राजस्थान में रेलों का घनत्व & रेलमार्गों से संबंधित समस्याए

??राजस्थान में रेलों का घनत्व??

यद्यपि राजस्थान में प्रारंभ से ही रेलवे के विकास हेतु प्रयास किए गए हैं लेकिन आज भी अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान में रेलमार्गों का घनत्व बहुत ही कम पाया जाता है राजस्थान में रेलों के घनत्व के निम्न रूपों में देखा जा सकता है

1⃣??उच्च घनत्व क्षेत्र??
इसके अंतर्गत चित्तौड़गढ़ उदयपुर जयपुर अजमेर दोसा अलवर भरतपुर सवाई माधोपुर कोटा नागौर पाली श्री गंगानगर झुंझुनू जोधपुर जिले आते हैं इन क्षेत्रों में धात्विक और अधात्विक खनिजो की अधिकता औद्योगिक प्रदेशों की स्थिति प्रशासनिक जागरूकता राजनीतिक चेतना जनसंख्या की सघनता के कारण रेलों का विकास व मांग भी अधिक पाई जाती है

2⃣??मध्यम घनत्व क्षेत्र??इसके अंतर्गत राजस्थान के वह जिले आते हैं जहां पर आर्थिक गतिविधियां मध्यम स्तर की पाई जाती हैं राजसमंद सीकर करौली बॉरा सिरोही बीकानेर जिलों को सम्मिलित किया गया जाता है

3⃣??कम घनत्व क्षेत्र??
इसके अंतर्गत डूंगरपुर बाड़मेर चूरु झालावाड बूंदी जालोर हनुमानगड़ धौलपुर जिले आते हैं जहां पर प्राकृतिक विषमताओं धात्विक व अधात्विक खनिजों की कमी उद्योगों की न्यूनतम स्थापना प्रशासनिक उदासीनता पिछडी जातियों का बसाव अधिक होने से जन जागृति का अभाव पाया जाता है

4⃣??नगण्य घनत्व क्षेत्र?? 

इसके अंतर्गत  वे क्षेत्र आते हैं जहां विषम धरातलीय संरचना पाई जाती हैं साथ ही रेगिस्तानी भूमि बीहड खंड व सीमावर्ती क्षेत्र आते हैं नगण्य घनत्व वाले जिलों में बांसवाड़ा प्रतापगढ़ टोक बीकानेर जोधपुर जेसलमेर का पश्चिमी भाग आता है यहा रेलमार्गों का अभाव पाया जाता है इसके अंतर्गत झालावाड का दक्षिणी दक्षिणी पश्चिमी भाग पूर्वी चित्तौड़गढ़ जिला इसके अंतर्गत है साथ ही उपरमाल के पठार पर भी रेलों का अभाव पाया जाता है

??देश में रेल के इंजन और डिब्बे बनाने वाले कारखाने?? 

चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स साधारण इंजन का निर्माण डीजल लोकोमोटिव वर्क्स वाराणसी साधारण इंजन का निर्माण भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स भोपाल विद्युत रेल इंजन का निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्ट्री पेरंबूर चेन्नई सवारी डिब्बे का निर्माण रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला पंजाब सवारी डिब्बे का निर्माण भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड बेंगलुरु सवारी डिब्बे का निर्माण जेस्सोप्स कलकत्ता रेल डिब्बे व विद्युत इंजन निर्माण    


???राजस्थान में रेलमार्गों से संबंधित समस्याए??? 
राजस्थान में स्वतंत्रता के बाद भी सभी क्षेत्रों में रेलों का विकास नहीं हो पाया है रेल मार्गों के निर्माण में राजस्थान में निम्न समस्याएं सामने आ रहे हैं

1⃣☄?धरातलीय विषमताएं संबंधी समस्याएं☄?
राजस्थान में पहाड़ियां निम्न भूमि पठार बीहड चट्टानी मरुस्थल आदि पाए जाते हैं अतः यह भौतिक दशाएं रेल मार्ग के निर्माण में बाधा उत्पन्न करती है यही कारण है कि अरावली के आर पार कोई रेल मार्ग नहीं है मेवाड क्षेत्र में पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण रेलवे का निर्माण नहीं हो सकता है पश्चिमी राजस्थान बालू युक्त होने के कारण रेल मार्ग का विकास नहीं हो पाया है चंबल के बीहड़ों (सवाई माधोपुर कोटा धौलपुर करौली) में कटा फटा धरातल होने से रेल पटरी को बिछाने में कठिनाई आती है

2⃣☄?जलवायु संबंधी समस्याएं☄?
राजस्थान में जलवायु दशाओं में भी विषमताएं पाई जाती हैं ग्रीष्म ऋतु में रेतीली आँधीया चलती है जिसमें बालूका स्तूपों का पलायन होता है जिसमें पटरिया दब जाती है जिसे हटाने में धन समय अधिक लगता है साथ ही तापांतर अधिक होने से पटरी के  नीचे की भूमि कमजोर हो जाती है

3⃣☄?शक्ति व ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति की समस्याएं☄?
राजस्थान में परंपरागत ऊर्जा संसाधनों कोयला पेट्रोलियम प्राकृतिक गैस आणविक खनिज की कमी पाई जाती है साथ ही जल विद्युत गैर परंपरागत ऊर्जा  स्त्रोत का भी पर्याप्त विकास नहीं हो पाया है अन्य राज्य के आयातित ऊर्जा खनिजों से ही संचालन करने में कठिनाई आती है अतः रेल का विकास मंद गति से हो रहा है

4⃣☄?पूँजी संबंधी समस्या?☄
रेल मार्ग निर्माण में चल व अचल संपति की आवश्यकता होती है यदि राजस्थान में पूंजी की कमी नहीं होती तो नि:संदेश यूनीगेज प्रणाली राजस्थान में बहुत पहले लागू हो जाती जो 1990 के दशक में लागू हुई थी पूंजी की कमी के कारण ही बांदीकुई (दोसा) आगरा रेल मार्ग अभी तक ब्रोडगेज में परिवर्तित नहीं हुआ है पूँजी की कमी के कारण ही जयपुर टोडारायसिंह रेल मार्ग को बंद करना पड़ा है अनेक नवीन मार्ग पूंजी के अभाव में बन नहीं पा रहे हैं

5⃣☄?तकनीकी संबंधी समस्याएं?☄

राजस्थान में उच्च तकनीकी का भी अभाव पाया जाता है इसी कारण यहां पर रेलवे वेगन व रेल के इंजन पटरीयो के निर्माण के कारखाने स्थापित नहीं किए जा रहे हैं भरतपुर में रेलवे वैगन का कारखाना  बंद करना पड़ा था जिसे वर्ष 2008 में निजी क्षेत्र के सहयोग से पुनः शुरू किया गया है

6⃣☄?प्रशासनिक बाधाएं?☄ 

रेल मार्ग लंबाई में  सैकड़ों मील लंबे होते हैं जिनके निर्माण को स्थानीय निकाय जनता राजनेता प्रशाशक प्रभावित करते हैं अनेक बार रेल मार्ग का विरोध किया जाता है रेल की पटरियां उखाड़ दी जाती है रेलो को लूट लिया जाता है मई-जून 2008 के गुर्जर आंदोलन के समय ऐसी स्थिति बनी थी

7⃣☄?राजनीतिक व सामाजिक समस्याएं?☄
अनेक राजनेता भी अपने निजी स्वार्थ के कारण रेलों के निर्माण में अड़चने डालते हैं राज्य की सामाजिक संरचना व संगठन भी इसके निर्माण में अवरोध उत्पन्न करते हैं

8⃣☄?रखरखाव सुरक्षा संबंधी समस्याएं?

राजस्थान में इनके रखरखाव व सुरक्षा संबंधित कठिनाई भी सामने आती हैं कुछ समय पहले हुआ गुर्जर आरक्षण आंदोलन में अनेक रेलो को क्षति पहुंचाई गई थी जिससे रेल के संचालन में कठिनाई आई है

9⃣☄?अन्य समस्याएं?☄
असमतल भूमि मोड़ो की अधिकता अनार्थिक स्थलों की अधिकता बाजार में जनसंख्या का सीमित क्षेत्रों में संकेंद्रण पर्यटकों की कमी खनन उद्योगिक क्षेत्र की कमी आदि

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