वाक्यांश या शब्द–समूह ( PART 01 )-Phrase or word group

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 वाक्यांश या शब्द–समूह ( PART 01 )

Phrase or word group

 

हाथी हाँकने का छोटा भाला— अंकुश • जो कहा न जा सके— अकथनीय • जिसे क्षमा न किया जा सके— अक्षम्य • जिस स्थान पर कोई न जा सके— अगम्य • जो कभी बूढ़ा न हो— अजर • जिसका कोई शत्रु न हो— अजातशत्रु • जो जीता न जा सके— अजेय • जो दिखाई न पड़े— अदृश्य • जिसके समान कोई न हो— अद्वितीय • हृदय की बातेँ जानने वाला— अन्तर्यामी • पृथ्वी, ग्रहोँ और तारोँ आदि का स्थान— अन्तरिक्ष • दोपहर बाद का समय— अपराह्न • जो सामान्य नियम के विरुद्ध हो— अपवाद • जिस पर मुकदमा चल रहा हो/अपराध करने का आरोप हो/अभियोग लगाया गया हो— अभियुक्त • जो पहले कभी नहीँ हुआ— अभूतपूर्व • फेँक कर चलाया जाने वाला हथियार— अस्त्र • जिसकी गिनती न हो सके— अगणित/अगणनीय • जो पहले पढ़ा हुआ न हो— अपठित • जिसके आने की तिथि निश्चित न हो— अतिथि • कमर के नीचे पहने जाने वाला वस्त्र— अधोवस्त्र • जिसके बारे मेँ कोई निश्चय न हो— अनिश्चित • जिसका भाषा द्वारा वर्णन असंभव हो— अनिर्वचनीय • अत्यधिक बढ़ा–चढ़ा कर कही गई बात— अतिशयोक्ति • सबसे आगे रहने वाला— अग्रणी • जो पहले जन्मा हो— अग्रज • जो बाद मेँ जन्मा हो— अनुज • जो इंद्रियोँ द्वारा न जाना जा सके— अगोचर • जिसका पता न हो— अज्ञात • आगे आने वाला— आगामी • अण्डे से जन्म लेने वाला— अण्डज • जो छूने योग्य न हो— अछूत • जो छुआ न गया हो— अछूता • जो अपने स्थान या स्थिति से अलग न किया जा सके— अच्युत • जो अपनी बात से टले नहीँ— अटल • जिस पुस्तक मेँ आठ अध्याय होँ— अष्टाध्यायी • आवश्यकता से अधिक बरसात— अतिवृष्टि • बरसात बिल्कुल न होना— अनावृष्टि • बहुत कम बरसात होना— अल्पवृष्टि • इंद्रियोँ की पहुँच से बाहर— अतीन्द्रिय/इंद्रयातीत • सीमा का अनुचित उल्लंघन— अतिक्रमण • जो बीत गया हो— अतीत • जिसकी गहराई का पता न लग सके— अथाह • आगे का विचार न कर सकने वाला— अदूरदर्शी • जो आज तक से सम्बन्ध रखता है— अद्यतन • आदेश जो निश्चित अवधि तक लागू हो— अध्यादेश • जिस पर किसी ने अधिकार कर लिया हो— अधिकृत • वह सूचना जो सरकार की ओर से जारी हो— अधिसूचना • विधायिका द्वारा स्वीकृत नियम— अधिनियम • अविवाहित महिला— अनूढ़ा • वह स्त्री जिसके पति ने दूसरी शादी कर ली हो— अध्यूढ़ा • दूसरे की विवाहित स्त्री— अन्योढ़ा • गुरु के पास रहकर पढ़ने वाला— अन्तेवासी • पहाड़ के ऊपर की समतल जमीन— अधित्यका • जिसके हस्ताक्षर नीचे अंकित हैँ— अधोहस्ताक्षरकर्त्ता • एक भाषा के विचारोँ को दूसरी भाषा मेँ व्यक्त करना— अनुवाद • किसी सम्प्रदाय का समर्थन करने वाला— अनुयायी • किसी प्रस्ताव का समर्थन करने की क्रिया— अनुमोदन • जिसके माता–पिता न होँ— अनाथ • जिसका जन्म निम्न वर्ण मेँ हुआ हो— अंत्यज • परम्परा से चली आई कथा— अनुश्रुति • जिसका कोई दूसरा उपाय न हो— अनन्योपाय • वह भाई जो अन्य माता से उत्पन्न हुआ हो— अन्योदर • पलक को बिना झपकाए— अनिमेष/निर्निमेष • जो बुलाया न गया हो— अनाहूत • जो ढका हुआ न हो— अनावृत • जो दोहराया न गया हो— अनावर्त • पहले लिखे गए पत्र का स्मरण— अनुस्मारक • पीछे–पीछे चलने वाला/अनुसरण करने वाला— अनुगामी • महल का वह भाग जहाँ रानियाँ निवास करती हैँ— अंतःपुर/रनिवास • जिसे किसी बात का पता न हो— अनभिज्ञ/अज्ञ • जिसका आदर न किया गया हो— अनादृत • जिसका मन कहीँ अन्यत्र लगा हो— अन्यमनस्क • जो धन को व्यर्थ ही खर्च करता हो— अपव्ययी • आवश्यकता से अधिक धन का संचय न करना— अपरिग्रह • जो किसी पर अभियोग लगाए— अभियोगी • जो भोजन रोगी के लिए निषिद्ध है— अपथ्य • जिस वस्त्र को पहना न गया हो— अप्रहत • न जोता गया खेत— अप्रहत • जो बिन माँगे मिल जाए— अयाचित • जो कम बोलता हो— अल्पभाषी/मितभाषी • आदेश की अवहेलना— अवज्ञा • जो बिना वेतन के कार्य करता हो— अवैतनिक • जो व्यक्ति विदेश मेँ रहता हो— अप्रवासी • जो सहनशील न हो— असहिष्णु • जिसका कभी अन्त न हो— अनन्त • जिसका दमन न किया जा सके— अदम्य • जिसका स्पर्श करना वर्जित हो— अस्पृश्य • जिसका विश्वास न किया जा सके— अविश्वस्त • जो कभी नष्ट न होने वाला हो— अनश्वर

• जो रचना अन्य भाषा की अनुवाद हो— अनूदित • जिसके पास कुछ न हो अर्थात् दरिद्र— अकिँचन • जो कभी मरता न हो— अमर • जो सुना हुआ न हो— अश्रव्य • जिसको भेदा न जा सके— अभेद्य • जो साधा न जा सके— असाध्य • जो चीज इस संसार मेँ न हो— अलौकिक • जो बाह्य संसार के ज्ञान से अनभिज्ञ हो— अलोकज्ञ • जिसे लाँघा न जा सके— अलंघनीय • जिसकी तुलना न हो सके— अतुलनीय • जिसके आदि (प्रारम्भ) का पता न हो— अनादि • जिसकी सबसे पहले गणना की जाये— अग्रगण • सभी जातियोँ से सम्बन्ध रखने वाला— अन्तर्जातीय • जिसकी कोई उपमा न हो— अनुपम • जिसका वर्णन न हो सके— अवर्णनीय • जिसका खंडन न किया जा सके— अखंडनीय • जिसे जाना न जा सके— अज्ञेय • जो बहुत गहरा हो— अगाध • जिसका चिँतन न किया जा सके— अचिँत्य • जिसको काटा न जा सके— अकाट्य • जिसको त्यागा न जा सके— अत्याज्य • वास्तविक मूल्य से अधिक लिया जाने वाला मूल्य— अधिमूल्य • अन्य से संबंध न रखने वाला/किसी एक मेँ ही आस्था रखने वाला— अनन्य • जो बिना अन्तर के घटित हो— अनन्तर • जिसका कोई घर (निकेत) न हो— अनिकेत • कनिष्ठा (सबसे छोटी) और मध्यमा के बीच की उँगली— अनामिका • मूलकथा मेँ आने वाला प्रसंग, लघु कथा— अंतःकथा • जिसका निवारण न किया जा सके/जिसे करना आवश्यक हो— अनिवार्य • जिसका विरोध न हुआ हो या न हो सके— अनिरुद्ध/अविरोधी • जिसका किसी मेँ लगाव या प्रेम हो— अनुरक्त • जो अनुग्रह (कृपा) से युक्त हो— अनुगृहीत • जिस पर आक्रमण न किया गया हो— अनाक्रांत • जिसका उत्तर न दिया गया हो— अनुत्तरित • अनुकरण करने योग्य— अनुकरणीय • जो कभी न आया हो (भविष्य)— अनागत • जो श्रेष्ठ गुणोँ से युक्त न हो— अनार्य • जिसकी अपेक्षा हो— अपेक्षित • जो मापा न जा सके— अपरिमेय • नीचे की ओर लाना या खीँचना— अपकर्ष • जो सामने न हो— अप्रत्यक्ष/परोक्ष • जिसकी आशा न की गई हो— अप्रत्याशित • जो प्रमाण से सिद्ध न हो सके— अप्रमेय • किसी काम के बार–बार करने के अनुभव वाला— अभ्यस्त • किसी वस्तु को प्राप्त करने की तीव्र इच्छा— अभीप्सा • जो साहित्य कला आदि मेँ रस न ले— अरसिक • जिसको प्राप्त न किया जा सके • जो कम जानता हो— अल्पज्ञ • जो वध करने योग्य न हो— अवध्य • जो विधि या कानून के विरुद्ध हो— अवैध • जो भला–बुरा न समझता हो अथवा सोच–समझकर काम न करता हो— अविवेकी • जिसका विभाजन न किया जा सके— अविभाज्य/अभाज्य • जिसका विभाजन न किया गया हो— अविभक्त • जिस पर विचार न किया गया हो— अविचारित • जो कार्य अवश्य होने वाला हो— अवश्यंभावी • जिसको व्यवहार मेँ न लाया गया हो— अव्यवहृत • जो स्त्री सूर्य भी नहीँ देख पाती— असूर्यपश्या • न हो सकने वाला कार्य आदि— अशक्य • जो शोक करने योग्य नहीँ हो— अशोक्य • जो कहने, सुनने, देखने मेँ लज्जापूर्ण, घिनौना हो— अश्लील • जिस रोग का इलाज न किया जा सके— असाध्य रोग/लाइलाज • जिससे पार न पाई जा सके— अपार • बूढ़ा–सा दिखने वाला व्यक्ति— अधेड़ • जिसका कोई मूल्य न हो— अमूल्य • जो मृत्यु के समीप हो— आसन्नमृत्यु • किसी बात पर बार–बार जोर देना— आग्रह • वह स्त्री जिसका पति परदेश से लौटा हो— आगतपतिका • जिसकी भुजाएँ घुटनोँ तक लम्बी होँ— आजानुबाहु • मृत्युपर्यन्त— आमरण

• जो अपने ऊपर निर्भर हो— आत्मनिर्भर/स्वावलंबी • व्यर्थ का प्रदर्शन— आडम्बर • पूरे जीवन तक— आजीवन • अपनी हत्या स्वयं करना— आत्महत्या • अपनी प्रशंसा स्वयं करने वाला— आत्मश्लाघी • कोई ऐसी वस्तु बनाना जिसको पहले कोई न जानता हो— आविष्कार • ईश्वर मेँ विश्वास रखने वाला— आस्तिक • शीघ्र प्रसन्न होने वाला— आशुतोष • विदेश से देश मेँ माल मँगाना— आयात • सिर से पाँव तक— आपादमस्तक • प्रारम्भ से लेकर अंत तक— आद्योपान्त • अपनी हत्या स्वयं करने वाला— आत्मघाती • जो अतिथि का सत्कार करता है— आतिथेय/मेजबान • दूसरे के हित मेँ अपना जीवन त्याग देना— आत्मोत्सर्ग • जो बहुत क्रूर व्यवहार करता हो— आततायी • जिसका सम्बन्ध आत्मा से हो— आध्यात्मिक • जिस पर हमला किया गया हो— आक्रांत • जिसने हमला किया हो— आक्रांता • जिसे सूँघा न जा सके— आघ्रेय • जिसकी कोई आशा न की गई हो— आशातीत • जो कभी निराश होना न जाने— आशावादी • किसी नई चीज की खोज करने वाला— आविष्कारक • जो गुण–दोष का विवेचन करता हो— आलोचक • जो जन्म लेते ही गिर या मर गया हो— आजन्मपात • वह कवि जो तत्काल कविता कर सके— आशुकवि • पवित्र आचरण वाला— आचारपूत • लेखक द्वारा स्वयं की लिखी गई जीवनी— आत्मकथा • वह चीज जिसकी चाह हो— इच्छित • किन्हीँ घटनाओँ का कालक्रम से किया गया वर्णन— इतिवृत्त • इस लोक से संबंधित— इहलौकिक • जो इन्द्र पर विजय प्राप्त कर चुका हो— इंद्रजीत • माँ–बाप का अकेला लड़का— इकलौता • जो इन्द्रियोँ से परे हो/जो इन्द्रियोँ के द्वारा ज्ञात न हो— इन्द्रियातीत • दूसरे की उन्नति से जलना— ईर्ष्या • उत्तर और पूर्व के बीच की दिशा— ईशान/ईशान्य • पर्वत की निचली समतल भूमि— उपत्यका • दूसरे के खाने से बची वस्तु— उच्छिष्ट • किसी भी नियम का पालन नहीँ करने वाला— उच्छृंखल • वह पर्वत जहाँ से सूर्य और चन्द्रमा उदित होते माने जाते हैँ— उदयाचल • जिसके ऊपर किसी का उपकार हो— उपकृत • ऐसी जमीन जो अच्छी उत्पादक हो— उर्वरा • जो छाती के बल चलता हो (साँप आदि)— उरग • जिसने अपना ऋण पूरा चुका दिया हो— उऋण • जिसका मन जगत से उचट गया हो— उदासीन • जिसकी दोनोँ मेँ निष्ठा हो— उभयनिष्ठ • ऊपर की ओर जाने वाला— उर्ध्वगामी • नदी के निकलने का स्थान— उद्गम • किसी वस्तु के निर्माण मेँ सहायक साधन— उपकरण • जो उपासना के योग्य हो— उपास्य • मरने के बाद सम्पत्ति का मालिक— उत्तराधिकारी/वारिस • सूर्योदय की लालिमा— उषा • जिसका ऊपर कथन किया गया हो— उपर्युक्त • कुँए के पास का वह जल कुंड जिसमेँ पशु पानी पीते हैँ— उबारा • छोटी–बड़ी वस्तुओँ को उठा ले जाने वाला— उठाईगिरा • जिस भूमि मेँ कुछ भी पैदा न होता हो— ऊसर • सूर्यास्त के समय दिखने वाली लालिमा— ऊषा • विचारोँ का ऐसा प्रवाह जिससे कोई निष्कर्ष न निकले— ऊहापोह • कई जगह से मिलाकर इकट्ठा किया हुआ— एकीकृत • सांसारिक वस्तुओँ को प्राप्त करने की इच्छा— एषणा • वह स्थिति जो अंतिक निर्णायक हो, निश्चित— एकांतिक • जो व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर हो— ऐच्छिक • इंद्रियोँ को भ्रमित करने वाला— ऐँद्रजालिक • लकड़ी या पत्थर का बना पात्र जिसमेँ अन्न कूटा जाता है— ओखली • साँप–बिच्छू के जहर या भूत–प्रेत के भय को मंत्रोँ से झाड़ने वाला— ओझा • जो उपनिषदोँ से संबंधित हो— औपनिषदिक • जो मात्र शिष्टाचार, व्यावहारिकता के लिए हो— औपचारिक • विवाहिता पत्नी से उत्पन्न संतान— औरस • हड्डियोँ का ढाँचा— कंकाल • दो व्यक्तियोँ के बीच परस्पर होने वाली बातचीत— कथोपकथन • बर्तन बेचने वाला— कसेरा

• जिसे अपने मत या विश्वास का अधिक आग्रह हो— कट्टर • जिसकी कल्पना न की जा सके— कल्पनातीत • ऐसा अन्न जो खाने योग्य न हो— कदन्न • हाथी का बच्चा— कलभ • कर्म मेँ तत्पर रहने वाला— कर्मठ • एक के बाद एक— क्रम • कान मेँ कही जाने वाली बात— कानाबाती/कानाफूसी • सरकार का वह अंग जो कानून का पालन करता है— कार्यपालिका • शृंगारिक वासनाओँ के प्रति आकर्षित— कामुक • जो दुःख या भय से पीड़ित हो— कातर • अपनी गलती स्वीकार करने वाला— कायल • दूसरे की हत्या करने वाला— कातिल • बाल्यावस्था और युवावस्था के बीच की अवस्था— किशोरावस्था • जो बात पूर्वकाल से लोगोँ मेँ सुनकर प्रचलित हो— किँवदन्ती/जनश्रुति • अपने काम के बारे मेँ कुछ निश्चय न करने वाला— किँकर्तव्यविमूढ़ • वृक्ष लता आदि से ढका स्थान— कुञ्ज • जिस लड़के का विवाह न हुआ हो— कुमार • ऐसी लड़की जिसका विवाह न हुआ हो— कुमारी • बुरे कार्य करने वाला— कुकर्मी • बुरे मार्ग पर चलने वाला— कुमार्गी • जिसकी बुद्धि बहुत तेज हो— कुशाग्रबुद्धि • जो अच्छे कुल मेँ उत्पन्न हुआ हो— कुलीन • वह व्यक्ति जिसका ज्ञान अपने ही स्थान तक सीमित हो— कूपमंडूक • किए गए उपकार को मानने वाला— कृतज्ञ • किए गए उपकार को न मानने वाला— कृतघ्न • जो धन को अत्यधिक कंजूसी से खर्च करता हो— कृपण • जिसने संकल्प कर रखा है— कृतसंकल्प • जो केन्द्र से हटकर दूर जाता हो— केन्द्रापसारी • जो केन्द्र की ओर उन्मुख हो— केन्द्राभिसारी/केन्द्राभिमुख • सर्प के शरीर से निकली हुई खोली— केँचुली • जो क्षमा किया जा सके— क्षम्य • जिसका कुछ ही समय मेँ नाश हो जाए— क्षणभंगुर • जहाँ धरती और आकाश मिलते हुए दिखाई देते हैँ— क्षितिज • जो भूख मिटाने के लिए बेचैन हो— क्षुधातुर • भूख से पीड़ित— क्षुधार्त • वह स्त्री जिसका पति अन्य स्त्री के साथ रात को रहकर प्रातः लौटे— खंडिता • आकाशीय पिँडोँ का विवेचन करने वाला— खगोलशास्त्री • जो व्यक्ति अपने हाथ मेँ तलवार लिए रहता है— खड्गहस्त • नायक का प्रतिद्वन्द्वी— खलनायक • जहाँ से गंगा नदी का उद्गम होता है— गंगोत्री • शरीर का व्यापार करने वाली स्त्री— गणिका • जो आकाश को छू रहा हो— गगनस्पर्शी • पहले से चली आ रही परम्परा का अनुपालन करने वाला— गतानुगतिक • ग्रहण करने योग्य— ग्राह्य • गीत गाने वाला/वाली— गायक/गायिका • गीत रचने वाला— गीतकार • हर पदार्थ को अपनी ओर आकृष्ट करने वाली शक्ति— गुरुत्वाकर्षण • जो बात गूढ़ (रहस्यपूर्ण) हो— गूढ़ोक्ति • जीवन का द्वितीय आश्रम— गृहस्थाश्रम • गायोँ के खुरोँ से उड़ी धूल— गोधूलि • जब गायेँ जंगल से लौटती हैँ और उनके चलने की धूल आसमान मेँ उड़ती है (दिन और रात्रि के बीच का समय)— गोधूलि बेला • गायोँ के रहने का स्थान— गौशाला • घास खोदकर जीवन–निर्वाह करने वाला— घसियारा • शरीर की हानि करने वाला— घातक • जो घृणा का पात्र हो— घृणित/घृणास्पद • जिसके सिर पर चंद्रकला हो (शिव)— चंद्रचूड़/चंद्रशेखर • वह कृति जिसमेँ गद्य और पद्य दोनोँ होँ— चंपू • चक्र के रूप मेँ घूमती हुई चलने वाली हवा— चक्रवात • ब्याज का वह प्रकार जिसमेँ मूल ब्याज पर भी ब्याज लगता है— चक्रवृद्धि ब्याज • जिसके हाथ मेँ चक्र हो— चक्रपाणि • चार भुजाओँ वाला— चतुर्भुज • कार्य करने की इच्छा— चिक्कीर्षा • लंबे समय तक जीने वाला— चिरंजीवी • जो चिरकाल से चला आया है— चिरंतन • जो बहुत समय तक ठहर सके— चिरस्थायी • चिँता (चिँतन) करने योग्य बात— चिँतनीय/चिँत्य • जिस पर चिह्न लगाया गया हो— चिह्नित • चार पैरोँ वाला— चौपाया/चतुष्पद • जो गुप्त रूप से निवास कर रहा हो— छद्मवासी • दूसरोँ के केवल दोषोँ को खोजने वाला— छिद्रान्वेषी • पत्थर को गढ़ने वाला औजार— छैनी • एक स्थान से दूसरे स्थान पर चलने वाला— जंगम • पेट की अग्नि— जठराग्नि • बारात ठहरने का स्थान— जनवासा • जो जल बरसाता हो— जलद • जो जल से उत्पन्न हो— जलज • वह पहाड़ जिसके मुख से आग निकले— ज्वालामुखी • जल मेँ रहने वाला जीव— जलचर • जनता द्वारा चलाया जाने वाला तंत्र— जनतंत्र • उम्र मेँ बड़ा— ज्येष्ठ • जो चमत्कारी क्रियाओँ का प्रदर्शन करता हो— जादूगर • जिसने आत्मा को जीत लिया हो— जितात्मा • जानने की इच्छा रखने वाला— जिज्ञासु • इन्द्रियोँ को वश मेँ करने वाला— जितेन्द्रिय • किसी के जीवन–भर के कार्योँ का विवरण— जीवन–चरित्र • जो जीतने के योग्य हो— जेय • जेठ (पति का बड़ा भाई) का पुत्र— जेठोत • स्त्रियोँ द्वारा अपनी इज्जत बचाने के लिए किया गया सामूहिक अग्नि-प्रवेश— जौहर • ज्ञान देने वाली— ज्ञानदा

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