मध्यप्रदेश स्थापना दिवस

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस

1 नवंबर को मध्यप्रदेश अपना 62 वा स्थापना दिवस (Foundation Day) मना रहा है ! एक जमाने में यह बीमारू राज्य माना जाता था लेकिन आज हालात बदल गए हैं आज मध्य प्रदेश पंजाब गुजरात और महाराष्ट्र से विकसित राज्य की श्रेणी में आ गया है कई क्षेत्रों में तो मध्य प्रदेश में अन्य राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है यह सब लोगों के अथक परिश्रम सरकारी कल्याणकारी नीतियों एवं आधारभूत कार्य के प्रति वचनबद्धता के कारण यह सब संभव हुआ है ! 

 मध्यप्रदेश को स्वतंत्रता प्राप्ति से पहले ब्रिटिश काल में मध्य भारत ,सेंट्रल प्रोविंसेज, एवं बरार  नामों से जाना जाता था !  इसका पुनर्गठन भाषायी आधार पर हुआ 15 अगस्त 1947 के पूर्व देश की कई छोटी बड़ी रियासतों में बटा हुआ था ! मध्य प्रदेश को 1 नवंबर 1956 को मध्य भारत सेंट्रल प्रोविंसेज . बरार और विन्धप्रदेश, भोपाल रियासत को मिलाकर बनाया गया ! राज्य कि  पहले राज्यपाल डॉक्टर पट्टाभि सीताराम  मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल विधानसभा अध्यक्ष पंडित कुंजीलाल दुबे बनाये गये ! शुरूआती दिनों में मध्यप्रदेश में 43 जिले थे इसके बाद वर्ष 1972 में दो बड़े जिले सिहोर और भोपाल और दुर्ग से राजनांदगांव को अलग कर दिया गया जिससे जिलों की संख्या 45 हो गई वर्ष 1998 में बड़े जिलो से 16 जिले अलग कर बनाए गए जिससें जिलो की संख्या 61 हो गई  ! 

 1 नवंबर 2000 में राज्य का दक्षिणी पूर्वी सा विभाजित किया गया जिसमें छत्तीसगढ़ का गठन हुआ इस प्रकार वर्तमान मध्य प्रदेश अस्तित्व में आया वर्तमान में मध्यप्रदेश को “हृदय प्रदेश व नदियों का मायका “आदि नामों से जाना जाता है ! 

मध्य प्रदेश का क्षेत्रफल की दृष्टि से दूसरा सबसे बड़ा राज्य है यह 308225 वर्ग K.M.  क्षेत्र में फैला हुआ है ! 7 करोड़ 40 लाख जनसंख्या वाले इस प्रदेश में कृषि विकास दर पिछले 5 सालों से लगातार 20% से अधिक है इसके कारण प्रदेश प्रतिवर्ष कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त कर रहा है देश का करीब 8% खाद्यान्न मध्य प्रदेश पैदा करता है तिलहन उत्पादन में देश का लगभग एक चौथाई भाग मध्यप्रदेश में उत्पादित होता है ! 

 प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी),देश के सकल घरेलू उत्पाद से अधिक है जो यह की सशक्त अर्थव्यवस्था( Strong economy ) का परिचायक है ! बिजली के क्षेत्र में लगभग 7000 मेगावाट बिजली उपयोग से अधिक होने के कारण अन्य राज्यों को दी जाती है सिंचाई के लिए प्रदेश के किसानों को बिजली निर्बाध रुप से दी जाने के साथ-साथ कमजोर वर्गों के लिए सब्सिडी देने का काम भी जारी है ! 

 प्रदेश की साक्षरता दर लगभग 73 %( प्रतिशत )हो चुकी है! स्कूलों में छात्रों के साथ छात्राओ  की भागीदारी बढ़ाने के लिए साइकिल वितरण और गांव की बेटी योजना से  क्रांतिकारी बदलाव आया है पहले उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में महाविद्यालय स्तर पर छात्राओं का प्रतिशत औसतन 10 से 12% था जो अब बढ़कर 30 से 35% हो गया है ! 

 पानी की कमी को पूरा करने के लिए नर्मदा नदी से क्षिप्रा नदी  को जोड़ने के बाद काली हिंदी संभल व अन्य नदियों कोरी जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य सरकार कर रही है प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कौशल विकास के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं उद्योग के लिए रेड कारपेट बिछाने से प्रदेश के विभिन्न अंचलो मे सेकडो उद्योग लग रहे हैं जिससे अधिकाधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है कहा जाता है कि मध्य प्रदेश के विकास रफ्तार देश में काफी अच्छी है जिससे प्रदेश आगामी वर्षों में देश के विकास मानचित्र में प्रमुखता से भर सकेगा ! 
 

विंध्याचल सा भाल नर्मदा का जल जिसके पास है,
यहां ज्ञान विज्ञान कला का लिखा गया इतिहास है।
उर्वर भूमि, सघन वन, रत्न, सम्पदा जहां अशेष है,
स्वर-सौरभ-सुषमा से मंडित मेरा मध्यप्रदेश है।