Vyavaharik Bhugol Important Questions

Vyavaharik Bhugol Important Questions

भूगोल व्याख्याता : व्यावहारिक भूगोल

प्रश्न=1. भूगोल में व्यवहारवादी क्रांति का आगमन निम्न में से किसके साथ हुआ ?

(अ) मात्रात्मक चिंतन
(ब) आध्यात्मिक चिंतन
(स) आर्थिक चिंतन
(द) राजनेतिक चिंतन

(अ)✔
व्याख्या:- 1960 के दशक में शोध कार्यो के कारण भूगोल में मात्रात्मक क्रांति व व्यवहारवादी क्रांति दोनों का साथ- साथ में उदय हुआ, जिसने भूगोल विषय में मुलभुत परिवर्तन किया।

प्रश्न=2. गोल्ड के अनुसार भूगोल में व्यवहारात्मक विकास की प्रमुख उपलब्धियों में सामिल हे ?

1. इसमें भूगोल में मानव का व्यक्तिगत प्रभाव पड़ा
2 इसने अन्य विषयो से सम्पर्क स्थापित किया
3 भूगोल में भौगोलिक शोध को सामाजिक प्रसंगिकता प्राप्त हुई

कूट-

(अ) केवल 1 सही
(ब) केवल 2 सही
(स) 1 और 2 सही
(द) 1 ,2 और 3 सही

(द)✔
व्याख्या:- गोल्ड के अनुसार भूगोल में व्यवहारात्मक विकास की प्रमुख उपलब्धिया हे-
1.मानव पर्यावरण अन्तर्सम्बन्ध
2.भूगोल में नए दर्शन विचारधारा एवम् विधियों का विकास
3.पर्यावरण मानव अन्तर्सबंध

प्रश्न=3. “यह भौगोलिक चिंतन में महत्वपूर्ण मिल का पत्थर था”।निम्न में से किस भूगोलवेत्ता ने “भौगोलिक व्यवहारवाद” के सम्बन्ध में उपर्युक्त कथन कहा ?
(अ) गोल्ड
(ब) वोलपर्ट
(स) प्रेड
(द) साइमन

(अ)✔
व्याख्या:- गोल्ड के अनुसार- भूगोल में व्यवहारात्मक भूगोल द्वारा मानव पर्यावरण अन्तर्सम्बन्धों को नया स्वरूप मिला इसने मानव व्यवहार को प्राथमिकता दी हे।

प्रश्न=4. भूगोल में मानचित्रण की संकल्पना किसने प्रस्तुत की थी ?
(अ) साइमन
(ब) रेक्लेस
(स) केनेथ बोलडिंग
(द) प्रेड

(स)✔
व्याख्या:- केनेथ बोलडिंग【1956】 ने सर्वप्रथम भूगोल में इमेज की संकल्पना प्रस्तुत की थी और बताया की मानव पर्यावरण के सम्पर्क में आने पर अपने आस-पास की वस्तुओ के प्रति मानसिक धरना बना लेते हे।

प्रश्न=5. मानसिक मानचित्रण की अवधारणा का सर्वाधिक प्रयोग निम्न में से किस क्षेत्र के लिए किया गया हे ?
(अ) ग्रामीण पर्यावरण
(ब) नगरीय पर्यावरण
(स) आदिम पर्यावरण
(द) राजनेतिक पर्यावरण

(ब)✔
व्याख्या:- व्यवहारात्मक भूगोल में मानसिक मानचित्रण की अवधारणा का प्रयोग लोगो द्वारा अनेक क्षेत्रो में किया गया हे इसका सर्वाधिक व्यापक उपयोग नगरीय पर्यावरण को समझने के लिए किया गया हे।

प्रश्न=6. व्यवहारिक भूगोल के बारे में पहली बार विस्तृत व्यख्या किसने प्रस्तुत की?
(अ)हम्बोल्ट
(ब) जीन गोटमेन
(स) डडले स्टाम्प
(द) गिब्सन

(स)✔
व्याख्या:- व्यवहारिक भूगोल आर्थिक सम्पनता पर नही अपितु सामाजिक दृष्टि से स्वस्थप्रद विकास में विश्वास व्यक्त करता हैं

प्रश्न=7. किसने माना कि”समय व स्थान ऐसे संसाधन हैं, जो हमारी क्रियाओं को नियंत्रित बनाए हुए हैं?
(अ) राइट
(ब) क्रिक
(स) एलन प्रेड
(द) हेगरस्टैंड 

(द)✔
व्याख्या:- स्वीडिश भूगोलवेत्ता हेगरस्टैंड और सहायको ने “समय के भूगोल” सम्बंधित विचार प्रस्तुत किये।

प्रश्न=8. मानव के आचार व व्यवहार को प्राथमिकता देने वाली भूगोल की शाखा को कहा जाता हैं?
(अ) आचरणपरक
(ब) व्यवहारिक भूगोल
(स) दोनो
(द) कोई नही

(स)✔
व्याख्या:- व्यवहारिक भूगोल को आचरणपरक भी कहा जाता हैं।

प्रश्न=9. भूगोल में आचरण परक चिंतन को विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान किसने दिया?
(अ) क्रिक
(ब) जे.के. राइट
(स) कार्ल सावर
(द) सभी

(द)✔
व्याख्या:- व्यवहारवादी चिंतन को कार्ल सावर, हेगरस्टैंड, जे. के. राइट,जी.एफ.व्हाइट और विलियम क्रिक ने विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्रश्न=10. व्यवहारात्मक भूगोल के विकास में सबसे महत्वपूर्ण योगदान किसका हैं ?
(अ) सावर
(ब) प्रेड
(स) केट्स
(द) जुलेन वोलपर्ट

(द)✔
व्याख्या:- क्रिक ने व्यवहारात्मक मॉडल प्रस्तुत किया।

प्रश्न=11. “मानव द्वारा अनिश्चित पर्यावरण में अवसरों का आंकलन उसके संसाधन प्रबंधन निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं” यह कथन किसने कहा ?
(अ) क्रिक
(ब) हेगरस्टैंड
(स) केट्स
(द) मर्फी

(स)✔
व्याख्या:- आर.ई. मर्फी ने वातावरण बोध का अध्ययन किया।

प्रश्न=12. निम्लिखित में से “वातावरनिय बोध” का अध्ययन किसने किया?
(अ) हेगरस्टैंड
(ब) मर्फी
(स) केथेन
(द) कोई नही

(ब)✔
व्याख्या:- टी.हेगरस्टैंड ने प्रवजन एवं नवाचार के विसरण की संकल्पना दी।

प्रश्न=13. निम्लिखित में से असुमेलित वर्ग को बताइये ?
(अ)मर्फी – वातावरणीय बोध
(ब) हेगरस्टैंड – प्रवजन एव नवाचार विसरण
(स) एलन प्रेड – आबद्ध विवेकशीलता
(द) केट्स – मानसिक मानचित्र की संकल्पना

(द)✔
व्याख्या:- मानसिक मानचित्र की संकल्पना 1966 में गोल्ड ने प्रस्तुत की।

प्रश्न=14. “व्यवहार तथा अवस्थिति” नामक पुस्तक किसने लिखी?
(अ) केट्स
(ब) क्रिक
(स) प्रेड
(द) केनेथ

(स)✔
व्याख्या:- प्रेड ने यह पुस्तक वर्ष 1967 तथा 1969 में लिखी।

प्रश्न=15. मानव पर्यावरण सम्बन्ध बताने वाला बॉडिंग का मॉडल कब प्रस्तुत किया गया ?
(अ) 1970
(ब) 1956
(स) 1972
(द) 1999

(ब)✔
व्याख्या:- केनेथ बोल्ड़िंग के द्वारा ये मॉडल 1956 में प्रस्तुत किया गया।

प्रशन 16 – व्यवहारिक भूगोल कौन सी विचारधारा से संबंधित है
(अ) दार्शनिक विचारधारा
(ब) मनोवैज्ञानिक विचारधारा
(स) आर्थिक विचारधारा
(द) सामाजिक विचारधारा

(अ)✔
व्याख्या – व्यावहारिक भूगोल कि यह दार्शनिक विचारधारा मनोविज्ञान से संबंधित है इसमें यह माना जाता है कि मनुष्य अपने वातावरण में रहते हुए अपने ज्ञानेंद्रियों द्वारा वातावरण में सूचनाएं अभी ग्रहण करता है

प्रशन 17 – आचरण वाद किसे कहते हैं
(अ) मानव जीवन के सामाजिक महत्व देना
(ब) मानव जीवन के आर्थिक आचरण को महत्व देना
(स) मानव जीवन की प्रकृति तथा आचरण को महत्व देते हुए विचार विकसित करना
(द) सभी

(स)✔
व्याख्या – आचरण वाद से तात्पर्य विभिन्न प्रकार के भौगोलिक तत्व के विश्लेषण में मानव जीवन की प्रकृति तथा आचरण को महत्व देते हुए जो विचार विकसित हुआ है उसे ही आचरण वाद कहते हैं

प्रशन 18 – प्रेरित करने वाला सामाजिक प्राणी किसे माना जाता है
(अ) पशु को
(ब) पशु पक्षियों को
(स) मानव को
(द) सभी को

(स)✔
व्याख्या – मानव पर्यावरण के प्रति प्रतिक्रिया प्रदर्शित करता है मानव और पर्यावरण सक्रिय रूप से संचालित है मानव को प्रेरित होने वाला सामाजिक प्राणी माना जाता है इसके निर्णय और क्रियाएं स्थानीय पर्यावरण उसके ज्ञान द्वारा मध्यस्थ बनते हैं

प्रशन 19 – आचरण विधि का विकास कब हुआ
(अ) 1987 में
(ब) 1969-70
(स) 1960-70
(द) 1950-60

(स)✔
व्याख्या –उन्नीस सौ पचास साठ के दशक में मात्रात्मक क्रांति का बोल बना रहा उसी समय 1960-70 के दशक में आचरण विधि का विकास हुआ

प्रशन 20 – आचरण वाद के मुख्य उद्देश्य कौन से हैं
(अ( मानव के आतम परख पर्यावरण को स्पष्ट करना
(ब) पृथ्वी तल पर पाए जाने वाली विभिन्न प्रजातियों के आचरण संधि प्राथमिक आंकड़ों का संकलन करना
(स) दोनों
(द) कोई नहीं

(स)✔
व्याख्या – अ आचरण वाद के उद्देश्य मानव के आतम परक पर्यावरण को स्पष्ट करना जो मानव के निर्णय करने की प्रक्रिया को निश्चित करते हैं
2 पृथ्वी तल पर निवास मानव के विकास के लिए माननीय प्रतिरूप का विकास करना जो कि मात्रात्मक क्रांति द्वारा विकसित क्षेत्रीय अवस्थी के सिद्धांतों के विकल्प थे पृथ्वी तल पर पाई जाने वाली विभिन्न प्रजातियों के आचरण संधि प्राथमिक आंकड़ों का संकलन करना तथा उनसे संदेश प्रकाशित समकोण पर पूर्ण रूप से विकसित रहना
आचरण वाद का उद्देश्य सिद्धांत निर्माण और विभिन्न प्राकृतिक एवं अन्य समस्याओं के समाधान के अंत विषय विधि को स्वीकार करता है

 

Specially thanks to Post and Quiz Creator ( With Regards )

किशु सोनी, लालशंकर पटेल डूंगरपुर, कमलेश

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