ऊर्दू – रमुजी अवकाम ( विराम चिन्ह् )

♻ ऊर्दू जबान के तलबा को लिखने या पढ़ने के दौरान कहा पर ख़तमा, वाकिफ़ दिया जाना चाहिए और इस की अलामत क्या है इस के मुतालिक(जुडी) बात हमे मालूमात होती है

♻ अवकाफ जमा है वकिफा(ठहराव) के अवकाफ इन अलामतो का नाम है “जो एक जुमले को दूसरे जुमले से या एक जुमले को एक हिसे को इस के दूसरे हिसे से अलग करते है” (REET-2015 Level-1)

♻ इस का फायदा ये है के इन अलामतो के जरिये मखकद या तोयल ठराव की ज़रूरत है, वह ठहर जाए, इस से नजर को सुकून मिलता है, नजर थक नही पाती, मफुम को समझने में आसानी होती है, जहन और कोई भार नही पड़ता है- इस के अलावा और काफी मदरसें जमाओ के दरमियान आपस में अलजाया व या पेचीदगी पैदा नही होती है
चिन्ह
▪ (1)    ‘
▫ ऊर्दू नाम- सकता
▫ अंग्रेजी नाम- Comma

चिन्ह
▪ (2)   ;
▫ ऊर्दू नाम- वाकिफ़
▫अंग्रेजी नाम- Semi Colon

चिन्ह
▪ (3)    :
▫ ऊर्दू नाम- राबता
▫ अंग्रेजी नाम- Colon

चिन्ह
▪ (4) :-
▫ ऊर्दू नाम- तफसिला
▫ अंग्रेजी नाम- Colon and Dash

चिन्ह
▪(5)   –
▫ ऊर्दू नाम- खत्मा
▫ अंग्रेजी नाम- Full Stop

चिन्ह
▪(6)   !
▫ ऊर्दू नाम- नजाया या फ़जाया
▫ अंग्रेजी नाम- Note Of Exclamation

चिन्ह
▪(7)  ?
▫ ऊर्दू नाम- सवालिया निशान
▫ अंग्रेजी नाम Question Mark

चिन्ह
▪(8) _
▫ ऊर्दू नाम- खत
▫ अंग्रेजी नाम-  Dash

चिन्ह
▪ (9) ( ),[ ], { }
▫ ऊर्दू नाम- कोसीन
▫ अंग्रेजी नाम- Brackets

चिन्ह
▪ (10) “” “”
▫ ऊर्दू नाम- वाविन
▫ अंग्रेजी नाम- Inverted Commas

चिन्ह
▪(11)   V
▫ ऊर्दू नाम- ज़न्जीर
▫ अंग्रेजी नाम- Hyphen

♻(1) सकता( ,) Comma-
(i) इन आसमा या ज़मीन के दरमियान जो एक दूसरे के बादल का काम करते है I
▪जैसे-  हिमायतो, इबने बाबर, शहनशाह

(ii) एक ही तरह के तीन या तीन से ज्यदा अल्फ़ाज जो एक साथ ईस्तमाल किये गये हो I
▪जैसे- ▫ (अलिफ़) दरिया, पहाड़ व जंगल
▫ (ब) महल, महबत और अख़लाक़

(iii)  जमाओं के इन अजजा के दरमियान जो तशरीय है
(अ) ये होज 15 फ़ुट लम्बा, 10 फ़ुट चोडा, 5 फ़िट गहरा है
(ब) आग का दरिया, कुरानुलिन है, दर का बहतरीन नादिल है

(IV)  इबारत और खशुसा शहर के अन्दाज में अल्फ़ाज के उल्टे पढ़ने से पैदा होने वाली पेचीदगी को दूर को दूर करने के लिए

♻(2) वक़्फ़ा ( ; ) Semi Colon- 

▪(i) जिस इबारत में बड़े जुमलों के दरमियान अगर चे लिहाजा , लेकिन , वरना, ताहम, चुनानचा, जबकि , हालांकि, बाशर्त तलके जैसे अल्फ़ाज जो जुमलों के रबत को बरक़रार रखने के लिए इस्तमाल हो इन से पहले वकफा की अलामत लिखते है I

▪(ii) जब जुमलों के दो हिस्से को अलग करना पढ़े जिन से अन्दूरींनी तोर पर सकता मौजूद हो यानी दोनों जुमलों के सकता के जरिया एक हो, नोहियत के बाद होतो इन के दरमियान वक्फा का ईस्तमाल होता है I

(3) राबता( : ) Colon

▫(i) इस का ठहराव वक्फा के ठहराव से कुछ ज्यदा होता है- बड़े जुमलों में जब किसी असली बात के तशरीर या ताहद करनी होती है जो पहले के जैसे है तो राबता का ईस्तमाल किया जाता है
▪ जैसे – बाजार गेहूँ का कुल है : “सुबह का  भुला शाम को घर आया तो उसे भुला नही कहते”

▪(ii) शहर या मुआसरा का हवाला देने से पहले भी इस का ईस्तमाल किया जाता है
▪(iii) ऐसे जो जुमलों के दरमियाँ जो आपस में सतमद(अलग-अलग/अधूरे) हो और मिलकर जुमलों को मुकमल(पूरा) तोर और वासह करते हो
▪ जैसे- घर छोटा हुवा तो क्या हुवा दिल तो बड़ा है

?(4) तफसील( – : ) Colon and Dash-
ये अलामत हसब दिल( दिल की बात कहते वक्त) मोलो पर ईस्तमाल की जाती है I
(i) जब किसी इस्बास या फरहस्त को पेश करना हो I
(ii) एक ही तरह के जुमलों के तकरार के बाद आयदो I (नियमो)  तोर पर आये जाये पर “मनकर है” या “अलखद” जैसे अल्फ़ाज के जरूरत हो तब इस का ईस्तमाल किया जाता है I
(iii) एक ही जुमलों में कहि बाते कहि गई हो I
(IV) किसी अशुल(नियम) या कायदों की मशाल तहरीर करते वक्त I

?(5) खात्मा( – ) Full Stop- 

ख़ात्मा की आलामत जुमला मुकमल(पुरा) होने और कारी के लिए फिर पुरे ठराव की निशान्दगी करता है I

? (6) फ़जाइया या नदाइया ( ! ) Sing Of Exclamation- 

किसी को मुख़ातिब करने या बुलाने के किये ईस्तमाल किया जाने वाले के आगे फ़जाइया या नदाइया ( ! ) अलामत लगाते है I
▪ जैसे- बुलबुले हजार दास्ता !

? (7) सवालिया निशान( ? ) Question Mark- 

इस अलामत को सवाल के बाद लगावा जाता है I
▪ जैसे- कौन आया ?
कहा जाना है ?

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