झुंझुनू जिला दर्शन | शेखावाटी का सिरमौर | मरुस्थल का सिंह द्वार

झुंझुनू जिला दर्शन | शेखावाटी का सिरमौर | मरुस्थल का सिंह द्वार

झुंझुनू जिला राज & भारत में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। राज के जयपुर संभाग में शामिल जिलो में शामिल हैं। आज प्रदेश में साम्प्रदायिक सद्भाव की दृष्टि से अपनी विशेष पहचान रखता हैं।

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झुंझुनू जिले का सामान्य परिचय –

  •  क्षेत्रफल – 5928 वर्ग km
  •  अक्षांशीय स्थिति – 27°5′ से 28°51′ उत्तरी अक्षांश
  •  देशांतरीय स्थिति – 75° से 76° पूर्वी देशांत
  •  संभाग – जयपुर
  •  पंचायत समिति – 11 (अलसीसर, बुहाना, चिरावा, झुंझुनू, खेतड़ी, मंडावा, नवलगढ़, पिलानी, सिंघाना, सूरजगढ़, उदयपुरवाटी)
  •  तहसील – 10 (मलसीसर, बुहाना, चिड़ावा, झुंझुनू, खेतड़ी, मंडावा, नवलगढ़, गुढ़ा गौड़ज़ी, सूरजगढ़, उदयपुरवाटी)
  •  उपखंड – 6
  •  उपतहसील – 2
  •  लोकसभा क्षेत्र – झुंझुनूं
  •  विधानसभा क्षेत्र – झुंझुनूं, मण्डावा, पिलानी, नवलगढ़, खेतड़ी, उदयपुरवाटि, सूरजगढ़
  •  नदी – कांटली (प्रवाह क्षेत्र – तोरावाटी)
  •  साक्षरता – 74.1%
  •  लिगांनुपात – 950
  •  जनसंख्या घनत्व – 361
  •  शुभंकर – काला तीत

उपनाम

  • ताम्बा जिला
  • शेखावाटी का सिरमौर जिला
  • मरुस्थल का सिंह द्वार वाला जिला

ऐतिहासिक परिदृश्य  

झुंझुनू जिले में फिरोज खान तुगलक के बाद कायम खा के पुत्र मुहम्मद खा ने राज किया था। आखिरी नवाब रुहेला खा था। इनके बाद शेखावत राजपूतों ने आधिपत्य कर लिया। झुंझुनूं जिला आज राज. में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। एक मत के अनुसार झुंझुनूं जिले को 1451-88 के बीच जुंझा नामक जाट ने बसाया था। शार्दुल सिंह के निधन के बाद उनके पांच पुत्रों के मध्य झुंझुनूं का विभाजन हुआ जो पँचपना कहलाया था (नवलगढ़, डूंडलोद, बिसाऊ, मण्डावा, मलसीसर) ।

 1834ई में हेनरी फोरेस्टर द्वारा शेखावाटी ब्रिगेड का गठन झुंझुनूं में किया गया था। इसका उद्देश्य – मराठों एव पिण्डारियों के अंत करना था।

प्रमुख बांध  –  अजीत सागर बांध

जिले के प्रमुख उधोग

  •  पिलानी  –  (CEERI) केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान
  •  खेतड़ी  –  ज्योति ट्रिपल कारखाना
  •  खेतड़ी  –  हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड – की स्थापना 1967 में अमेरिका के सहयोग से की गई।

प्रमुख नदी  – कांटली

 राज में पूर्ण बहाव की दृष्टि से आंतरिक प्रवाह की सबसे लंबी नदी हैं। इसके किनारे गणेश्वर सभ्यता हैं। यह झुंझुनूं को 2 भागों में बांटती हैं।

खनन  

  •  उदयपुरवाटी – ग्रेनाइट & लाइमस्टोन खनन के लिए प्रसिद्ध
  •  सिंघाना  – लौह अयस्क खनिज क्षेत्र
  •  लौह अयस्क खान  –  डाबला, नाई की ढाणी, सीओरी की खान
  •  कैल्साइट  –  पपरना, माधोगढ़
  •  ताम्बा  – खेतड़ी, सिंघाना, बबाई।

प्रमुख सभ्यता  –  सुनारी  (लौह गलाने की प्राचीनतम भट्टियां मिली थी)

झुंझुनू जिले के प्रमुख मेले और त्योहार

  • राणी सती  – का वास्तविक नाम नारायणी बाई था। दादीजी के नाम से लोकप्रिय है। विश्व का सबसे बड़ा सतियो का मेला भाद्रपद अमावस्या को लगता हैं। प्रतीक चिन्ह  –  सिंदूर व चुनरी। अपने पति तनधनदास की मृत्यु का बदला हिसार नवाब को मारकर लिया। 1987 में भारत सरकार ने सती प्रथा निरोधक अधिनियम बनाया। राणी सती के परिवार में एक साथ 13 स्त्रियां सती हुई थी ।
  • रामदेव जी मेला  – नवलगढ़ व लोयल में लगता हैं।
  • सुन्दरदास जी मेला वर्दवान में जन्माष्टमी पर कृष्ण जी का मेला लगता हैं।
  • रायतमता मेला  – गागीयासर ( यह विजयदशमी पर भरता है
  • मनसा देवी  – उदयपुरवाटी में चैत्र सुदी 8 एवं आसोज सुदी 8 को लगता हैं।

झुंझुनू जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल – 

बिसाऊभीति चित्रों के लिए & मूक रामलीला के लिए प्रसिद्ध  क्षेत्र

  •  हीराराम बनारसी हवेली
  •  सेठ जयदयाल केड़िया हवेली
  •  सीताराम सिगतिया हवेली
  •  चिड़ावा  – भीति युक्त हवेलियों के लिए प्रसिद्ध
  •  नवलगढ़  – हवेलियों के लिए प्रसिद्ध
  •  शेखावाटी की स्वर्ण नगरी
  •  पोदारो की हवेली
  •  भगतो की हवेली
  •  चोखानी हवेली
  •  रूपनिवास हवेली
  •  बघेरिया हवेली
  •  धरकाजी, लालधर जी हवेली

बगड़पीरामल हवेली 

  •  पिलानी  – सीरी की स्थापना & बिट्स संस्थान (1956ई)
  •  शिक्षा नगरी के नाम से प्रसिद्ध।
  •  पंचवटी, बिरला म्यूजियम प्रसिद्ध हैं

मण्डावा  –  ओपन आर्ट गैलरी & भिति चित्रों के लिए प्रसिद्ध

  •  रामदेव चोखानी की हवेली
  •  सागरमल लड़िया हवेली
  • शेखावाटी में सर्वाधिक विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है।

महनसर  – भिति चित्रो की स्वर्ण पोलिस के लिए प्रसिद्ध के कारण सोने – चांदी की दुकान भी कहते है। यहाँ तोलाराम मसखरा का महफिलखाना स्थित हैं।

लोहागर्ल  –  यहाँ पर भाद्रपद कृष्ण नवमी से अमावस्या तक मेला लगता है।

  •  इस स्थान पर महाभारत के युद्ध के बाद पांडवों ने अपने अस्त्र-शस्त्र यहाँ पर ही गलाए थे ।
  •  यह उदयपुरवाटी के नजदीक, अरावली पर्वत माला के मालकेतु पर्वत की शंखाकार घाटी में प्रसिद्ध तीर्थ हैं ।
  •  यहाँ पर भीम गुफा, भीम कुंड, सूर्य कुंड आदि है जिसमे सूर्य कुंड में स्नान का विशेष महत्व है।
  •  24 कोषीय परिक्रमा के लिए प्रसिद्ध, इसे मालकेत की परिक्रमा भी कहा जाता हैं।
  •  इस स्थान पर लगभग 70 मन्दिर हैं।
  • RAJASTHAN DISTRICT

 बुहाना फौजियों की तहसील

  •  ढोसी पहाड़ी –  चवन्य प्राश बनाने की विधि का आविष्कार हुआ ।

खेतड़ी  – ताम्र नगरी

  •  यहाँ के महाराजा अजीत सिंह नरेंद्र दत्त से नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद रखा था।
  •  विवेकानंद जी ने भगवा रंग का चोगा यही पहना था।
  •  अजीत सिंह के आग्रह पर विवेकानंद जी 1893 के शिकागों धर्म सम्मेलन में जाने से पूर्व यहाँ पधारे थे।
  •  पन्नालाल शाह का तालाब/ सतरंगी तालाब
  •  फतेह विलास महल स्थित है।
  •  रामकृष्ण मिशन मठ (राज में 1st, चूडावत जी ने 1859 में बनवाया था)
  •  खेतड़ी महल  –  राजा भोपाल सिंह ने 1760 में ग्रीष्म ऋतु के विश्राम के लिए बनवाया था।
  •  राज का दूसरा हवामहल कहा जाता हैं।
  •  शेखावाटी का हवामहल के नाम से भी जाना जाता हैं।
  •  लखनऊ की भूल भलया का प्रतीक।
  •  मोतीलाल नेहरू की प्रारंभिक शिक्षा यही हुई थी।

किरोड़ी  – दानवीर शासक टोडरमल तथा वित्तमंत्री मुनशाह का प्रसिद्ध स्मारक।

झुंझुनू जिले के प्रमुख मन्दिर   

बावलिया बाबाचिड़ावा (वास्तविक नाम – गणेश नारायण, गांव – बुगाला), झुंझुनूं का साई बाबा जी

बाबा रामेश्वर मन्दिर  –  टीबा बसई

सकराय माता  –  उदयपुरवाटी

  •  वास्तविक नाम  – शंकरा
  •  खण्डेलवालो की कुल देवी
  •  महंत नाथ सम्प्रदाय से
  •  अकाल पीड़ित जनता को बचाने के लिए फल, सब्जियां, कंदमूल* उत्पन्न किया। इसके कारण ही शाकम्भरी कहते हैं।
  •  इसे ही 1st बार इंटरनेट जारी किया था।

रघुनाथ चुंडावत मन्दिर  – खेतड़ी

  •  विश्व का एकमात्र मन्दिर जहा राम – लक्ष्मण की दाढ़ी-मुछ वाली प्रतिमा लगी हैं।
  •  खेतड़ी का सबसे बड़ा प्रसिद्ध मंदिर

राधा कृष्ण मंदिर  – किरोड़ी

हनुमानजी बालाजी मंदिर  –  सीतसर

रूपदास जी मंदिर  – बगड़

चंद्रनाथ जी का टीला  –  बगड़

प्रमुख दरगाह  –

झुंझुनूं संत कमरुद्दीन दरगाह, संत रुहेल खा का मकबरा

नरहड़  – शक्कर पीर बाबा की दरगाह  – शेख सलीम चिश्ती पीर। बाबा के शिष्य थे, इन्हें बांगड़ के धणी कहा जाता हैं।

  •  यहाँ पर ही भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को मेला लगता है।
  •  शेखावाटी में पागलों का इलाज होता हैं ऐसी मान्यता है।
  •  तीन दरवाजे – बुलन्द दरवाजा, बुगली दरवाजा, बसन्ती दरवाजा।

किरोड़ी  – पीर बाबा मस्जिद

प्रमुख बावड़ी  – 

  •  तुलस्यनो की बावड़ी
  •  मेड़तनी की बावड़ी
  •  मूव बावड़ी
  •  जोगीदास की छतरी (उदयपुरवाटी) भिति चित्रों के लिए प्रसिद्ध हैं। इसका चित्रकार – देवा है ।
  •  राव शेखा जी की छतरी  –  परसारामपुरा में।

प्रमुख नृत्य ढप, चंग, गीदड़…

राज में प्रथम  –

  •  गौरीर – रील द्वारा स्थापित राज्य का पहला 100 kg वाट का सौर ऊर्जा सयंत्र
  •  पिलानी  –  राज्य का 1st निजी नर्सिंग कॉलेज
  •  पिलानी  –  राज्य का 1st निजी नर्स कम्पाउंडर प्रशिक्षण केन्द्र
  •  डूंडलोद  – राज्य का 1st गधो का अभ्यारण्य
  •  दोरासर  – राज का 1st खेल विश्व विद्यालय
  •  दोरासर  – राज का 2nd सैनिक स्कूल
  •  पीरूसिंह  – राज का 1st परमवीर चक्र विजेता (बेरी गांव)
  •  श्री घनश्याम दास बिलड़ा  –  राज में 1st पदमविभूषण प्राप्त करने वाले।
  •  बुडानिया  – 1st हाइटेक पंचायत
  •  1st मोर अभ्यारण्य प्रस्तावित है
  •  सबसे बड़ा वाटर हीटर  – पिलानी के बिड़ला संस्थान में।
  •  सुमित्रा सिंह  – राज में 1st महिला विधानसभा अध्यक्ष (किसारी गाँव से)।  इसे ग्लोरी ऑफ इंडिया अवार्ड से भी नवाजा गया।
  •  नरोत्तम लाल जोशी  –  राज का 1st विधानसभा अध्यक्ष
  •  कमला बेनीवाल  – राज की 1st महिला मंत्री होने का गौरव
  •  कमला बेनीवाल  –  राज की उपमुख्यमंत्री होने का गौरव प्राप्त।
  •  मोहना सिंह  –  1st महिला लड़ाकू विमान पायलट।
  •  सबसे ज्यादा नगरपालिका

देश में प्रथम  –

  •  1st खनिज कोर लाइब्रेरी – अकवाली
  •  5वा गधों का अभ्यारण्य
  •  देश का 1st शौर्य उद्यान – (दोरासर)झुंझुनूं
  •  देश का 1st धूम्रपान रहित शहर , 31 मई 2017 को घोषित हुआ।
  •  देश का 1st निर्मल गाँव  – बख्तारपुरा

इंदिरा गांधी नहर परियोजना | राजस्थान नहर

झुंझुनू जिले से जुडे महत्वपूर्ण तथ्य

  •  पत्रकारिता के भीष्म पितामह – पंडित झाबरमल शर्मा (जसरापुर) से।
  •  फ्रेंसको बुनों/ अराइस पद्धति/ आला – गीला पद्धति के लिए प्रसिद्ध   –  झुंझुनूं।
  •  चिड़ावा का गाँधी  –  मास्टर प्यारेलाल गुप्ता
  •  राज में सर्वाधिक देशभक्तों वाला जिला, फौजियों का जिला।
  •  बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान यहाँ से ही शुरू हुआ था।
  •  चांदमारी ताम्र परियोजना
  •  आपनी परियोजना
  •  घुमनसर  –  भारतीय वायु सेना में लड़ाकू विमान उड़ाने वाली  प्रिया शर्मा
  •  2 NH हैं
  •  मेहंदी हसन  –  गजल गायक (लूणा से)।
  •  चिड़ावा खयाल  – प्रवर्तक – नानूराम, दुलिया राणा ने प्रसिद्ध किया।
  •  शेखावाटी उत्सव की शुरुआत नवलगढ़ से की।
  •  श्रीधर, सिंघानिया, JJT विश्वविद्यालय स्थापित है।
  •  चिड़ावा के लालचंद जी के पेड़े प्रसिद्ध हैं।
  •  वाहन पंजीकरण  –  RJ – 18

झुंझुनू जिला एक प्रसिद्ध जिला है। इसमें शिक्षा का एक अलग ही माहौल है आज कोई भी अशिक्षित नहीं है। 

Important Test and Notes 

Special thanks to the post author – कपिल कुमार झुंझुनूं

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झुंझुनू जिला दर्शन | शेखावाटी का सिरमौर | मरुस्थल का सिंह द्वार

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