अजम के साधारण राजवंश | ताहिरी वंश | सफ्फारी वंश

10वीं शताब्दी में अजम के कई शक्तिशाली वंश थे। औपचारिक रुप से वे खलीफा की सत्ता को स्वीकार करते थे किंतु अजम स्वतंत्र राज्य थे इनमें से कुछ प्रमुख थे ताहिरिद, सफाविद, समानिद और बूईद। इन वंशजों ने अपनी स्वतंत्र राजनीतिक संस्थाएं प्रारंभ की और ऐसी सरकार बनाई जो शांति स्थापित कर सके और व्यवसाय और व्यापार को बढ़ावा दे सके| मिश्र के राजवंशो में तुलूनिद (868- 83) और इख्शिदी (933-61) के पतन के बाद अबू  मुहम्मद उबैदुल्लाह ने फातीमी खिलाफत की नींव डाली। उस ने उत्तरी अफ्रीका के अधिकांश भागों पर अधिकार कर लिया और महदिया को अपनी राजधानी बनाया

अजम के प्रमुख राजवंश  

ताहिरी वंश (820-72ई.)

इस वंश का संस्थापक मामून का सेनापति ताहिर था जो खुरासान का राज्यपाल था 3 वर्ष तक शासन करने के बाद उसकी मृत्यु हो गई उसके स्थान पर उसके पुत्र तलहा को नियुक्त किया गया तल्हा के पश्चात अब्दुल्ला ,ताहिर द्वितीय और मुहम्मद, ताहिर वंश के अधिकारी नियुक्त हुए अंत मे मुहम्मद को लईस  ने सिहासन से वंचित कर दिया

सफ्फारी वंश (861-900 ईसवी)

इस्लामी राजवंश में सफ्फारी ही एक ऐसा शासक था जो अपनी श्रमिक वर्गीय उत्पत्ति पर गर्व करते थे इस वर्ग के वंश के संस्थापक याकूब था उसने अपना जीवन एक ठठेरे के रूप में आरंभ किया बाद में ताहिरी अधिकारी सालेह ने उसे अपना सेनापति बनाया। 861 में याकूब ने हेरात , किरमान और फर्स पर विजय हेतु प्रस्थान किया। 871 में उसने काबुल को एक तुर्क शासक( जो बौद्ध था )के अधिकार से छीन लिया। 872 में उसने ताहिरियों से खुरासान छीना और बगदाद पर आक्रमण करने का निश्चय किया किंतु राजधानी के निकट मुअफ्फक  द्वारा पराजित हुआ

3 वर्ष बाद उसकी मृत्यु हो गई उमर जो उसका भाई था उसका उत्तराधिकारी बना । 896 में उसने नेशापुर पर अधिकार कर लिया और ट्रांसाक्सियाना  पर विजय प्राप्त करने का निश्चय किया किंतु इस्माइली सामानी द्वारा पराजित हो कर बंदी बना लिया गया और बगदाद भेज दिया गया जहां कारागार में उसकी मृत्यु हो गई

समानी वंश (874-999 ई.)   

इस वंश का संस्थापक इस्माइली था जिसने 874 में  ट्रांसाक्सियाना पर अपनी सत्ता स्थापित की इस वंश का शासनकाल 999 ईस्वी तक था

जियारी वंश (928-1042 ई.)

इस वंश का संस्थापक जियार था यह राजवंश मूलतः साहित्यिक प्रोत्साहन के लिए विख्यात है अलबरूनी ने अपनी पुस्तक क्रोनोलॉजी ऑफ एशियन नेशंस  इस वंश के शासक काबूस को समर्पित किया है

बुवैदी अथवा दैलमी वंश ( 932 से 1052 ईसवी)

इस वंश का संस्थापक  बुवैह  था । बुवेदी  शासक शिया थे इनके संरक्षण में रूढ़िवादी शिया साहित्य का अत्यधिक विकास हु।
सुल्तान महमूद गजनबी ने इस वंश के अधिकांश भागों पर कब्जा कर लिया और शेष भाग  पर सल्जुकियों का अधिकार हो गया।

कराखानी वंश

इस वंश का शासक तुर्किस्तान में जेक्सार्टीज नदी के पूर्वी प्रदेश में था। बुगरा खॉ और ईलक खॉ  इस वंश के प्रसिद्ध शासक थे

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