मारवाड/ जोधपुर प्रजामंडल आंदोलन

?20 वी शताब्दी के तृतीय दशक के आरंभ में मारवाड़ में निरंकुश और भ्रष्ट शासन था जोधपुर की युवा महाराजा उम्मेदसिंह अनुभवहीन थे शासन का नियंत्रण कट्टर अनुदारवादी कश्मीरी ब्राह्मण सर सुखदेव प्रसादके हाथ में था
?राज्य में मारवाड़ राजद्रोह अधिनियम( 1909) और मारवाड प्रेस अधिनियम (1922)लागू थे सभा, संघ सार्वजनिक भाषण*अादि की राज्य में स्वतंत्रता नहीं थी
?जोधपुर में जन आंदोलनकी शुरुआत 1918 में हो गई थी जब चांद मल सुराणा ने मारवाड़  हितकारिणी सभा की स्थापना की थी लेकिन यह सभा अधिक समय तक सक्रिय नहीं रह सकी
?इस कारण 1920 में जय नारायण व्यास ने मारवाड़ सेवा संघ का गठन किया मारवाड़ सेवा संघ भी सही गतिविधियां नहीं होने के कारण निर्जीवसा हो गया इस कारण 1923 में पुरानी संस्था मारवाड़ हितकारिणी सभा को पुनर्जीवित किया गया
?राज्य सरकार की मादा पशुओं की निर्यात के आदेश के विरुद्ध मारवाड़ हितकारिणी सभा ने विरोध किया था  इस कारण मारवाड़ हितकारिणी सभा अत्यधिक लोकप्रिय हो गई
?सर सुखदेव प्रसादने कुछ अवसरवादी व्यक्तियों को एक प्रतिद्वन्द्वी संस्था बनाने के लिए प्रेरित किया परिणाम स्वरूप राजभक्त देश हितकारिणी सभा का गठन किया गया परंतु यह संस्था अधिक लोकप्रिय नहींहुई
?कुछ कारणों से जय नारायण व्यास को ब्यावरजाना पड़ा ब्यावर में राजस्थान सेवा संघ के सर्वे सर्वा मणिलाल कोठारी ने उन्हें तरुण राजस्थान का संपादक नियुक्त किया इस पत्र के माध्यमसे उन्होंने वर्तमान मारवाड़शीर्षक के अंतर्गत मारवाड़ के भ्रष्ट और निरंकुश शासन की कटु आलोचना करी थी
?1927 में अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद के मुंबईप्रथम अधिवेशन में भाग लेकर जय नारायण व्यास जोधपुर लौटे थे इस समय मारवाड़ हितकारिणी सभा अधिक सक्रिय हो चुकी थी और राज्य के उत्तरदायी शासन की मांग प्रस्तुत की
?अक्टूबर 1929 में जय नारायण व्यास ने मारवाड़ राज्य लोक परिवेश परिषद का अधिवेशन जोधपुर में करने की घोषणा की लेकिन जोधपुर प्रशासन ने अधिवेशन को आयोजित करने की अनुमति नहीं दी इस पर प्रतिबंध लगा दिया इसी समय प्रमुख राजनीतिक नेताओं जय नारायण व्यास आनंद दास सुराणा और भवरलाल सर्राफआदि को गिरफ्तार कर लिया गया इन पर एक विशेष अदालत में राजद्रोह का मुकदमा चला कर इन तीनों को 4-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी गई
?जोधपुर प्रशासन ने एक अध्यादेश जारी कर सभाओं, जुलूस,धरने, प्रदर्शनपर प्रतिबंध लगा दिया था *
?मारवाड़ राज्य लोक परिषद* अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद की एक राज्य इकाई थी
?मारवाड़ हितकारिणी सभा ने अपनी दो पुस्तिकाएं “”मारवाड़ी की अवस्था”” और “”पोपाबाई की पोल”” प्रकाशित की  जिनमें मारवाड़ प्रशासन की कटु आलोचना की गई

?मार्च 1931 में इन तीनों नेताओं को छोड़ दिया गया जयनारायण व्यास, आनंद राज सुराणा ,भवरलाल सर्राफ ने जेल से छूटते ही 10 मई 1931 को मारवाड़ यूथ लीग की स्थापना की
?मारवाड यूथ लिंग को अवैध घोषित करने के पहले ही कार्यकर्ताओं ने बाल भारत सभा नाम की एक अन्य संस्था बनादी थी इस संस्था का मंत्री छगनलाल चौपासनी वाला को बनाया गया था
?24-25 नवंबर 1931को पुष्कर (अजमेर) में चांद करण शारदा की अध्यक्षता में मारवाड़ राज्य लोक परिषद् का अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया  इस सम्मेलन में कस्तूरबा गांधी ,काका कालेलकर आदि उपस्थित थे इस सम्मेलन के द्वारा मारवाड़ में राजनीतिक चेतना का प्रसार किया गया
?जोधपुर सरकार ने मार्च 1932 में मारवाड़ हितकारिणी सभा, मारवाड़ यूथ लीग और बाल भारत सभाको अवैध घोषित कर दिया 


?इस अधिवेशन को कुछ असामाजिक तत्वों ने असफल बनानेका प्रयास किया लेकिन जयनारायण व्यास और अन्य कार्यकर्ताओं की सतर्कता के कारण वह अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सके
?इस सम्मेलन में राजनीतिक आर्थिक और सामाजिक जीवन संबंधी 22 प्रस्ताव पारित किए गए गणेशी लाल उस्ताद ने सरकारी नौकरी छोड़कर कविताओं द्वारा जन जाग्रति का कार्य प्रारंभ किया उनकी कविताओं का संग्रह गरीबों की आवाज नामक पुस्तक में किया गया
?इन सभी अनुकूल परिस्थितियों के मध्य जोधपुर प्रजामंडल की स्थापना की गई 
1934 में जय नारायण व्यास आनंद मन सुराणा आदि ने जोधपुर प्रजामंडल की स्थापना की गई जिसका प्रथम अध्यक्ष श्री भवरलाल सर्राफ को बनाया गया
?इस संस्था का मुख्य उद्देश्य राज्य में उत्तरदायी शासन की स्थापना करना राज्य में लौकिक अधिकारों की रक्षा करना जब इस सभा ने 1936 में राज्य में नागरिक अधिकारों और विधान सभा की स्थापना की मांग की गई तो सरकार ने इस संगठन को गैरकानूनी घोषित कर दिया
?1936 में प्रांतों और राज्यों में कांग्रेस की सहयोगी संस्था के रूप में सिविल लिबर्टीज यूनियनकी स्थापना की गई  जोधपुर में भी इस यूनियन का गठन किया गया
?1936 में कराची में अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद के अधिवेशन में जयनारायण व्यास को महामंत्री निर्वाचित किया गया
?जय नारायण व्यास ने बंबई से अखंड भारत का संपादनआरंभ किया इस पत्र के माध्यम से देशी राज्यों के आंदोलन का खूब प्रचार किया गया
?महाराजा बीकानेर गंगा सिंह श्री जय नारायण व्यास से अधिक प्रभावित थे इस कारण उन्होंने गुमनाम तरीके से श्री जयनारायण व्यास की आर्थिक मदद करने की कोशिश की लेकिन जयनारायण व्यास ने इस मदद को लेने से इंकारकर दिया था आर्थिक कठिनाइयों के कारण अखंड भारत समाचार पत्र का प्रकाशन बंद करना पड़ा और व्यास जी को पुनह व्यावर आना पड़ा
?1937मे  ब्यावर से जोधपुर जाते समय वर्मा जीको पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर उन्हें वापस ब्यावर छोड़ागया
?1937 में दीपावली के दिन जोधपुर प्रजामंडल और सिविल लिबर्टीज यूनियन को अवैध घोषित कर दिया गया

?जनवरी1938 में सुभाष चंद्र बोस जोधपुर आए
?सुभाष चंद्र बोस ने लोगों को स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए त्याग और समर्पण करने के लिए प्रेरित किया
?1938के कांग्रेस के हरिपुरा अधिवेशन के बाद 16 मई 1938 को श्री रणछोड़दास गट्टानी के नेतृत्व में मारवाड़ लोक परिषद का गठन किया गया रणछोड़दास गट्टानी को परिषद का अध्यक्ष और अभयमल जैन को महासचिव बनाया गया इस परिषद का उद्देश्य महाराजा की छत्रछाया में उत्तरदायी सरकार की स्थापना करना था
?जोधपुर प्रजामंडल को असंवेधानिक घोषितकिए जाने के बाद से मारवाड लोक परिषद ने संवैधानिक अधिकारों  उत्तरदायी शासन के लिए संघर्ष जारी रखा
?मारवाड़ लोक परिषद में सर्वप्रथम राजनीतिक कार्यकर्ताओं की रिहाई,जोधपुर नगर पालिका परिषद का पुनर्गठन और नगर पालिका परिषद के चुनाव सांप्रदायिकता के स्थान पर क्षेत्रीय आधार पर करवाने की मांग प्रस्तुत की 


?लोक परिषद के गठन के कुछ समय पश्चात जोधपुर सरकार ने जय नारायण व्यास का निर्वाचन खत्म कर उन पर लगे सारे प्रतिबंध हटादिए गए
?जय नारायण व्यास जी पर से प्रतिबंध हटवाने में बीकानेर महाराजा गंगा सिंह जी का बड़ा योगदानथा
?2 फरवरी 1939 को जोधपुर महाराजा ने राज्य की केंद्रीय सलाहकार परिषद का गठन किया केंद्रीय सलाहकार परिषद का सदस्य जयनारायण व्यास को गैरसरकारी प्रतिनिधि के रूप में मनोनीत किया गया
?जनवरी 1940 में जय नारायण व्यास जी ने अखिल राजस्थान देशी राज्य लोक परिषद् का पहला अधिवेशन जोधपुर में करानेकी घोषणा की थी
?मारवाड़ में अकाल के दौरान लोक परिषद के सदस्यों ने अकाल राहत हेतु अभूतपूर्व कार्य किए जिस कारण लोक परिषद की ख्याति अधिक हो गई परिषद की बढती लोकप्रियता से सरकार आशंकित हो गई
?मार्च 1940 को जोधपुर सरकार ने मारवाड़ लोक परिषद को अवैध घोषित कर दिया जय नारायण व्यास अखिलेश्वर प्रसाद शर्मा,भँवरलाल सर्राफ,अभयमल जैन, रणछोड़दास गट्टानी, मथुरादास माथुर ,कन्हैयालाल मनिहार ,आनंद राज सुराणा आदी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया 


?गांधीजी ने जोधपुर सरकार के इस कार्य की आलोचना हरिजन अंक में की
?मारवाड़ी लोक परिषद को गैरकानूनी घोषित करने के बाद सदस्यों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर ध्यान केंद्रित किया इसके मुख्य नेता रणछोड़दास गट्टानी, मथुरादास माथुर कन्हैयालाल इंदरमल जेन आनंदराज सुराणा भवरलाल सर्राफ आदि ने अपना सारा ध्यान परिषद की विचारधारा लोकप्रिय बनाने में लगा दिया
?अप्रैल 1940 में पंडित जवाहरलाल नेहरूने मारवाड़ की स्थिति के आकलन हेतु अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद द्वारा पंडित द्वारकानाथ काचरू को मारवाड़ भेजा गया था
?द्वारकानाथ काचरू ने अपनी रिपोर्ट में जोधपुर के वातावरण को दम घुटने वाला बताया था जोधपुर के महाराजा को इंग्लैंड जाना था इस कारण जून 1940 में मारवाड़ लोक परिषद और मारवाड़ शासन के मध्य समझौता हुआ मारवाड़ सरकार ने लोक परिषद को पहला खुला अधिवेशन करने की अनुमति दे दी गई
?समझौते के तहतव्यास जी ने लोक परिषद को मारवाड़ पब्लिक सोसायटी एक्ट के तहत रजिस्टर करवाना स्वीकार कर लिया इस परिषद का अध्यक्ष जयनारायण व्यास को चुना गया
?आंदोलन की सफलता ने लोक परिषद के जीवन में नवीन चेतना और शक्ति का संचार किया
 28 मार्च 1941 को मारवाड़ में उत्तरदायी शासन दिवस मनाया गया 8 जून 1941 को सरकार ने प्रथम बार जोधपुर नगरपालिका के चुनाव क्षेत्रीय आधार पर करवाए
?श्री जयनारायण व्यास जोधपुर नगरपालिका के प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष बने जोधपुर नगर पालिका के यह चुनाव क्षेत्रीय और बालिग मताधिकार के आधार पर संपन्न हुए इससे पहले तक नगरपालिका का गठन जातीय आधारपर होता था

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?26जनवरी 1942 को लोक परिषद के अंतर्गत स्वतंत्रता दिवस मनाया गया इस समय मारवाड़ सरकार द्वारा दमन चक्र का सहारा लिया गया जोधपुर महाराजा ने लोक परिषद को कुचलने के लिए सामन्ती तत्वों की सहायता के लिए बुलाया सभी प्रमुख नेताओं को जेल में डाल दिया गया
?28 मार्च 1942 में लोक परिषद ने अत्याचारों के विरुद्ध और राज्य में उत्तरदायी शासन के लिए आंदोलन आरंभ किया गया
?नगरपालिका के दिन प्रतिदिन के कार्यों में शासन की दखल अंदाजी का व्यास जी द्वारा विरोध करने पर राज्य प्रशासन के दमन चक्र से राज्य का राजनीतिक माहौल गर्मा गया और लोक परिषद द्वारा राज्य सलाहकार परिषद के चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया गया
?जय नारायण व्यास ने नगरपालिका अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया जय नारायण व्यास ने परिषद का विधान स्थगित करके स्वयं को प्रथम डिक्टेटर नियुक्त किया 1942 में जय नारायण व्यास को पुन: गिरफ्तार कर लिया गया
?जेल में सत्याग्रहियों के साथ साधारण केदीयों जैसा व्यवहार किया गया इस पर व्यास जी ने 41 सत्याग्रहियों के साथ जेल में भूख हड़ताल प्रारंभ कर दी श्री बाल मुकुंद बिस्सा का जेल में अव्यवस्था व अन्याय के विरुद्ध भूख हड़ताल करने के कारण स्वास्थ्य खराब हो गया जिस वजह से 19 जून 1942 को बालमुकंद बिस्सा का निधन हो गया इसकी देश में सर्वत्र कड़ी प्रतिक्रिया की गई
?इसी दौरान लाटाकून्ता और लाग-बाग  की समस्या को लेकर चंदावल और निमाज की जागीरों में परिषद के कार्यकर्ताओं और जागीरदारों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया परिषद के कार्यकर्ताओं के घर जला दिए गए लेकिन राज्य सरकार ने जागीरदारों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की अप्रैल 1942 में चंडावल के ठाकुर ने लोक परिषद के कार्यकर्ताओं को खूब पिटवाया
?लोक परिषद में जोधपुर के प्रधानमंत्री सर डोनाल्ड को पद से हटाने और राज्य में उत्तरदायी शासन की स्थापना के मुद्दों पर आंदोलन प्रारंभ कर दिया मारवाड़ के सभी कार्यकर्ता जब जेल पहुंच गए तो बाहर से स्वामी कुमार आनंद मास्टर भोलानाथ आदि कई नेताओं ने जोधपुर आकर आंदोलन का नेतृत्व किया
?लोक परिषद के आंदोलन के साथ ही 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन प्रारंभ हो गया गांधी जी के भारत छोड़ो आंदोलन के साथ प्रजामंडल आंदोलन में भी तेजीआ गई
?परिणाम स्वरुप देश के अन्य भागों की तरह मारवाड़ का विद्यार्थी समाज भी राजनीति में कूद पड़ा इन युवकों ने बम आदि बनाकर सरकारी संपत्तियों को नष्ट किया 
जोधपुर में अक्टूबर 1942 में पहला बम केस हुआ 
?जिसमें सर्व श्री लाल चंद जैन हर्बल सिह,सोहनमल लोढा,देवराज जैन आदि युवा विद्यार्थी शामिल थे
?जोधपुर का 1942 का आंदोलन लंबे समय तक चला जिस से कई कार्यकर्ता थक गए थे और सरकार से समझौता कर के बाहरआने लगे थे
? व्यास जी ने सरकार को विश्वयुद्ध संबंधित कार्यों में बाधा नहीं पहुंचाने का आश्वासन दिया जिस कारण सरकार ने व्यास जी सहित सभी कार्यकर्ताओं को रिहाई के आदेश दिए सिद्धांतों के धनी श्री रणछोड़दास गट्टानी जैसे कुछ कार्यकर्ता जेल में ही रहे  जून 1942 में मारवाड़ सरकार ने व्यास जी व उनके साथियों पर मुकदमा चलाया उन्हें 3 साल की सजादी गई
?लोक परिषद के आंदोलन में 
मारवाड़ की महिलाएं भी महीमा देवी किंकर के नेतृत्व मे बराबर से भूमिका निभारही थी
?जय नारायण व्यास की पुत्री रामादेवी अखिलेश्वर प्रसाद शर्मा की पत्नी कृष्णा कुमारी आदि के नेतृत्व में महिलाओं ने आंदोलन को बढ़ाया इन सभी महिलाओं ने भारत छोड़ो आंदोलनमें अपना पूर्ण सहयोग दिया श्री
?लाल चंद जैन ने वीर और उत्साही युवकों को संगठित करने हेतु एक गुप्त संगठन मारवाड़ क्रांति संघ बनाया
?27 मई 1944 को श्री जय नारायण व्यास और उनके अन्य साथियों को रिहा कर दिया गया
?1944 में पुनः जोधपुर नगरपालिकाके चुनाव संपन्न हुए और लोक परिषद के श्री द्वारका दास पुरोहित अध्यक्ष निर्वाचित हुए
?सवैधानिक सुधारोंपर अपने सुझाव देने के लिए महाराज द्वारा एस  ए. सुधाकर की अध्यक्षता में “”प्रशासनिक सुधार आंदोलन”” का गठन किया गया 24 जुलाई 1945को जोधपुर महाराजा द्वारा सवैधानिक सुधारों की घोषणा की गई और राज्य में विधान परिषदकी स्थापना हुई
?लेकिन शासन संबंधी सभी अधिकार महाराजा व उनके मुख्यमंत्री के पास रहने के कारण जयनारायण व्यास ने इसकी घोर आलोचनाकरी थी 
1945 में लोक परिषद के आमंत्रण पर श्री पंडित जवाहरलाल नेहरु मारवाड़ आए और महाराजा के साथ काफी विचार विमर्श किया नेहरु जी की सलाह पर महाराजा ने सर डोनाल्ड के स्थान पर श्री सी.एस.वेंकटाचारी को प्रधानमंत्री नियुक्त किया
?इससे लोक परिषद और राज्य के संबंधों में अस्थाईसुधार आया इसी बीच में कैबिनेट मिशन योजना के तहत श्री जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठनकिया गया
?देश की संविधान सभा में जोधपुर से श्री सी.एस.वेंकटाचारी और श्री जयनारायण व्यास को प्रतिनिधिबनाकर भेजा

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??मारवाड़ आंदोलन से संबंधित तथ्य?? 
?अक्टूबर 1947 में नवनिर्मित मंत्रीमंडल जागीरदार और महाराज के रिश्तेदारों से भरा हुआ था 14 नवंबर 1947 को मंत्री परिषदने हनुवंत सिंह के विरोध में विधानसभा विरोधदिवस मनाया
?1948 में विलय पत्र पर हस्ताक्षर के बाद भी उत्तरदायी सरकार का गठन हो पाया जमनालाल बजाज ने  स्वयं अपनी लिखाी पुस्तक उत्तरदायी शासन के लिए संघर्षव श्री रणछोड़दास गट्टानी लिखित *””संघर्ष क्यो”” पुस्तक वितरित करवाई
?11 मई से दूसरा सत्याग्रह के आरंभ किया गया जोधपुर प्रजामंडल ने राज्य सर्वप्रथम राजनैतिक कार्य प्रारंभ किया
?जोधपुर प्रजामंडल को गैरकानूनी घोषित करने पर 1936 में नागरिक अधिकार रक्षक सभा नाम से नया संगठन बनाया गया नागरिक अधिकार रक्षक सभा ने मई जून 1936 को विद्यार्थियों की फीस वृद्धि के विरुद्ध आंदोलन किया
?21 जून 1936 को शिक्षा दिवस मनाया गया
? मारवाड़ में राजनीतिक जागृति की जन्म जयनारायण व्यास थे मारवाड़ राज्य क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा देशी राज्यथा छगनलाल चौपासनी वाला द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया जिस कारण में बुरी तरह पीटा गया था
?छगनलाल चौपासनी वाला जब अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद के अधिवेशन में भाग लेने गए थे तो उन्हें गिरफ्तार कर छह माह के लिए नजर बंद करदिया गया था
?1947 के प्रारम्भ में डीडवाना तहसील के डावरा गांव में 700 पुष्करणा ब्राह्मण परिवारों को बिना किसी कारण गांव से बाहरकर दिया गया था
?3 जून 1947 को ब्रिटिश सरकार ने भारत की स्वतंत्रता और देश के विभाजन की घोषणा की थी इस घोषणा में देसी राजाओं को भारत अथवा पाकिस्तान के साथ मिलने की खुली छूट दी जोधपुर के हनवंत सिह को जिन्ना पाकिस्तान के साथ मिलने के लिए प्रलोभन दे रहा था
?लेकिन जय नारायण व्यास के नेतृत्व में मारवाड़ परिषद ने अपने पूरे प्रयास से जोधपुर राज्य का भारत के साथ विलय करवाया लार्ड कर्जन द्वारा स्थापित की गई इंपीरियल कैडेट कोर में जोधपुर के महाराज सरदार जी को शिक्षा प्राप्त करने के लिए भेजा गया था
?असहयोग आंदोलनसे होने वाली गतिविधियों से जोधपुर महाराजा के संरक्षक सर प्रताप सिंह इस आंदोलन के कारण इतना बौखला उठे कि उन्होंने राज्य में विदेशी माल को प्रोत्साहन देना प्रारंभ कर दिया श्री मोहनलाल सुखाड़िया पहली बार 1931 में प्रकाश में आए जब उन्होंने श्रीमती इंदू बाला के साथ अंतर्जातीय विवाह कर मेवाड़ जैसे रूढीवादी प्रदेश में तहलकामचा दिया मोहनलाल सुखाड़िया मेवाड़ ,भूतपूर्व राजस्थान और वृहद राजस्थान में मंत्री बने सन 1954 में वह राजस्थान के मुख्यमंत्री बने इसके बाद वह कर्नाटक आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के गवर्नरहै
?बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह ने गुमनाम तरीके से राय साहब सांगी दास द्वारा व्यास जी को आर्थिक सहायता का पैगाम भेजा था लेकिन व्यास जी ने सहायता के लिए मनाकर दिया व्यास जी की इमानदारी से प्रभावित होकर 
बीकानेर के महाराजा गंगासिंह ने 21 फरवरी 1937 को जोधपुर के प्रधानमंत्री डोनाल्ड फिल्ड को पत्र लिखा इसमें उन्होंने कहा ही निसंदेह श्री जय नारायण व्यास राजशाही की आलोचना करने में सबसे तीखे रहे हैं लेकिन वह पक्के ईमानदार हैं इनको कोई भ्रष्ट नहीं कर सकता     
?जय नारायण व्यास ने  ब्यावर से मारवाड़ की अवस्था नामक पर्ची के माध्यम से सरकार के दमन की आलोचनाकरना प्रारंभ किया