1- Capital A/c : - व्यापार में व्यक्ति जो पैसा लगाता है उसे पूंजी खाता कहते हैं
जैसे: Rohit Capital A/c , Drawing A/c
2- Reserve & Surplus: - व्यापार शुरू करते समय कुछ पैसा भविष्य के लिए बचाकर रखना ही Reserve & Surplus कहलाता है
3- Secured Loan: -
A- इसमें हमें जमानत की आवश्यकता होती है
B- समय भी निश्चित नही होता है
जैसे- Loan from HDFC
Loan from PNB
4- Unsecured Loan: -
A इसमें जमानत की आवश्यकता नही पड़ती है
B समय भी निश्चित नही होता है
C ये किसी भी मित्र ,रिस्तेदार से ले सकते है
जैसे- Loan from uncle
Loan form friend
5-Bank OD | OCC: - मार्किट में जब हमारी पहचान बन जाती है तो ये सुविधा बैंक हमे प्रदान करती है
OD- OVER DRAFT
OCC- OVER CASH DRAFT
6- Sundry Debtors: - ये हमारे विक्रेता होते है जिन्हें समय पर पैसा देना हमारी जिम्मेदारी होती है
जैसे- Suresh Supp.
7- Duties & Taxes: - सरकार को समय पर टैक्स का भुगतान करना ही हमारी जिम्मेदारी बनती है
*जैसे-*Vat,Sat,Cst,St,Extra
8- Provision: - साल के अंत में अपने लाभ से कुछ पैसा भविष्य के लिए बचाकर रखना ही प्रोविजन कहलाता है
