लोक प्रशासन एक कला

?लोक प्रशासन को एक कला के रूप में माना गया है
?लेकिन कुछ वैज्ञानिक इसे विज्ञान और कला दोनोंही मानते हैं
?इस बात को समझने के लिए पहले कला-विज्ञान के अर्थ को समझ लेना आवश्यक है
?उसके अनुसार ही प्रशासन के गुणों का परीक्षण कर कला और विज्ञान के गुणो या विशेषताओंसे किया जाएगा
?कला का सामान्य अर्थ किसी कार्य के बारे में आवश्यक ज्ञानप्राप्त करके उसे कुशलतापूर्वक करना है
?इसमें ज्ञान पक्ष की उतनी प्रधानता नहीं होती जितनी क्रियापक्षकी होती है
?कला का अस्तित्व इस विचारमें निहित है  कि वह जीवन के कितना निकट है अर्थात जीवन के लिए कितना उपयोगीहै
?कला मे उपलब्धियों से अधिक क्षमताओं पर विशेष बलदिया जाता है
?इस कारण कला में मानव की मान्यताओं को विशेष स्थानप्राप्त है
? लोक प्रशासन को अनेक विद्वानों ने कला माना है
?ग्लैडन के अनुसार➖ प्रशासन एक ऐसी विशिष्ट क्रिया है जिसमें विशेष ज्ञान और तकनीककी आवश्यकता होती है
?ह्वाइट के अनुसार➖ किसी प्रयोजन अथवा लक्ष्य प्राप्तिके लिए अनेक व्यक्तियों को निर्देश देना उनके कार्य का समन्वय और नियंत्रण करना प्रशासन की एक कला है
?लोक प्रशासन को कला मानने का प्रमुख कारण इसमें अभ्यास की आवश्यकताहै
?जिस प्रकार संगीत नृत्य खेलोंआदि कलाओं में प्रवीणता प्राप्तकरने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है
?ठीक उसी प्रकार कुशल प्रशासक बननेऔर उसकी दक्षता पानेके लिए समुचित प्रशिक्षण और दीर्घकालीन अभ्यास की आवश्यकता होती है
?प्रशासन के कला होने के सिद्धांत को प्राचीन समय से ही स्वीकारकिया जाता रहा है
?सुकरात➖ प्रशासन को कला मानतेहुए उसके लिए एक विशेष प्रकार का प्रशिक्षण आवश्यक मानता है

?इन सबसे स्पष्ट होता है कि लोक प्रशासन एक विशेष प्रकार की कला हैं

??लोक प्रशासन के दर्शन की आवश्यकता?? 
?माशर्ल डिमॉकऐसे पहले दार्शनिक है
?जिन्होंने प्रशासन को दर्शन मानने का समर्थनकिया था
?उनकी पुस्तक प्रशासन का दर्शन की प्रस्तावना में प्रशासनिक दर्शन पर बलदिया गया था
?उन्होंने प्रशासन का दर्शन पुस्तक में इस बात पर बल दिया कि यह प्रशासकोंमें आज की अपेक्षा व्यापक व्यावसायिक चेतना और निर्देशन तथा सामाजिक औचित्य की अधिक विश्वासपूर्ण भावना का संचारकरेगा
?प्रशासन को दर्शन मानने वालों के अनुसार राज्य की नीतियों को सत्य निष्ठा लगन और कुशलता पूर्वक लागूकिया जाना चाहिए
?लोक प्रशासन को उन सभी तत्वों अथवा कानूनोंकी ओर ध्यान देना चाहिए जो प्रशासकिय  क्रिया में सम्मिलित होते हैं
?आज लोक प्रशासन समाज का पूरक बन गया है
?समाज में शायद ही ऐसा कोई क्षेत्र है जिसका संबंध लोक प्रशासन से ना हो
?ऐसी स्थिति में यह आवश्यक है कि लोक प्रशासन का अपना दर्शनहो
?जिससे राज्य की नीतियों को सत्य निष्ठा और कुशलता पूर्वक लागूकिया जा सके

?डिमॉक मैं लोक प्रशासन के दर्शन के संबंध में निम्न बिंदुओं को बताया है
?प्रशासकिय कार्यों में निहित सभी तत्वों को प्रकाश में लाना चाहिए
?निहीत तत्वों को संकलित करके उंहें उचित तथा एकीकृत पद्धति के अधीन लाना चाहिए
?जहां कुछ सिद्धांत विकसित हो चुके हैं
?वहां उन्हें भावी कार्यों के लिए मार्गदर्शक स्वीकार कियाजाना चाहिए
?प्रशासन लक्ष्य तथा साधन दोनों से संबंधित है
?इन दोनों का कुशलतापूर्वक समन्वय ही प्रशासन की उत्कृष्टता की कसौटी है
?प्रशासन के दर्शनका इस ढंग से विचार किया जाना चाहिए कि वह वास्तविकता का वर्णन करें और कार्यपालिका को विश्वसनीय साधन प्रदान करें
?अच्छे प्रशासन तंत्र द्वारा चेतना और व्यापक संतोष की भावना का संचार किया जाना चाहिए

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