भरतपुर प्रजामंडल आंदोलन

?भरतपुर में स्वतंत्रता आंदोलन का श्रीगणेश जगन्नाथदास अधिकारी व गंगा प्रसाद शास्त्रीने किया था
? इन्होने 1912 में हिंदी साहित्य समिति की स्थापनाकरी थी
?1921 के महात्मा गांधीके असहयोग आंदोलनसे ही रियासती जनता के हृदय में आजादी की भावना जागृत हुई
?भरतपुर के कई युवकोंने अंग्रेजी भारत में जाकर असहयोग आंदोलन में सक्रिय भाग लिया
?जिनमें श्री निरंजन शर्मा और श्रीशंकर लाल प्रमुख थे
?इन युवकों ने भरतपुर में भी चेतना जागृत कर दी थी
?यह चेतना कही सेवा समिति, कहीं सी हिंदी साहित्य समितिऔर कहीं आर्य समाज जैसी प्रगतिशील संस्थाओंमें योग देकर बढ़ती रही
?1923-24 में सेवा समिति का निर्माण हुआ
?जिसके आरंभकर्ता पंडित सांवलसिंह जी व गया प्रसादजी थे
?भरतपुर के किसान भी भारी करो से दबे होने के कारण राजा के विरोधी हो रहे थे
?1924 में वहां के किसानों ने अपने नरेश के किशनसिंह से करो में कमी करने का अनुरोधकिया
?इसके विपरीत किशन सिंह ने किसानों के विरुद्ध दमन कि नीतिअपनाई
?जिसके फलस्वरूप भरतपुर का किसान आंदोलन उग्र हो गया
?1 अप्रैल से 15 अप्रैल 1927 के मध्य भरतपुर में वहां के नरेश किशन सिंह के विरुद्ध अनेक सभाओं का आयोजन किया
? इन सब के मध्य भाग्य वर्ष भरतपुर में हिंदी साहित्यका सम्मेलन हुआ
?जिस कारण भरतपुर नरेश किशन सिंह ने उत्तरदायी शासनकी मांग को स्वीकार किया व जन जागृति में अपना महत्वपूर्ण योगदानदिया
?इस कारण भरतपुर के महाराजा किशन सिंह. सबसे अधिक प्रगतिशील शासक माना जाता था
?भरतपुर में जनजागृती मे महाराज किशन सिह के उदार शासन का महत्वपूर्ण योगदान रहा
?इन्होंने हिंदी को प्रोत्साहित किया और उत्तरदायी शासन की मांग को स्वीकारकिया
?भरतपुर के महाराजा किशन सिंह ने यह घोषणा 15 सितंबर 1927 को कि थी
?भरतपुर में 1927 में गौरीशंकर हीराचंद ओझा की अध्यक्षता में हिंदी साहित्य का 17 वां अधिवेशन आयोजित किया गया था
?इस सम्मेलन में विश्व कवि रविंद्र नाथ टैगोर महामना मदन मोहन मालवीय व सेठ जमनालाल बजाज भी सम्मिलित हुए थे
?भरतपुर नरेश किशन सिंह जी ने इन सभी को अपना मेहमान बनाया था
?किशन सिह के इस कार्य से एक तरफ ब्रिटिश सरकार नाराज हो गई थी
?वही दूसरी तरफ भरतपुर के किसान नेता और राष्ट्रीय जागरण में रुचि रखने वाले व्यक्तियों को देश के नेताओं से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ
?भरतपुर नरेश किशनसिंह ने जनता को शासन में भागीदार बनानास्वीकार कर लिया
?सरकार ने महाराजा की गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें गद्दी छोड़ने पर विवश कर दिया
?उनके स्थान पर अल्प व्यस्क ब्रजेंद्र सिह को गद्दीपर बैठाया व प्रशासन के लिए एक अंग्रेज अधिकारी (मेकेंजी1928)की नियुक्ति की गई
?जिसमें जगन्नाथदास अधिकारी को निर्वासितकर दिया और सार्वजनिक सभा व प्रकाशनों पर प्रतिबंधलगा दिया
?दीवान मेकेंजी ने जुलूसों प्रदर्शन और भाषणों पर प्रतिबंध लगा कर
?प्रशासन के सचिव ठाकुर देशराज, अध्यक्ष गोपी लाल यादव और अन्य कार्यकर्ताओं को गिरफ्तारकर लिया
?1928 में भरतपुर राज्य प्रजा संघ की स्थापना हुई
?मेकेंजी कि दमनकारी नीति पुलिस अत्याचार एवं मौलिक अधिकारों पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में 1928 में भरतपुर राज्य प्रजा संघकी स्थापना की गई


: ??भरतपुर राज्य में राजनीतिक जागृति?? 

?भरतपुर राज्य में राजनीतिक जागृति का ठोस प्रयास हरिपुरा कांग्रेसके बाद सन 1938में हुआ था
?श्री किशन लाल जोशी ने इस कार्य में पहल करी थी
?श्री किशन लाल जोशी सन 1930 के देशव्यापी नमक सत्याग्रह में भाग लेनेके कारण अजमेर में 4 माह शेखावाटी आंदोलन के संबंध में तेरा माह की सजा काट चुके थे
?अंग्रेजी दीवान मेकेंजी ने सार्वजनिक कार्यकर्ताओं को भरतपुर से निकाल दिया और राज्य के 4 उच्च अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में पदच्युत कर दिया
?दीवान के इस कार्य से राज्य में तनावपूर्ण स्थितिहो गई थी
?1929-30के समय तक राज्य के विद्रोही अथवा राष्ट्रीय भावना वाले लोगों से बाहर जाने से रह गए,उनमें से गोकुल जी वर्मा राज्य से टक्कर लेने वालों में सर्वप्रथम थे
?1930 में ठाकुर देशराज के साथ किशन लाल जोशी ने राजनीतिक जागृति का कार्य प्रारंभ किया
?इस राजनीतिक जागृति को आगे बढ़ाने में गोकुल चंद दिक्षित, मास्टर आदित्येंद्र,मदन मोहन लाल और श्री गौरीशंकर मित्तल प्रमुख थे
?1929-30 में प्रजा परिषद नाम की एक संस्था स्थापित की गई थी
?इस संस्था के तत्वाधान में भरतपुर राज्य के संस्थापक महाराजा सूरजमल की जयंती मनाई गई
?राव गोपी लाल यादव इस संस्था के अध्यक्षऔर ठाकुर देशराज इसके सचिव है
?इसका  अधिवेशन भरतपुर में होना ही था
?ब्रिटिश दीवान मैकेंसी को यह बुरा लगा
?इस पर देशराज को उनके गांव जुरेहा में बंदी बना लिया गया
?यहां से भरतपुर तक 45 मील भूखे पेट पैदल चलाने को बाध्य किया
?एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपी लाल यादव की गिरफ्तारी के वारंट जारी कर दिए गए
?गया प्रसाद चौधरी व लाला गंगा सहाय के मकानों की तलाशी ली गई
?लोगों को भाषण देने के कारण इसे अपराध मानकर बंदी बना लिया गया
?लेकिन दिवान मेकेंजी की दमन नीति के कारण भरतपुर की जनता उसको मत भरतपुर से निकालने को आमादा हो गई
?1930 में जगन्नाथ कक्कड़ ,गोकुल वर्मा और मास्टर फकीरचंदआदि ने भरतपुर कांग्रेस मंडल की नींव डाली
?सितंबर 1937को एक प्रतिनिधिमंडल जवाहरलाल नेहरु से मिलने भरतपुर रेलवे स्टेशन गया
?जवाहर लाल नेहरू की प्रेरणा से सितंबर 1937में गोकुल चंद वर्मा, गोरी शंकर मित्तल आदि ने मिलकर भरतपुर कांग्रेस मंडलकी स्थापना की

??भरतपुर प्रजामंडल का गठन??  
?हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन के पश्चात और भरतपुर राज्य के महाराजा की छत्रछाया में लोकतांत्रिक प्रशासन की स्थापना के उद्देश्य से 1938 में श्री किशन लाल जोशी गोपी लाल यादव मास्टर आदित्येंद्र और युगल किशोर चतुर्वेदी के प्रयासों से भरतपुर राज्य प्रजामंडलकी स्थापना की गई
?गोपी लाल यादव को प्रजा मंडल का अध्यक्ष बनाया गया
?ठाकुर देशराज और पंडित रेवतीशरण शर्मा को उपाध्यक्षबनाया गया
?किशन लाल जोशी को महामंत्रीबनाया गया
?इसी बीच भरतपुर प्रजामंडल के कार्यकर्ता अपनी सरकार से प्रजामंडल को मान्यता प्रदान करने का अनुरोध करते रहे
?इसी समय भरतपुर प्रजामंडल ने फतेहपुर सीकरी में पूर्व राजस्थान की जनता का एक सम्मेलन आयोजित किया गया था
?जिसकी अध्यक्षता सुप्रसिद्ध साम्य वादी नेता श्री एम एन राय ने की थी
?भरतपुर प्रजामंडल को मान्यता नहीं मिलनेके कारण भरतपुर रियासत द्वारा इसे गैरकानूनी घोषित कर दिया गया
?जब कार्यकर्ताओं को प्रजा मंडल के पंजीकरण में सफलता नहींमिली तो 1939 में ठाकुर देशराज की धर्मपत्नी श्रीमती त्रिवेणी देवीऔर गोरी शंकर मित्तल की धर्मपत्नी श्रीमती भगवती देवी के नेतृत्व में सरकार को अल्टीमेटमदिया गया
?अगर सरकार एक माह में प्रजामंडल को मान्यता प्रदान नहीं करती है तो वह संघर्ष के लिए तैयारहो जाए
?सरकार द्वारा इस चुनौती पर ध्यान नहींदेने के कारण 21 अप्रैल 1939 में भरतपुर में सत्याग्रह का श्रीगणेश किया गया
?भरतपुर के विभिन्न नगरो में सभाएं आयोजित की गई और नेताओं के ओजस्वी भाषणहुए
?सरकार की दमन नीति फिर से चालूहुई और करीब 473 व्यक्ति बंदी बना लिए गए
?इनमें ठाकुर देशराज ,बाबा दूधाधारी ,गौरी शंकर मित्तल ,पंडित हुकमचंद ,जगन्नाथ कक्कड़ और घनश्यामआदि कार्यकर्ता प्रमुख थे
?इस सत्याग्रह में गिरफ्तारी देने वालों में 32 महिलाएंभी थी
?प्रमुख कार्यकर्ताओं के बंदी हो जाने पर मास्टर आदित्येंद्र और जुगल किशोर चतुर्वेदी में मथुरा में रहकर इस आंदोलन का संचालन किया
?22 अप्रैल 1939 को सभा के दौरान गौर नंद जाट ने एक कविता पढ़ी थी
?जिसमें राज्य परिषद के गृह सदस्य और राजस्व सदस्य की आलोचनाकी गई श्रीमती त्रिवेणी देवी द्वारा इस सभा में एक गीत गाया गया
?इस गीत के माध्यम से भरतपुर वासियों से आग्रह किया गया कि वह जागे और अपने अधिकारोंके लिए सत्याग्रह करें


??भरतपुर प्रजा परिषद?? 
?दिसंबर 1939 में महाराजा ब्रजेंद्र सिंह के राजसिंहासन ग्रहण करने के बाद ही शीघ्र प्रजामंडल और राज्य सरकार के बीच समझौता हो गया
?इस समझौते के तहत भरतपुर प्रजामंडल का पंजीकरण भरतपुर प्रजा परिषदके नाम से कर दिया गया
?भरतपुर प्रजा परिषद के अध्यक्ष मास्टर आदित्येंद्रको बनाया गया
?इस समझौते के तहत सभी राजनीतिक बंदियों को रिहाकर दिया गया
?भरतपुर प्रजा परिषद का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक समस्याओंको प्रस्तुत करना
?प्रशासनिक सुधारों पर बलदेना और शिक्षा का प्रसार करना था
?भरतपुर प्रजा परिषद ने 27 अगस्त से 2 सितंबर 1940 को  राष्ट्रीय सप्ताहमनाया गया
?जिसमें अनेक प्रस्ताव पारित हूंए
?उनमे से एक भरतपुर में उत्तरदायीशासन स्थापितकरने का प्रस्ताव था
? इन पारित प्रस्ताव को राज्य के प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया लेकिन सरकार ने उन पर कोई ध्यान नहीं दिया
?भरतपुर प्रजा परिषद का प्रथम अधिवेशन 30 दिसंबर 1940 को जय नारायण व्यास की अध्यक्षतामें आयोजित किया गया
?इस अधिवेशन में भी उत्तरदायी शासन की मांग पर बल दिया गया
?सरकार की तरफ से इसका पुरस्कार यह मिला की परिषद के नेता बंदी बना लिए गये थे
?28 से 30 सितंबर 1941 को भरतपुर परिषद का विशेष अधिवेशन हुआ
?हीरा लाल शास्त्री ने इस विशेष अधिनेशन मे भाग लिया था
?मास्टर आदित्येंद्र ,बाबू राजबहादुर, अमर सिंह चतुर्वेदी ,और जुगल किशोर चतुर्वेदी भरतपुर प्रजा परिषद के सदस्य चुने गए थे
?भरतपुर प्रजा परिषद के सम्मेलनके दौरान 21 मार्च को महिला सभाभी हुई थी
?जिसकी अध्यक्ष सरस्वती बोहराने की थी
? इस सभा में उनके अतिरिक्त जगतगोपाल की पत्नी ब्रजरानी और पुत्री राम रानी ने भी भाषण दिए थे
?भाषण में महिलाओं को अपने घर और बच्चों को साफ सुथरा रखने चरखा कातने और देशसेवा की सलाहदी गई थी
? सभा में लगभग 15 से 20 महिलाओं ने भाग लिया था

 ??1942 के भारत छोडो आंदोलन में भरतपुर प्रजा परिषद् की भूमिका?? 

?1942  भारत छोड़ो आंदोलन में भरतपुर प्रजा परिषदपीछे नहीं रहा
?भरतपुर प्रजा परिषद ने बड़ी तेजी से आंदोलन में भाग लिया
?भारत छोड़ो आंदोलन प्रारंभ होने के बाद 10अप्रैल1942 को भरतपुर में हड़ताल रखी गई
?जिसके फलस्वरुप बहुत से नेता और कार्यकर्ताओं को बंदी बना लिया गया
?इनमें से मास्टर आदित्येंद्र _चौधरी,जुगल किशोर चतुर्वेदी ,पंडित रेवती शरन ,पंडित सांवल प्रसाद चतुर्वेदी और श्री गौरीशंकर मित्तल आदि प्रमुख थे
?महिला सत्याग्रह का नेतृत्व श्रीमती सरस्वती बोहरा कर रही थी
?सरस्वती बोहरा को भी जो आंदोलन की केंद्र बिंदु बनचुकी थी ,इन्हे भी गिरफ्तार कर लिया गया
?19 अगस्त को गुरु दयाल के नेतृत्व में सत्याग्रह जोरहेेरसे भरतपुर के लिए रवाना हुआ था
?सितंबर 1942 में राज्य में भयंकर बाढ़आई थी
?बाढ़ और मलेरिया के प्रकोपके कारण भरतपुर प्रजा परिषद ने यह आंदोलन समाप्तकर दिया
?19 अक्टूबर 1942 को महाराजा ने श्री ब्रज प्रजा प्रतिनिधि समिति नामक जन व्यवस्थापिका सभा के गठन की घोषणा की थी
? इसके बाद दीवान के.पी.एस.मेनन और प्रजा परिषद के बीच 29 अक्टूबर 1942 को एक समझौता संपन्न हुआ
?जिसके तहत राजनीतिक बंदियों को रिहा किया गया
?सरकार ने निर्वाचित सदस्य की बहुमत वाली विधानसभा बनाना स्वीकार कर लिया
?मार्च 1943में श्री ब्रज प्रजा प्रतिनिधि समिति के चुनाव हुए
?जिसमें भरतपुर प्रजा परिषद को 23 व महाराजा द्वारा समर्थित किसान सभा को 14 स्थानप्राप्त है
?सरकार की असहयोग नीति के कारणप्रजा परिषद के सदस्य ने अप्रैल 1945 में अपना त्यागपत्र दे दिए

: ??भरतपुर प्रजामंडल के अन्य अधिवेशन?? 

?भरतपुर प्रजा परिषद का दूसरा अधिवेशन 23-24 मई 1945 को बयाना में हुआ
?देशी राज्य लोक परिषद के सचिव जयनारायण व्यासने अपने उद्घाटन भाषण में वयस्क मताधिकार पर आधारित उत्तरदायी शासन की जिसे कानून बनाने का अधिकारहो की स्थापना पर जोर दिया
?कन्हैया लाल वकील और मोहनलाल सुखाड़िया ने अपने भाषणों में राज्य में व्याप्त कुशासनकी कटु आलोचना की
?इस सभा में अनाज और कपड़ा वितरण में अनियमितता की जांच के लिए जांच आयोग का गठन किया गया
?बेगार और भ्रष्टाचार जांच आयोग भी स्थापित किए गए
?23 मईको ही पंडित सत्यदेव विद्यालंकार की अध्यक्षता में भरतपुर राज्य छात्र सम्मेलन हुआ
?इस अधिवेशन मे महिला सम्मेलन भी हुआ था
?जिसकी अध्यक्षता गणेश लाल की पत्नी बसंती देवीने की थी
?इस सम्मेलन में जुगल किशोर चतुर्वेदी की पत्नी जमुना देवी ने अपने भाषण में स्त्री शिक्षा और खादी के प्रयोगपर बल दिया
?सरकार द्वारा ध्यान न देने पर 12 दिसंबर 1945 को भरतपुर प्रजा परिषद में पुनः सत्याग्रह आरंभकिया गया
?भरतपुर प्रजा परिषद का तीसरा अधिवेशन 1946 में कामा में हुआ था
?जिस में उत्तरदायी शासन की स्थापना और बेगार प्रथा समाप्तकरने की मांग की गई थी
?दुर्भाग्यवश राज्य के उपद्रव्य सांप्रदायिक दंगों में बदलगए
?मई 1946 में भरतपुर में मंत्रिमंडल के चुनावोंकी घोषणा की गई
?भरतपुर के तीनों राजनीतिक संगठनों प्रजा परिषद, किसान सभा और अंजुमन इस्लामिया ने चुनाव के बहिष्कारका निर्णय लिया
?जनवरी 1947 में सरकार ने जुलूस, आम सभा और भाषणों पर प्रतिबंध लगा कर प्रजा परिषद के अधिकांश नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया
?4जनवरी 1947 में भारत का गवर्नर जनरल लॉर्ड वेवल और बिकानेर महाराजा शार्दुल सिंह पक्षी विहार में जल मुर्गियों का शिकार करने के लिए आये
?शिकार के लिए अनुसूचित जाति के लोगों को बेगार के लिए मजबूर किया
?फलस्वरुप जुलूस हड़ताल और प्रदर्शन हुए
?5 जनवरी 1947 को भुसावर में रमेश स्वामी नामक कार्यकर्ता को बस से कुचलवाकर मार दिया गया
?अंत में 1947के आंदोलन के बाद राज्य सरकार और प्रज्ञा परिषद में समझोता हो गया
?3 अक्टूबर 1947 को भरतपुर के लक्ष्मण मंदिरपर आयोजित सभा में महाराजा ने लोकप्रिय मंत्रीमंडल बनाकर उसमें चार मंत्रियों को शामिल करने और 11 सदस्य की संविधान निर्मात्री समिति के गठन की घोषणा की
?दिसंबर 1947 में भरतपुर में एक लोकप्रिय सरकारका गठन हुआ
?दिसंबर 1947 को प्रजा परिषद के मास्टर आदित्येंद्र और गोपी लाल यादव को हिंदू महासभा के हरिदत्त शर्मा को और जमीदार किसान सभा के ठाकुर देशराज को मंत्रिमंडलमें शामिल किया गया
?तीन माह बाद 18 मार्च 1948 को भरतपुर का मत्स्य संघ में विलय हो गया और *सामंती राजशाही शासन” का अंत हुआ

??भरतपुर प्रजामंडल से संबंधित तथ्य?? 
?भरतपुर प्रजामंडल के नेता श्री जुगल किशोर चतुर्वेदी को जनता दूसरा जवाहरलाल नेहरूतथा गोकुल जी वर्मा को शेर ए भरतपुर कहा जाता था
?भरतपुर प्रजामंडल की स्थापना राजपूताना से बाहर रेवाड़ी हरियाणा में हुई थी
?भरतपुर के एक सम्मेलन में पूर्वी राजपूताना राज्य परिषद समितिबनाने का निर्णय किया गया
? इसमें भरतपुर अलवर धौलपुर और करौली राज्यको सम्मिलित किया गया
?समिति का मुख्य ध्येय इन चारो राज्य में उत्तरदायी शासन की स्थापना करना था
?राज्य परिषद समिति का कार्यालय आगरा में स्थापितकिया गया था
?1937में नेहरूजी की प्रेरणा से भरतपुर में कांग्रेस मंडल की स्थापना की गई थी
?कांग्रेस मंडल की गतिविधियों को प्रतिबंधित करने के लिए राज्य सरकार ने जाब्ता फौजदारी संशोधन कानून 1937 पारित किया
? इस कानून को काला कानून कहा गया
?श्री किशन लाल जोशी ,ठाकुर देशराज के साथ रेवाड़ी आए
?वहां जुबली ब्रेन अहीर हाई स्कूल में अध्यापन कार्य में रत भरतपुर के राष्ट्रीय विचारोंके कार्यकर्ता
?सर्वश्री गोपी लाल यादव ,मास्टर आदित्येंद्र और जुगल किशोर चतुर्वेदीसे मिले
?इनसे मिलते ही तत्काल ही भरतपुर में प्रजामंडल की स्थापना का निर्णय लिया गया
?प्रमुख कार्यकर्ता का सत्याग्रह करते हुए गिरफ्तार कर लिए जाने के बाद
?मा.आदित्येन्द्र जुगल किशोर चतुर्वेदी पर सत्याग्रह के संचालन की जिम्मेदारी दी गई
?इन्होने रेवती शरण शर्मा जगपत सिह, दौलत शर्माआदि साथियों के साथ अछनेरा उत्तर प्रदेश में शिविर लगाया
?इसके पश्चात इन्होने मथुरा से सत्याग्रह का संचालन किया
?यह आंदोलन लगभग 8 माह चला जिसमें 600 से अधिक सत्याग्रही गिरफ्तार हुए
?इसी वर्ष भरतपुर प्रजामंडल ने फतेहपुर सीकरी में पूर्वी राजस्थान की जनता का राजनीतिक सम्मेलन किया था जिसकी अध्यक्षता सुप्रसिद्ध साम्य वादी नेता एमएन राय ने की थी
?  जेल में जब स्त्री सत्याग्रहियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनके बच्चो को जेल अधिकारियो ने उनसे छीन लिया
?विरोधस्वरूप स्त्री और पुरुष बंदियो ने भूख हड़ताल कर दी
?21 सितंबर 1939 को मास्टर आदित्येंद्र की पत्नी जब महिलाओं के जुलूस का नेतृत्व कर रही थी
? पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया ,उनके साथ उनकी सवा साल की पुत्री कांता भी थी
?इसके अलावा रेवती शरन की पत्नी राजेश्वरी देवी और राव गोपी लाल यादव की पत्नी धर्मवती को भी गिरफ्तार किया गया
?उत्तरदायी शासन की स्थापना की मांग स्वीकार करने पर भरतपुर महाराजा किशन सिह को गद्दी छोड़ने के लिए बाध्य किया गया
?1939 के अंत में फकीरचंद कपूर ने जमीदार किसान सभा नामकएक नई संस्था स्थापित की गई थी
?यह भरतपुर  सरकार की समर्थित संस्था थी
?भरतपुर प्रजा परिषद का प्रथम अधिवेशन 1940 में और इस का विशेष अधिवेशन 1941 में हुआ था
?भरतपुर मे उत्तरदायी शासन की स्थापना के उद्देश्य से 1941 में नगरपालिका के चुनावहुए
?जिसमें प्रजा परिषद के बाबू राजबहादुर ,अमर सिंह चतुर्वेदी और जब जुगल किशोर चतुर्वेदीचुने गए
?1945 में भारत के गवर्नर लार्ड वेवल और बीकानेर महाराजा सादुल सिंह के भरतपुरआने पर आंदोलनकारियों ने वेवल वापस जाओ के नारे लगाए थे

Leave a Comment

Scroll to Top