राजस्थान प्रजामंडल से संबंधित तथ्य

राज्य में सर्वप्रथम जयपुर राज्य में प्रजामंडल की स्थापना की गई थी
?1938 के कांग्रेस अधिवेशन हरीपुरा के बाद पहली बार देसी रियासतों को भारत का अभिन्न अंग माना गया
? राजस्थान में राजनीतिक कार्यों को हाथ में लेने का सबसे पहला प्रयास मारवाड़ प्रजामंडलद्वारा किया गया था
?राज्य की कुल रियासतों में से तीन रियासतो ने  अपने प्रजामंडल की स्थापना राजस्थान से बाहर की गई थी
? ये तीन रियासतें भरतपुर बीकानेर और सिरोहीथी
?जैसलमेर रियासत एक ऐसी रियासतीथी ,जिसने अन्य रियासत में अपने प्रजामंडल की स्थापना की थी
?अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद की राजस्थान प्रांतीय इकाई का गठन 1931 में रामनारायण चौधरी की अध्यक्षता में अजमेर में हुआ था
?जोधपुर महाराजा नें सेवाओं के मारवाड़ीकरण के नाम पर प्रधानमंत्री एच वैंकटाचारी आचार्य को हटाकर अपने चाचा अजीत सिंह को प्रधानमंत्री बना दिया
? और 18 वर्षीय राजपूती युवक को गृह मंत्रीबनाया गया
?जिसकी व्यापक आलोचनाकी गई
?जोधपुर के महाराजा हनवंतसिंह ने वायसराय भवन में माउंटबेटन से मुलाकातके दौरान मेनन पर पेन पिस्टल तान कर कहा मैं तुम्हारे दबाव में नहीं आनेवाला हूं
?17 जुलाई 1942 को महिमा देवी किंकर के नेतृत्व में जोधपुर में पहली बार महिलाओं ने केसरिया साड़ी पहनकर
?घंटाघर जोधपुर के बाहर उत्तरदायी शासन की स्थापना को लेकर प्रदर्शन किया
?अगस्त 1942 के मुंबई में आयोजित कांग्रेस कार्यसमिति के अधिवेशन के अवसर पर महात्मा गांधी ने संबोधित करते हुए नारा दिया अंग्रेजो भारत छोड़ो और रियासतों के लिए नारा होगा राजाओं अंग्रेजो का साथ छोड़ो दिया था
?मेवाड़ महाराणा भोपाल सिंह के सलाहकार के एम मुंशी ने मेवाड़ राज्य का संविधान तैयार किया था
?लेकिन इनकी धारा में विशेषाधिकार का प्रयोगकरते हुए महाराणा द्वारा संशोधन करने पर श्री मुंशी ने इस्तीफा दे दिया था
?बाल मुकुंद बिस्सा को राजस्थान का जतिन दासभी कहा जाता है
?भरतपुर रियासत के स्वतंत्रता संघर्ष काल में भीष्म पितामह के रूप में गोकुल जी वर्मा को जाना जाता था
?राजस्थान की देसी रियासतों में डाक टिकट और पोस्ट कार्ड की शुरुआत सर्वप्रथम 1904 में जयपुर रियासत में महाराजा माधो सिंह द्वितीय द्वारा की गई
?वीर सावरकर ने अभिनव भारत की स्थापनाकी थी
?बूंदी क्षेत्र मे जागरण की लहर चलाने में वहां के यशस्वी नागर वंशजों का भारी योगदानरहा
?महात्मा गांधी के राष्ट्रीय आंदोलन का प्रभाव रियासतो पर भी पड़ा जिससे यहां प्रजामंडल आंदोलन प्रारंभ हुआ
?5 अप्रैल 1931 को जयपुर में मोतीलाल दिवस मनाया गया
?नवंबर 1930 को लंदन में आयोजित गोलमेज सम्मलेन में राजपूताना के अलवर बिकानेर और धोलपुर राज्यो के नरेशों ने इस सम्मेलन में भाग लिया था
?महाराणा भूपाल सिंह के काल में शाहपुरा ठिकाना मेवाड से अलगहुआ था
?राजाधिराज नाहर सिंह की मृत्यु के उपरांत उनका पुत्र उमेद सिंह शाहपुरा का शासक बना था
?शाहपुरा राज्य ने मेवाड़ राज्य से प्राप्त कछोवा की जागीर का परित्याग कर दिया
?ब्रिटिश सरकार ने भी शाहपुरा को मेवाड़ राज्य से प्रथक एक स्वतंत्र इकाई स्वीकार कर लिया था
?टोंक के नवाब मोहम्मद अली खान नैं 1867मे लावा ठिकाने के ठाकुर धीरत सिंह को नजर बंद कर दिया और lava पर आक्रमण कर दिया
?लावा का ठिकाना पूर्व में जयपुर राज्य का अंगथा
?लेकिन 1817 में टोक राज्य की स्थापना के समय इसे टोक राज्य में सम्मिलितकर दिया गया था
? लावा के प्रति नवाब की कार्यवाही से नाराज अंग्रेजों ने नवाब को गद्दी से उतार कर बनारस में कैदीकी भांति रखा
? lava ठिकाने को टौक राज्य से पृथक करदिया गया इस पर ब्रिटिश सरकार का सीधा नियंत्रणरखा गया
?मोहम्मद अली खान के जेष्ट पुत्र हाफिज मोहम्मद इब्राहिम अली खां को टोक का नवाब बनाया गया
?अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद नें भारत की सभी रियासतों के प्रजामंडलों से 19 अप्रैल 1942 को रियासती दिवस मनाने की अपील की थी
?उस दिन राज्य की प्रत्येक रियासत में प्रजामंडलों ने प्रभातफेरियां जुलूसों और आम सभाओंका आयोजन किया था
?राजस्थान में देशी रियासतों में रचनात्मक गतिविधियोंको प्रारंभ करने और जनता में राजनीतिक जागृति पैदा करने का श्रेय प्रजा मंडलोंकी देन है
?1927 में मुंबई में अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद का गठन जमनालाल बजाजद्वारा किया गया था
?1919 में राजपूताना मध्य भारत सभा का गठन आमेर (जयपुर) में जमनालाल बजाज केशरीसिह बारहठ और चांद करण शारदा द्वारा किया गया था 

?शाहपुरा प्रथम रियासत थी, जिसके शासक सुदर्शन देव ने सर्वप्रथम उत्तरदायी शासन की स्थापना की थी