संस्कृत ग्रन्थों की संक्षिप्त सूची -01

  • कुन्तल — वक्रोक्तिजिवित
  • कुसुमदेव — द्र्श्तन्तशतक
  • लक्ष्मण आचार्य — चन्डीकुचपंचशिखा
  • लक्ष्मण भट्ट — रामायणचम्पु (with भोज)
  • लक्ष्मीधर — सद्भाषाचन्द्रिका
  • लक्ष्मीधर — स्मृतिकपतरु
  • लल्ल — शिष्यधिव्र्द्धितन्त्र
  • लौगक्सि भास्कर — अर्थसंग्रह, तर्ककौमुदि
  • लीलाशुक — कृष्णकर्णामृत
  • लोकसेन — उत्तरपुराण continues
  • लोलिम्बराज — हरिविलास, वैद्यजीवन
  • मदनपल — मदनविनोदनिघन्तु
  • माधव brother of सयन — part author of जीवनमुक्तिविवेक, धातुवृत्ति, न्यायमालाविस्तर, पंचदशि, पराशरस्मृतिव्याख्या
  • माधव — शंकरदिग्विजय
  • माधव — सर्वदर्शनसंग्रह
  • माधव — जीवनमुक्तिविवेक
  • मधव्कर — रुग्विनिश्चय
  • मधुसूधन सरस्वति — प्रस्थानभेद
  • मध्व — तत्त्वसांख्यन
  • माघ — शिशुपालवध
  • महनमन् — महावन्स
  • महावीराचार्य — गणितसारसंग्रह
  • महेश्वर — विश्वप्रकाश
  • महिमन् भट्ट — व्यक्तिविवेक
  • मैत्रेयरक्षित — धातुप्रदीप
  • मकरन्द — तिथ्यादिपत्र
  • मल्लवदिन् — न्यायबिन्दुटीकातिप्पनि
  • मल्लिसेन — स्यद्वदमन्जरि
  • मम्मट — काव्यप्रकाश
  • मनतुन्ग — भक्तमरस्तोत्र
  • मण्डन मिश्र — मीमांसानुक्रमणि, विधिविवेक
  • माणिक्य नन्दिन् — परिक्षमुखसूत्र
  • माणिक्य सुरि — यशोधरचरित्र
  • मन्ख — अनेकार्थकोश, श्रीकण्ठचरित
  • मार्कण्डेय — प्राकृतसर्वस्व
  • मथुरनत्थ — तत्त्वचिन्तामणिरहस्य
  • मत्र्चेत — वर्णनर्हवर्णन, शतपंचशतिकस्तोत्र
  • मयूर — मयूराष्टक, सूर्यशतक
  • मेधतिथि (गौतम) — न्यायशास्त्र
  • मेदिनिकर — अनेकार्थशब्दकोश
  • मेघविजय — पंचख्यनोद्धर
  • मेन्थ — हयग्रीववध
  • मेरुतुन्ग — प्रबन्धचिन्तामणि
  • मिल्हन — चिकित्सामृत
  • मित्र मिश्र — वीरमित्रोदय
  • मोग्गल्लन — सद्दलक्खन
  • मुक — पंचशति
  • नागराज — भावशतक
  • नागर्जुन — योगशतक, योगसार
  • नागर्जुन — रतिशास्त्र
  • नागर्जुन — रसरत्नाकर
  • नागर्जुन — धर्मसंग्रह, मध्यमिकसूत्र, मध्यमकरिकास्,सुह्र्ल्लेख
  • नगोजि भट्ट — परिभसेन्दुशेखर
  • नकुल — अश्वचिकित्सित
  • नारद — भक्तिशास्त्र (ascr —)
  • नरहरि — राजनिघन्तु
  • नरहरि — नरपतिजयाचार्य स्वरोदय
  • नारायण पण्डित — हितोपदेश
  • नारायण — मतंगलिल
  • नारायण — स्वहसुधाकरचम्पु
  • नारायण — वृत्तिरत्नाकर
  • नारायण भट्ट — मनमेयोदय
  • नारायण पण्डित — नवरत्नपरिक्ष
  • नीलक्ण्ठ — भगवन्तभास्कर
  • नीलक्ण्ठ — तजिक
  • निम्बर्क — वेदान्तपारिजतसौरभ, सिद्धान्तरत्न
  • नित्यनाथ — रसरत्नाकर
  • ओदयदेव — गद्यचिन्तामणि
  • पदलिप्त — तरंगवति
  • पद्मगुप्त — नवसहसन्कचरित
  • पद्मनभदत्त — सुपद्मव्याकरण
  • पद्मपद — पंचदीपिका
  • पैथिनसि — धर्मसूत्र
  • पाणिनि — अष्टध्यायी, उणादिसूत्र,जाम्बवतीविजय, पातलविजय
  • परमानन्द — शृन्गारसप्तशतिक
  • पतञ्जलि — महाभाष्य
  • पिन्गल — छन्दस्सूत्र
  • पृथुयशस् — होरासत्पंचशिखा
  • प्रभाचन्द्र — प्रभावकचरित्र (with प्रद्युम्न सुरि),न्यायकुमुदचन्द्रोदय,प्रमेयकमलमार्तण्ड
  • प्रभाकर — बृहति
  • प्रद्युम्न सुरि — प्रभावकचरित्र
  • प्रज्य भट्ट — राजवलिपतक
  • प्रशस्तपद — पदार्थधर्मसंग्रह
  • प्रवरसेन — सेतुबन्ध
  • पूर्णभद्र — पंचतन्त्र
  • पुरुषोत्तमदेव — भासवृत्ति
  • पुरुषोत्तमदेव — त्रिकन्दशेष, हरवलि
  • पुष्पदन्त — महिम्नह्स्तव
  • रघुनन्दन — तत्त्वस्
  • रघुनाथ शिरोमणि — दिधिति
  • राजशेखर — अन्तरकथासंग्रह, प्रबन्धकोश
  • राजशेखर (dramatist and critic) — काव्यमीमांसा,हरविलास
  • रामचन्द्र — नाट्यदर्पण (with गुणचन्द्र)
  • रामचन्द्र — प्रक्रियाकौमुदि
  • रामचन्द्र — रसेन्द्रचिन्तामणि
  • रामानुज — गीताभाष्य, वेदान्ततत्त्वसार,वेदान्तदीप, वेदार्थसंग्रह, श्रीभाष्य
  • राम तर्कवगिश — प्राकृतकल्पतरु
  • रणरंगमल्ल or भोज — राजवर्त्तिका
  • रत्नाकर — वक्रोक्तिपंचशिखा, हरविजय
  • रत्नशेखर — छन्दकोश
  • रावण — प्राकृतकामधेनु
  • रविदेव — राक्षसकाव्य
  • रविसेन — पद्मपुराण
  • रयमुकुट — पदचन्द्रिका on अमरकोश
  • रेवनरध्य — स्मरतत्त्वप्रकशिका
  • रूपगोस्वामीन् — पद्यावलि
  • रुद्र भट्ट — शृन्गारतिलक
  • रुद्रदेव — श्यैनिकशास्त्र
  • रुद्रत — काव्यालंकार
  • रुय्यक — अलंकारसर्वस्व
  • शक्तिभद्र — अश्चर्यचूडमणि
  • शाक्यमित्र — पंचक्रम (in part)
  • शम्भु — अन्योक्तिमुक्तलताशतक, राजेन्द्रकर्णपुर
  • शाण्डिल्य — भक्तिसूत्रस्
  • शंकर — आत्मबोध, आनन्दलहरी, उपदेशसहस्रि,गीताभाष्य,दक्षिणामूर्तिस्तोत्र, देव्यपराधक्षमापनस्तोत्र
  • (ascr—),द्वादशपन्जरिकस्तोत्र (ascr —), निर्वाणदशक(ascr—),भाष्य on ब्रह्मसूत्र, भवन्यस्तक (ascr —), मोहमुद्गर(ascr —),शंकरचेतोविलासचम्पु, सर्वसिद्धान्तसंग्रह,शतश्लोकि(ascr —शिवापराधक्षमापनस्तोत्र, सर्वदर्शनसिद्धान्तसंग्रह,हस्तमलकस्तोत्र
  • शंकर मिश्र — उपस्कर
  • शंकरस्वामिन् — न्यायप्रवेश (ascribed to)
  • शन्खलिखित — धर्मसूत्र, स्मृति
  • शन्तनव — फित्सूत्र
  • शान्तिदेव — बोधिचर्यावतर, शिक्षासमुच्चय
  • शरदतनय — भावप्रकाश
  • शरनदेव — दुर्घतवृत्ति
  • शर्न्गदेव — संगीतरत्नाकर
  • शर्न्गधर — शर्न्गधरपद्धति
  • शर्न्गधर — संहिता on medicine
  • शर्ववर्मन् — कतन्त्र
  • शाश्वत — अनेकार्थसमुच्चय
  • शतानन्द — भस्वति
  • शेषनाग — प्राकृतव्याकरणसूत्र
  • शिल्हन — शान्तिशतक
  • शिवदास — कथार्नव, भिक्षाटनकाव्य,शालिवाहनकथा
  • शिवादित्य — सप्तपदर्थि
  • शिवस्वामीन् — कप्फनभ्युदय
  • श्रीधर — न्यायकन्दलि
  • श्रीधर — त्रिशति
  • श्रीधरदास — सदुक्तिकर्णामृत, सुक्तिकर्णामृत
  • श्रीहर्ष — खण्डनखण्डखद्य, नवसहसन्कचरित,नैसधिय,श्लेशर्थपदासंग्रह
  • श्रीकण्ठ शिवाचार्य — शैवभाष्य
  • श्रीकुमार — शिल्परत्न
  • श्रीनिवास — यतीन्द्रमतदीपिका,
  • सकलाचार्यमतसंग्रह
  • श्रीवर — कथाकौतुक, जैन राजतरन्गिनि,सुभाषितावलि
  • श्रीवत्सन्क — यमकरत्नाकर
  • शुभचन्द्र — ज्ञनर्नव
  • सदानन्द — वेदान्तसार
  • सागरनन्दिन् — नाटकलक्षणरत्नकोश
  • सकलकीर्ति — तत्त्वार्थसारदीपिका,प्रश्नोत्तरपसकचर
  • समन्तभद्र — अप्तमीमांसा
  • सन्ध्याकरनन्दिन् — रामपलचरित
  • सर्वज्ञमित्र — स्रग्धरस्तोत्र
  • सर्वज्ञात्मन् — संक्षेपशरीरक
  • सर्वानन्द — जगदुचरित
  • सयन — ऋग्वेदभ्यास, सुभाषितसुधानिधि
  • सिद्धर्षि — उपमितिभवप्रपंच कथा
  • सिद्धसेन दिवाकर — कल्याणमन्दिरस्तोत्र,न्यायवतर
  • सिंहराज — प्राकृतरूपवतर
  • सोद्धल — उदयसुन्दरिकथा
  • सोम — रागविबोध
  • सोमदेव (सुरि) — नीतिवाक्यमृत, यशस्तिलक
  • सोमदेव, काश्मीरी poet — कथासरित्सागर
  • सोमानन्द — शिवदृष्टि
  • सोमनाथ — रागविबोध
  • सोमप्रभा — शृन्गारवैराग्यतरन्गिनि
  • सोमेश्वरदत्त — कीर्तिकौमुदि, सुरथोत्सव
  • सुबन्धु — वासवदत्ता
  • सुमति — सुभाषितावलि
  • सुरपल — वृक्षायुर्वेद
  • सुरेश्वर — मनसोल्लस, नैश्कर्म्यसिद्धि
  • सुरेश्वर — शब्दप्रदीप
  • स्वात्माराम योगीन्द्र — हठयोगप्रदीपिका
  • तिसत — चिकित्साकलिका
  • त्रिमल्ल — पथ्यपथ्यनिघन्तु
  • त्रिविक्रम भट्ट — नलचम्पु, दमयन्तिकथा, मदलसचम्पु
  • त्रिविक्रम — प्राकृतशब्दनुशासन
  • उदयन — आत्मतत्त्वविवेक, किरणावलि,कुसुमान्जलि,तात्पर्यपरिशुद्धि,बौद्धधिक्कर, लक्षनावलि
  • उद्भत — अलंकारसंग्रह, भमहविवरण
  • उग्रभूति — शिष्यहितन्यस
  • उमस्वति — तत्त्वार्थधिगमसूत्र
  • उशनस् — धर्मसूत्र, स्मृति
  • उत्पलदेव — ईश्वरप्रत्यभिज्ञसूत्र, स्तोत्रावलि
  • उत्प्रेक्षवल्लभ — भिक्षाटनकाव्य
  • वाचस्पति — चिन्तामणि on law
  • वाचस्पति — शब्दर्नव
  • वाचस्पति मिश्र — तत्त्वबिन्दु, न्यायकनिक,
  • न्यायवर्त्तीकातत्पर्यतीका,
  • भमति, सांख्यतत्त्वकौमुदि
  • वाग्भट i — अष्टंगसंग्रह (related to अष्टंगह्र्दयसंहिता)
  • वाग्भट ii — अष्टंगह्र्दयसंहिता
  • वाग्भट — अलंकार
  • वाग्भट — काव्यनुशासन
  • वाग्भट — नेमिनिर्वन
  • वाग्भट — रसरत्नसमुच्चय
  • वैद्यभानु पन्डित — सदुक्तिकर्णामृत
  • वाक्पति — गौडवह
  • वल्लभ — अनुभाष्य
  • वल्लभदास — version of वेतालपंचविन्शतिक
  • वल्लभदेव — सुभाषितावलि
  • वाल्मीकि — सूत्र
  • वामन — काशिकावृत्ति, काव्यालंकार with वृत्ति
  • वामन — authority on poetics, लिन्गनुशासन
  • वामन भट्ट बाण — पार्वतीपरिणय, नलभ्युदय,
  • वेमभुपलचरित
  • वन्दरु भट्ट — उत्तरनैशधिय
  • वन्द्यघटीय सर्वानन्द — टीकासर्वस्व on अमरकोश
  • वंगसेन — चिकित्सासारसंग्रह
  • वरदराज — मध्यसिद्धान्तकौमुदि,लघुसिद्धान्तकौमुदि
  • वरदराज — तर्किकरक्ष
  • वराहमिहिर — पंचसिद्धन्टीका, बृहज् जातक,
  • बृहत्संहिता, बृहद् विवाहपटल,
  • लघु जातक, स्वल्प विवाहपटल
  • वररुचि — लिन्गनुशासन
  • वररुचि — नीतिरत्न
  • वररुचि — प्राकृतप्रकाश
  • वररुचि — सिंहासनद्वत्रिन्चिका
  • वर्धमान — गनरत्नमहोदधि
  • वर्धमान — योगमन्जरि
  • वर्षगण्य — सश्तितन्त्र
  • वसुबन्धु — अभिधर्मकोश, गाथासंग्रह,
  • परमार्थसप्तति
  • वसुदेव — त्रिपुरदहन, धातुकाव्य, युधिष्ठिरविजय,शौरिकथोदय
  • वसुगुप्त — शिव सूत्र
  • वात्स्यायन — कामसूत्र
  • वात्स्यायन — न्यायभाष्य
  • वेदान्गरय — परसिप्रकाश
  • वेदान्तदेशिका — सुभाषितनिवि
  • वेताल भट्ट — नीतिप्रदीप
  • विद्याधर — एकावलि
  • विद्यामाधव — पार्वतीरुक्मिणीय,​विद्यामाधवीय
  • विद्यानाथ — प्रतपरुद्रयशोभूषण
  • विद्यापति — पुरुषपरीक्षा
  • विज्ञानेश्वर — मितक्षर
  • विज्ञानभिक्षु — योगसारसंग्रह
  • विक्रम — नेमिदुत
  • विक्रमादित्य — संसारवर्त
  • विमाला सुरि — पौमचरिय
  • विरूपक्सनाथ — विरूपक्सपंचशिखा
  • विशाखदत्त — मुद्रारक्षस
  • विश्वनाथ — भासपरिछेद
  • विश्वनाथ — साहित्यदर्पण
  • विश्वेश्वर — मदनपरिजत
  • विष्णुशर्मा — पंचतन्त्र
  • वोपदेव — मुग्धबोध, कविकल्पद्रुम, शतश्लोकि
  • वृन्द — सिद्धियोग, वृन्दमाधव
  • व्यास — योगभाष्य
  • यादवप्रकाश — वैजयन्ति
  • यक्षवर्मन् — चिन्तामणि शकतयन व्याकरण
  • यशोधर — जयमंगल on कामसूत्र
  • यशोमित्र – अभिधर्मकोशव्याख्या।


विद्या रुपं धनं शौर्यं कुलीनत्वमरोगता ।
राज्यं स्वर्गश्च मोक्षश्च सर्वं धर्मादवाप्यते ॥

विद्या, रुप, धन, शौर्य, कुलीनता, स्वस्थ शरीर, राज्य, स्वर्ग और मोक्ष – ये सब धर्म से पाये जा सकते हैं। ​