राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना एन एच डी पी

इस परियोजना का प्रारंभ भारतीय राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण द्वारा 1999-2000 में किया गया था जिसका उद्देश्य कम ईंधन खपत में अधिक दूरी तय करने हेतु 2 लेन राष्ट्रीय राजमार्गों को 4 या 6 लेन पक्की सड़कों में परिवर्तित करना है इस योजना के अंतर्गत 4 और 6 लेन सड़क का कार्य भारत सरकार के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा विभिन्न चरणों में करवाया जा रहा है इस योजना के अंतर्गत स्वर्णिम चतुर्भुज,पूर्व पश्चिम कोरिडोर और उत्तर दक्षिण कोरिडोर पर 4-6 लेन सड़क का कार्य भारत सरकार के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा करवाया जा रहा है प्रशासनिक प्रतिवेदन 2015 के अनुसार राज्य में 31 मार्च 2015 तक राष्ट्रीय उच्च मार्ग की लंबाई 8149 किलोमीटर है वर्ष 1999-2000 से संचालित इस परियोजना के अंतर्गत निम्न सड़क परियोजना संचालित है इसका संबंध केंद्रीय सड़क निधि, विश्व बैंक,एशियाई बैंक व जापान कि जे बीआईसी कंपनी से है और यह सभी वित्तीय सहायता करते हैं है

1⃣ ??राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना-प्रथम चरण (स्वर्णिम चतुर्भुज योजना)??
इस परियोजना को स्वर्णिम चतुर्भुज योजना भी कहते हैं  यह परियोजना भारत के महानगरों दिल्ली,कोलकाता,चेन्नई और मुंबई को 4/6 लेन में चौड़ाई करण से जोड़ती है चार महानगरों को जोड़ने वाली स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के तहत प्रदेश में 722 किलोमीटर लंबाई की सात जिला अलवर, जयपुर ,अजमेर ,भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ ,उदयपुर व डूंगरपुर से गुजरने वाली सड़कों के विकास पर 2664 करोड़ का व्यय किया गया है इस परियोजना में राज्य में NH-8,76,79,79A पर कार्य किया गया है इस चरण के सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं देश में इस परियोजना की कुल लंबाई 5920 किलोमीटर तय की गई      


2⃣?राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना-द्वित्तीय- भाग प्रथम (पूर्व पश्चिम गलियारा)??
इस परियोजना को पूर्व पश्चिम कोरिडोर के नाम से जाना जाता है इसका उद्देश्य से सोम से पोरबंदर गुजरात को आपस में जोड़ने का लक्ष्य है यह परियोजना सिलचर(आसाम) से पोरबंदर गुजरात को जोड़ने के लिए है इस परियोजना में राजमार्ग संख्या 14(60किलोमीटर) को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 76(468 किलोमीटर) को मिलाकर 528 किलोमीटर लंबाई राजस्थान के 7 जिलो पिंडवाड़ा(सिरोही)उदयपुर चित्तौड़गढ़ भीलवाड़ा बूंदी कोटा बॉरा में से गुजरने वाली सड़कों के सूदृढीकरण पर 4312 करोड़ का व्यय हो चुका है इस परियोजना में 528 किलोमीटर 4 लेन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है इस परियोजना के अंतर्गत राज्य के निम्नांकित सड़क पर  विकास कार्य करवाए हैं गुजरात राजस्थान सीमा से आबू रोड पिंडवाडा सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग 14 पिंडवाड़ा उदयपुर चित्तौड़गढ़ कोटा बारा मध्य प्रदेश सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग 76

2⃣?राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना द्वितीय-भाग द्वितीय(उत्तर दक्षिण गलियारा)??
इस परियोजना को उत्तर दक्षिण कोरिडोर के नाम से भी जाना जाता है इसके अंतर्गत 2007 तक कश्मीर को कन्याकुमारी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था इस परियोजना में 28 किलोमीटर लंबाई वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 3 को सम्मिलित किया गया है जो राजस्थान के धौलपुर जिले से गुजरता है इस परियोजना के तहत कश्मीर से कन्याकुमारी को जोड़ने वाली नॉर्थ साउथ कॉरिडोर तहत धोलपुर जिले की 28 किलोमीटर लंबाई की  सड़कों के विकास पर 150 करोड़ का खर्च अनुमानित था निर्धारित 28 किलोमीटर में से 28 किलोमीटर का कार्य पूर्ण हो चुका है                 


 3⃣??राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना-तृतीय चरण??
इस चरण में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 के 210 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोर लेन बनाने का लक्ष्य रखा गया है राजस्थान में इस नेशनल हाईवे की कुल लंबाई 185.5 किलोमीटर है जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-11 की185.5 किलोमीटर सड़क बनाने में लगने वाली लागत  1125 करोड़ रुपए है और बी. ओ. टी. के आधार पर यह कार्य पूर्ण हो चुका है

4⃣??राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना चतुर्थ चरण ??
इसके तहत भारत सरकार द्वारा राज्य के निम्न राष्ट्रीय राजमार्ग खंडो पर दो लेन से दो लेन पेवड शोल्डर सहित विकास कार्य प्रस्तावित हैं
1-NH 11 बी (करौली धौलपुर खंड)
2-NH 8(ब्यावर से गोमती चौराहा)

यह कार्य भारत सरकार के जहाजरानी,सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा संचालित परियोजना के तहत किया जाएगा

5⃣??राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना पंचम चरण ??
इस योजना के अंतर्गत 6500 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग को छह लेन किए जाने का लक्ष्य रखा गया है इस परियोजना में राजस्थान से NH8 को सम्मिलित किया गया है इसके तहत स्वर्णिम चतुर्भुज योजना की सड़कों को चार लेन से छह लेन में बदलने का कार्य प्रस्तावित किया गया था केंद्र सरकार के एक पत्र के जवाब में राजस्थान सरकार ने निम्नांकित सड़कों को राष्ट्रीय एक्सप्रेस-वे नेटवर्क में शामिल करने हेतु प्रस्तावित किया है

1-जयपुर दिल्ली एक्सप्रेस वे(नया एलाइनमेंट)150 किलोमीटर
2-जयपुर आगरा एक्सप्रेसवे 185 किलोमीटर
3-जयपुर ब्यावर उदयपुर अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 8 एक्सप्रेस वे 510 किलोमीटर

6⃣??राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना षष्ठम चरण??
इसके तहत राष्ट्रीय एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाना है एक्सप्रेस वे अधिक यातायात वाले बीमार होते हैं जिनका निर्माण व रखरखाव केंद्रीय सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करता है भू अवाप्ति लागत नवीनतम भू अवाप्ति पॉलिसी के कारण अत्यधिक बढ़ जाने से केंद्र व राज्य स्तर पर विचाराधीन है

7⃣??राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना सप्तम चरण?? 
इस चरण के अंतर्गत रिंग रोड, बायपास,फ्लाईओवर आदि का निर्माण बी.ओ.टी.आधार पर किया जाना प्रस्तावित है