राजस्थान में सड़कों का वितरण & वर्गीकरण

?☘? राजस्थान में सड़कों का वितरण ?☘?
?राजस्थान में भौतिक दृष्टि से दो क्षेत्रदिखाई देते हैं जिनको अरावली के पश्चिमी भाग व राजस्थान के पूर्वी भाग या मैदानी प्रदेशके रूप में देखा जा सकता है
?राज्य में अगर सड़कों का वितरण प्रादेशिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो
? इसके वितरण को प्रभावित करने वाले मुख्य कारण उच्चावच,कृषि व पशुपालन,खनन व औद्योगिक क्रियाएंहैं
?दक्षिणी अरावली क्षेत्रों में और पश्चिमी मरुभूमि प्रदेशों में सड़कों की बहुत कमी है और जो सबके विद्यमान है वह प्राय निकृष्ट श्रेणी की हैं
?अरावली के पूर्व में स्थित राज्य के कुल क्षेत्र का लगभग 40% है जबकि सड़कों की कुल लंबाई का 65 पतिशत पाया जाता है
?राजस्थान में अलवर,अजमेर, भरतपुर,जयपुर,दौसा,जोधपुर राज समंद और उदयपुर जिला में पक्की सड़कों की कुल लंबाई का 58.92 प्रतिशत पाया जाता है
?रोड़ीदार पक्की सड़कों की लंबाई का लगभग 33% केवल 7 जिलों जैसे अजमेर,अलवर, भरतपुर ,दौसा ,जयपुर, राजसमंद उदयपुर में मिलता है
?राज्य की रोडीदार सड़कों का लगभग 58 प्रतिशत भाग बाड़मेर, नागौर, जोधपुर तक ही सीमित है
?इसी प्रकार अरावली श्रेणी क्षेत्रों में और दक्षिणी पूर्वी पहाड़ी क्षेत्र में राज्य की शुष्क मौसमी और रखरखाववाली सड़कों का लगभग 41 प्रतिशत भाग 8 जिलो बांसवाड़ा,भीलवाड़ा, बूंदी ,डूंगरपुर ,जालौर ,सॉरी, कोटा उदयपुरजिलो में मिलता है
?राज्य के पश्चिमी शुष्क रेतीला मैदान में स्थित बीकानेर,जैसलमेर, बाड़मेर जिलो में,जोधपुर के पश्चिमी भाग में और जालौर के कुछ पश्चिमी व उतरी भागों में सड़के निकृष्ट दशा में मिलती है तथा उन की व्यवस्था भी ठीक नहीहै
?सड़कों की लंबाई की दृष्टि से जोधपुर,पाली ,नागौर ,बाड़मेर, भीलवाड़ जिले विकसित हैं
?जबकि जोधपुर,बॉरा, झालावाड,टोक,प्रतापगढ जिले सड़क परिवहन की दृष्टि से पिछड़े हुए हैं
?इसी प्रकार सड़कों के प्रकार की दृष्टि से देखें तो राज्य की लगभग 40% बी. टी. या डामर की सड़के जोधपुर,बाड़मेर नागौर, जयपुर, बांसवाड़ा ,भीलवाड़ा और अलवर जिले में हे
?ग्रेवल सड़कों का 5% भाग मात्र चार जिलों पाली ,जोधपुर, भीलवाड़ा और नागौर में केंद्रित है

?☘?राजस्थान में सड़कों का वर्गीकरण?☘?
?संसार में सड़कों की शुरुआत मेंकाडम या मेकट्मने की थी
?एक सुदृढ परिवहन व्यवस्था किसी भी राज्य की आर्थिक विकास हो सुदृढता का घोतक है
?समुद्री जलमार्ग ना होने और रेलों में अपर्याप्त अविस्तार की स्थिति में राज्य में सड़के ही यातायात का आधारभूत ढांचा प्रदान करती है
?सडके किसी भी राष्ट्र के विकास की धमनिया होती है
?सड़कों के माध्यम से न केवल विकास की प्रक्रिया संसाधन प्रभावित होते हैं बल्कि सडके व्यक्तियों एंव स्थानों को एक दूसरे के निकट लाती है
?भारत जैसे विशाल देश में इनका सामाजिक एवं आर्थिक समन्वयन व उन्नयन में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है
?विद्यमान परिवहन व्यवस्था के विकास की अग्रदूत सडकेही है

?सडको का वर्गीकरण निम्न प्रकार किया जा सकता है?
?राजस्थान में सड़कों को दो भागों में वितरित किया गया है *

1⃣ महत्व के आधार पर
2⃣ निर्माण सामग्री के आधार पर
1 डामर मार्ग       2 एमआर मार्ग
3 ग्रेवल मार्ग        4 मौसमी मार्ग

1⃣  महत्व के आधार पर सड़के निम्न प्रकार की हैं

?1-एक्सप्रेस हाईवे
यह अत्यधिक  यातायात वाले मार्ग है इन के निर्माण व रखरखाव का कार्य केंद्रीय सरकार व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करता है

?2-राष्ट्रीय राजमार्ग
यह राजमार्ग भारत की राजधानी को भारत के विभिन्न राज्यों की राजधानी प्रमुख बंदरगाहों विदेशी राजमार्गों राज्य केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों बड़े औद्योगिक व पर्यटन केंद्र और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों को आपस में जोड़ते हैं उनके संचालन हेतु केंद्र सरकार जिम्मेदार है इनकी निर्माण व रखरखाव का कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करता है राष्ट्रीय राजमार्ग देश की कुल सड़क परिवहन संबंधी मांग की लगभग 40% आवश्यकता को पूरा करते हैं भारतीय सामरिक दृष्टि से यह सडके बहुत महत्वपूर्ण होती है यह अपेक्षाकृत चोडी व अच्छी बनी होती है और उनकी देखरेख संबंधी व्यवस्था भी उत्तम होती है
वर्तमान में अर्थी राष्ट्रीय उच्च राजमार्ग है जिनकी कुल लंबाई 8016 किलोमीटर है


?3-राज्य राजमार्ग/ राज्यस्तरीय जनपथ
राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा अन्य सभी सड़कों के निर्माण और देखभाल का दायित्व राज्य सरकारों का है राज्य स्तरीय सडके राज्य की राजधानी को राज्य के प्रमुख नगरों से जोड़ती है राज्य में व्यापार व उद्योगों के विकास और राज्य की प्रशासन व्यवस्था में इन राज्य स्तरीय राजमार्गों का अत्याधिक महत्वता है यही कारण है कि राज्य सरकार एेसी सडको के विकास की ओर पर्याप्त ध्यान देती है वर्तमान में 73 राज्य उच्च मार्ग है जिनकी कुल लंबाई 11421.5 2 किलोमीटर है

?4-मुख्य जिला
यह सडके जिले के प्रमुख कस्बों या नगरों को आपस में सड़कों के माध्यम से जोड़ती है यह सड़के मुख्य कस्बों उत्पादक केंद्र और मंडियों से जोड़ती है बड़ी सडको और रेलवे स्टेशन से भी इनका संबंध होता है उनको बनाने का दायित्व जिला बोर्ड का होता है इस में से अधिकांश सड़कें कच्ची है जो वर्ष के दिनों में सर्वथा अनुपयुक्त होती है राज्य में मुख्य जिला सड़कों की लंबाई 9814 77 किलोमीटर है यह सडके जिला मार्ग विभिन्न जिलों को आपस में एवं जिलों को मुख्य राज्य राजमार्गों से जोड़ते हैं


?5-स्थानीय सड़कें
स्थानीय सड़कों से तात्पर्य उन सड़कों से जो राज्य के विभिन्न जिलों से नगरों व कस्बों को जोड़ती है इनका प्रबंध या तो राज्य सरकारों द्वारा होता है अथवा स्वायत्त शासन संस्थाओं के द्वारा किया जाता है

?6-सीमावर्ती सड़कें
इस प्रकार की सड़कें रेतीले भावों से होकर गुजरती है इनका निर्माण सीमा सड़क संगठन द्वारा किया जाता है राजस्थान में मार्च 2012 में इन सड़कों की लंबाई 2030 किलोमीटर थी

?7-ग्रामीण सडके व कच्ची-पक्की सडके
राज्य में यह मार्ग विभिन्न गांव को आपस में मिल आती है इनका संबंध निकटवर्ती जिले और राज्यों की सड़कों से होता है यह मौसमी मार्ग मात्र होती हैं जो अधिकतर ग्राम वासियों के सहयोग से ही निर्मित की जाती है मार्च 2012 तक इन सड़कों की लंबाई 13855 4 किलोमीटर थी ग्रामीण सड़कों में कच्ची-पक्की ग्रामीण सड़के भी आती हैं जो एक गांव से दूसरे गांव को सड़क के माध्यम से जोड़ने का काम करती है ग्रामीण सड़कें तहसील मुख्यालय खंड मुख्यालय अन्य महत्पूर्ण सर को को भी आपस में जोड़ती है

?8-रिंग रोड
यह देश की राजधानीयों को बड़े-बड़े शहरों में यातायात को शहर के अंदर आने की अपेक्षा बाहर से निकालने के लिए बनाई जाती है