राजपूताना से प्रकाशित समाचार पत्र

भारत में प्रिंटिंग प्रेस पर प्रथम पुर्तगाली लाए थे|देश में पहली पुस्तक 1557 में गोवा के पुर्तगाली पादरियों ने प्रकाशित की थी|भारत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपनी पहली प्रेस 1664 में बंबई में स्थापित की थी| हिक्की को भारतीय समाचार पत्रों का जन्मदाता माना जाता है|किसी भी भारतीय द्वारा अंग्रेजी में प्रकाशित पहला समाचार पत्र गंगाधर भट्टाचार्य का साप्ताहिक बंगाल गजट था|1816 में इसका प्रकाशन शुरू हुआ था|राजस्थान में सबसे पहले ईसाई मिशनरियों ने 1864 इसमें ब्यावर में लिथो प्रेस स्थापित किया|यहां से मिशनरी स्कूलों के लिए पाठ्य पुस्तकें और इसाई धर्म प्रचार के लिए बाइबल सहित अन्य धार्मिक साहित्य की छपाई की जाने लगी| राजस्थान में सबसे पहले और सर्वाधिक समाचार पत्र अजमेर से ही प्रकाशित हुए|राजपूताना में प्रथम पत्र 1849 में भरतपुर से निकला जिसका नाम मजहरुल सरूर था|राजस्थान में सर्वप्रथम अगस्त 1866 में जोधपुर से मारवाड गजट प्रकाशित हुआ|

नव राजस्थान➖समाचार पत्र ने विधवाओं के पुन:विवाह के लिए निशुल्क विज्ञापन प्रकाशित किए|

नया राजस्थान➖ इस समाचार पत्र के संस्थापक रामनारायण चौधरी थे|
नवजीवन➖ मोहनदास करमचंद गांधी के संपादन में प्रकाशित साप्ताहिक पत्र इस पत्र ने राजस्थान में राजनीतिक सामाजिक जागृति पैदा करने में पूर्ण योगदान दिया|

लोकजीवन➖ अखबार के प्रकाशक हरमल सिह थे|अखबार का पहला अंक फ्रांसीसी क्रांति दिवस 14 जुलाई को फ्रांसीसी क्रांति विशेषांक के रूप में प्रकाशित हुआ|संपादकीय पृष्ठ पर वाल्तेयर की उक्ति लिखी गई|  

हो सकता है मैं आपके विचारों से सहमत ना होउँ फिर भी विचार प्रकट करने के आपके अधिकार की रक्षा करूंगा| तेल कंघा आंदोलन स्वतंत्रता के पश्चात सत्ता के भूखे नेताओं को उन्होंने अपने लेखों में आंदोलन की संज्ञा दी|

प्रचार➖ प्रियतम कामदार ने 8 अगस्त 1942 को इस पत्र का प्रकाशन प्रारंभ किया|
प्रचार का ध्येय वाक्य था➖ चोर पापी और उल्लू सदा अंधेरा चाहते हैं|
अभ्युदय➖ आगरा से प्रकाशित पत्र में किसान आंदोलन का सचित्र वर्णन होता था|
राजपूताना हेराल्ड➖ इसे लोक चेतना की धारा का पहला समाचार पत्र माना जाता है| इसे अंग्रेजी भाषा में 1885 में हनुमान सिह द्वारा अजमेर से शुरू किया था| समाचार पत्र ने बंदोबस्त घोटाले की निर्भिकता से आलोचना की| यह राजस्थान के ए जी जी के कार्य की आलोचना के लिए जाना जाता था|
विश्वामित्र➖ कोलकाता से प्रकाशित समाचार पत्र में राजस्थान में सामाजिक जन जागृति पैदा की| “फुल चंद अग्रवाल” के संपादक थे|इस पत्र में अलवर प्रजामंडल के संदर्भ में विस्तृत समाचार प्रकाशित किए|विश्वामित्र ने बीकानेर रियासत द्वारा राजनीतिक कार्यकर्ताओं के दमन के बारे में लिखा|
जैसलमेर की समस्याओं को प्रमुखता से उबारा|
विधवा विवाह को इस पत्र में अधिक प्रोत्साहित किया|
इसने आर्य मातर्ड की तरह राजस्थान में सामाजिक जन जागृति की भूमिका निभाई|

जाट वीर- 1924 में प्रकाशन आगरा से हुआ |इसमें शेखावाटी किसान आंदोलन की खबर विशेष रूप से होती थी|
राजपूताना गजेटियर➖ 1885 में अजमेर से मोलबी मुराद अली ने इस का संपादन किया| इसने रियासती नरेशों के अत्याचारों का प्रकाशन करके जनता में निडरता की भावना पैदा की|
प्रभात➖ 1932 में ललित नारायण द्वारा शुरू समाचार पत्र का संपादन सिद्धराज ढढ्ढा एवं सत्यदेव विद्यालंकार ने किया|इसने नागरिकों में आत्म सम्मान व राजनीतिक चेतना को बढ़ावा दिया|

सज्जन कीर्ति सुधाकर➖ महर्षि दयानंद की प्रेरणा से 1876 में उदयपुर  मेवाड़ राणा सज्जन सिंह के समय प्रमाणित यह प्रथम  निकलने वाला हिंदी साप्ताहिक मेवाड़ राज्य का सरकारी गजट था ,इसमें केवल प्रशासनिक समाचार प्रकाशित होते थे जिसे प्रजा को राजकीय नियमों और शासकीय परिवर्तनों की जानकारी मिलती थी|इसे महाराणा सज्जनसिंह ने प्रकाशित किया था| यह समाचार पत्र महाराणा सज्जनसिंह के समय का पहला प्रमाणित पत्र था था|
राजस्थान समाचार➖ 1889 में अजमेर से मुंशी समर्थ दान द्वारा प्रकाशित यह प्रथम हिंदी दैनिक समाचार पत्र था| यह खबरों को शीघ्रता से प्रकाशित कर शासन कार्य से जनता को अवगत कराता था|
राजस्थान केसर➖ वर्धा से 1920 में विजय सिंह पथिक द्वारा प्रकाशित इसके माध्यम से बिजोलिया की किसानों की आवाज देशवासियों तक पहुंचाई|राजस्थान केसरी पहला समाचार पत्र था जो राजस्थानी लोगों द्वारा प्रकाशित किया गया |यह पत्र देसी राज्य की प्रजा का प्रमुख मुखपत्र था|
नवींन राजस्थान➖ अजमेर 1921 में विजय सिह पथिक द्वारा प्रकाशित यह समाचार पत्र भी भीलो और  कृषकों पर होने वाले अत्याचारों को प्रकाशित करता था| 1923 में इसे बंद करना पड़ा लेकिन तरुण राजस्थान के नाम से इसका पुनः प्रकाशन आरंभ किया गया|
तरुण राजस्थान➖1923 में नवीन राजस्थान में प्रतिबंध लगाने के बाद पथिक ने1927 मे तरुण राजस्थान का प्रकाशन अजमेर से किया |नोट➖ अलवर शासक में 1927-28 में प्रताप, तरुण राजस्थान सहित छह समाचार पत्रों पर राज्य में प्रवेश पर रोक लगाई थी|
प्रजा सेवक समाचार पत्र- 1939 -40 में इस साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रकाशन जोधपुर से अचलेश्वर  प्रसाद शर्मा द्वारा किया गया|
राजपुताना गजट➖ 1882मे मौलवी मुराद अली बीमार द्वारा अजमेर से प्रकाशित इस  द्विंभाषी अखबार में शासन की खुली आलोचना की जाती थी जिस कारण मुराद अली को जेल की हवा खानी पड़ी थी|
अखंड भारत समाचार पत्र➖ 1936 में जय नारायण व्यास द्वारा मुंबई से प्रकाशित|
आगी बाण समाचार पत्र➖ इस समाचार पत्र का प्रकाशन 1932 में जय नारायण व्यास द्वारा ब्यावर से किया था| यह राजस्थानी भाषा का प्रथम राजनैतिक समाचार पत्र था|इसमें जागीरदारी और सामंती प्रथा का कच्चा चिट्ठा खोल कर जनता को आंदोलन के लिए तैयार करना था|
राजस्थान समाचार पत्र➖ इसका प्रकाशन 1923 में ऋषिकेश मेहता द्वारा ब्यावर से किया गया |यह मुंशी समर्थन दान चारण द्वारा प्रकाशित होने वाला पत्र था| इस पर प्रतिबंध लगने के कारण रियासती नाम से प्रकाशित होने लगा| 1946 में वासुदेव शर्मा ने अंग्रेजी में जयपुर से यह समाचार पत्र राजस्थान टाईम के नाम से निकाला|
इसका मुख्य स्वर था- जयपुर जयपुरियों के लिए|इस पत्र में बेमेल बाल-विंवाह का विरोध किया

राजस्थान टाइम➖ जयपुर से वासुदेव शर्मा द्वारा अंग्रेजी भाषा में 1885 में इसका प्रकाशन किया गया |यह समाचार पत्र शासन की कमजोरियों को उजागर करता था इस के संपादक बक्शी लक्ष्मणदास को जयपुर एजेंसी की आलोचना करने पर डेढ़ वर्ष का कारावास दिया गया|
लोकवाणी समाचार पत्र➖ 1946 में इस समाचार पत्र का प्रकाशन जयपुर से देवीशंकर तिवारी द्वारा सेठ जमनालाल बजाज की स्मृति में किया गया|
प्रताप समाचार पत्र➖ 1913 में इसका प्रकाशन कानपुर से गणेश शंकर विद्यार्थी द्वारा किया गया |विद्यार्थी ने इसी समाचार पत्र के माध्यम से बिजोलिया किसान आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित बनाया था| इस के संपादक विजय सिंह पथिक व संस्थापक गणेश शंकर विद्यार्थी थे|करौली राज्य में कानून भंग लेख समाचार पत्र में ही प्रकाशित हुआ था |इस प्रताप समाचार ने बीकानेर में बेगार प्रथा का विरोध किया था |यह समाचार पत्र कानपुर का साप्ताहिक पत्र था और उत्तर भारत का सर्वाधिक लोकप्रिय पत्र था|
जय भूमि समाचार पत्र➖ 1940 में गुलाब चंद काला द्वारा जयपुर से प्रकाशित किया गया|
वैभव समाचार पत्र ➖भरतपुर के क्रांतिकारी जगन्नाथ दास अधिकारी ने 1920 में दिवाली दिल्ली से प्रकाशित किया|
देशहितेषी समाचार पत्र➖ 1882 में अजमेर से *मुंशी मुन्नालालशर्मा द्वारा प्रकाशित|
जयपुर समाचार➖ 1942 में श्याम लाल शर्मा द्वारा जयपुर से प्रकाशित किया गया|

नवज्योति समाचार पत्र➖ साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रकाशन 1936 में अजमेर से रामनारायण चौधरी व दीनबंधु चौधरी द्वारा किया गया|बाद में समाचार पत्र को कप्तान दुर्गाप्रसाद चौधरी (जन्म नीमकाथाना सीकर)द्वारा संभाला गया|अब यह समाचार पत्र दैनिक नवज्योति के नाम से निकलता है इस पत्र में शरणार्थी समस्या को प्रमुखता से उठाया था|

पत्रिकाएँ

राजस्थान विकास➖पंचायती राज विभाग की पत्रिका|
पुकार➖इस पत्रिका में राजपूतों ने अपनी समस्याओं को प्रकाशित करवाया|
सौरभ➖ इस पत्रिका का प्रकाशन झालरापाटन से किया गया|
मिसलेनी➖ राजस्थान की प्रथम अंग्रेजी मासिक पत्रिका|
राविरा➖ राजस्व मंडल अजमेर द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका|
शिविरा➖ शिक्षा विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका|
आर्थिक समीक्षा➖राजस्थान सरकार के आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा प्रकाशित पत्रिका|
पीप➖अंग्रेजी पाक्षिक पत्रिका जयनारायण व्यास द्वारा प्रकाशित|

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