्रसिद्ध महावीर मंदिर का निर्माण किस प्रतिहार शासक के काल में हुआ था??
(अ)- वत्सराज 775 से 800 ईसवी
(ब)- नागभट्ट 800 से 833 ईसवी
(स)- मिहिर भोज 836 से 850 ईसवी
(द)- महेंद्रपाल प्रथम 885 से 910 ईसवी
अ- वत्सराज 775 से 800 ईसवी✅⚜

प्रश्न-24.. किस ने अपने ग्रंथ विद्वशालभंजिका में गुर्जर प्रतिहार नरेश महेंद्र पाल को रघुकुल तिलक और रघुकुल चूड़ामणि तथा महिपाल प्रथम को रघुवंश मुकुटमणि और रघुकुल मुक्ता मणि कहा है??
(अ)- मुहणोत नैणसी
(ब)- राजशेखर
(स)- गौरीशंकर हीराचंद ओझा
(द)- कर्नल जेम्स टॉड
ब- राजशेखर✅⚜

प्रश्न-25.. इतिहासकार आर सी मजूमदार के अनुसार गुर्जर प्रतिहारों ने कितनी शताब्दी तक अरब आक्रमण कारियो के लिए बाधक का काम किया??
(अ)- दूसरी शताब्दी से चौथी शताब्दी तक
(ब)- तीसरी शताब्दी से पांचवी शताब्दी तक
(स)- छठी शताब्दी से बारहवीं शताब्दी तक
(द)- 12 वीं शताब्दी से 15वीं शताब्दी तक

स- छठी शताब्दी से बारहवीं शताब्दी तक(प्राचीन भारतीय इतिहास में गुर्जर प्रतिहार वंश का बड़ा महत्व है हर्ष की मृत्यु के पश्चात उत्तरी भारत की जो राजनीति एकता छिन्न-भिन्न हो गई थी उसे पुनः स्थापित करने के लिए इस वंश ने सफल प्रयत्न किया इस वंश के प्रतापी नरेशो ने उत्तरी भारत के अधिकांश भाग को बहुत समय तक अपने अधीन रखा यही नहीं दीर्घकाल तक इस वंश ने सिंध प्रदेश से आगे बढ़ती हुई मुस्लिम शक्ति को रोके रखा और उत्तरी भारत में उसका विस्तार नहीं होने दिया प्रसिद्ध इतिहासकार आर सी मजूमदार के अनुसार गुर्जर प्रतिहारों ने छठी शताब्दी से बारहवीं शताब्दी तक अरब आक्रमण कार्यो के लिए बाधक का काम किया ✅⚜

 

Quiz Winner- जगदीश जी मेहरा जोधपुर, तोगेश कुमार जी बाड़मेर- 22

Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

ममता शर्मा -कोटा

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