शाहपुरा प्रजामंडल आंदोलन

?सर्वप्रथम शाहपुरा मे जन जागृति लाने का कार्य शाहपुरा के शासक उम्मेद सिंह ने किया था
?उम्मेदसिह ने शाहपुरा में अनेक पाठशाला व विधवा आश्रम और पुस्तकालय स्थापित किए थे
?महाराजा आर्य समाज और रामस्नेही संप्रदाय से प्रभावित था
?सुप्रसिद्ध बिजोलिया आंदोलन के कर्मठ नेताश्री माणिक्य लाल वर्मा मार्च 1938 मे मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना हेतु साइकिल पर सवार होकर निकल गए थे
?वह जब शाहपुरा से होकर गुजरेतो वहां उन्हें सर्व श्री रमेशचंद्र ओझा और लादूराम व्सास जैसे उत्साही नवयुवक मिले थे
?माणिक्य लाल वर्मा की प्रेरणा से इन नवयुवकों ने 1938 में शाहपुरा प्रजामंडल की स्थापना की थी
?प्रजामंडल की स्थापना रमेशचंद्र ओझा ,लादूराम व्यास और अभयसिंहके द्वारा की गई थी
?राज्य ने प्रजा मंडल की गतिविधियों में कोई दखल नहीं किया था
?1945 में गोकुल लाल असावा शाहपुरा प्रजामंडल के अध्यक्षबने थे
?शाहपुरा नरेश द्वारा गोकुल लाल असावा के नेतृत्व में 1946 मे ही सविधान निर्मात्री समितिका गठन किया गया था
?संविधान निर्मात्री समिति के अनुसार एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया
?जिसमे गोकुल लाल असावा प्रधानमंत्री और दौलत सिंह को मंत्री बनाया गया
?इस समिति की सिफारिशों के उपरांत शाहपुरा में 14 अगस्त 1947 को ही पूर्ण उत्तरदायी शासनकी स्थापना कर दी गई थी
?इस प्रकार शाहपुरा, राज्य की पहली देसी रियासत थी
?जिसमें जनतांत्रिक व पूर्ण उत्तरदायी शासन की स्थापनाहुई थी
?इस प्रकार गोकुल लाल असावा के नेतृत्व में शाहपुरा मे  पहली लोकतांत्रिक व उत्तरदायी सरकार का गठन किया गया

?शाहपुरा प्रजा मंडल से संबंधित तथ्य? 
?1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का यहां भी प्रभाव पड़ा
?आंदोलन में भाग लेनेपर रमेश चंद्र ओझा लादूराम व्यास और लक्ष्मीकांत कोटियां को 16 माह तक जेल में रखागया
?1946 में गोकुल लाल असावा की अध्यक्षता में  राज्य के लिए सविधान बनाने हेतु एक समिति का गठन किया गया
? इस समिति में पूर्णरूपेण जनतांत्रिक विधान का प्रारूप तैयार किया
? जिसे शाहपुरा सरकार ने स्वीकारकर लिया
?शाहपुरा में पहली बार बिना किसी गतिरोध के एक लोकप्रिय मंत्रीमंडल बना
?मेजर दौलत सिंह को भी इस मंत्रिमंडल में ले लिया गया
?शाहपुरा के शासक सुदर्शन देव ने ही सबसे पहले राज्य में शासन जनप्रतिनिधियों को सौंपकर एक वैधानिक शासक  मात्ररहने का उदाहरण प्रस्तुत किया